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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यमपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023

स्थलीय पारितंत्र में हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को अवशोषित कर भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। प्रकाश संश्लेषण के लिए सभी हरे पौधों द्वारा अवशोषित सौर विकिरण का प्रतिशत लगभग कितना है?

  1. A.1%
  2. B.5%
  3. C.8%
  4. D.10%

सही उत्तर

A. 1%

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1%। हरे पौधे स्थलीय पारितंत्र के उत्पादक हैं, और एनसीईआरटी कक्षा 10 के अध्याय 'हमारा पर्यावरण' में लिखा है कि वे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करके प्रकाश संश्लेषण से भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। बाकी प्रकाश परावर्तित हो जाता है, पत्ती से आर-पार निकल जाता है या ऊष्मा के रूप में खो जाता है। यही छोटा अंश हर खाद्य शृंखला का आधार है, और इसका भी केवल लगभग 10 प्रतिशत एक पोषण स्तर से अगले स्तर तक पहुँचता है, जिसे लिंडमैन का दस प्रतिशत नियम कहते हैं; इसीलिए खाद्य शृंखलाओं में प्रायः तीन-चार से अधिक कड़ियाँ नहीं होतीं और पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है। B, 5%, C, 8% और D, 10% सभी बहुत अधिक हैं: 10 प्रतिशत पोषण स्तरों के बीच स्थानांतरित ऊर्जा का हिस्सा है, पौधों द्वारा ग्रहण किए गए सूर्य प्रकाश का नहीं, और छात्र अक्सर इन दोनों संख्याओं को मिला देते हैं। परीक्षा टिप: पौधे सूर्य प्रकाश का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करते हैं; हर पोषण स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा आगे जाती है।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 3आसान

किसी पारितंत्र का कौन-सा जैविक घटक सबसे अधिक संख्या में पाया जाता है?

  1. A.प्राथमिक उपभोक्ता
  2. B.उत्पादक
  3. C.द्वितीयक उपभोक्ता
  4. D.तृतीयक उपभोक्ता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उत्पादक

व्याख्या

सही उत्तर है B, उत्पादक। हरे पौधे और शैवाल जैसे उत्पादक पारितंत्र में सबसे अधिक संख्या में होते हैं, क्योंकि बाकी सभी जीव भोजन के लिए इन्हीं पर निर्भर हैं। ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन खुद बनाते हैं, इसलिए हर खाद्य श्रृंखला का पहला पोषी स्तर यही होते हैं। एक स्तर से अगले स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा पहुँचती है (लिंडेमान का 10 प्रतिशत नियम), इसलिए ऊपर के हर स्तर पर कम जीव टिक पाते हैं। इसी से घास के मैदान में संख्या का सीधा पिरामिड बनता है: बहुत सारे घास के पौधे, उनसे कम टिड्डे, उनसे कम मेंढक और सबसे कम साँप व बाज़। A गलत है क्योंकि प्राथमिक उपभोक्ता यानी शाकाहारी जीव उत्पादकों को खाते हैं और उनसे कम होते हैं। C गलत है क्योंकि द्वितीयक उपभोक्ता यानी छोटे मांसाहारी और भी कम होते हैं। D गलत है क्योंकि बाघ या चील जैसे शीर्ष मांसाहारी तृतीयक उपभोक्ता सबसे कम होते हैं। परीक्षा टिप: उत्पादक → प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक उपभोक्ता; हर चरण पर लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा खर्च हो जाती है; एक पेड़ वाले पारितंत्र में संख्या का पिरामिड उल्टा होता है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2मध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने समुद्र तटों की सफाई और विकास के लिए जो पायलट परियोजना शुरू की है, उसका नाम क्या है?

  1. A.स्वच्छ भारत
  2. B.ग्रीन फ्लैग
  3. C.क्लीन इंडिया
  4. D.ब्लू फ्लैग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्लू फ्लैग

व्याख्या

सही उत्तर है D, ब्लू फ्लैग। 2018 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने चुने हुए समुद्र तटों को साफ और विकसित करने की पायलट परियोजना शुरू की, ताकि वे ब्लू फ्लैग पा सकें। ब्लू फ्लैग एक अंतरराष्ट्रीय इको-लेबल है, जिसे डेनमार्क के कोपेनहेगन स्थित फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन (FEE) देता है; इसकी शुरुआत 1985 में फ्रांस से हुई थी। इसके लिए तट को पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण शिक्षा, सुरक्षा व सुविधाओं और पर्यावरण प्रबंधन के कड़े मानक पूरे करने होते हैं। भारत में इसके लिए BEAMS (बीच एनवायरनमेंट एंड एस्थेटिक्स मैनेजमेंट सर्विसेज़) कार्यक्रम चलता है और 2020 में गुजरात का शिवराजपुर ब्लू फ्लैग पाने वाले पहले भारतीय तटों में था। A गलत है क्योंकि स्वच्छ भारत 2014 में शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन है, समुद्र तटों का लेबल नहीं। B गलत है क्योंकि ग्रीन फ्लैग एक अलग पुरस्कार है, जो ब्रिटेन में अच्छी तरह रखे गए पार्कों और हरित स्थलों को मिलता है। C गलत है क्योंकि क्लीन इंडिया तो स्वच्छ भारत अभियान का ही अंग्रेज़ी नाम है। परीक्षा टिप: ब्लू फ्लैग = FEE (डेनमार्क) का समुद्र तट इको-लेबल; भारत की योजना = BEAMS; पहले आठ भारतीय तटों को 2020 में यह प्रमाणन मिला।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

कान्हा टाइगर रिज़र्व (बाघ अभयारण्य) कहाँ स्थित है?

  1. A.मध्य प्रदेश
  2. B.कर्नाटक
  3. C.ओडिशा
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मध्य प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है A, मध्य प्रदेश। कान्हा टाइगर रिज़र्व मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट ज़िलों में, सतपुड़ा श्रेणी के पूर्वी छोर पर स्थित मैकल पहाड़ियों में है। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर शुरू होने पर बने पहले नौ टाइगर रिज़र्वों में कान्हा शामिल था। कान्हा कठोर ज़मीन वाले बारहसिंगा को बचाने के लिए सबसे अधिक जाना जाता है; यह दलदली हिरण लगभग विलुप्त हो चुका था और आज मध्य प्रदेश का राजकीय पशु है। साल के खुले जंगल और घास के मैदान इसे जंगल में बाघ देखने की भारत की सबसे अच्छी जगहों में शामिल करते हैं। मध्य प्रदेश के दूसरे प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्व बांधवगढ़, पन्ना, पेंच और सतपुड़ा हैं। B गलत है क्योंकि कर्नाटक के प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्व बांदीपुर और नागरहोल हैं। C गलत है क्योंकि ओडिशा का मुख्य टाइगर रिज़र्व सिमलीपाल है। D गलत है क्योंकि महाराष्ट्र के प्रसिद्ध टाइगर रिज़र्व ताडोबा-अंधारी और मेलघाट हैं। परीक्षा टिप: कान्हा = मध्य प्रदेश = बारहसिंगा; 1973 के प्रोजेक्ट टाइगर के पहले नौ रिज़र्वों में से एक।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) कचरा नहीं है?

  1. A.सब्ज़ियों के छिलके
  2. B.मृत पत्तियाँ
  3. C.पॉलीथीन की थैली
  4. D.सड़ता हुआ फल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पॉलीथीन की थैली

व्याख्या

सही उत्तर है C, पॉलीथीन की थैली। पॉलीथीन एक कृत्रिम प्लास्टिक है, जिसे जीवाणु और कवक तोड़ नहीं पाते, इसलिए यह जैव-अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) है। प्लास्टिक की थैली मिट्टी या पानी में सैकड़ों वर्षों तक बनी रह सकती है। जैव-निम्नीकरणीय कचरा वह है जिसे अपघटक सरल और हानिरहित पदार्थों में तोड़ दें; यह प्रायः पौधों या जंतुओं से आता है। प्लास्टिक की थैलियाँ नालियाँ जाम करके जलभराव करती हैं, गाय और समुद्री जीव इन्हें निगल लेते हैं, और जलाने पर ये ज़हरीली गैसें छोड़ती हैं; इसलिए इनका उपयोग घटाना, दोबारा इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण करना ज़रूरी है। कचरे को दो डिब्बों में अलग रखना सबसे अच्छा है: गीला (जैव-निम्नीकरणीय) और सूखा (अनिम्नीकरणीय)। A गलत है क्योंकि सब्ज़ियों के छिलके कुछ ही दिनों में सड़कर अच्छी खाद बन जाते हैं। B गलत है क्योंकि मृत पत्तियाँ सड़कर ह्यूमस बनाती हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। D गलत है क्योंकि सड़ते फल को तो सूक्ष्मजीव पहले से ही तोड़ रहे हैं। परीक्षा टिप: जिसे सूक्ष्मजीव खा सकें वह जैव-निम्नीकरणीय है; प्लास्टिक, काँच, धातु के डिब्बे और DDT नहीं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2आसान

जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तो उसे सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  1. A.क्षारीय वर्षा
  2. B.अम्लीय वर्षा
  3. C.खनिज वर्षा
  4. D.कठोर जल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अम्लीय वर्षा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अम्लीय वर्षा। जिस वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो, उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। साफ़ बारिश भी थोड़ी अम्लीय होती है (pH लगभग 5.6), क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल बनाती है; इसीलिए सीमा 7 नहीं, 5.6 मानी जाती है। कोयला आधारित बिजलीघरों, कारख़ानों और वाहनों से निकली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जलवाष्प से मिलकर सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जिससे बारिश और अम्लीय हो जाती है। अम्लीय वर्षा संगमरमर और धातुओं को गलाती है, झीलों की मछलियों को मारती है और मिट्टी व वनों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में इसका सबसे चर्चित उदाहरण ताजमहल के सफ़ेद संगमरमर को होने वाला नुकसान है, जिसे 'मार्बल कैंसर' कहा जाता है। A गलत है क्योंकि क्षारीय वर्षा का pH 7 से अधिक होता। C गलत है क्योंकि 'खनिज वर्षा' कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं है। D गलत है क्योंकि कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं; यह वर्षा की अम्लता का माप नहीं है। परीक्षा टिप: वर्षा का pH 5.6 से कम = अम्लीय वर्षा; ज़िम्मेदार SO₂ और NOₓ; नुकसान संगमरमर को, जैसे ताजमहल।