किसी ठोस के रैखिक, क्षेत्रीय और आयतन प्रसार गुणांक किस अनुपात में होते हैं?
- A.1 : 2 : 3
- B.3 : 2 : 1
- C.1 : 1 : 1
- D.2 : 3 : 4
सही उत्तर
A. 1 : 2 : 3
व्याख्या
सही उत्तर A, एक, दो और तीन है। गर्म करने पर यदि ठोस की प्रत्येक लंबाई किसी छोटे अंश से बढ़ती है, तो क्षेत्रफल, जो दो लंबाइयों का गुणनफल है, लगभग उसी अंश के दुगुने से बढ़ता है, और आयतन, जो तीन लंबाइयों का गुणनफल है, लगभग तिगुने से। इसलिए क्षेत्रीय गुणांक रैखिक का दुगुना और आयतन गुणांक रैखिक का तिगुना होता है।
विकल्प B क्रम उलट देता है, जिसका अर्थ यह होता कि वस्तु का आयतन सबसे कम बढ़े, जो वास्तविकता के विपरीत है। विकल्प C तभी सही होता जब क्षेत्रफल और आयतन एक से अधिक लंबाई पर निर्भर न करते, जो संभव नहीं। विकल्प D किसी नियम पर आधारित नहीं है। यही अनुपात बताता है कि रेल पटरियों के बीच अंतराल क्यों छोड़ा जाता है और अलग अलग रैखिक गुणांक वाली दो धातुओं की द्विधात्विक पट्टी गर्म होने पर क्यों मुड़ जाती है और तापस्थापी में स्विच का काम करती है।
पूरा लेख पढ़ें: ऊष्मा और ऊष्मागतिकी: नियम, गुप्त ऊष्मा और ऊष्मा संचरण
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंऊष्मा का एसआई मात्रक क्या है?
- A.कैलोरी
- B.जूल
- C.केल्विन
- D.वाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जूल
व्याख्या
सही उत्तर B, जूल है। ऊष्मा गतिशील ऊर्जा का एक रूप है, इसलिए इसे कार्य और ऊर्जा के समान मात्रक जूल में मापा जाता है, जो एक न्यूटन मीटर के बराबर होता है।
विकल्प A कैलोरी ऊष्मा का पुराना और परिचित मात्रक है, जिसे एक ग्राम जल का ताप एक डिग्री सेल्सियस बढ़ाने वाली ऊष्मा के रूप में परिभाषित किया गया है; यह लगभग 4.2 जूल के बराबर है, पर एसआई मात्रक नहीं है। विकल्प C केल्विन ताप का एसआई मात्रक है, ऊष्मा का नहीं, और ऊष्मा तथा ताप का यही अंतर इस प्रश्न में परखा जाता है। विकल्प D वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने या ऊर्जा देने की दर, एक जूल प्रति सेकंड; इसलिए वाट में दी गई हीटर की क्षमता बताती है कि वह कितनी तेजी से ऊष्मा देता है, कुल कितनी नहीं।
जल का घनत्व किस ताप पर सर्वाधिक होता है?
- A.0 डिग्री सेल्सियस
- B.4 डिग्री सेल्सियस
- C.100 डिग्री सेल्सियस
- D.माइनस 4 डिग्री सेल्सियस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4 डिग्री सेल्सियस
व्याख्या
सही उत्तर B, 4 डिग्री सेल्सियस है। शून्य से चार डिग्री के बीच जल असामान्य व्यवहार करता है: इस परास में गर्म करने पर यह सिकुड़ता है और चार डिग्री से ऊपर फिर फैलने लगता है, इसलिए उतना ही द्रव्यमान चार डिग्री पर सबसे कम आयतन घेरता है और उसका घनत्व सबसे अधिक होता है।
विकल्प A हिमांक है, जहाँ जल बर्फ में बदलता है; बर्फ का घनत्व जल से कम होता है, इसीलिए वह तैरती है। विकल्प C सामान्य वायुमंडलीय दाब पर क्वथनांक है, जहाँ द्रव रूप में जल सबसे अधिक फैला होता है। विकल्प D हिमांक से नीचे है, जहाँ सामान्य दाब पर शुद्ध जल ठोस रहता है। यही गुण प्रकृति में महत्वपूर्ण है, क्योंकि शीत ऋतु में चार डिग्री वाला जल तल में बैठ जाता है, ठंडा जल ऊपर जमता है और बर्फ के नीचे मछलियाँ जीवित रहती हैं।
जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा लगभग कितनी होती है?
- A.80 कैलोरी प्रति ग्राम
- B.540 कैलोरी प्रति ग्राम
- C.336 कैलोरी प्रति ग्राम
- D.2260 कैलोरी प्रति ग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 540 कैलोरी प्रति ग्राम
व्याख्या
सही उत्तर B, लगभग 540 कैलोरी प्रति ग्राम है। यह वह ऊष्मा है जो सौ डिग्री सेल्सियस पर एक ग्राम जल को उसी ताप की भाप में बदलने के लिए चाहिए, जिसमें ताप बिल्कुल नहीं बढ़ता; भाप के वापस जल में संघनित होने पर यही मात्रा मुक्त होती है।
विकल्प A 80 कैलोरी प्रति ग्राम बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा है, अर्थात शून्य डिग्री पर एक ग्राम बर्फ को गलाने के लिए आवश्यक ऊष्मा, और इन दोनों मानों की अदला बदली इस अध्याय की सबसे आम भूल है। विकल्प C 336 वही गलन की गुप्त ऊष्मा है, पर कैलोरी के बजाय जूल प्रति ग्राम में, और यहाँ गलत मात्रक के साथ रखी गई है। विकल्प D 2260 वाष्पन की गुप्त ऊष्मा जूल प्रति ग्राम में है; राशि सही पर मात्रक गलत है, क्योंकि 2260 जूल लगभग 540 कैलोरी के बराबर होते हैं।
थर्मस फ्लास्क की दो दीवारों के बीच का निर्वात मुख्यतः किन विधियों से ऊष्मा संचरण रोकता है?
- A.चालन और संवहन
- B.केवल विकिरण
- C.केवल चालन
- D.न चालन, न संवहन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चालन और संवहन
व्याख्या
सही उत्तर A, चालन और संवहन है। इन दोनों विधियों के लिए द्रव्य आवश्यक है: चालन में ऊर्जा कण से कण तक जाती है और संवहन में तरल स्वयं चलकर ऊर्जा ले जाता है। निर्वात में कण लगभग नहीं होते, इसलिए इनमें से कोई भी विधि वहाँ काम नहीं कर सकती।
विकल्प B इसलिए गलत है कि विकिरण निर्वात से भी भली भाँति गुजर जाता है, क्योंकि वह विद्युत चुंबकीय तरंग है; फ्लास्क उसे दूसरे उपाय से रोकता है, अर्थात आमने सामने की सतहों की रजतित परत से, जो विकिरण को लौटा देती है। विकल्प C अधूरा है, क्योंकि निर्वात चालन के साथ संवहन भी रोकता है। विकल्प D सत्य के विपरीत है। ढक्कन गर्म वाष्प को निकलने से रोककर इस रचना को पूरा करता है, और परीक्षक यही तीनों भाग वाला उत्तर चाहते हैं।
ऊष्मागतिकी का पहला नियम मूलतः किसका कथन है?
- A.ऊर्जा संरक्षण
- B.एंट्रॉपी की वृद्धि
- C.तापीय साम्य
- D.परम शून्य की अप्राप्यता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऊर्जा संरक्षण
व्याख्या
सही उत्तर A, ऊर्जा संरक्षण है। पहला नियम कहता है कि किसी निकाय को दी गई ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा की वृद्धि और उसके द्वारा किए गए बाह्य कार्य के योग के बराबर होती है। न कुछ नष्ट होता है न बनता है; ऊर्जा केवल रूप बदलती है, और यही ऊष्मा पर लागू संरक्षण का सिद्धांत है।
विकल्प B दूसरे नियम से संबंधित है, जो एंट्रॉपी की अवधारणा देता है और कहता है कि विलगित निकाय में वह कभी घटती नहीं। विकल्प C शून्यवें नियम से संबंधित है, जो कहता है कि किसी तीसरी वस्तु के साथ तापीय साम्य में रहने वाली दो वस्तुएँ आपस में भी साम्य में होती हैं और जिससे ताप मापना संभव होता है। विकल्प D तीसरे नियम से संबंधित है, जो कहता है कि परम शून्य की ओर बढ़ते हुए पूर्ण क्रिस्टल की एंट्रॉपी शून्य की ओर जाती है और परम शून्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।