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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर

सही उत्तर

A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3मध्यम

भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?

  1. A.सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  2. B.भारत के प्रधानमंत्री
  3. C.भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके
  4. D.भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके

व्याख्या

सही उत्तर है C, भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके। अनुच्छेद 124(2) कहता है कि राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श के बाद करते हैं, जिन्हें वे आवश्यक समझें; मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त किसी भी न्यायाधीश की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य है। व्यवहार में अब कॉलेजियम व्यवस्था नाम तय करती है - निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं और विधि मंत्रालय यह सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष रखता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यायाधीश केवल सिफारिश करते हैं, नियुक्ति नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री को स्वयं ऐसा अधिकार नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश छूट जाते हैं, जिनका उल्लेख अनुच्छेद 124(2) में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 124 - कॉलेजियम सिफारिश करता है, राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 2आसान

भारत के राष्ट्रपति राज्यसभा के कितने सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं?

  1. A.12 सदस्य
  2. B.10 सदस्य
  3. C.14 सदस्य
  4. D.16 सदस्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 12 सदस्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, 12 सदस्य। संविधान का अनुच्छेद 80 राष्ट्रपति को राज्यसभा में बारह सदस्य मनोनीत करने का अधिकार देता है, जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला और समाजसेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। सदन की अधिकतम सदस्य संख्या 250 है, जिनमें 238 सदस्य राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं और 12 मनोनीत होते हैं। मनोनीत सदस्य सदन की हर कार्यवाही में भाग लेता है और शपथ के छह महीने के भीतर किसी दल में शामिल हो सकता है, किंतु राष्ट्रपति के निर्वाचन में मत नहीं देता। विकल्प B गलत है, क्योंकि दस की संख्या किसी सदन से संबंधित नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 14 का कोई प्रावधान नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 16 मनोनयन की अनुमति कोई अनुच्छेद नहीं देता। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 80 - राज्यसभा में 12 मनोनीत सदस्य; 104वें संशोधन के बाद लोकसभा में कोई मनोनीत सदस्य नहीं है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान कनाडा के संविधान से लिया गया है?

  1. A.न्यायपालिका की स्वतंत्रता
  2. B.गणराज्य की अवधारणा
  3. C.सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार
  4. D.समवर्ती सूची की अवधारणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है C, सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार। अनुच्छेद 143 के अनुसार राष्ट्रपति किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से राय मांग सकते हैं, और यह व्यवस्था कनाडा के संविधान से ली गई है। कनाडा से ही संविधान निर्माताओं ने मजबूत केंद्र वाली संघीय व्यवस्था, अवशिष्ट शक्तियों का संघ में निहित होना, राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा तथा भारत संघ नाम भी लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन और विधि का शासन ब्रिटेन तथा अमेरिका से लिए गए हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि गणराज्य की अवधारणा, जिसमें राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है, फ्रांस से ली गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समवर्ती सूची, व्यापार एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता और दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ऑस्ट्रेलिया से ली गई हैं। परीक्षा टिप: कनाडा - मजबूत केंद्र, अवशिष्ट शक्तियां, परामर्शी क्षेत्राधिकार; ऑस्ट्रेलिया - समवर्ती सूची और संयुक्त बैठक।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Sept 2022, Shift 2आसान

अधीनस्थ न्यायालय की भूमिका क्या है?

  1. A.दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना
  2. B.मूल अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए रिट जारी करना
  3. C.निचले न्यायालयों के निर्णयों पर अपील सुनना
  4. D.किसी भी न्यायालय से मामले अपने पास मँगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना। अधीनस्थ न्यायालय जिला स्तर और उससे नीचे के न्यायालय हैं, जो दीवानी तथा फौजदारी मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हैं।

भारतीय न्यायपालिका एकल पिरामिड के रूप में गठित है। शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय, उसके बाद प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय और उसके नीचे अधीनस्थ न्यायालय होते हैं, जो उसी उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करते हैं। दीवानी पक्ष में जिला न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और उसके नीचे सिविल जज के न्यायालय आते हैं; फौजदारी पक्ष में सत्र न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और नीचे न्यायिक मजिस्ट्रेट होते हैं। अनुच्छेद 233 से 237 इन्हीं न्यायालयों से संबंधित हैं, तथा जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल उच्च न्यायालय के परामर्श से करता है।

विकल्प B गलत है क्योंकि रिट उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत जारी करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अपील सुनना मुख्यतः उच्च न्यायालय का कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि मामलों का स्थानांतरण उच्च न्यायालयों की शक्ति है।

परीक्षा टिप: जिला और सत्र न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय हैं; रिट केवल उच्चतम और उच्च न्यायालय जारी करते हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RSMSSB PTI Physical Education 2013 Officमध्यम

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार राज्य मंत्रिपरिषद अपने कार्यों के लिए राज्य विधानमंडल के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?

  1. A.अनुच्छेद 164
  2. B.अनुच्छेद 154(2)
  3. C.अनुच्छेद 161(2)
  4. D.अनुच्छेद 151(1)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 164

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 164। अनुच्छेद 164 के खंड (2) में कहा गया है कि मंत्रिपरिषद राज्य की विधान सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। संसदीय शासन में यही सामूहिक उत्तरदायित्व का नियम है: मंत्रिपरिषद तभी तक पद पर रहती है जब तक निर्वाचित सदन का विश्वास उसके साथ है, और अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर एक मंत्री नहीं, पूरी मंत्रिपरिषद हटती है। इसी अनुच्छेद में यह भी है कि राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है और मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की, तथा जो मंत्री लगातार छह माह तक विधानमंडल का सदस्य न रहे, उसका पद समाप्त हो जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 154 राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 161 राज्यपाल को क्षमा और दंड कम करने की शक्ति देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 151 नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की लेखा रिपोर्टों से संबंधित है। परीक्षा टिप: सामूहिक उत्तरदायित्व संघ के लिए अनुच्छेद 75(3) और राज्य के लिए 164(2)।