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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 41

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 41) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संघ और उसका राज्यक्षेत्र, भारत में आरक्षण: संवैधानिक प्रावधान, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा, संविधान की अनुसूचियां और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

सिक्किम को भारतीय संघ का पूर्ण राज्य किस संशोधन ने बनाया?

  1. A.पैंतीसवां संशोधन अधिनियम, 1974
  2. B.छत्तीसवां संशोधन अधिनियम, 1975
  3. C.चालीसवां संशोधन अधिनियम, 1976
  4. D.बयालीसवां संशोधन अधिनियम, 1976
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छत्तीसवां संशोधन अधिनियम, 1975

व्याख्या

सही उत्तर B, छत्तीसवां संशोधन अधिनियम, 1975 है। इसने सिक्किम को भारतीय संघ का बाईसवां राज्य बनाया, उसे पहली अनुसूची में जोड़ा और उन पहले के उपबंधों को हटा दिया, जो उसे विशेष दर्जा देते थे। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1974 के पैंतीसवें संशोधन ने सिक्किम को केवल भारत का सहयुक्त राज्य बनाया था, यह दर्जा उसी के लिए बनाया गया और एक वर्ष बाद समाप्त हो गया; दोनों संशोधन प्रश्नों में साथ आते हैं, क्योंकि ये कदम जल्दी-जल्दी उठाए गए। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1976 का चालीसवां संशोधन अनन्य आर्थिक क्षेत्र से संबंधित था और उसने कुछ विधियां नौवीं अनुसूची में रखीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1976 का बयालीसवां संशोधन वह व्यापक संशोधन है, जिसने मूल कर्तव्य जोड़े और प्रस्तावना में समाजवादी तथा पंथनिरपेक्ष शब्द जोड़े।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2019 Official Paper मध्यम

भारत के संविधान की 11वीं अनुसूची में कितने विषय हैं?

  1. A.22
  2. B.24
  3. C.29
  4. D.32
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 29

व्याख्या

सही उत्तर है C, 29। ग्यारहवीं अनुसूची संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ी गई थी और इसमें उनतीस विषय गिनाए गए हैं, जैसे कृषि, लघु सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण आवास, गरीबी उन्मूलन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जिन्हें राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 243ग के अंतर्गत पंचायतों को सौंप सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बाईस आठवीं अनुसूची की भाषाओं की संख्या है, जिसे परीक्षक जान-बूझकर इसके साथ रखते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि चौबीस किसी अनुसूची की संख्या नहीं है, यह केवल विश्वसनीय दिखने वाला अंक है। विकल्प D गलत है क्योंकि बत्तीस भी किसी अनुसूची से मेल नहीं खाता; साथ में याद रखने योग्य संख्या अठारह है, जो उसी वर्ष 74वें संशोधन से जुड़ी बारहवीं अनुसूची के नगरपालिका विषयों की है। स्मृति में जोड़ी इस प्रकार बैठाइए: पंचायत उनतीस और नगरपालिका अठारह।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत की गई है?

  1. A.अनुच्छेद 280
  2. B.अनुच्छेद 315
  3. C.अनुच्छेद 324
  4. D.अनुच्छेद 338
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 324

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 324 है। अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को निर्वाचक नामावली तैयार करने तथा संसद, प्रत्येक राज्य के विधानमंडल और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के पदों के सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण सौंपता है। चूंकि यह निकाय एक अनुच्छेद पर खड़ा है, संसद साधारण कानून से इसे समाप्त नहीं कर सकती। विकल्प A, अनुच्छेद 280, वित्त आयोग बनाता है, जिसे राष्ट्रपति प्रत्येक पांचवें वर्ष संघ और राज्यों के बीच करों के बंटवारे की सिफारिश के लिए गठित करते हैं। विकल्प B, अनुच्छेद 315, संघ लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए लोक सेवा आयोग बनाता है, जो भर्ती परीक्षाएं कराते हैं। विकल्प D, अनुच्छेद 338, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग बनाता है और अनुसूचित जनजाति का समकक्ष आयोग अनुच्छेद 338क में है। अभ्यर्थी यह अंक 324 और 325 में भ्रम के कारण खोते हैं, क्योंकि अनुच्छेद 325 धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर नामावली से बाहर रखने पर रोक लगाता है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

दल-बदल के आधार पर विधानमंडल के सदस्यों की निरर्हता से संबंधित उपबंध संविधान की किस अनुसूची में हैं?

  1. A.नौवीं अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.ग्यारहवीं अनुसूची
  4. D.बारहवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून दसवीं अनुसूची में है, जिसे संविधान के 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया और जो अनुच्छेद 102(2) तथा 191(2) के साथ पढ़ी जाती है। इसके अंतर्गत सदन का अध्यक्ष या सभापति उस सदस्य को निरर्हित कर सकता है जो स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह निर्वाचित हुआ, अथवा दल के निर्देश के विरुद्ध मत दे या मतदान से विरत रहे। विकल्प A गलत है क्योंकि नौवीं अनुसूची अनुच्छेद 31ख द्वारा संरक्षित कानूनों की सूची है। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के उनतीस विषय हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के अठारह विषय हैं। जाल यह है कि सिक्किम से संबंधित एक दसवीं अनुसूची 1974 से 1975 तक पहले भी रही थी।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 15 Oct, 2022मध्यम

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया तय करने के लिए किस संस्थान को अधिकृत किया है?

  1. A.एन.सी.टी.ई.
  2. B.एन.सी.ई.आर.टी.
  3. C.एन.आई.ई.पी.ए.
  4. D.एन.आई.ओ.एस.
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एन.सी.ई.आर.टी.

व्याख्या

सही उत्तर है B, एन.सी.ई.आर.टी. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(1) कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकारी तय करेगा, और केंद्र सरकार ने अपने अधीन विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को अधिसूचित किया, जबकि राज्यों ने अपने एससीईआरटी को। इसके बाद धारा 29(2) उस प्राधिकारी को संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के सर्वांगीण विकास, गतिविधि और खोज के माध्यम से सीखने, यथासंभव मातृभाषा में शिक्षण तथा सतत और व्यापक मूल्यांकन से बाँधती है। A गलत है क्योंकि एन.सी.टी.ई. शिक्षक-शिक्षा और शिक्षक पात्रता के मानक बनाती है, जिसे अधिनियम धारा 23 में देखता है। C गलत है क्योंकि एन.आई.ई.पी.ए. शैक्षिक नियोजन और प्रशासन पर काम करती है। D गलत है क्योंकि एन.आई.ओ.एस. मुक्त और दूरस्थ शिक्षा चलाती है। परीक्षा टिप: आरटीई अधिनियम में धारा 29 का शैक्षिक प्राधिकारी एनसीईआरटी है और धारा 23 शिक्षक योग्यता एनसीटीई के माध्यम से तय करती है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन संवैधानिक निकाय नहीं है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
  3. C.भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
  4. D.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग है। यह मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 से बना सांविधिक निकाय है और संविधान का कोई अनुच्छेद इसका उल्लेख नहीं करता, इसलिए संसद साधारण बहुमत से इसके मूल अधिनियम में बदलाव या उसका निरसन कर सकती है। विकल्प A, वित्त आयोग, अनुच्छेद 280 के अंतर्गत संवैधानिक है और राष्ट्रपति उसे प्रत्येक पांचवें वर्ष या आवश्यक समझने पर उससे पहले गठित करते हैं। विकल्प C, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक, अनुच्छेद 148 के अंतर्गत संवैधानिक है, जिसकी हटाने की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से ली गई है और वेतन भारत की संचित निधि पर भारित है। विकल्प D, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, तब संवैधानिक हुआ जब 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुच्छेद 338क जोड़कर उसे अनुसूचित जाति आयोग से अलग किया। परीक्षा हॉल में ले जाने योग्य सूत्र यह है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के तीन आयोग संवैधानिक हैं, जबकि मानवाधिकार, महिला और अल्पसंख्यक आयोग सांविधिक हैं।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeआसान

निम्नलिखित में से किसे दबाव समूह माना जा सकता है?

  1. A.लोकसभा के सदस्य
  2. B.पंचायत के सदस्य
  3. C.मंत्रिमंडल के सदस्य
  4. D.किसी श्रमिक संघ के सदस्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. किसी श्रमिक संघ के सदस्य

व्याख्या

सही उत्तर है D, किसी श्रमिक संघ के सदस्य। दबाव समूह साझा हित वाले लोगों का संगठित समूह होता है, जो चुनाव लड़े बिना और स्वयं सत्ता चाहे बिना सरकारी नीति को प्रभावित करने की कोशिश करता है, इसलिए बेहतर मजदूरी की माँग करने वाला श्रमिक संघ इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। दबाव समूह याचिका, हड़ताल, पैरवी, प्रचार और जनअभियानों के जरिए काम करते हैं; भारत में फिक्की जैसे व्यापारिक संगठन, किसान संगठन, जातीय संगठन और छात्र संघ इसी तरह सक्रिय रहते हैं। A गलत है क्योंकि लोकसभा के सदस्य निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो कानून बनाने वाली संस्था के भीतर बैठते हैं। B गलत है क्योंकि पंचायत के सदस्य स्थानीय स्वशासन के निर्वाचित पदाधिकारी होते हैं। C गलत है क्योंकि मंत्रिमंडल के सदस्य वह कार्यपालिका बनाते हैं जो उन्हीं निर्णयों को लेती है जिन्हें दबाव समूह प्रभावित करना चाहता है। परीक्षा टिप: यह पंक्ति याद रखें कि राजनीतिक दल सत्ता चाहता है, जबकि दबाव समूह केवल प्रभाव चाहता है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई थी?

  1. A.प्रथम संशोधन, 1951
  2. B.सातवां संशोधन, 1956
  3. C.44वां संशोधन, 1978
  4. D.52वां संशोधन, 1985
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रथम संशोधन, 1951

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रथम संशोधन, 1951। संविधान के पहले ही संशोधन ने अनुच्छेद 31ख के साथ नौवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे नई राज्य सरकारों के जमींदारी उन्मूलन और भूमि हदबंदी कानूनों को संपत्ति के मूल अधिकार के उल्लंघन के आधार पर रद्द न किया जा सके। विकल्प B गलत है क्योंकि 1956 के सातवें संशोधन ने राज्यों का पुनर्गठन किया और पहली तथा चौथी अनुसूची को नए रूप में लिखा, परंतु कोई नई अनुसूची नहीं बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि 1978 के 44वें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत विधिक अधिकार बनाया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1985 के 52वें संशोधन ने दल-बदल से संबंधित दसवीं अनुसूची जोड़ी। यह भी स्मरण रखें कि 2007 के आई. आर. कोएल्हो निर्णय के बाद 24 अप्रैल 1973 के पश्चात जोड़े गए कानूनों को आधारभूत ढांचे के आधार पर चुनौती दी जा सकती है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से संबंधित अनुच्छेद 338क किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
  2. B.86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002
  3. C.89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003
  4. D.102वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2018
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, 89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 है। उस संशोधन से पहले अनुच्छेद 338 के अंतर्गत एक ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग काम करता था। 89वें संशोधन ने काम बांट दिया, अनुसूचित जाति आयोग को अनुच्छेद 338 में रखा और अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के लिए नया अनुच्छेद 338क जोड़ा, जिसमें अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य होते हैं। विकल्प A, 1992 का 73वां संशोधन, भाग नौ और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़कर पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देता है। विकल्प B, 2002 का 86वां संशोधन, अनुच्छेद 21क जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा को मूल अधिकार बनाता है। विकल्प D, 2018 का 102वां संशोधन, अनुच्छेद 338ख जोड़कर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देता है। तीनों आयोग संशोधनों को एक समूह में याद करना, अर्थात 338 बिना संशोधन, 338क 89वें के साथ और 338ख 102वें के साथ, प्रश्नों के पूरे परिवार को हल कर देता है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में किस संशोधन द्वारा सम्मिलित किया गया?

  1. A.21वां संशोधन
  2. B.71वां संशोधन
  3. C.92वां संशोधन
  4. D.86वां संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 92वां संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 92वां संशोधन। वर्ष 2003 में पारित इस संशोधन ने बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को आठवीं अनुसूची में जोड़ा, जिससे वहां सूचीबद्ध भाषाओं की संख्या बाईस हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1967 के 21वें संशोधन ने केवल सिंधी जोड़ी और सूची पंद्रह भाषाओं की हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि 1992 के 71वें संशोधन ने कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली जोड़ीं, जिससे सूची अठारह की हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि 2002 के 86वें संशोधन का भाषाओं से कोई संबंध नहीं है; उसने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों की निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। क्रम याद रखें: आरंभ में चौदह, फिर पंद्रह, फिर अठारह और फिर बाईस; और यह भी कि आठवीं अनुसूची में होने से कोई भाषा संघ की राजभाषा नहीं हो जाती।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 अक्टूबर 2021, शिफ्ट 1आसान

संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

  1. A.जनवरी 1950
  2. B.अगस्त 1945
  3. C.दिसंबर 1946
  4. D.जुलाई 1948
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिसंबर 1946

व्याख्या

सही उत्तर दिसंबर 1946 है। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही, जबकि सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता की। दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।

बाकी विकल्प सभा के काम से पहले या बाद की तिथियां हैं। अगस्त 1945, 1946 की कैबिनेट मिशन योजना से एक साल से भी अधिक पहले का है, जिसके तहत सभा बनी। जुलाई 1948 सभा के काम के बीच का समय है, जब फरवरी 1948 में प्रारूप प्रकाशित हो चुका था। जनवरी 1950 बिल्कुल अंत है: अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। सबसे अधिक पूछी जाने वाली जोड़ी याद रखें: पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 और राजेंद्र प्रसाद का चुनाव 11 दिसंबर 1946।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

वस्तु एवं सेवा कर परिषद किस अनुच्छेद के अंतर्गत संवैधानिक निकाय है?

  1. A.अनुच्छेद 263
  2. B.अनुच्छेद 279क
  3. C.अनुच्छेद 280
  4. D.अनुच्छेद 282
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 279क

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 279क है। यह अनुच्छेद 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 ने जोड़ा था, उसी संशोधन ने वस्तु एवं सेवा कर लागू किया, और यह राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे केंद्रीय वित्त मंत्री, राजस्व या वित्त के प्रभारी केंद्रीय राज्य मंत्री तथा प्रत्येक राज्य के वित्त या कराधान के प्रभारी मंत्री की परिषद गठित करें। परिषद दरों, छूटों, सीमाओं और आदर्श विधियों की सिफारिश करती है। विकल्प A, अनुच्छेद 263, राष्ट्रपति को राज्यों के बीच विवादों की जांच और सलाह के लिए अंतर-राज्य परिषद स्थापित करने की शक्ति देता है। विकल्प C, अनुच्छेद 280, वित्त आयोग है, जो कर राजस्व के बंटवारे और सहायता अनुदान से जुड़ा है, विषय पूरी तरह अलग है। विकल्प D, अनुच्छेद 282, संघ या राज्य को किसी लोक प्रयोजन के लिए अनुदान देने की अनुमति देता है, चाहे वह विषय उसकी विधायी शक्ति में न हो, और अनेक केंद्र प्रायोजित योजनाएं इसी पर आधारित हैं। संख्या पर ध्यान दें, 279क है, 279 नहीं।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की सीटों का आवंटन किस अनुसूची में दिया गया है?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.तीसरी अनुसूची
  3. C.चौथी अनुसूची
  4. D.पांचवीं अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौथी अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है C, चौथी अनुसूची। चौथी अनुसूची अनुच्छेद 80 तथा अनुच्छेद 4 के साथ पढ़ी जाती है और इसमें राज्यसभा में प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र को आवंटित सीटों की सारणी है। चूंकि अनुच्छेद 4 संसद को साधारण कानून से पहली और चौथी अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति देता है, इसलिए जब कोई राज्य बनता, बंटता या उसका नाम बदलता है तो यह सारणी अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया के बिना ही बदल दी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, सदनों के अध्यक्षों और सभापतियों, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के वेतन, भत्तों और विशेषाधिकारों से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप देती है। विकल्प D गलत है क्योंकि पांचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

केंद्रीय सतर्कता आयोग को सांविधिक दर्जा किस अधिनियम से मिला?

  1. A.भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
  2. B.दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946
  3. C.केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003
  4. D.लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 है। आयोग पहली बार 1964 में भारत सरकार के संकल्प से, भ्रष्टाचार निवारण पर संथानम समिति की सिफारिश पर स्थापित हुआ, और लगभग चार दशक तक कार्यपालिक निकाय के रूप में काम करता रहा। 2003 के अधिनियम ने उसे एक सांविधिक बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया, जिसमें केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और सतर्कता आयुक्त होते हैं। विकल्प A, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, लोक सेवकों द्वारा रिश्वत और आपराधिक दुराचरण के अपराध परिभाषित करता है परंतु कोई आयोग नहीं बनाता। विकल्प B, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946, वह कानून है जिससे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो अन्वेषण की शक्तियां लेता है; ब्यूरो स्वयं 1963 में गृह मंत्रालय के संकल्प से बना। विकल्प D, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013, ने संघ स्तर पर लोकपाल बनाया और राज्यों से लोकायुक्त गठित करने की अपेक्षा की। परीक्षक को यह प्रश्न पसंद है क्योंकि इस निकाय की दो तारीखें हैं, 1964 और 2003।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान की छठी अनुसूची में किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के उपबंध हैं?

  1. A.असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
  2. B.असम, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा
  3. C.मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश
  4. D.झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम

व्याख्या

सही उत्तर है A, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम। छठी अनुसूची अनुच्छेद 244(2) और अनुच्छेद 275(1) के साथ पढ़ी जाती है और इन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए स्वशासी जिला परिषदों तथा प्रादेशिक परिषदों की व्यवस्था करती है, जिन्हें भूमि, वन, ग्राम प्रशासन, उत्तराधिकार और सामाजिक रूढ़ियों पर कानून बनाने की शक्ति है। विकल्प B गलत है क्योंकि नागालैंड और मणिपुर छठी अनुसूची के राज्य नहीं हैं; नागालैंड के लिए अनुच्छेद 371क में अलग विशेष उपबंध है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश अनुच्छेद 371ज के अंतर्गत आता है, छठी अनुसूची के नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्र हैं, जहां जनजाति सलाहकार परिषद और राज्यपाल का प्रतिवेदन मुख्य साधन हैं। परीक्षा में छठी अनुसूची के चारों राज्य प्रायः नाम से पूछे जाते हैं, अतः असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम का क्रम कंठस्थ रखना लाभदायक रहता है।

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