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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति का प्रमुख कौन होता है?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री

सही उत्तर

C. प्रधानमंत्री

व्याख्या

सही उत्तर C, प्रधानमंत्री है। चयन समिति में छह सदस्य होते हैं—प्रधानमंत्री इसके प्रमुख, लोक सभा के अध्यक्ष, राज्य सभा के उपसभापति, लोक सभा और राज्य सभा में विपक्ष के नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री; इसकी सिफारिश पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं। विकल्प A गलत है, यद्यपि जब उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होनी हो तो भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य है। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं, सिफारिश नहीं; यही व्यवस्था लोकपाल और केंद्रीय सूचना आयुक्त की नियुक्ति में भी दिखती है। विकल्प D गलत है क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री समिति के सदस्य हैं, उसके प्रमुख नहीं। ध्यान रखें कि समिति में विपक्ष के दोनों नेताओं का होना इस नियुक्ति को दलगत राजनीति से दूर रखने के लिए है, और यही ढाँचा केंद्रीय सूचना आयोग तथा लोकपाल में भी दिखता है, इसलिए परीक्षा में तीनों की समितियाँ एक साथ पूछी जाती हैं।

पूरा लेख पढ़ें: मानवाधिकार आयोग: गठन, शक्तियाँ और परीक्षा प्रश्न

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का गैर-संवैधानिक निकाय है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राज्य मानवाधिकार आयोग
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य मानवाधिकार आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, राज्य मानवाधिकार आयोग है। राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अध्याय पाँच से बनता है, जो संसद का साधारण कानून है, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं; संसद उसी अधिनियम में संशोधन करके इसे समाप्त कर सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित होता है और राष्ट्रपति को प्रत्येक पाँचवें वर्ष इसका गठन करना होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से बनता है और उसके सदस्यों की सेवा शर्तें अनुच्छेद 316 से 323 तक संरक्षित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का अस्तित्व अनुच्छेद 324 से है, जो उसे निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण देता है। इस प्रश्न का जाल यही है कि चारों को आयोग कहा जाता है; अंतर केवल उनकी शक्ति के स्रोत से होता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

  1. A.3 वर्ष
  2. B.4 वर्ष
  3. C.5 वर्ष
  4. D.6 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 3 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, तीन वर्ष है। मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष या सत्तर वर्ष की आयु, जो पहले हो, कर दिया और उन्हें पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र भी बना दिया। विकल्प C, पाँच वर्ष, सन 2019 के संशोधन से पहले सही उत्तर था और इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि पुरानी पुस्तकें अब भी वही आंकड़ा देती हैं। विकल्प B और D, चार और छह वर्ष, इस पद का कार्यकाल कभी नहीं रहे; छह वर्ष राज्य सभा के सदस्य के कार्यकाल से जुड़ा है और चार वर्ष किसी भी अधिकार आयोग से नहीं। इस जोड़ी को याद रखें—पद के लिए तीन वर्ष और अध्यक्ष के लिए सत्तर वर्ष की आयु सीमा।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग किस कानून के अंतर्गत गठित किया गया था?

  1. A.मानवाधिकार आयोग अधिनियम, 1991
  2. B.मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  3. C.सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
  4. D.जाँच आयोग अधिनियम, 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

व्याख्या

सही उत्तर B, मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 है। यह कानून सितंबर 1993 में अध्यादेश के रूप में आया और 12 अक्टूबर 1993 को आयोग गठित हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। विकल्प A गलत है क्योंकि सन 1991 का कोई मानवाधिकार आयोग अधिनियम नहीं है; वह वर्ष केवल पेरिस की उस कार्यशाला के लिए याद किया जाता है जिसने पेरिस सिद्धांत बनाए। विकल्प C गलत है क्योंकि सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 वस्तुतः अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम का बदला हुआ नाम है और अस्पृश्यता के आचरण को दंडित करता है, कोई आयोग नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि जाँच आयोग अधिनियम, 1952 के अंतर्गत सरकार किसी निश्चित लोक महत्व के विषय पर एक बार का जाँच आयोग नियुक्त करती है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.10 दिसंबर
  2. B.12 अक्टूबर
  3. C.26 नवंबर
  4. D.28 सितंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12 अक्टूबर

व्याख्या

सही उत्तर B, 12 अक्टूबर है, क्योंकि आयोग का गठन 1993 में इसी तिथि को हुआ था। विकल्प A, 10 दिसंबर, मानवाधिकार दिवस है, जो 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा अपनाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है; छात्र इन दोनों तिथियों में लगातार भ्रमित होते हैं, इसलिए जोड़ी बनाकर याद रखें। विकल्प C, 26 नवंबर, संविधान दिवस है, जब 1949 में संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया। विकल्प D, 28 सितंबर, उस अध्यादेश की तिथि के निकट है जो अधिनियम से पहले आया था, किंतु आयोग के अस्तित्व में आने की तिथि नहीं है। इस तथ्य को इस क्रम में पकड़ें—1948 में 10 दिसंबर को घोषणा, 1991 में पेरिस सिद्धांत, और 1993 में 12 अक्टूबर को अधिनियम तथा आयोग।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

कथित उल्लंघन के कितने समय के भीतर शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुँचनी चाहिए, जिससे वह जाँच कर सके?

  1. A.छह माह
  2. B.एक वर्ष
  3. C.दो वर्ष
  4. D.तीन वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर B, एक वर्ष है। मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 आयोग को उस तिथि से एक वर्ष बीतने के बाद किसी मामले की जाँच से रोकता है जिस दिन मानवाधिकार उल्लंघन करने वाला कार्य किया गया बताया जाता है। विकल्प A, छह माह, वह सीमा है जिसे छात्र सेवा नियमों और विभागीय अपीलों से गलती से यहाँ ले आते हैं। विकल्प C और D, दो और तीन वर्ष, कानून की अनुमति से अधिक हैं; तीन वर्ष परिसीमा अधिनियम, 1963 के अंतर्गत दीवानी वाद की साधारण परिसीमा है, जो पूर्णतः भिन्न बात है। इस एक वर्ष की सीमा को आयोग की दो और सीमाओं के साथ याद रखें—उसके निष्कर्ष केवल सिफारिश हैं, और सशस्त्र बलों के मामले में वह केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाने से आगे नहीं जा सकता।