'इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप' (जो ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?
- A.अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
- B.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
- C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग
- D.वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)। इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप (ISSG) IUCN के प्रजाति अस्तित्व आयोग (Species Survival Commission) का एक विशेषज्ञ समूह है, और यही ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस चलाता है। ISSG वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों का नेटवर्क है, जो उन बाहरी प्रजातियों की जानकारी जुटाता है जो फैलकर स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाती हैं; इसी ने 'दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों' की प्रसिद्ध सूची बनाई। 1948 में स्थापित और स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में स्थित IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट भी जारी करता है। लैंटाना, जलकुंभी और प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा जैसे आक्रामक पौधे भारत के वनों और आर्द्रभूमियों के लिए बड़ा खतरा हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि UNEP पर्यावरण कार्यक्रम और समझौते चलाता है, यह विशेषज्ञ समूह नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग, यानी ब्रंटलैंड आयोग, 1987 की रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि WWF एक अलग संरक्षण NGO है। परीक्षा टिप: IUCN यानी रेड लिस्ट, प्रजाति अस्तित्व आयोग और आक्रामक प्रजाति डेटाबेस।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में शामिल नहीं है?
- A.सल्फर
- B.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- C.सीसा (लेड)
- D.मीथेन
उत्तर देखें
भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की गणना में मीथेन शामिल नहीं है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 2014 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुरू किया गया था और इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
- B.यह पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे में लगा है।
- C.यह व्यक्तियों और संपत्ति को हुई क्षति के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है।
- D.यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।
उत्तर देखें
राष्ट्रीय हरित अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है; यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। NGT की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई, जो अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की 2017-2031 की राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना (NWAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है।
2. यह NWAP अनूठी है क्योंकि पहली बार भारत ने वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को मान्यता दी है।
3. इस NWAP के दस घटक हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
2017-2031 की योजना भारत की तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है और वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को संबोधित करने वाली पहली योजना है, पर इसके दस नहीं, पाँच घटक हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विधि शहरी वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त नहीं है?
- A.छत पुनर्भरण गड्ढा (रूफटॉप रिचार्ज पिट)
- B.पुनर्भरण कुएँ
- C.गली प्लग
- D.पुनर्भरण खाई (रिचार्ज ट्रेंच)
उत्तर देखें
गली प्लग पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्राकृतिक नाले या धारा के आर-पार बनाया जाने वाला छोटा अवरोध है, इसलिए शहर में इसका उपयोग नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?
- A.कोलंबिया
- B.वेनेज़ुएला
- C.ब्राज़ील
- D.गुयाना
उत्तर देखें
कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।
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