खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक ऊंचे पोषी स्तर पर डीडीटी जैसे कीटनाशकों की सांद्रता बढ़ जाती है। यह परिघटना क्या कहलाती है?
- A.सुपोषण
- B.जैव आवर्धन
- C.पारिस्थितिक अनुक्रमण
- D.जैव निम्नीकरण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, जैव आवर्धन है। डीडीटी तथा पारे के यौगिक शरीर में न तो टूटते हैं और न बाहर निकाले जाते हैं, इसलिए वे हर जीव के ऊतकों में जमा होते जाते हैं और जो उसे खाता है उस तक पहुंच जाते हैं। सांद्रता हर चरण पर बढ़ती है, और मछली खाने वाले पक्षियों तथा मनुष्य जैसे शीर्ष मांसाहारियों को सबसे बड़ी मात्रा मिलती है; पक्षियों में इसी से अंडों के कवच पतले होकर टूटने लगे थे।
विकल्प A, सुपोषण किसी जलाशय में उर्वरकों और मल-जल से पोषक तत्व बढ़ने पर शैवाल की अत्यधिक वृद्धि है, जिससे जल की ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है। विकल्प C, पारिस्थितिक अनुक्रमण किसी समुदाय का समय के साथ क्रमशः बदलते हुए स्थिर चरम अवस्था तक पहुंचना है। विकल्प D, जैव निम्नीकरण सूक्ष्मजीवों द्वारा पदार्थों का विघटन है, और डीडीटी की विशेषता यही है कि वह इसका प्रतिरोध करता है।
पूरा लेख पढ़ें: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला: घटक एवं पिरामिड
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपारिस्थितिकी तंत्र शब्द किस वैज्ञानिक ने दिया था?
- A.ए. जी. टैंसले
- B.चार्ल्स डार्विन
- C.रेमंड लिंडेमान
- D.चार्ल्स एल्टन
उत्तर देखें
ब्रिटिश वनस्पति वैज्ञानिक आर्थर जॉर्ज टैंसले ने 1935 में पारिस्थितिकी तंत्र शब्द का प्रयोग उस इकाई के लिए किया जिसमें जीव और उनका निर्जीव परिवेश एक ही तंत्र के रूप में ऊर्जा तथा पदार्थ का आदान-प्रदान करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाद्य श्रृंखला में हरे पौधों को क्या कहा जाता है?
- A.उत्पादक
- B.प्राथमिक उपभोक्ता
- C.अपघटक
- D.द्वितीयक उपभोक्ता
उत्तर देखें
हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा से कार्बन डाइऑक्साइड और जल द्वारा प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, इसीलिए उन्हें स्वपोषी भी कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम किसने दिया था?
- A.ए. जी. टैंसले
- B.रेमंड लिंडेमान
- C.ओडम
- D.अर्नस्ट हेकल
उत्तर देखें
इसके अनुसार किसी पोषी स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का लगभग दस प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुंचता है, क्योंकि शेष श्वसन तथा अन्य जैविक क्रियाओं में प्रयुक्त होकर परिवेश में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिक पिरामिड सदैव सीधा रहता है?
- A.संख्या का पिरामिड
- B.जैवभार का पिरामिड
- C.ऊर्जा का पिरामिड
- D.तीनों सदैव सीधे रहते हैं
उत्तर देखें
एक पोषी स्तर से अगले स्तर तक हर स्थानांतरण पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट होती है, इसलिए ऊपर का कोई स्तर अपने नीचे वाले स्तर से अधिक ऊर्जा कभी नहीं रख सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मृत पौधों और जंतुओं का अपघटन करने वाले जीवाणु तथा कवक क्या कहलाते हैं?
- A.उत्पादक
- B.अपघटक
- C.शाकाहारी
- D.सर्वाहारी
उत्तर देखें
ये मृत शरीरों, गिरी पत्तियों और अपशिष्ट पदार्थों पर पलते हैं, जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं तथा पोषक तत्व पुनः मृदा, जल और वायु में मुक्त कर देते हैं, जहां से पौधे उन्हें फिर ग्रहण कर सकें।
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