सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G को प्रयोग द्वारा सर्वप्रथम किसने मापा था?
- A.आइजक न्यूटन
- B.हेनरी कैवेंडिश
- C.गैलीलियो गैलिली
- D.योहानेस केपलर
सही उत्तर
B. हेनरी कैवेंडिश
व्याख्या
सही उत्तर B, हेनरी कैवेंडिश है। कैवेंडिश ने 1798 में अत्यंत संवेदनशील मरोड़ तुला से प्रयोगशाला में सीसे के गोलों के बीच लगने वाले अत्यंत सूक्ष्म आकर्षण को मापा और उससे G का मान निकाला, लगभग 6.674 गुणा दस की घात ऋण ग्यारह न्यूटन मीटर वर्ग प्रति किलोग्राम वर्ग। चूँकि G, g के सूत्र में आता है, उसी प्रयोग से पृथ्वी का द्रव्यमान और औसत घनत्व भी निकल आया, इसीलिए उसे लोकप्रिय रूप से पृथ्वी को तौलना कहा जाता है।
विकल्प A, आइजक न्यूटन, ने सत्रहवीं शताब्दी में सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम दिया पर G को कभी मापा नहीं, इसीलिए उनके जीवनकाल में यह नियतांक अज्ञात रहा। विकल्प C, गैलीलियो गैलिली, ने दिखाया कि भिन्न द्रव्यमान के पिंड समान त्वरण से गिरते हैं और प्रक्षेप्य गति का अध्ययन किया, पर G पर काम नहीं किया। विकल्प D, योहानेस केपलर, ने ग्रहों की गति के तीन नियम दिए, जिनकी व्याख्या बाद में न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण से की। कैवेंडिश और G के जोड़े को न्यूटन और नियम से अलग रखें।
पूरा लेख पढ़ें: गुरुत्वाकर्षण और दाब: नियम, सूत्र और तथ्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंदाब का एसआई मात्रक क्या है?
- A.न्यूटन
- B.पास्कल
- C.जूल
- D.वाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पास्कल
व्याख्या
सही उत्तर B, पास्कल है। दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रणोद है, इसलिए उसका मात्रक एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है और इसी मात्रक का नाम ब्लेज पास्कल के सम्मान में पास्कल रखा गया है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग एक लाख एक हजार पास्कल होता है, और व्यावसायिक मात्रक बार एक लाख पास्कल के बराबर है।
विकल्प A, न्यूटन, स्वयं बल का एसआई मात्रक है, क्षेत्रफल पर फैले बल का नहीं, और वह दाब की परिभाषा में अंश है। विकल्प C, जूल, कार्य और ऊर्जा का मात्रक है और न्यूटन मीटर के बराबर है, अर्थात बल गुणा दूरी, न कि बल बटा क्षेत्रफल। विकल्प D, वाट, शक्ति का मात्रक है और एक जूल प्रति सेकंड के बराबर है। चारों को एक साथ याद करें, क्योंकि प्रश्नपत्र बार-बार पूछते हैं कि कौन सा मात्रक किस राशि का है और पास्कल, न्यूटन, जूल तथा वाट एक ही विकल्प सूची में आते हैं।
पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का मान निम्नलिखित में से कहाँ सर्वाधिक होता है?
- A.विषुवत वृत्त पर
- B.ध्रुवों पर
- C.पृथ्वी के केंद्र पर
- D.माउंट एवरेस्ट की चोटी पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ध्रुवों पर
व्याख्या
सही उत्तर B, ध्रुवों पर है। पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी है, इसलिए वहाँ केंद्र से दूरी सबसे कम है, और चूँकि g उस दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, g ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है। पृथ्वी का घूर्णन भी g के प्रभावी मान को घटाता है, और यह कमी विषुवत वृत्त पर सर्वाधिक तथा ध्रुवों पर शून्य होती है, जिससे अंतर और बढ़ जाता है।
विकल्प A, विषुवत वृत्त, वह स्थान है जहाँ सतह पर g का मान सबसे कम होता है, ठीक इन्हीं विपरीत कारणों से। विकल्प C, पृथ्वी का केंद्र, वह स्थान है जहाँ g शून्य हो जाता है, क्योंकि वहाँ पृथ्वी का द्रव्यमान पिंड को चारों ओर से घेरता है और उसके खिंचाव आपस में निरस्त हो जाते हैं; वहाँ पिंड का भार शून्य होता है यद्यपि द्रव्यमान वही रहता है। विकल्प D, माउंट एवरेस्ट की चोटी, समुद्र तल से बहुत ऊपर है और ऊँचाई के साथ g घटता है। क्रम याद रखें: ध्रुवों पर सर्वाधिक, विषुवत वृत्त पर कम, ऊँचाई पर और कम, केंद्र पर शून्य।
पृथ्वी की सतह से पलायन वेग लगभग कितना होता है?
- A.7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड
- B.9.8 किलोमीटर प्रति सेकंड
- C.11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड
- D.24 किलोमीटर प्रति सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड
व्याख्या
सही उत्तर C, 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड है। पलायन वेग वह न्यूनतम चाल है जो किसी पिंड को देने पर वह ग्रह के गुरुत्वीय खिंचाव से निकल जाता है और लौटकर नहीं आता। यह केवल ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है, फेंके गए पिंड के द्रव्यमान या प्रक्षेपण की दिशा पर नहीं, और पृथ्वी के लिए इसका मान लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड निकलता है।
विकल्प A, लगभग 7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड, पृथ्वी की सतह के निकट परिक्रमा करने वाले उपग्रह का कक्षीय वेग है, जो पलायन वेग से दो के वर्गमूल के अनुपात में कम होता है। विकल्प B, 9.8, गुरुत्वीय त्वरण का मीटर प्रति सेकंड वर्ग में संख्यात्मक मान है और पलायन वेग से उसका कोई संबंध नहीं, वह केवल परिचित संख्या होने से रखा गया है। विकल्प D पृथ्वी के लिए बहुत अधिक है। चंद्रमा का पलायन वेग केवल लगभग 2.4 किलोमीटर प्रति सेकंड है, इसीलिए वह वायुमंडल नहीं रोक पाता।
वाहनों में प्रयुक्त हाइड्रोलिक ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
- A.आर्किमिडीज सिद्धांत
- B.पास्कल का नियम
- C.बर्नूली सिद्धांत
- D.न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पास्कल का नियम
व्याख्या
सही उत्तर B, पास्कल का नियम है। पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब बिना घटे हर दिशा में द्रव के सभी भागों तथा पात्र की दीवारों तक पहुँचता है। हाइड्रोलिक ब्रेक में पतले मुख्य पिस्टन पर लगा छोटा बल ऐसा दाब बनाता है जो पहियों के चौड़े पिस्टनों तक पहुँचता है, जहाँ वही दाब बड़े क्षेत्रफल पर कहीं बड़ा बल देता है और सभी पहिए एक ही क्षण में समान रूप से रुकते हैं।
विकल्प A, आर्किमिडीज सिद्धांत, द्रव में डूबे पिंड पर लगने वाले ऊपर की ओर उत्प्लावन बल से संबंधित है और जहाज, पनडुब्बी तथा लैक्टोमीटर की व्याख्या करता है। विकल्प C, बर्नूली सिद्धांत, बहते द्रव की चाल और दाब का संबंध बताता है तथा वायुयान के पंख की उत्थापक शक्ति और एटमाइजर की क्रिया समझाता है। विकल्प D, न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, द्रव्यमानों के बीच आकर्षण से संबंधित है। हाइड्रोलिक लिफ्ट और हाइड्रोलिक प्रेस पास्कल नियम के अन्य दो मानक अनुप्रयोग हैं।
किसी द्रव में डूबे पिंड पर ऊपर की ओर लगने वाला बल उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है। यह कथन किस नाम से जाना जाता है?
- A.पास्कल का नियम
- B.आर्किमिडीज सिद्धांत
- C.हुक का नियम
- D.बॉयल का नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आर्किमिडीज सिद्धांत
व्याख्या
सही उत्तर B, आर्किमिडीज सिद्धांत है। इसके अनुसार किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबे पिंड पर ऊपर की ओर उत्प्लावन बल लगता है जो विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है, इसलिए पिंड के भार में दिखने वाली आभासी कमी विस्थापित द्रव के भार के बराबर होती है। पिंड तब तैरता है जब विस्थापित द्रव का भार उसके अपने भार के बराबर हो, यही प्लवन का नियम है, और इसी से जहाज, पनडुब्बी, हाइड्रोमीटर तथा लैक्टोमीटर की व्याख्या होती है।
विकल्प A, पास्कल का नियम, बंद द्रव में दाब के संचरण से संबंधित है और हाइड्रोलिक मशीनों की व्याख्या करता है। विकल्प C, हुक का नियम, प्रत्यास्थता से संबंधित है और कहता है कि प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रतिबल विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है। विकल्प D, बॉयल का नियम, गैस नियम है, जिसके अनुसार स्थिर ताप पर निश्चित द्रव्यमान की गैस का दाब उसके आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है। तरलों के दोनों नियम, पास्कल और आर्किमिडीज, वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में सबसे अधिक आपस में बदले जाते हैं।