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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसानपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024

रेड डाटा बुक में किसका रिकॉर्ड होता है?

  1. A.विलुप्त प्रजातियाँ
  2. B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
  3. C.सामान्य प्रजातियाँ
  4. D.आक्रामक प्रजातियाँ

सही उत्तर

B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

हर घर में छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा बनाना अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.राजस्थान
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर है D, तमिलनाडु। तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में सभी घरों और इमारतों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा अनिवार्य किया; इसके लिए 2003 में कानून लाया गया। यह राज्य उत्तर-पूर्वी मानसून और भूजल पर बहुत निर्भर है, और चेन्नई को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ी, इसलिए छत के पानी को इकट्ठा करके ज़मीन में उतारना प्राथमिकता बन गया। इसमें छतों से बारिश का पानी टंकियों में जमा किया जाता है या कुओं और जलभृतों को रिचार्ज करने में लगाया जाता है, जिससे भूजल स्तर ऊपर आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल में भारी वर्षा होती है और वहाँ संचयन को बढ़ावा दिया गया, पर हर घर के लिए इसे अनिवार्य करने वाला वह पहला राज्य नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात चेक डैम और दूसरे जल कार्यों के लिए जाना जाता है, इस पहले कानून के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान बीकानेर और फलोदी के टांकों जैसे पारंपरिक संचयन के लिए प्रसिद्ध है, इस पहले कानून के लिए नहीं। परीक्षा टिप: तमिलनाडु छत पर वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने वाला पहला राज्य है (2003); टांका राजस्थान के पारंपरिक भूमिगत टैंक हैं।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 03 Dec 2023, S1आसान

निम्नलिखित में से भारत में स्थापित पहला राष्ट्रीय उद्यान कौन-सा है?

  1. A.गिर राष्ट्रीय उद्यान
  2. B.काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
  3. C.जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
  4. D.राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान

व्याख्या

सही उत्तर है C, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान। यह भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से आज के उत्तराखंड के नैनीताल क्षेत्र में स्थापित किया गया था। बाद में इसे रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान कहा गया और 1950 के दशक में प्रसिद्ध शिकारी से प्रकृतिवादी बने जिम कॉर्बेट के सम्मान में इसका नाम बदला गया, जिन्होंने 'मैन-ईटर्स ऑफ़ कुमाऊँ' लिखी थी। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर यहीं से शुरू हुआ, और यह उद्यान हिमालय की तलहटी में रामगंगा नदी के किनारे फैला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेरों का अंतिम घर, गुजरात का गिर, 1975 में जाकर राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध असम का काज़ीरंगा 1974 में राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि उत्तराखंड का राजाजी राष्ट्रीय उद्यान 1983 में तीन अभयारण्यों को मिलाकर बनाया गया। परीक्षा टिप: पहला राष्ट्रीय उद्यान हेली (1936) से रामगंगा और फिर जिम कॉर्बेट कहलाया, और प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में यहीं से शुरू हुआ।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एन. टी. यू. (NTU) मापने की इकाई है

  1. A.पानी का दाब
  2. B.जल का तापमान
  3. C.जल की अम्लता
  4. D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

बायोमास का एक उल्टा पिरामिड किस पारिस्थितिकी तंत्र में पाया जा सकता है?

  1. A.घास का मैदान
  2. B.समुद्री
  3. C.टुंड्रा
  4. D.वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समुद्री

व्याख्या

सही उत्तर है B, समुद्री। समुद्र में उत्पादक सूक्ष्म पादप प्लवक (फाइटोप्लैंकटन) होते हैं। किसी भी समय उनका कुल द्रव्यमान उन्हें खाने वाले जंतु प्लवक और मछलियों के द्रव्यमान से कम होता है, इसलिए बायोमास का पिरामिड उल्टा बनता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पादप प्लवक बहुत तेज़ी से बढ़ते और विभाजित होते हैं और लगभग उतनी ही तेज़ी से खा भी लिए जाते हैं, इसलिए उनका छोटा खड़ा भंडार भी उपभोक्ताओं के बड़े द्रव्यमान को पाल लेता है। लेकिन ऊर्जा का पिरामिड हर पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा रहता है, क्योंकि हर स्तर पर ऊर्जा ऊष्मा बनकर खोती है और केवल लगभग 10 प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुँचती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि घास के मैदान में घास का द्रव्यमान चरने वाले जानवरों से कहीं अधिक होता है, इसलिए पिरामिड सीधा बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि टुंड्रा में भी पौधों का द्रव्यमान जानवरों से अधिक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वन में विशाल पेड़ बायोमास का बड़ा आधार देते हैं, इसलिए वहाँ बायोमास का पिरामिड सीधा होता है, भले ही संख्या का पिरामिड उल्टा हो सकता है। परीक्षा टिप: पेड़ वाले तंत्र में संख्या, समुद्र में बायोमास उल्टा, पर ऊर्जा कभी नहीं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

कौन-सा प्रदूषण मनुष्यों में इटाई-इटाई रोग करता है?

  1. A.पारा प्रदूषण
  2. B.कैडमियम प्रदूषण
  3. C.आर्सेनिक प्रदूषण
  4. D.नाइट्रेट प्रदूषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कैडमियम प्रदूषण

व्याख्या

सही उत्तर है B, कैडमियम प्रदूषण। इटाई-इटाई रोग लंबे समय तक कैडमियम विषाक्तता से होता है; यह पहली बार लगभग 1912 में जापान के तोयामा क्षेत्र में देखा गया, जहाँ ऊपर की खदानों से निकला कैडमियम जिंत्सू नदी में मिला और गाँव वालों के चावल और पानी में जमा होता गया। कैडमियम गुर्दों को नुकसान पहुँचाता है और हड्डियों को नरम व भुरभुरा बना देता है, इसलिए मरीज़ों को बार-बार फ्रैक्चर और रीढ़ व जोड़ों में तेज़ दर्द होता था; जापानी में इस नाम का अर्थ है ‘दर्द होता है, दर्द होता है’। यह जापान के चार बड़े प्रदूषण रोगों में से एक बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि पारा प्रदूषण से मिनामाटा रोग होता है, जो जापान में ही मिथाइल पारे से दूषित खाड़ी की मछलियाँ खाने से फैला। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूजल में आर्सेनिक से आर्सेनिकोसिस होता है, जिसमें त्वचा पर घाव और कैंसर होते हैं, जैसा पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में देखा गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि पीने के पानी में ज़्यादा नाइट्रेट से शिशुओं में ब्लू बेबी सिंड्रोम, यानी मेथीमोग्लोबिनीमिया, होता है। परीक्षा टिप: कैडमियम–इटाई-इटाई, पारा–मिनामाटा, नाइट्रेट–ब्लू बेबी, फ्लोराइड–फ्लोरोसिस।