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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा

सही उत्तर

D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 09 Dec, 2025, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसमें कणों के बीच सबसे प्रबल आकर्षण बल होता है?

  1. A.जल
  2. B.लोहे की छड़
  3. C.ऐल्कोहॉल
  4. D.ऑक्सीजन गैस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लोहे की छड़

व्याख्या

सही उत्तर है B, लोहे की छड़। लोहे की छड़ ठोस है, और कणों के बीच आकर्षण बल ठोस अवस्था में सर्वाधिक प्रबल होता है।

ठोस में कण एक दूसरे के अत्यंत निकट निश्चित स्थानों पर रहते हैं और केवल कंपन कर सकते हैं, इसलिए ठोस का आकार निश्चित रहता है, आयतन निश्चित होता है और वह लगभग असंपीड्य होता है। द्रव में आकर्षण कम होता है, अतः कण एक दूसरे पर सरक सकते हैं और द्रव आयतन बनाए रखते हुए पात्र का आकार ले लेता है। गैस में आकर्षण सबसे कम होता है और कण तेज गति से स्वतंत्र भ्रमण करते हैं, इसलिए गैस पूरे पात्र में फैल जाती है और सरलता से संपीडित हो जाती है। इसी क्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि ठोस का घनत्व सर्वाधिक और गैस का सबसे कम होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि जल द्रव है, जिसमें आकर्षण मध्यम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि ऐल्कोहॉल भी द्रव है और जल से अधिक तेजी से वाष्पित होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सीजन गैस है, जिसमें कणों के बीच आकर्षण सबसे दुर्बल होता है।

परीक्षा टिप: आकर्षण बल ठोस > द्रव > गैस, और कणों की स्वतंत्रता इसका उल्टा क्रम रखती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sep 2018, Shift 1मध्यम

40 किग्रा की एक लड़की 5 मीटर ऊँची सीढ़ियाँ 4 सेकंड में चढ़ती है। उसके द्वारा विकसित शक्ति होगी ________। (g = 10 मी/से² लें)

  1. A.100 W
  2. B.200 W
  3. C.500 W
  4. D.2000 W
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 W

व्याख्या

सही उत्तर है C, 500 W। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य mgh = 40 × 10 × 5 = 2000 जूल है, और शक्ति = कार्य ÷ समय, अर्थात 2000 ÷ 4 = 500 वाट।

शक्ति कार्य करने की दर है, जिसका मात्रक वाट है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड है। सीढ़ियाँ चढ़ने में उपयोगी कार्य स्थितिज ऊर्जा की वृद्धि mgh होता है, जिसमें केवल ऊर्ध्वाधर ऊँचाई गिनी जाती है, सीढ़ी की लंबाई का महत्व नहीं होता। यदि वही लड़की 2 सेकंड में चढ़ती तो कार्य 2000 जूल ही रहता, परंतु शक्ति दोगुनी होकर 1000 वाट हो जाती, जिससे स्पष्ट है कि शक्ति इस पर निर्भर करती है कि कार्य कितनी तेजी से हुआ।

विकल्प A गलत है क्योंकि 100 वाट गलत राशि से भाग देने पर आता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 200 वाट के लिए 10 सेकंड चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि 2000 जूल कार्य है, वाट में शक्ति नहीं।

परीक्षा टिप: कार्य = mgh, शक्ति = कार्य ÷ समय, और एक अश्व शक्ति लगभग 746 वाट।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Dec, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया सबसे अच्छी तरह दर्शाती है कि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल होता है?

  1. A.स्पंज को दबाना
  2. B.जल में चीनी घोलना
  3. C.चॉक की छड़ तोड़ना
  4. D.बर्फ को गर्म करके जल बनाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चॉक की छड़ तोड़ना

व्याख्या

सही उत्तर है C, चॉक की छड़ तोड़ना। चॉक तोड़ने के लिए बल लगाना पड़ता है, क्योंकि उसके कण एक दूसरे को थामे रखते हैं, और यही खिंचाव कणों के बीच का आकर्षण बल है।

प्रत्येक पदार्थ कणों से बना है जो एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, और इस आकर्षण की प्रबलता ही तय करती है कि किसी वस्तु को तोड़ना कितना कठिन है। यह आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम होता है, इसी कारण लोहे की छड़ के लिए हथौड़ा चाहिए, जल को उँगली से अलग किया जा सकता है और वायु कोई प्रतिरोध नहीं करती। विद्यालय की वह क्रिया, जिसमें पहले चॉक, फिर पेंसिल और फिर लोहे की कील तोड़ने का प्रयास किया जाता है, विभिन्न ठोसों में इस बल का अंतर दिखाती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि स्पंज दबाने से केवल उसके छिद्रों की वायु बाहर निकलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि चीनी घुलना विसरण तथा कणों के बीच रिक्त स्थान दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बर्फ गर्म करना अवस्था परिवर्तन दिखाता है।

परीक्षा टिप: कणों के बीच आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sept 2018, Shift 2आसान

एक वस्तु उत्तर दिशा में नियत वेग से चल रही है। वस्तु पर लगने वाला कुल बल होगा

  1. A.दक्षिण की ओर
  2. B.पूर्व की ओर
  3. C.शून्य
  4. D.उत्तर की ओर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शून्य

व्याख्या

सही उत्तर है C, शून्य। नियत वेग का अर्थ है त्वरण शून्य, और न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल = द्रव्यमान × त्वरण होता है, इसलिए कुल बल शून्य ही होगा।

न्यूटन का प्रथम नियम कहता है कि कोई वस्तु विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक उस पर बाह्य बल न लगे। इसी कारण नियत चाल और नियत दिशा में चलती वस्तु को गति बनाए रखने के लिए बल की आवश्यकता नहीं होती। बल केवल चाल या दिशा बदलने के लिए चाहिए। सीधी सड़क पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की नियत चाल से चलती कार की भी यही स्थिति है, क्योंकि इंजन का बल केवल घर्षण और वायु प्रतिरोध को संतुलित करता है, अतः कुल बल शून्य रहता है। ऐसी वस्तु संतुलन की अवस्था में कही जाती है।

विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि किसी भी दिशा में कुल बल होने पर त्वरण उत्पन्न होता और वेग बदल जाता, जो नियत वेग की दी गई शर्त के विरुद्ध है।

परीक्षा टिप: नियत वेग यानी त्वरण शून्य और कुल बल शून्य, बल का पूर्ण अभाव नहीं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 7 Dec 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अपनी मूल अवस्था में पाई जाती है?

  1. A.ताँबा
  2. B.प्लैटिनम
  3. C.लोहा
  4. D.पोटैशियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्लैटिनम

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्लैटिनम। चारों में प्लैटिनम सबसे कम क्रियाशील है, इसलिए यह प्रकृति में मुक्त या मूल अवस्था में धातु रूप में ही मिलता है।

कोई धातु मुक्त अवस्था में तभी मिलती है जब वह अपने चारों ओर की वायु, जल और अन्य पदार्थों से क्रिया न करे। क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे की धातुएँ, अर्थात सोना, प्लैटिनम और चाँदी, उत्कृष्ट धातु कहलाती हैं और मूल अवस्था में पाई जाती हैं; इनसे ऊपर की धातुएँ ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट के रूप में मिलती हैं और उन्हें अयस्क से निकालना पड़ता है। इसी कारण नदी की रेत में सोने की डलियाँ मिल जाती हैं, जबकि एल्युमिनियम को बॉक्साइट से विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त करना पड़ता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि ताँबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट जैसे अयस्कों से निकाला जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लोहा सदैव हेमेटाइट या मैग्नेटाइट जैसे ऑक्साइड रूप में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पोटैशियम इतना क्रियाशील है कि जल के संपर्क में जल उठता है और मुक्त अवस्था में कभी नहीं मिलता।

परीक्षा टिप: सोना, प्लैटिनम और चाँदी मूल अवस्था में मिलते हैं; जितनी अधिक क्रियाशीलता, उतनी मजबूती से धातु अयस्क में बँधी रहती है।