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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 17

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 17) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: कार्य, ऊर्जा और शक्ति, जंतु जगत: अकशेरुकी और कशेरुकी, गुरुत्वाकर्षण और दाब और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sep 2018, Shift 1मध्यम

40 किग्रा की एक लड़की 5 मीटर ऊँची सीढ़ियाँ 4 सेकंड में चढ़ती है। उसके द्वारा विकसित शक्ति होगी ________। (g = 10 मी/से² लें)

  1. A.100 W
  2. B.200 W
  3. C.500 W
  4. D.2000 W
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 W

व्याख्या

सही उत्तर है C, 500 W। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य mgh = 40 × 10 × 5 = 2000 जूल है, और शक्ति = कार्य ÷ समय, अर्थात 2000 ÷ 4 = 500 वाट।

शक्ति कार्य करने की दर है, जिसका मात्रक वाट है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड है। सीढ़ियाँ चढ़ने में उपयोगी कार्य स्थितिज ऊर्जा की वृद्धि mgh होता है, जिसमें केवल ऊर्ध्वाधर ऊँचाई गिनी जाती है, सीढ़ी की लंबाई का महत्व नहीं होता। यदि वही लड़की 2 सेकंड में चढ़ती तो कार्य 2000 जूल ही रहता, परंतु शक्ति दोगुनी होकर 1000 वाट हो जाती, जिससे स्पष्ट है कि शक्ति इस पर निर्भर करती है कि कार्य कितनी तेजी से हुआ।

विकल्प A गलत है क्योंकि 100 वाट गलत राशि से भाग देने पर आता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 200 वाट के लिए 10 सेकंड चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि 2000 जूल कार्य है, वाट में शक्ति नहीं।

परीक्षा टिप: कार्य = mgh, शक्ति = कार्य ÷ समय, और एक अश्व शक्ति लगभग 746 वाट।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1आसान

किस संघ के जंतुओं के पैर संधियुक्त होते हैं?

  1. A.मोलस्का
  2. B.निमेटोडा
  3. C.आर्थ्रोपोडा
  4. D.इकाइनोडर्मेटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्थ्रोपोडा। नाम में ही उत्तर छिपा है - ग्रीक में आर्थ्रोस का अर्थ संधि और पोडोस का अर्थ पैर है, इसलिए आर्थ्रोपोडा वे जंतु हैं जिनके पैर संधियुक्त होते हैं। इनके शरीर पर काइटिन का कठोर बाह्य कंकाल होता है, शरीर खंडों में बँटा रहता है और परिसंचरण तंत्र खुला होता है। बढ़ने के लिए ये अपना कंकाल उतारते हैं, जिसे निर्मोचन कहते हैं। आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें कीट, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा, झींगा, कनखजूरा आदि आते हैं; ज्ञात जंतु जातियों में लगभग अस्सी प्रतिशत इसी संघ की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि घोंघा, ऑक्टोपस और सीपी जैसे मोलस्का का शरीर कोमल होता है, जिसमें पेशीय पाद और प्रायः कवच होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एस्केरिस जैसे निमेटोड बिना खंड वाले गोल कृमि हैं, जिनके पैर होते ही नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तारा मछली और समुद्री अर्चिन जैसे इकाइनोडर्म काँटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु हैं, जो नाल पाद से चलते हैं। परीक्षा टिप: आर्थ्रोपोडा सबसे बड़ा संघ, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G को प्रयोग द्वारा सर्वप्रथम किसने मापा था?

  1. A.आइजक न्यूटन
  2. B.हेनरी कैवेंडिश
  3. C.गैलीलियो गैलिली
  4. D.योहानेस केपलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हेनरी कैवेंडिश

व्याख्या

सही उत्तर B, हेनरी कैवेंडिश है। कैवेंडिश ने 1798 में अत्यंत संवेदनशील मरोड़ तुला से प्रयोगशाला में सीसे के गोलों के बीच लगने वाले अत्यंत सूक्ष्म आकर्षण को मापा और उससे G का मान निकाला, लगभग 6.674 गुणा दस की घात ऋण ग्यारह न्यूटन मीटर वर्ग प्रति किलोग्राम वर्ग। चूँकि G, g के सूत्र में आता है, उसी प्रयोग से पृथ्वी का द्रव्यमान और औसत घनत्व भी निकल आया, इसीलिए उसे लोकप्रिय रूप से पृथ्वी को तौलना कहा जाता है।

विकल्प A, आइजक न्यूटन, ने सत्रहवीं शताब्दी में सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम दिया पर G को कभी मापा नहीं, इसीलिए उनके जीवनकाल में यह नियतांक अज्ञात रहा। विकल्प C, गैलीलियो गैलिली, ने दिखाया कि भिन्न द्रव्यमान के पिंड समान त्वरण से गिरते हैं और प्रक्षेप्य गति का अध्ययन किया, पर G पर काम नहीं किया। विकल्प D, योहानेस केपलर, ने ग्रहों की गति के तीन नियम दिए, जिनकी व्याख्या बाद में न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण से की। कैवेंडिश और G के जोड़े को न्यूटन और नियम से अलग रखें।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निषेचित अंड, अर्थात युग्मनज, ________ में स्थापित होता है।

  1. A.गर्भाशय ग्रीवा
  2. B.अंडाशय
  3. C.योनि
  4. D.गर्भाशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भाशय

व्याख्या

सही उत्तर है D, गर्भाशय। युग्मनज फैलोपियन नलिका से नीचे आते हुए विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का यह पिंड गर्भाशय की मोटी आंतरिक परत में स्थापित हो जाता है।

निषेचन स्वयं फैलोपियन नलिका में होता है, जहाँ शुक्राणु अंडाणु से संयुग्मन कर युग्मनज बनाता है। बार-बार विभाजन से यह भ्रूण बनता है, जो लगभग एक सप्ताह में गर्भाशय तक पहुँचकर एंडोमेट्रियम यानी हार्मोन द्वारा तैयार कोमल भित्ति में धँस जाता है। वहीं प्लेसेंटा विकसित होता है, जो माता के रक्त से भ्रूण तक भोजन और ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट बाहर ले जाता है। मनुष्य में गर्भावधि लगभग नौ माह की होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का सँकरा मुख है, जो योनि में खुलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंडाशय अंडाणु और हार्मोन बनाता है, भ्रूण धारण नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि योनि शुक्राणु ग्रहण करने वाला तथा प्रसव का मार्ग है।

परीक्षा टिप: निषेचन फैलोपियन नलिका में, स्थापन गर्भाशय में और पोषण प्लेसेंटा से।

Q5.सामान्य विज्ञानकठिन

एक कार्नो इंजन 500 केल्विन के स्रोत और 300 केल्विन के सिंक के बीच काम करता है। इसकी दक्षता कितनी है?

  1. A.40 प्रतिशत
  2. B.60 प्रतिशत
  3. C.20 प्रतिशत
  4. D.लगभग 66.7 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 40 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर A, 40 प्रतिशत है। आदर्श कार्नो इंजन की दक्षता एक में से सिंक ताप और स्रोत ताप का अनुपात घटाने पर मिलती है, और दोनों ताप केल्विन में लिए जाते हैं। यहाँ यह अनुपात 300 बटा 500 अर्थात 0.6 है, और एक में से 0.6 घटाने पर 0.4 आता है, जो 40 प्रतिशत है।

विकल्प B 60 प्रतिशत स्वयं वही अनुपात है, दक्षता नहीं, अर्थात उस छात्र का उत्तर जो एक में से घटाना भूल जाता है। विकल्प C 20 प्रतिशत दोनों तापों के अंतर को उनके योग से भाग देने पर आता है, जो सूत्र ही नहीं है। विकल्प D लगभग 66.7 प्रतिशत स्रोत को सिंक से भाग देने पर आता है, जो सूत्र का फिर से गलत प्रयोग है। यह भी ध्यान रहे कि ताप केल्विन में ही लेने चाहिए; डिग्री सेल्सियस रखने पर उत्तर सदा गलत आएगा।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

किसी द्रव के भीतर किसी बिंदु पर लगने वाला दाब निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता?

  1. A.सतह से उस बिंदु की गहराई पर
  2. B.द्रव के घनत्व पर
  3. C.बर्तन के आकार और उसके तल के क्षेत्रफल पर
  4. D.गुरुत्वीय त्वरण पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बर्तन के आकार और उसके तल के क्षेत्रफल पर

व्याख्या

सही उत्तर C, बर्तन के आकार और उसके तल के क्षेत्रफल पर है। द्रव के भीतर किसी बिंदु पर दाब गहराई गुणा द्रव के घनत्व गुणा गुरुत्वीय त्वरण के बराबर होता है। इस व्यंजक में पात्र के आकार का कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए एक ही स्तर तक भरी पतली नली और चौड़ी टंकी में समान गहराई पर दाब समान रहता है, जिसे शास्त्रीय द्रवस्थैतिक विरोधाभास से दिखाया जाता है।

विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि दाब गहराई के साथ बढ़ता ही है, इसीलिए बाँध नीचे की ओर मोटा बनाया जाता है और गोताखोर को नीचे जाते हुए बढ़ता दाब अनुभव होता है। विकल्प B इसलिए गलत है कि पारा जैसा अधिक घना द्रव उसी गहराई पर जल से कहीं अधिक दाब देता है। विकल्प D इसलिए गलत है कि सूत्र में g सीधे आता है, इसलिए उतना ही द्रव स्तंभ चंद्रमा पर कम दाब डालेगा। प्रश्न यह पूछता है कि कौन सा कारक प्रभाव नहीं डालता, इसलिए शब्द ध्यान से पढ़ें।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

प्रेशर कुकर में भोजन जल्दी क्यों पक जाता है?

  1. A.अधिक दाब से जल का क्वथनांक बढ़ जाता है
  2. B.अधिक दाब से जल का क्वथनांक घट जाता है
  3. C.भाप की विशिष्ट ऊष्मा जल से अधिक होती है
  4. D.कुकर खुले बर्तन से बेहतर ऊष्मा चालक होता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अधिक दाब से जल का क्वथनांक बढ़ जाता है

व्याख्या

सही उत्तर A है। कुकर बंद रहता है, इसलिए उसमें बनी भाप बाहर नहीं निकल पाती और भीतर का दाब बढ़ जाता है। चूँकि दाब बढ़ने पर द्रव का क्वथनांक बढ़ता है, कुकर में जल सौ डिग्री सेल्सियस से काफी ऊपर उबलता है और उसी ऊँचे ताप पर पकने वाला भोजन जल्दी तैयार हो जाता है।

विकल्प B इसका उल्टा कहता है और वह स्थिति पर्वत पर बनती है, जहाँ दाब कम होने से जल सौ डिग्री से नीचे उबलता है और पकने में अधिक समय लगता है। विकल्प C कारण के रूप में गलत है, और भाप की जलाने की क्षमता विशिष्ट ऊष्मा से नहीं, गुप्त ऊष्मा से आती है। विकल्प D इसलिए गलत है कि बर्तन का पदार्थ केवल यह तय करता है कि ऊष्मा जल तक कितनी जल्दी पहुँचे; वह उस ताप को नहीं बढ़ा सकता जिस पर जल उबलता है, और समय की बचत उसी से होती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 09 Dec, 2025, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसमें कणों के बीच सबसे प्रबल आकर्षण बल होता है?

  1. A.जल
  2. B.लोहे की छड़
  3. C.ऐल्कोहॉल
  4. D.ऑक्सीजन गैस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लोहे की छड़

व्याख्या

सही उत्तर है B, लोहे की छड़। लोहे की छड़ ठोस है, और कणों के बीच आकर्षण बल ठोस अवस्था में सर्वाधिक प्रबल होता है।

ठोस में कण एक दूसरे के अत्यंत निकट निश्चित स्थानों पर रहते हैं और केवल कंपन कर सकते हैं, इसलिए ठोस का आकार निश्चित रहता है, आयतन निश्चित होता है और वह लगभग असंपीड्य होता है। द्रव में आकर्षण कम होता है, अतः कण एक दूसरे पर सरक सकते हैं और द्रव आयतन बनाए रखते हुए पात्र का आकार ले लेता है। गैस में आकर्षण सबसे कम होता है और कण तेज गति से स्वतंत्र भ्रमण करते हैं, इसलिए गैस पूरे पात्र में फैल जाती है और सरलता से संपीडित हो जाती है। इसी क्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि ठोस का घनत्व सर्वाधिक और गैस का सबसे कम होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि जल द्रव है, जिसमें आकर्षण मध्यम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि ऐल्कोहॉल भी द्रव है और जल से अधिक तेजी से वाष्पित होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सीजन गैस है, जिसमें कणों के बीच आकर्षण सबसे दुर्बल होता है।

परीक्षा टिप: आकर्षण बल ठोस > द्रव > गैस, और कणों की स्वतंत्रता इसका उल्टा क्रम रखती है।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

पृथ्वी की परिक्रमा करते अंतरिक्ष यान में बैठे यात्री को भारहीनता का अनुभव क्यों होता है?

  1. A.उस ऊँचाई पर गुरुत्व बिलकुल नहीं होता
  2. B.यान और यात्री दोनों पृथ्वी के चारों ओर मुक्त पतन में होते हैं
  3. C.यात्री का द्रव्यमान शून्य हो जाता है
  4. D.यान वायुमंडल से बाहर निकल जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यान और यात्री दोनों पृथ्वी के चारों ओर मुक्त पतन में होते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B, यान और यात्री दोनों पृथ्वी के चारों ओर मुक्त पतन में होते हैं है। कक्षा में पृथ्वी का गुरुत्वीय खिंचाव ही वह बल है जो यान को ग्रह के चारों ओर मोड़े रखता है, और यान, यात्री तथा भीतर की हर वस्तु समान दर से पृथ्वी की ओर त्वरित होती है। चूँकि फर्श अब यात्री को ऊपर की ओर नहीं धकेलता, कोई वस्तु किसी दूसरी पर दबाव नहीं डालती और भार का अनुभव समाप्त हो जाता है, यद्यपि वास्तविक भार शून्य नहीं होता।

विकल्प A एक सामान्य भ्रांति है: निचली कक्षा की ऊँचाई पर गुरुत्व सतह की तुलना में केवल थोड़ा कम होता है, अनुपस्थित तो कदापि नहीं। विकल्प C इसलिए गलत है कि द्रव्यमान पिंड में पदार्थ की मात्रा है और स्थान बदलने से नहीं बदलता; लुप्त होता है केवल आभासी भार। विकल्प D इसलिए गलत है कि वायुमंडल से बाहर निकलने का गुरुत्वीय बल से कोई संबंध नहीं, जो रिक्त अंतरिक्ष में भी कार्य करता है। याद रखने योग्य वाक्य यह है कि भारहीनता मुक्त पतन की अवस्था है, गुरुत्वहीनता की नहीं।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा त्रिसंयोजी (ट्राइवैलेंट) अपमिश्रक तत्व है?

  1. A.आर्सेनिक
  2. B.एंटीमनी
  3. C.बोरॉन
  4. D.फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बोरॉन

व्याख्या

सही उत्तर है C, बोरॉन। बोरॉन के बाहरी कोश में तीन इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह त्रिसंयोजी तत्व है और p-टाइप अपमिश्रक के रूप में प्रयोग होता है। जब बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम या इंडियम जैसा त्रिसंयोजी परमाणु सिलिकॉन या जर्मेनियम में मिलाया जाता है, तो वह अपने चार पड़ोसी परमाणुओं के साथ केवल तीन सहसंयोजी बंध बना पाता है और एक बंध अधूरा रह जाता है। यह खाली स्थान कोटर (होल) कहलाता है, जो धन आवेश वाहक की तरह व्यवहार करता है, और अपमिश्रित क्रिस्टल p-टाइप अर्धचालक बन जाता है, जिसमें कोटर बहुसंख्यक वाहक होते हैं। इसके बजाय पंचसंयोजी परमाणु मिलाने पर एक मुक्त इलेक्ट्रॉन बचता है और n-टाइप अर्धचालक बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि आर्सेनिक में पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि एंटीमनी भी पंचसंयोजी है और n-टाइप अपमिश्रण में काम आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि फॉस्फोरस पंचसंयोजी है और क्रिस्टल को एक इलेक्ट्रॉन देता है। परीक्षा टिप: त्रिसंयोजी अपमिश्रक p-टाइप, पंचसंयोजी अपमिश्रक n-टाइप बनाते हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

फूले हुए टायर का अचानक फट जाना किस प्रकार के प्रक्रम का उदाहरण है?

  1. A.समतापी
  2. B.रुद्धोष्म
  3. C.समदाबी
  4. D.समआयतनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रुद्धोष्म

व्याख्या

सही उत्तर B, रुद्धोष्म है। रुद्धोष्म परिवर्तन वह है जिसमें परिवेश के साथ ऊष्मा का आदान प्रदान नहीं होता। टायर इतनी तेजी से फटता है कि निकलती हुई वायु को ऊष्मा लेने या देने का समय ही नहीं मिलता; वह फैलने में कार्य करती है, उसकी आंतरिक ऊर्जा घटती है और इसलिए वह ठंडी हो जाती है, यही कारण है कि निकलती वायु ठंडी लगती है।

विकल्प A समतापी परिवर्तन स्थिर ताप पर होता है, जिसके लिए प्रक्रम इतना धीमा होना चाहिए कि ऊष्मा आती जाती रहे और ताप स्थिर बना रहे। विकल्प C समदाबी परिवर्तन स्थिर दाब पर होता है, जैसे स्वतंत्र रूप से चलने वाले पिस्टन के नीचे गैस को गर्म करना। विकल्प D समआयतनी परिवर्तन स्थिर आयतन पर होता है, जैसे दृढ़ बंद पात्र में गैस को गर्म करना। बादल बनाने वाली नम वायु का ऊपर उठना भी रुद्धोष्म प्रक्रम है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Civil Degree Dec 2020 Officialआसान

दाब के परम शून्य से ऊपर मापा गया दाब क्या कहलाता है?

  1. A.गेज दाब
  2. B.परम दाब
  3. C.निर्वात दाब
  4. D.वायुमंडलीय दाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परम दाब

व्याख्या

सही उत्तर है B, परम दाब। परम दाब की गिनती दाब के परम शून्य से होती है, जो पूर्ण निर्वात है, इसलिए यह कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसका सरल संबंध यह है: परम दाब बराबर गेज दाब जोड़ वायुमंडलीय दाब। यदि किसी टायर का गेज 30 मात्रक दिखा रहा है, तो उसका वास्तविक दाब 30 और स्थानीय वायुमंडलीय दाब का योग है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेज दाब स्थान के वायुमंडलीय दाब से ऊपर मापा जाता है, इसी कारण खुली हवा में साधारण दाबमापी शून्य पढ़ता है, जबकि हवा उस पर दाब डालती रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्वात दाब, जिसे ऋणात्मक गेज दाब भी कहते हैं, वह मात्रा है जितना दाब वायुमंडलीय दाब से नीचे रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायुमंडलीय दाब किसी स्थान के ऊपर की वायु स्तंभ का भार है और समुद्र तल पर लगभग 101.325 किलोपास्कल, अर्थात 760 मिलीमीटर पारा या 1.01325 बार होता है। परीक्षा टिप: परम दाब बराबर गेज जोड़ वायुमंडलीय, और परम शून्य से केवल परम दाब गिना जाता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण भट्टियों जैसे अपेक्षाकृत उच्च तापमान को मापने के लिए प्रयोग होता है?

  1. A.बोलोमीटर
  2. B.पायरोमीटर
  3. C.अमीटर
  4. D.फ्लक्समीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पायरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पायरोमीटर। पायरोमीटर बहुत ऊँचे तापमान, जैसे भट्टियों, भट्ठों और पिघली धातु का तापमान, गर्म वस्तु को छुए बिना मापता है। इसका सिद्धांत यह है कि हर गर्म वस्तु ऊष्मीय विकिरण छोड़ती है जिसकी तीव्रता और रंग उसके तापमान पर निर्भर करते हैं; उपकरण इसी विकिरण को पढ़कर तापमान बताता है। साधारण पारे वाले थर्मामीटर लगभग 350 डिग्री सेल्सियस तक ही काम करते हैं, इसलिए इस्पात संयंत्र, काँच कारखाने और सीमेंट भट्ठे पायरोमीटर पर निर्भर रहते हैं, जो 1,000 डिग्री सेल्सियस से बहुत ऊपर तक पढ़ सकता है। यह शब्द ग्रीक 'पायरो' यानी आग से बना है। A गलत है क्योंकि बोलोमीटर आने वाले विद्युत-चुंबकीय विकिरण, जैसे अवरक्त या माइक्रोवेव, की शक्ति मापता है, भट्टी का तापमान नहीं। C गलत है क्योंकि अमीटर विद्युत धारा को एम्पियर में मापता है। D गलत है क्योंकि फ्लक्समीटर चुंबकीय फ्लक्स मापता है। परीक्षा टिप: भट्टी की गर्मी के लिए पायरोमीटर, शरीर की गर्मी के लिए थर्मामीटर, धारा के लिए अमीटर, चुंबकत्व के लिए फ्लक्समीटर।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

किसी ठोस के रैखिक, क्षेत्रीय और आयतन प्रसार गुणांक किस अनुपात में होते हैं?

  1. A.1 : 2 : 3
  2. B.3 : 2 : 1
  3. C.1 : 1 : 1
  4. D.2 : 3 : 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1 : 2 : 3

व्याख्या

सही उत्तर A, एक, दो और तीन है। गर्म करने पर यदि ठोस की प्रत्येक लंबाई किसी छोटे अंश से बढ़ती है, तो क्षेत्रफल, जो दो लंबाइयों का गुणनफल है, लगभग उसी अंश के दुगुने से बढ़ता है, और आयतन, जो तीन लंबाइयों का गुणनफल है, लगभग तिगुने से। इसलिए क्षेत्रीय गुणांक रैखिक का दुगुना और आयतन गुणांक रैखिक का तिगुना होता है।

विकल्प B क्रम उलट देता है, जिसका अर्थ यह होता कि वस्तु का आयतन सबसे कम बढ़े, जो वास्तविकता के विपरीत है। विकल्प C तभी सही होता जब क्षेत्रफल और आयतन एक से अधिक लंबाई पर निर्भर न करते, जो संभव नहीं। विकल्प D किसी नियम पर आधारित नहीं है। यही अनुपात बताता है कि रेल पटरियों के बीच अंतराल क्यों छोड़ा जाता है और अलग अलग रैखिक गुणांक वाली दो धातुओं की द्विधात्विक पट्टी गर्म होने पर क्यों मुड़ जाती है और तापस्थापी में स्विच का काम करती है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 4th Feb 2023आसान

एक वस्तु किसी द्रव में अपने आधे आयतन के डूबे रहने के साथ तैरती है। वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल कितना होगा?

  1. A.शून्य
  2. B.उसके भार से कम
  3. C.उसके भार से अधिक
  4. D.उसके भार के बराबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उसके भार के बराबर

व्याख्या

सही उत्तर है D, उसके भार के बराबर। तैरती हुई वस्तु स्थिर अवस्था में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल नीचे की ओर लगने वाले भार को ठीक-ठीक संतुलित करता है। आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार उत्प्लावन बल हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, इसलिए तैरती वस्तु सदैव अपने ही भार के बराबर द्रव हटाती है। यहाँ वस्तु का आधा आयतन ही द्रव में है, जिसका अर्थ है कि उतने द्रव का भार पूरी वस्तु के भार के बराबर है, यानी वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व का आधा है। वस्तु का कितना भाग डूबा रहेगा, यह इसी घनत्व के अनुपात पर निर्भर करता है। A गलत है क्योंकि द्रव में डूबी वस्तु पर द्रव हमेशा ऊपर की ओर बल लगाता है। B गलत है क्योंकि कम बल होने पर वस्तु और नीचे धँस जाती। C गलत है क्योंकि अधिक बल होने पर वस्तु ऊपर उठ जाती और कम हिस्सा डूबा रहता। परीक्षा टिप: तैरना यानी उत्प्लावन बल = भार; डूबा भाग = वस्तु का घनत्व ÷ द्रव का घनत्व।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

दाब के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है?

  1. A.समान बल के लिए क्षेत्रफल जितना छोटा होगा, सतह पर दाब उतना अधिक होगा
  2. B.द्रव पात्र की दीवारों पर दाब डालते हैं
  3. C.वायु हम पर वायुमंडलीय दाब डालती है
  4. D.हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है

व्याख्या

सही उत्तर है D, यानी यह कथन कि वायुमंडलीय दाब नगण्य होता है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल होता है, जो हमारे शरीर के प्रत्येक वर्ग सेंटीमीटर पर करीब एक किलोग्राम भार के बराबर दबाव डालता है, इसलिए यह बहुत अधिक है, नगण्य नहीं। हम इसे महसूस नहीं करते क्योंकि शरीर के भीतर रक्त तथा अन्य तरलों का दाब उतने ही बल से बाहर की ओर धकेलता है और दोनों संतुलित हो जाते हैं। A सही कथन है क्योंकि दाब बल और क्षेत्रफल का अनुपात है, इसलिए छोटे क्षेत्रफल पर वही बल अधिक दाब देता है, इसी कारण चाकू की धार तेज़ और कील की नोक पतली बनाई जाती है। B सही है क्योंकि द्रव हर दिशा में दाब डालता है, तली पर भी और दीवारों पर भी, और गहराई बढ़ने पर यह दाब बढ़ता है। C सही है क्योंकि हमारे ऊपर की वायु के स्तंभ का भार हम पर दाब डालता है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 18th Jan 2023आसान

भारी बोझ ढोने के लिए चौड़ी पट्टियों वाले बैग पसंद किए जाते हैं। इसका कारण है :

  1. A.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब बढ़ जाता है
  2. B.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल बढ़ जाता है
  3. C.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
  4. D.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल कम हो जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है। दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, यानी दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए समान बल के लिए संपर्क क्षेत्रफल बड़ा होने पर दाब कम हो जाता है। पट्टी पतली हो या चौड़ी, बैग का भार ठीक उतना ही रहता है, पर चौड़ी पट्टी उस भार को कंधे के अधिक हिस्से पर फैला देती है, जिससे कंधे पर दाब कम पड़ता है और पट्टी त्वचा में नहीं गड़ती। इसी विचार से स्कूल बैग की पट्टियाँ, सीट बेल्ट और ट्रैक्टर के टायर चौड़े बनाए जाते हैं। A गलत है क्योंकि यह संबंध को उलटा बताता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घटता है। B और D गलत हैं क्योंकि बल तो बोझ का भार ही है और पट्टी की चौड़ाई उसे बदल नहीं सकती; बदलता केवल दाब है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए चौड़ी पट्टी दाब घटाती है और तेज़ धार या पतली नोक दाब बढ़ाती है।

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