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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 50

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 50) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राष्ट्रपति की शक्तियां: वीटो, अध्यादेश और क्षमादान, लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय समितियां, भारत में आरक्षण: संवैधानिक प्रावधान, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा और अन्य। इनमें से 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

दंड के एक रूप के स्थान पर हलका रूप रख देना, जैसे मृत्युदंड के स्थान पर आजीवन कारावास, क्या कहलाता है?

  1. A.परिहार
  2. B.प्रविलंबन
  3. C.लघुकरण
  4. D.विराम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लघुकरण

व्याख्या

सही उत्तर C, लघुकरण है। लघुकरण दंड के स्वरूप को ही बदल देता है, दिए गए दंड के स्थान पर हलका प्रकार रख देता है, जिससे मृत्युदंड आजीवन कारावास बन जाता है या कठोर कारावास साधारण कारावास बन जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि परिहार केवल दंड की अवधि घटाता है और उसका स्वरूप अछूता छोड़ देता है, जैसे दो वर्ष का कठोर कारावास एक वर्ष का कठोर कारावास बन जाए; इस अध्याय का यही सबसे आम भ्रम है। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रविलंबन दंड के निष्पादन पर अस्थायी रोक है, जो दोषी को दया की याचना करने का अवसर देने के लिए दी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि विराम गर्भावस्था या शारीरिक नि:शक्तता जैसे विशेष तथ्य के कारण कम दंड देना है, और सामान्य प्रतिस्थापन नहीं।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा अध्यक्ष को सदन के किस बहुमत से पारित संकल्प द्वारा पद से हटाया जा सकता है?

  1. A.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत
  2. B.सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों का बहुमत
  3. C.उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत
  4. D.सदन की कुल सदस्य संख्या का दो-तिहाई बहुमत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों का बहुमत

व्याख्या

सही उत्तर B, सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों का बहुमत है। अनुच्छेद 94(ग) कहता है कि अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को लोकसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा पद से हटाया जा सकता है, और परंतुक के अनुसार ऐसा संकल्प लाने के आशय की चौदह दिन की सूचना देना आवश्यक है। यह प्रभावी बहुमत है, जिसकी गणना रिक्तियों को छोड़कर सदन की वास्तविक संख्या पर होती है, केवल उपस्थित सदस्यों पर नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि साधारण बहुमत से अनुच्छेद 93 के अंतर्गत अध्यक्ष का निर्वाचन होता है, हटाया जाना नहीं। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि अध्यक्ष के लिए कहीं भी दो-तिहाई बहुमत अपेक्षित नहीं है; वह अन्य उपबंधों से जुड़ा है, जैसे किसी न्यायाधीश को हटाना या राष्ट्रपति पर महाभियोग, और परीक्षक उसे यहां जानबूझकर भ्रम के रूप में रखते हैं। यह भी ध्यान रखें कि अनुच्छेद 96 ऐसे संकल्प के विचाराधीन रहने पर अध्यक्ष को पीठासीन होने से रोकता है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

संविधान की किस अनुसूची के अंतर्गत अध्यक्ष दल-बदल के आधार पर सदस्यों की निरर्हता के प्रश्न का निर्णय करता है?

  1. A.आठवीं अनुसूची
  2. B.नौवीं अनुसूची
  3. C.दसवीं अनुसूची
  4. D.बारहवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर C, दसवीं अनुसूची है। दसवीं अनुसूची, जो 1985 के बावनवें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई, दल-बदल विरोधी उपबंध रखती है, और उसका पैरा 6 कहता है कि दल-बदल के आधार पर निरर्हता के प्रश्न का निर्णय संबंधित सदन का सभापति या अध्यक्ष करेगा और उसका निर्णय अंतिम होगा। किहोतो होलोहन बनाम जाचिल्हू, 1992 में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ऐसे प्रश्न का निर्णय करते समय अध्यक्ष एक अधिकरण के रूप में कार्य करता है, इसलिए वह निर्णय सीमित आधारों पर न्यायिक पुनर्विलोकन के दायरे में आता है। विकल्प A गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाएं दी गई हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि नौवीं अनुसूची, जो 1951 के प्रथम संशोधन द्वारा जोड़ी गई, कुछ विधियों को, जो अधिकतर भूमि सुधार विधियां हैं, चुनौती से संरक्षण देती है। विकल्प D गलत है क्योंकि बारहवीं अनुसूची, जो चौहत्तरवें संशोधन द्वारा जोड़ी गई, नगरपालिकाओं के अठारह विषय गिनाती है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद धन विधेयक की परिभाषा देता है?

  1. A.अनुच्छेद 109
  2. B.अनुच्छेद 110
  3. C.अनुच्छेद 112
  4. D.अनुच्छेद 117
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 110

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 110 है। अनुच्छेद 110 उन विषयों की सूची देता है जिनसे कोई विधेयक धन विधेयक बनता है: कराधान, संघ द्वारा उधार लेना, संचित निधि तथा आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, संचित निधि से धन का विनियोग, उस निधि पर भारित व्यय की घोषणा, तथा उस निधि के धन की प्राप्ति या लेखा परीक्षा। विधेयक धन विधेयक तभी है जब वह इनके अतिरिक्त किसी विषय से संबंधित न हो। A, अनुच्छेद 109, गलत है क्योंकि वह परिभाषा नहीं देता, बल्कि धन विधेयक की विशेष प्रक्रिया बताता है, जिसमें केवल लोकसभा में प्रस्तुतीकरण और राज्यसभा पर चौदह दिन की सीमा सम्मिलित है। C, अनुच्छेद 112, गलत है क्योंकि वह वार्षिक वित्तीय विवरण अर्थात बजट से संबंधित है। D, अनुच्छेद 117, गलत है क्योंकि वह वित्त विधेयकों को नियंत्रित करता है, जिनमें अनुच्छेद 110 का विषय अन्य सामान्य विषयों के साथ होता है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुच्छेद 124क के अनुसार निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग का सदस्य नहीं था?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायमूर्ति
  2. B.केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री
  3. C.भारत के महान्यायवादी
  4. D.समिति द्वारा नामित दो ख्यातिप्राप्त व्यक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के महान्यायवादी

व्याख्या

सही उत्तर C, भारत के महान्यायवादी है, जो इस आयोग के सदस्य कभी नहीं थे। अनुच्छेद 124क ने आयोग को छह सदस्य दिए: पदेन अध्यक्ष के रूप में भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, उनके बाद के दो वरिष्ठतम न्यायाधीश, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री, तथा प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायमूर्ति और लोक सभा में विपक्ष के नेता की समिति द्वारा नामित दो ख्यातिप्राप्त व्यक्ति। इसलिए विकल्प A, B और D वास्तविक सदस्यों के नाम हैं और अपवाद पूछने वाले प्रश्न के लिए गलत उत्तर हैं। दोनों ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों में से एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक या महिला वर्ग से होना आवश्यक था और उनका कार्यकाल तीन वर्ष का था। आयोग का सचिवालय विधि और न्याय मंत्रालय में रखा गया था, और यही बात आलोचना का मुख्य आधार बनी कि चयन संस्था पर कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ जाएगा।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय संसद में प्रश्नकाल सामान्यतः बैठक के किस भाग में होता है?

  1. A.बैठक का अंतिम घंटा
  2. B.बैठक का पहला घंटा
  3. C.भोजनावकाश के तुरंत बाद का घंटा
  4. D.दिन भर के लिए सदन स्थगित होने से पहले का घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैठक का पहला घंटा

व्याख्या

सही उत्तर B, बैठक का पहला घंटा है। प्रश्नकाल प्रत्येक सदन की प्रत्येक बैठक का पहला घंटा होता है, सामान्यतः पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक, और यह प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में दिया गया है। इस घंटे में सदस्य मंत्रियों से उनके प्रभार के लोक प्रशासन संबंधी विषयों पर प्रश्न पूछते हैं और मंत्री उत्तर देने के लिए बाध्य होता है। A, अंतिम घंटा, गलत है क्योंकि बैठक का अंतिम भाग सूचीबद्ध विधायी या वित्तीय कार्य के लिए होता है, प्रश्नों के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि प्रश्नकाल के बाद का समय शून्यकाल होता है और अवकाश के बाद वही कार्य होता है जो दिन की सूची में है; कोई उपाय भोजनावकाश से जुड़ा नहीं है। D गलत है क्योंकि स्थगन से पहले कोई घंटा प्रश्नों के लिए आरक्षित नहीं होता; प्रश्नकाल बीत जाने पर प्रश्न केवल अल्प सूचना प्रश्न के रूप में लिए जा सकते हैं, जिसे अध्यक्ष विशेष रूप से स्वीकार करे।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

किस प्रकार के विधेयक पर राष्ट्रपति अनुमति देने के लिए बाध्य है, अर्थात उस पर कोई वीटो नहीं है?

  1. A.धन विधेयक
  2. B.संविधान संशोधन विधेयक
  3. C.राज्यपाल द्वारा आरक्षित राज्य विधेयक
  4. D.वित्त विधेयक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संविधान संशोधन विधेयक

व्याख्या

सही उत्तर B, संविधान संशोधन विधेयक है। 1971 के चौबीसवें संशोधन ने राष्ट्रपति के लिए संविधान का संशोधन करने वाले विधेयक पर अनुमति देना बाध्यकारी बना दिया, जिससे न अनुमति रोकी जा सकती है न विधेयक लौटाया जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि धन विधेयक पुनर्विचार के लिए न लौटाया जा सकने पर भी अनुमति से वंचित किया जा सकता है, इसलिए सिद्धांततः उस पर वीटो विद्यमान है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा आरक्षित राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति का वीटो सबसे प्रबल है: अनुच्छेद 201 राज्य विधानमंडल के दोबारा पारित करने पर भी अनुमति रोकने देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि धन विधेयक से भिन्न वित्त विधेयक साधारण विधेयक की तरह माना जाता है और लौटाया जा सकता है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष कौन थे, जिन्हें प्रायः लोकसभा का जनक कहा जाता है?

  1. A.सच्चिदानंद सिन्हा
  2. B.जी. वी. मावलंकर
  3. C.एम. अनंतशयनम अय्यंगार
  4. D.हुकम सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जी. वी. मावलंकर

व्याख्या

सही उत्तर B, जी. वी. मावलंकर है। गणेश वासुदेव मावलंकर संविधान सभा के अध्यक्ष थे जब वह विधानमंडल के रूप में बैठती थी, और इसके बाद 1952 में वे लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष बने, इसीलिए उन्हें लोकसभा का जनक कहा जाता है; पीठ की अनेक परंपराएं उनके समय में ही स्थापित हुईं। विकल्प A गलत है क्योंकि सच्चिदानंद सिन्हा दिसंबर 1946 की पहली बैठक में संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे, जिसके बाद राजेंद्र प्रसाद उसके स्थायी अध्यक्ष चुने गए। विकल्प C गलत है क्योंकि एम. अनंतशयनम अय्यंगार लोकसभा के प्रथम उपाध्यक्ष थे और मावलंकर के निधन के बाद ही अध्यक्ष बने। विकल्प D गलत है क्योंकि हुकम सिंह 1960 के दशक में अध्यक्ष पद पर रहे, प्रथम कार्यकाल के बहुत बाद, और वे पीठ के प्रथम धारक नहीं हैं।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2014 Official Papeकठिन

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत सामूहिक जुर्माना लगाने और वसूलने के लिए कौन सक्षम है?

  1. A.जिला मजिस्ट्रेट
  2. B.राज्य सरकार
  3. C.विशेष न्यायालय
  4. D.उच्च न्यायालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है B, राज्य सरकार। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 16 नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के सामूहिक जुर्माने के प्रावधान को अत्याचार के मामलों तक बढ़ाती है, और किसी क्षेत्र के निवासियों पर सामूहिक जुर्माना लगाने तथा उसे वसूलने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। इसका उद्देश्य यह है कि जब किसी बस्ती के लोग अत्याचार में सहायक बनें या अपराधियों को शरण दें, तो पूरी बस्ती जवाबदेह ठहराई जा सके; जुर्माना तय करने और उसे निवासियों के बीच बाँटने से पहले उन्हें सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। A गलत है क्योंकि जिला मजिस्ट्रेट ऐसे आदेशों का निष्पादन करता है, जुर्माना लगाने वाला प्राधिकारी नहीं है। C गलत है क्योंकि विशेष न्यायालय इस अधिनियम के अपराधों का विचारण करता है और व्यक्तिगत अपराधियों को दंड देता है। D गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय अपीलें सुनता है और सामूहिक जुर्माना नहीं लगाता। परीक्षा टिप: यह जोड़ी याद रखें - धारा 16 का सामूहिक जुर्माना, लगाने वाली राज्य सरकार।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

किसका प्रमाणपत्र अंतिम रूप से तय करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.वित्त मंत्री
  3. C.लोकसभा अध्यक्ष
  4. D.राज्यसभा के सभापति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोकसभा अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, लोकसभा अध्यक्ष है। अनुच्छेद 110(3) कहता है कि यदि यह प्रश्न उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा, और अनुच्छेद 110(4) के अनुसार विधेयक राज्यसभा को भेजते समय या स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करते समय अध्यक्ष उस पर प्रमाणपत्र पृष्ठांकित करते हैं। इस प्रमाणपत्र को किसी न्यायालय या किसी सदन में चुनौती नहीं दी जा सकती। A, राष्ट्रपति, गलत है क्योंकि वे केवल धन विधेयक के प्रस्तुतीकरण की सिफारिश करते हैं और बाद में स्वीकृति देते हैं। B, वित्त मंत्री, गलत है क्योंकि मंत्री केवल विधेयक प्रस्तुत करता है; वर्गीकरण पीठासीन अधिकारी करता है, सरकार नहीं। D, राज्यसभा के सभापति, गलत है क्योंकि वर्गीकरण में राज्यसभा की कोई भूमिका नहीं, और इसी कारण अध्यक्ष का प्रमाणपत्र अंतिम माना गया है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय संसद में शून्यकाल किस वर्ष से प्रचलन में है?

  1. A.1952
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1977
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1962

व्याख्या

सही उत्तर C, 1962 है। शून्यकाल संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1962 से प्रचलन में है। यह प्रश्नकाल के तुरंत बाद, लगभग दोपहर 12 बजे आरंभ होता है और दिन के सूचीबद्ध कार्य के आरंभ होने तक चलता है, तथा इसमें सदस्य बिना पूर्व सूचना कोई विषय उठा सकता है, जबकि हर दूसरा उपाय पूर्व सूचना मांगता है। परीक्षा में सबसे अधिक पूछी जाने वाली बात यह है कि इसका प्रक्रिया नियमों में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए यह अनौपचारिक उपाय है। A, 1952, गलत है क्योंकि उस वर्ष संविधान के अंतर्गत निर्वाचित संसद की पहली बैठक हुई थी, शून्यकाल आरंभ नहीं हुआ था। B, 1954, गलत है क्योंकि उस वर्ष से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रचलन में आया, जो एक अलग भारतीय देन है। D, 1977, गलत है; इस प्रकार का कोई उपाय उस वर्ष से नहीं है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 8 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद किस वर्ष बनाया गया था?

  1. A.2000
  2. B.1998
  3. C.2003
  4. D.1999
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1998

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1998। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद नवंबर 1998 में बना, जब वाजपेयी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का गठन किया। ब्रजेश मिश्र पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने और उन्होंने यह पद प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के साथ संभाला। सलाहकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मामलों में प्रधानमंत्री का मुख्य परामर्शदाता होता है, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का प्रमुख होता है और खुफिया एजेंसियों के आकलन उसी के पास आते हैं। परिषद तीन अंगों से काम करती है — सामरिक नीति समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और सचिवालय। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2000 तक यह पद दो वर्ष पुराना हो चुका था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2003 पहले सलाहकार के लंबे कार्यकाल के अंतिम वर्षों में आता है, आरंभ में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारगिल संघर्ष वाले वर्ष 1999 को लोग इससे जोड़ लेते हैं, पर परिषद और सलाहकार की घोषणा कुछ महीने पहले ही हो चुकी थी। परीक्षा टिप: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार — नवंबर 1998, पहले सलाहकार ब्रजेश मिश्र।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

उच्चतम न्यायालय ने किस वाद में कहा कि अध्यादेशों का बार-बार पुनःप्रख्यापन संविधान के साथ धोखा है?

  1. A.केहर सिंह बनाम भारत संघ
  2. B.डी. सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य
  3. C.एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ
  4. D.मारू राम बनाम भारत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डी. सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य

व्याख्या

सही उत्तर B, डी. सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य है, जो 1987 में निर्णीत हुआ, जिसमें न्यायालय ने पाया कि बिहार ने सैकड़ों अध्यादेशों को वर्षों तक उन्हें दोबारा जारी करके जीवित रखा और उन्हें कभी विधानमंडल के सामने नहीं रखा, तथा इसे संविधान के साथ धोखा ठहराया। यही स्थिति 2017 में कृष्ण कुमार सिंह बनाम बिहार राज्य में पुनः दोहराई गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1989 का केहर सिंह वाद अनुच्छेद 72 की क्षमादान शक्ति से संबंधित था। विकल्प C गलत है क्योंकि 1994 का एस. आर. बोम्मई वाद अनुच्छेद 356 के प्रयोग तथा राष्ट्रपति शासन लगाने की सीमाएं निर्धारित करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1980 का मारू राम वाद परिहार तथा दया की शक्ति के प्रयोग से संबंधित था, अध्यादेशों से नहीं।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन तथा भत्ते

  1. A.प्रति वर्ष संसद के मतदान के अधीन होते हैं
  2. B.भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं
  3. C.भारत की आकस्मिकता निधि से दिए जाते हैं
  4. D.राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर नियत किए जाते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B है। अनुच्छेद 97 उपबंधित करता है कि लोकसभा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति के वेतन-भत्ते वे होंगे जो संसद विधि द्वारा अवधारित करे, और ये भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। भारित व्यय संसद के मतदान के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाता, जिससे पद की स्वतंत्रता तत्कालीन सरकार से सुरक्षित रहती है। विकल्प A ठीक इसी कारण गलत है: भारित व्यय पर चर्चा हो सकती है, मतदान नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 267 के अंतर्गत भारत की आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के व्ययनाधीन एक अग्रदाय है, जो संसद के प्राधिकार मिलने तक अप्रत्याशित व्यय पूरा करने के लिए है; उसका उपयोग नियमित वेतन के लिए नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि ये वेतन संसद विधि द्वारा अवधारित करती है, राष्ट्रपति स्वविवेक से नहीं।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्यसभा को धन विधेयक लोकसभा को कितने दिनों के भीतर लौटाना होता है?

  1. A.7 दिन
  2. B.14 दिन
  3. C.21 दिन
  4. D.30 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 14 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 14 दिन है। अनुच्छेद 109 के अंतर्गत लोकसभा से पारित धन विधेयक राज्यसभा को भेजा जाता है, जो उस पर केवल सिफारिशें कर सकती है और उसे चौदह दिन के भीतर लौटाना होता है। लोकसभा उन सिफारिशों को मानने या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है, और यदि राज्यसभा इस अवधि में विधेयक न लौटाए तो वह उसी रूप में दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है जिस रूप में लोकसभा ने उसे पारित किया था। A, 7 दिन, गलत है; प्रक्रिया के किसी चरण में यह अवधि नहीं आती। C, 21 दिन, गलत है, फिर भी अभ्यर्थी इसे अन्य संवैधानिक अवधियों से भ्रमित कर लेते हैं। D, 30 दिन, गलत है; इसे कभी-कभी अध्यादेश के अनुमोदन की छह सप्ताह की सीमा से मिला दिया जाता है। चौदह दिन का नियम इस अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा में तारांकित प्रश्न के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.इसका उत्तर लिखित में दिया जाता है और पूरक प्रश्न नहीं पूछे जा सकते
  2. B.इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं
  3. C.इसका उत्तर केवल कोई निजी सदस्य देता है
  4. D.इसे स्वीकार कराने के लिए पचास सदस्यों का समर्थन आवश्यक है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B, इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं है। तारांकित प्रश्न तारे के चिह्न से अंकित होता है, मंत्री सदन के पटल पर उसका उत्तर देता है, और उत्तर मौखिक होने के कारण सदस्य उसके बाद पूरक प्रश्न पूछ सकते हैं। लोकसभा में एक दिन में अधिकतम बीस तारांकित प्रश्न रखे जा सकते हैं। A गलत है क्योंकि लिखित उत्तर और पूरक प्रश्नों का निषेध अतारांकित प्रश्न की पहचान है, जिसकी लोकसभा में दैनिक सीमा दो सौ तीस है। C गलत है क्योंकि निजी सदस्य से प्रश्न एक अलग श्रेणी है, जो तभी स्वीकार होती है जब विषय कोई विधेयक या उस सदस्य के प्रभार का कार्य हो। D गलत है क्योंकि पचास सदस्यों के समर्थन की शर्त स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर लागू होती है, किसी प्रकार के प्रश्न पर नहीं।

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