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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 4

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 4) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखलाएं, संकटग्रस्त प्रजातियां और आईयूसीएन लाल सूची, जैव विविधता और उसका संरक्षण और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र में जैवभार का पिरामिड कैसा होता है?

  1. A.सीधा
  2. B.उल्टा
  3. C.सदैव आयताकार
  4. D.ऊर्जा के पिरामिड के समान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उल्टा

व्याख्या

सही उत्तर B, उल्टा है। तालाब में उत्पादक पादप प्लवक हैं, अर्थात तैरते हुए सूक्ष्म पौधे, जिनका किसी एक क्षण का कुल भार बहुत कम होता है। किंतु वे अत्यंत तेजी से बढ़ते हैं, इसलिए समय के साथ कहीं अधिक भार के प्राणी प्लवक तथा मछलियों का पोषण कर लेते हैं। किसी एक क्षण का जैवभार मापने पर पिरामिड उल्टा दिखाई देता है।

विकल्प A वन के लिए सही है, जहां आधार पर वृक्षों का विशाल भार अपने से बहुत कम भार के जंतुओं का पोषण करता है। विकल्प C किसी वास्तविक पिरामिड का वर्णन नहीं करता। विकल्प D गलत है, क्योंकि तालाब में भी ऊर्जा का पिरामिड सीधा ही रहता है; हर स्थानांतरण पर ऊष्मा के रूप में होने वाला क्षय उसे कभी उल्टा नहीं होने देता। अपवाद याद रखें: वृक्ष तंत्र में संख्या उल्टी, तालाब में जैवभार उल्टा, ऊर्जा कभी उल्टी नहीं।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

रेड डाटा बुक में किसका रिकॉर्ड होता है?

  1. A.विलुप्त प्रजातियाँ
  2. B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
  3. C.सामान्य प्रजातियाँ
  4. D.आक्रामक प्रजातियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

किसी पारिस्थितिकी तंत्र की शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता किसके बराबर होती है?

  1. A.सकल प्राथमिक उत्पादकता जोड़ श्वसन
  2. B.सकल प्राथमिक उत्पादकता घटा पौधों द्वारा श्वसन में प्रयुक्त ऊर्जा
  3. C.तंत्र पर पड़ने वाला कुल सूर्य प्रकाश
  4. D.सभी उपभोक्ताओं का कुल जैवभार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सकल प्राथमिक उत्पादकता घटा पौधों द्वारा श्वसन में प्रयुक्त ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B है। सकल प्राथमिक उत्पादकता वह कुल ऊर्जा है जिसे उत्पादक प्रकाश संश्लेषण से स्थिर करते हैं। इसका एक भाग पौधे अपने श्वसन में खर्च कर देते हैं, और जो शेष पौधों के शरीर में संचित रह जाता है वही शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता है। यही शेष भाग शाकाहारियों को वास्तव में उपलब्ध भोजन है, इसलिए यही तय करता है कि तंत्र कितने जीवन का पोषण कर सकता है।

विकल्प A श्वसन को घटाने के बजाय जोड़ देता है और ऐसा आंकड़ा देगा जो वास्तव में ग्रहण की गई ऊर्जा से भी अधिक होगा। विकल्प C गलत है, क्योंकि हरे पौधे उन तक पहुंचने वाले सूर्य प्रकाश का बहुत छोटा भाग ही ग्रहण करते हैं, शेष परावर्तित हो जाता है या निकल जाता है। विकल्प D उपभोक्ताओं का संचित जैवभार बताता है, जो किसी क्षण का भंडार है, उत्पादन की दर नहीं। उत्पादकता सदैव प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रति इकाई समय में व्यक्त की जाती है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप' (जो ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?

  1. A.अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
  2. B.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  3. C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग
  4. D.वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)। इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप (ISSG) IUCN के प्रजाति अस्तित्व आयोग (Species Survival Commission) का एक विशेषज्ञ समूह है, और यही ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस चलाता है। ISSG वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों का नेटवर्क है, जो उन बाहरी प्रजातियों की जानकारी जुटाता है जो फैलकर स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाती हैं; इसी ने 'दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों' की प्रसिद्ध सूची बनाई। 1948 में स्थापित और स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में स्थित IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट भी जारी करता है। लैंटाना, जलकुंभी और प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा जैसे आक्रामक पौधे भारत के वनों और आर्द्रभूमियों के लिए बड़ा खतरा हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि UNEP पर्यावरण कार्यक्रम और समझौते चलाता है, यह विशेषज्ञ समूह नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग, यानी ब्रंटलैंड आयोग, 1987 की रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि WWF एक अलग संरक्षण NGO है। परीक्षा टिप: IUCN यानी रेड लिस्ट, प्रजाति अस्तित्व आयोग और आक्रामक प्रजाति डेटाबेस।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक ऊंचे पोषी स्तर पर डीडीटी जैसे कीटनाशकों की सांद्रता बढ़ जाती है। यह परिघटना क्या कहलाती है?

  1. A.सुपोषण
  2. B.जैव आवर्धन
  3. C.पारिस्थितिक अनुक्रमण
  4. D.जैव निम्नीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैव आवर्धन

व्याख्या

सही उत्तर B, जैव आवर्धन है। डीडीटी तथा पारे के यौगिक शरीर में न तो टूटते हैं और न बाहर निकाले जाते हैं, इसलिए वे हर जीव के ऊतकों में जमा होते जाते हैं और जो उसे खाता है उस तक पहुंच जाते हैं। सांद्रता हर चरण पर बढ़ती है, और मछली खाने वाले पक्षियों तथा मनुष्य जैसे शीर्ष मांसाहारियों को सबसे बड़ी मात्रा मिलती है; पक्षियों में इसी से अंडों के कवच पतले होकर टूटने लगे थे।

विकल्प A, सुपोषण किसी जलाशय में उर्वरकों और मल-जल से पोषक तत्व बढ़ने पर शैवाल की अत्यधिक वृद्धि है, जिससे जल की ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है। विकल्प C, पारिस्थितिक अनुक्रमण किसी समुदाय का समय के साथ क्रमशः बदलते हुए स्थिर चरम अवस्था तक पहुंचना है। विकल्प D, जैव निम्नीकरण सूक्ष्मजीवों द्वारा पदार्थों का विघटन है, और डीडीटी की विशेषता यही है कि वह इसका प्रतिरोध करता है।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 09 Sep 2024, Shift 1आसान

भारत में प्रोजेक्ट टाइगर किस वर्ष शुरू किया गया था?

  1. A.1985
  2. B.1973
  3. C.1972
  4. D.1970
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1973

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1973। प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से शुरू किया, ताकि बंगाल टाइगर और उसके आवास को बचाया जा सके। इसकी शुरुआत नौ बाघ अभयारण्यों से हुई, जिनमें कॉर्बेट, कान्हा, बांदीपुर, रणथंभौर, सुंदरबन और मानस शामिल थे, और अब यह नेटवर्क पचास से ज़्यादा हो गया है। हर अभयारण्य में एक कोर क्षेत्र होता है जहाँ मानव गतिविधि नहीं होती और उसके चारों ओर एक बफर क्षेत्र। 2005 से यह परियोजना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण चलाता है, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत एक सांविधिक निकाय है, और बाघों की गणना हर चार साल में होती है। A, 1985, का बाघ कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं। C, 1972, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का साल है, जो परियोजना से एक साल पहले आया और अक्सर इससे उलझ जाता है। D, 1970, में भारत ने बाघ के शिकार पर रोक लगाई थी। परीक्षा टिप: 1970 शिकार पर रोक, 1972 वन्यजीव अधिनियम, 1973 प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 प्रोजेक्ट एलीफेंट।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 1 (CBT 1)मध्यम

खाद्य श्रृंखला के तीसरे पोषण स्तर (trophic level) में निम्नलिखित में से कौन आता है?

  1. A.प्राथमिक उपभोक्ता
  2. B.शीर्ष उपभोक्ता
  3. C.द्वितीयक उपभोक्ता
  4. D.उत्पादक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. द्वितीयक उपभोक्ता

व्याख्या

सही उत्तर है C, द्वितीयक उपभोक्ता। खाद्य श्रृंखला में जिस हर सीढ़ी पर ऊर्जा आगे जाती है, उसे पोषण स्तर कहते हैं, और द्वितीयक उपभोक्ता तीसरी सीढ़ी पर होते हैं। पहला पोषण स्तर उत्पादक हैं, यानी हरे पौधे जो प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं; दूसरा प्राथमिक उपभोक्ता, यानी पौधे खाने वाले शाकाहारी; तीसरा द्वितीयक उपभोक्ता, यानी शाकाहारियों को खाने वाले मांसाहारी; और चौथा तृतीयक या शीर्ष उपभोक्ता। घास, टिड्डा, मेंढक, साँप, बाज़ वाली श्रृंखला में मेंढक तीसरे स्तर पर है। एक स्तर से अगले स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा पहुँचती है (लिंडमैन का दस प्रतिशत नियम), इसलिए श्रृंखलाएँ शायद ही चार-पाँच स्तरों से आगे जाती हैं। A गलत है क्योंकि प्राथमिक उपभोक्ता दूसरे स्तर के शाकाहारी हैं। B गलत है क्योंकि शीर्ष उपभोक्ता चौथे या अंतिम स्तर पर होते हैं। D गलत है क्योंकि उत्पादक पहला स्तर हैं, हर श्रृंखला का आधार। परीक्षा टिप: उत्पादक 1, शाकाहारी 2, मांसाहारी 3, शीर्ष मांसाहारी 4।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी मुख्य ग्रीनहाउस गैस नहीं है?

  1. A.जलवाष्प
  2. B.ऑक्सीजन
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.मीथेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ऑक्सीजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, ऑक्सीजन। ग्रीनहाउस गैस वह है जिसके अणु पृथ्वी की गर्म सतह से निकलने वाले दीर्घ-तरंग अवरक्त विकिरण को सोखकर उसका कुछ भाग वापस भेजते हैं, जिससे ग्रह लगभग 33 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहता है। ऐसा अवशोषण उन अणुओं में होता है जिनमें तीन या अधिक परमाणु हों, या दो अलग परमाणु हों, जो सही ढंग से कंपन कर सकें। ऑक्सीजन (O2) और नाइट्रोजन (N2), जो मिलकर हवा का 99 प्रतिशत हैं, दो समान परमाणुओं से बनी हैं, अवरक्त विकिरण नहीं सोखतीं और इसलिए सबसे अधिक मात्रा में होने के बावजूद ग्रीनहाउस गैस नहीं हैं। A, जलवाष्प, ग्रीनहाउस प्रभाव में सबसे बड़ा प्राकृतिक योगदान देती है। C, कार्बन डाइऑक्साइड, कोयला, तेल और गैस जलाने से मनुष्य द्वारा जोड़ी जाने वाली मुख्य ग्रीनहाउस गैस है और ग्लोबल वार्मिंग क्षमता की संदर्भ गैस है। D, मीथेन, सौ वर्ष में कार्बन डाइऑक्साइड से लगभग 28 गुना अधिक गर्मी रोकती है और धान के खेतों, पशुओं और कूड़े के ढेरों से निकलती है। परीक्षा टिप: मुख्य ग्रीनहाउस गैसें: जलवाष्प, CO2, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, ओज़ोन, CFC; N2 और O2 नहीं।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023मध्यम

स्थलीय पारितंत्र में हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को अवशोषित कर भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। प्रकाश संश्लेषण के लिए सभी हरे पौधों द्वारा अवशोषित सौर विकिरण का प्रतिशत लगभग कितना है?

  1. A.1%
  2. B.5%
  3. C.8%
  4. D.10%
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1%

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1%। हरे पौधे स्थलीय पारितंत्र के उत्पादक हैं, और एनसीईआरटी कक्षा 10 के अध्याय 'हमारा पर्यावरण' में लिखा है कि वे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करके प्रकाश संश्लेषण से भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। बाकी प्रकाश परावर्तित हो जाता है, पत्ती से आर-पार निकल जाता है या ऊष्मा के रूप में खो जाता है। यही छोटा अंश हर खाद्य शृंखला का आधार है, और इसका भी केवल लगभग 10 प्रतिशत एक पोषण स्तर से अगले स्तर तक पहुँचता है, जिसे लिंडमैन का दस प्रतिशत नियम कहते हैं; इसीलिए खाद्य शृंखलाओं में प्रायः तीन-चार से अधिक कड़ियाँ नहीं होतीं और पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है। B, 5%, C, 8% और D, 10% सभी बहुत अधिक हैं: 10 प्रतिशत पोषण स्तरों के बीच स्थानांतरित ऊर्जा का हिस्सा है, पौधों द्वारा ग्रहण किए गए सूर्य प्रकाश का नहीं, और छात्र अक्सर इन दोनों संख्याओं को मिला देते हैं। परीक्षा टिप: पौधे सूर्य प्रकाश का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करते हैं; हर पोषण स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा आगे जाती है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS (I) 2019, 3 Feb 2019आसान

'क्योटो प्रोटोकॉल' एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जो सदस्य राष्ट्रों को किसमें कमी के लिए प्रतिबद्ध करती है?

  1. A.गरीबी
  2. B.ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन
  3. C.नाभिकीय आयुध
  4. D.कृषि सहायिकी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन

व्याख्या

सही उत्तर है B, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो में अपनाया गया क्योटो प्रोटोकॉल उत्सर्जन घटाने के बाध्यकारी लक्ष्य तय करने वाली पहली संधि थी। यह 16 फरवरी 2005 को लागू हुआ और इसने औद्योगिक देशों से 2008 से 2012 के बीच अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 1990 के स्तर से औसतन लगभग 5 प्रतिशत कम करने को कहा। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड समेत छह गैसें शामिल थीं, और स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) जैसे बाजार उपाय बने, जिनसे भारत जैसे देशों की परियोजनाएं कार्बन क्रेडिट कमा सकीं। भारत ने 2002 में इसका अनुसमर्थन किया, पर विकासशील देश होने के कारण उस पर कोई बाध्यकारी लक्ष्य नहीं था। A गलत है, गरीबी घटाना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य है, क्योटो का नहीं। C गलत है, नाभिकीय हथियारों से 1968 की परमाणु अप्रसार संधि जैसी संधियां जुड़ी हैं। D गलत है, कृषि सब्सिडी विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते के अंतर्गत आती है। परीक्षा टिप: क्योटो 1997, लागू 2005, अमीर देशों पर बाध्यकारी कटौती; पेरिस 2015, सभी देशों के संकल्प।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2आसान

किसी पारितंत्र में अलग-अलग स्तरों पर रहने वाली विभिन्न प्रजातियों के ऊर्ध्वाधर वितरण को ______ कहते हैं।

  1. A.समतलन
  2. B.समूहन
  3. C.शाखन
  4. D.स्तरीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्तरीकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्तरीकरण। इसका अर्थ है पारितंत्र की ऊपर से नीचे तक परतें, जिनमें हर परत में अपनी प्रजातियाँ रहती हैं। NCERT का उदाहरण वन है: ऊँचे पेड़ सबसे ऊपरी परत बनाते हैं, झाड़ियाँ दूसरी और शाक व घास सबसे निचली परत, और हर परत को प्रकाश, गर्मी और नमी अलग मात्रा में मिलती है। उष्णकटिबंधीय वर्षावन में सबसे अधिक परतें होती हैं, जैसे ऊपर उभरे पेड़, वितान (कैनोपी), निचली परत और वन भूमि, और पक्षी, बंदर व कीट भी तय ऊँचाइयों पर रहते हैं। झीलों में भी स्तरीकरण होता है, ऊपर गर्म परत और नीचे ठंडी परत। स्तरीकरण से कई प्रजातियाँ बिना सीधी प्रतिस्पर्धा के एक ही जगह साझा कर पाती हैं। A गलत है क्योंकि समतलन पारिस्थितिकी में ऊर्ध्वाधर परतों के लिए प्रयुक्त शब्द नहीं है। B गलत है क्योंकि समूहन का अर्थ केवल चीज़ों को साथ रखना है, इसमें ऊँचाई की बात नहीं। C गलत है क्योंकि शाखन का अर्थ शाखाओं में बँटना है, प्रजातियों की परतें नहीं। परीक्षा टिप: पारितंत्र में ऊर्ध्वाधर परतें = स्तरीकरण; ऊपर से नीचे पेड़, झाड़ियाँ, शाक।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 3मध्यम

अर्न्स्ट हेकेल ने जीवों की 'अर्थव्यवस्था' का वर्णन करने के लिए 'पारिस्थितिकी' (इकोलॉजी) शब्द किस वर्ष दिया?

  1. A.1888
  2. B.1884
  3. C.1887
  4. D.1866
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1866

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1866। जर्मन प्राणी-विज्ञानी अर्न्स्ट हेकेल ने 1866 में अपनी पुस्तक 'जनरेल मॉर्फोलॉजी डेर ऑर्गेनिस्मेन' में 'ओकोलॉजी' शब्द गढ़ा। उन्होंने इसे ग्रीक के ओइकोस, यानी घर, और लोगोस, यानी अध्ययन, से बनाया; इसलिए पारिस्थितिकी का अर्थ है जीवों का उनके घर में, आपस में और आसपास के वातावरण से संबंधों का अध्ययन। इसीलिए प्रश्न जीवों की 'अर्थव्यवस्था' की बात करता है, क्योंकि इकोनॉमी शब्द भी इसी ओइकोस से बना है। हेकेल डार्विन के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने जीवविज्ञान को 'फाइलम' जैसे शब्द भी दिए। परीक्षा में एक और तिथि पूछी जाती है: 1935, जब ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् ए. जी. टान्सले ने 'पारितंत्र' (इकोसिस्टम) शब्द दिया। A गलत है क्योंकि 1888 का इस शब्द से कोई संबंध नहीं; तब तक यह बीस साल से ज़्यादा समय से चलन में था। B गलत है क्योंकि 1884 भी बहुत बाद का वर्ष है और इस नामकरण से नहीं जुड़ा। C गलत है क्योंकि 1887 का भी हेकेल के शब्द-निर्माण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: इकोलॉजी हेकेल 1866, इकोसिस्टम टान्सले 1935।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एन. टी. यू. (NTU) मापने की इकाई है

  1. A.पानी का दाब
  2. B.जल का तापमान
  3. C.जल की अम्लता
  4. D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Feb 2025, Shift 1आसान

घास → इम्पाला → लकड़बग्घा वाले एक वन पारिस्थितिकी तंत्र में यदि सभी लकड़बग्घों को हटा दिया जाए, तो अंततः क्या होगा?

  1. A.इम्पाला की आबादी स्थिर रहेगी।
  2. B.इम्पाला हमेशा खुशी से रहेंगे।
  3. C.घास के मैदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  4. D.अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है D, अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे। इस खाद्य श्रृंखला में घास उत्पादक है, इम्पाला शाकाहारी है और लकड़बग्घा वह शिकारी है जो इम्पाला की संख्या को नियंत्रण में रखता है। अगर सभी लकड़बग्घे हटा दिए जाएं तो इम्पाला तेजी से बढ़ेंगे, क्योंकि उनका शिकार करने वाला कोई नहीं रहेगा। बढ़ा हुआ झुंड घास के मैदान को इतना चर जाएगा कि भोजन कम पड़ जाएगा, और फिर बहुत से इम्पाला भूख से मरेंगे और उनकी संख्या अचानक गिर जाएगी। शीर्ष शिकारी हटाने पर नीचे के हर स्तर पर पड़ने वाले इस असर को ट्रॉफिक कैस्केड कहते हैं। A गलत है क्योंकि शिकारी के बिना इम्पाला की आबादी स्थिर नहीं रह सकती, पहले वह तेजी से बढ़ती है। B गलत है क्योंकि इम्पाला का अच्छा समय घास खत्म होने तक ही रहता है। C गलत है क्योंकि ज्यादा चराई से सबसे पहले घास का मैदान ही बर्बाद होता है। परीक्षा टिप: शिकारी हटाओ, शिकार बढ़ता है, भोजन खत्म होता है और शिकार भूखा मरता है; हर स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही आगे जाती है।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-से अपरदाहारी (detritivores) हैं?

1. केंचुए

2. जेलीफ़िश

3. मिलीपीड

4. समुद्री घोड़े

5. वुडलाइस

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1, 2 और 4
  2. B.केवल 2, 3, 4 और 5
  3. C.केवल 1, 3 और 5
  4. D.1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1, 3 और 5

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1, 3 और 5। केंचुए, मिलीपीड और वुडलाइस मृत पौधों और जीवों के अवशेष, यानी अपरद, खाते हैं, इसलिए ये अपरदाहारी हैं। अपरदाहारी मृत पत्तियों और शरीरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं, जिससे बैक्टीरिया और कवक जैसे अपघटकों का काम तेज होता है, जो अपघटन पूरा कर पोषक तत्व मिट्टी में लौटाते हैं। केंचुए सड़ती पत्तियाँ और मिट्टी खाते हैं, मिलीपीड जंगल की जमीन पर पड़ी पत्तियाँ चबाते हैं, और वुडलाइस लकड़ियों के नीचे रहने वाले छोटे स्थलीय क्रस्टेशियन हैं जो सड़ी लकड़ी खाते हैं। मुख्य अंतर यह है कि अपरदाहारी अपरद निगलते हैं, जबकि अपघटक उसे शरीर के बाहर पचाते हैं। जेलीफ़िश (2) गलत है, क्योंकि यह डंक मारकर प्लवक और छोटी मछलियाँ खाने वाली मांसाहारी है। समुद्री घोड़े (4) गलत हैं, क्योंकि वे छोटे जीवित क्रस्टेशियन चूसकर खाते हैं। इसलिए जेलीफ़िश या समुद्री घोड़े वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: केंचुआ, मिलीपीड, वुडलाइस और गोबर भृंग अपरदाहारी; बैक्टीरिया और कवक अपघटक।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन उस कीट के साथ एक अनोखा संबंध दर्शाता है जो उसके साथ सह-विकसित हुआ है और जो इस वृक्ष का परागण करने वाला एकमात्र कीट है?

  1. A.अंजीर
  2. B.महुआ
  3. C.चंदन
  4. D.सेमल (सिल्क कॉटन)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंजीर

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंजीर। अंजीर की हर प्रजाति का परागण केवल उसका अपना छोटा अंजीर ततैया (फिग वास्प) करता है, और दोनों लाखों वर्षों में साथ-साथ विकसित हुए हैं। अंजीर का 'फल' असल में एक बंद गोला, साइकोनियम, है, जिसके अंदर सैकड़ों छोटे फूल होते हैं। मादा ततैया एक छोटे छेद से अंदर घुसती है, फूलों का परागण करती है और कुछ फूलों में अंडे देती है। नए ततैये अंदर ही बड़े होते हैं, और नई मादाएँ पराग लेकर दूसरे अंजीर तक उड़ जाती हैं। ततैये के बिना अंजीर में बीज नहीं बनते और अंजीर के बिना ततैया प्रजनन नहीं कर सकता; इसे अनिवार्य सहोपकारिता कहते हैं। बरगद और पीपल जैसे अंजीर कुल के पेड़ कीस्टोन प्रजाति हैं, क्योंकि इनके फल साल भर पक्षियों और स्तनधारियों का भोजन हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि महुआ के फूलों का परागण मुख्यतः चमगादड़ और कुछ पक्षी करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि जड़-परजीवी चंदन पर कई तरह के कीट आते हैं, केवल एक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेमल का परागण मुख्यतः पक्षी करते हैं। परीक्षा टिप: अंजीर और अंजीर ततैया, सह-विकास और अनिवार्य सहोपकारिता का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023कठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन-I: उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की मिट्टी पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

कथन-II: उष्णकटिबंधीय वर्षावनों का उच्च तापमान और नमी मिट्टी में मृत जैविक पदार्थ को जल्दी अपघटित कर देते हैं।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
  2. B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
  3. C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
  4. D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है

व्याख्या

सही उत्तर है D, कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है। वर्षावन की मिट्टी असल में पोषक तत्वों में गरीब होती है, भले ही उसके ऊपर का जंगल धरती पर सबसे समृद्ध हो। गर्मी और भारी वर्षा से गिरी पत्तियाँ कुछ ही हफ्तों में सड़ जाती हैं, और निकले पोषक तत्व पेड़ों की घनी जड़ें और कवक लगभग तुरंत सोख लेते हैं। इसलिए ज्यादातर पोषक तत्व मिट्टी में नहीं, जीवित जैवभार में जमा रहते हैं, और सतह पर ह्यूमस की केवल पतली परत होती है। लगातार बारिश निक्षालन (लीचिंग) से खनिजों को नीचे बहा देती है, जिससे लाल, अम्लीय, लैटेराइट जैसी मिट्टी बचती है जिसमें मुख्यतः लोहे और एल्युमिनियम के ऑक्साइड होते हैं। इसी कारण साफ की गई वर्षावन भूमि कुछ फसलों के बाद उपजाऊपन खो देती है। कथन-II सही है, क्योंकि गर्म और नम जलवायु ठीक यही तेज अपघटन करती है। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि कथन-I असत्य है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह सही और गलत कथन को उलट देता है। परीक्षा टिप: वर्षावन में पोषक तत्व पेड़ों में होते हैं, मिट्टी में नहीं; ठंडे वनों में सड़न धीमी होने से मिट्टी में अधिक रहते हैं।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्राकृतिक पारितंत्र है?

  1. A.फसल का खेत
  2. B.एक्वेरियम (जलजीवशाला)
  3. C.बगीचा
  4. D.वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वन

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन। वन बिना किसी मानवीय प्रयास के अपने आप बनता और चलता है, इसलिए यह प्राकृतिक पारितंत्र है। इसके पौधे प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं, जंतु पौधों को या एक-दूसरे को खाते हैं, और कवक व जीवाणु मृत पदार्थों को सड़ाकर पोषक तत्व मिट्टी में लौटा देते हैं; इस तरह यह चक्र अपने आप चलता रहता है। तालाब, झील, घास का मैदान, मरुस्थल, नदी और समुद्र भी प्राकृतिक पारितंत्र हैं। जिन पारितंत्रों को मनुष्य बनाता है और जिनकी देखभाल करनी पड़ती है, वे कृत्रिम या मानव-निर्मित पारितंत्र कहलाते हैं। A गलत है क्योंकि फसल के खेत में किसान बुआई, सिंचाई, निराई और कटाई करता है। B गलत है क्योंकि एक्वेरियम मानव-निर्मित टैंक है, जिसकी नियमित सफ़ाई, भोजन और हवा की व्यवस्था करनी पड़ती है। C गलत है क्योंकि बगीचा लोग लगाते और सँभालते हैं; छोड़ देने पर वह धीरे-धीरे बदल जाता है। परीक्षा टिप: प्रकृति द्वारा बना = प्राकृतिक (वन, तालाब, मरुस्थल); मनुष्य द्वारा बनाया और सँभाला गया = कृत्रिम (खेत, एक्वेरियम, बगीचा, पार्क)।

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