मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 3

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करेंRead in English

इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 3) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखलाएं, संकटग्रस्त प्रजातियां और आईयूसीएन लाल सूची, बायोस्फीयर रिज़र्व और रामसर स्थल और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

मृत पौधों और जंतुओं का अपघटन करने वाले जीवाणु तथा कवक क्या कहलाते हैं?

  1. A.उत्पादक
  2. B.अपघटक
  3. C.शाकाहारी
  4. D.सर्वाहारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अपघटक

व्याख्या

सही उत्तर B, अपघटक है, जिन्हें मृतोपजीवी भी कहा जाता है। ये मृत शरीरों, गिरी पत्तियों और अपशिष्ट पदार्थों पर पलते हैं, जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं तथा पोषक तत्व पुनः मृदा, जल और वायु में मुक्त कर देते हैं, जहां से पौधे उन्हें फिर ग्रहण कर सकें। इनके बिना मृत पदार्थ ढेर के रूप में जमा होता जाता और पोषक तत्वों की आपूर्ति रुक जाती।

विकल्प A, उत्पादक वे हरे पौधे हैं जो प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं। विकल्प C, शाकाहारी पौधे खाने वाले जंतु हैं जो दूसरा पोषी स्तर बनाते हैं। विकल्प D, सर्वाहारी वे जंतु हैं जो पौधे और जंतु दोनों खाते हैं, जैसे भालू, कौआ और मनुष्य। यह भी याद रखें कि अपघटक ही अपरद खाद्य श्रृंखला आरंभ करते हैं, जो जीवित पौधों से नहीं, मृत कार्बनिक पदार्थ से शुरू होती है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

रेड डाटा बुक में किसका रिकॉर्ड होता है?

  1. A.विलुप्त प्रजातियाँ
  2. B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
  3. C.सामान्य प्रजातियाँ
  4. D.आक्रामक प्रजातियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 20 Jun 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का बायोस्फीयर रिजर्व नहीं है?

  1. A.कोल्ड डेजर्ट
  2. B.सुंदरबन
  3. C.गिर वन
  4. D.नीलगिरि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गिर वन

व्याख्या

सही उत्तर है C, गिर वन। गुजरात का गिर एक राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य है, जो एशियाई शेरों के एकमात्र घर के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन इसे कभी बायोस्फीयर रिजर्व घोषित नहीं किया गया। बायोस्फीयर रिजर्व कहीं बड़ा क्षेत्र होता है, जिसे यूनेस्को के मानव और जीवमंडल कार्यक्रम के तहत अधिसूचित किया जाता है; इसमें संरक्षित कोर क्षेत्र, बफर क्षेत्र और संक्रमण क्षेत्र होते हैं, जहां लोग रहते और काम करते हैं। भारत की सूची 1986 में नीलगिरि से शुरू हुई और 2011 में जुड़ा मध्य प्रदेश का पन्ना अठारहवां था। A गलत है क्योंकि कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व 2009 में हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में बनाया गया। B गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का सुंदरबन, जो रॉयल बंगाल टाइगर और मैंग्रोव का घर है, 1989 में बायोस्फीयर रिजर्व बना और यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में है। D गलत है क्योंकि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैला नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व 1986 में घोषित भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व था। परीक्षा टिप: नीलगिरि पहला (1986), सुंदरबन 1989, कोल्ड डेजर्ट 2009; गिर = शेर, राष्ट्रीय उद्यान, बायोस्फीयर रिजर्व नहीं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप' (जो ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?

  1. A.अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
  2. B.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  3. C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग
  4. D.वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)। इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप (ISSG) IUCN के प्रजाति अस्तित्व आयोग (Species Survival Commission) का एक विशेषज्ञ समूह है, और यही ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस चलाता है। ISSG वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों का नेटवर्क है, जो उन बाहरी प्रजातियों की जानकारी जुटाता है जो फैलकर स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाती हैं; इसी ने 'दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों' की प्रसिद्ध सूची बनाई। 1948 में स्थापित और स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में स्थित IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट भी जारी करता है। लैंटाना, जलकुंभी और प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा जैसे आक्रामक पौधे भारत के वनों और आर्द्रभूमियों के लिए बड़ा खतरा हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि UNEP पर्यावरण कार्यक्रम और समझौते चलाता है, यह विशेषज्ञ समूह नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग, यानी ब्रंटलैंड आयोग, 1987 की रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि WWF एक अलग संरक्षण NGO है। परीक्षा टिप: IUCN यानी रेड लिस्ट, प्रजाति अस्तित्व आयोग और आक्रामक प्रजाति डेटाबेस।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा वायु प्रदूषण के जैविक सूचक का प्रसिद्ध उदाहरण है?

  1. A.लाइकेन
  2. B.मेथिल मरकरी
  3. C.गुलाब का पौधा
  4. D.सूरजमुखी का पुष्प
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइकेन

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाइकेन। जैव सूचक (बायोइंडिकेटर) वह जीव है जिसकी उपस्थिति, अनुपस्थिति या सेहत से पर्यावरण की गुणवत्ता का पता चलता है। लाइकेन कवक और शैवाल (या सायनोबैक्टीरिया) की साझेदारी से बनते हैं; इनकी जड़ें नहीं होतीं और ये पानी व पोषक तत्व सीधे हवा और बारिश से लेते हैं। इसीलिए ये वायु प्रदूषण, ख़ासकर सल्फर डाइऑक्साइड, के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। प्रदूषित शहरों में पेड़ों की छाल से ये ग़ायब हो जाते हैं और साफ़ हवा वाली जगहों पर ख़ूब उगते हैं, इसलिए वैज्ञानिक लाइकेन देखकर हवा की गुणवत्ता आँकते हैं। मॉस का भी इसी तरह उपयोग होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मेथिल मरकरी एक ज़हरीला प्रदूषक है, जीवित सूचक नहीं; 1950 के दशक में जापान में मिनामाता रोग इसी से फैला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुलाब का पौधा वायु गुणवत्ता का मानक सूचक नहीं माना जाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूरजमुखी भी वायु प्रदूषण का मान्य सूचक नहीं है। परीक्षा टिप: हवा में सल्फर डाइऑक्साइड का सूचक लाइकेन; पानी में मल प्रदूषण का सूचक ई. कोलाई।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 09 Sep 2024, Shift 1आसान

भारत में प्रोजेक्ट टाइगर किस वर्ष शुरू किया गया था?

  1. A.1985
  2. B.1973
  3. C.1972
  4. D.1970
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1973

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1973। प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से शुरू किया, ताकि बंगाल टाइगर और उसके आवास को बचाया जा सके। इसकी शुरुआत नौ बाघ अभयारण्यों से हुई, जिनमें कॉर्बेट, कान्हा, बांदीपुर, रणथंभौर, सुंदरबन और मानस शामिल थे, और अब यह नेटवर्क पचास से ज़्यादा हो गया है। हर अभयारण्य में एक कोर क्षेत्र होता है जहाँ मानव गतिविधि नहीं होती और उसके चारों ओर एक बफर क्षेत्र। 2005 से यह परियोजना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण चलाता है, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत एक सांविधिक निकाय है, और बाघों की गणना हर चार साल में होती है। A, 1985, का बाघ कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं। C, 1972, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का साल है, जो परियोजना से एक साल पहले आया और अक्सर इससे उलझ जाता है। D, 1970, में भारत ने बाघ के शिकार पर रोक लगाई थी। परीक्षा टिप: 1970 शिकार पर रोक, 1972 वन्यजीव अधिनियम, 1973 प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 प्रोजेक्ट एलीफेंट।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 2आसान

ओज़ोन परत का क्षरण मनुष्यों के लिए चिंता का विषय क्यों है?

  1. A.यह पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
  2. B.इससे जल प्रदूषण बढ़ता है।
  3. C.यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है।
  4. D.यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है। ओज़ोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से हमारी रक्षा करती है, इसलिए इसके पतला होने पर यह सुरक्षा कम हो जाती है। यह परत समतापमंडल (stratosphere) में धरती से लगभग 15 से 35 किमी ऊपर है और अधिकांश UV-B तथा UV-C विकिरण को सोख लेती है। ज़मीन तक अधिक UV पहुँचने से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं, और फसलों तथा समुद्री प्लवकों को भी नुकसान होता है। इसके मुख्य दोषी क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) हैं, जो पहले फ्रिज, एसी और एरोसोल स्प्रे में इस्तेमाल होते थे; क्लोरीन का एक परमाणु हज़ारों ओज़ोन अणु नष्ट कर सकता है। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इन रसायनों को चरणबद्ध रूप से बंद कराया। A गलत है क्योंकि अधिक UV पौधों को नुकसान पहुँचाता है और पैदावार घटाता है। B गलत है क्योंकि ओज़ोन क्षरण का संबंध विकिरण से है, जल प्रदूषण से नहीं। D गलत है क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता नहीं बढ़ती। परीक्षा टिप: ओज़ोन परत = समतापमंडल में धरती का सनस्क्रीन; CFC इसे नुकसान पहुँचाते हैं; मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1987; विश्व ओज़ोन दिवस 16 सितंबर।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS (I) 2019, 3 Feb 2019आसान

'क्योटो प्रोटोकॉल' एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जो सदस्य राष्ट्रों को किसमें कमी के लिए प्रतिबद्ध करती है?

  1. A.गरीबी
  2. B.ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन
  3. C.नाभिकीय आयुध
  4. D.कृषि सहायिकी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन

व्याख्या

सही उत्तर है B, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो में अपनाया गया क्योटो प्रोटोकॉल उत्सर्जन घटाने के बाध्यकारी लक्ष्य तय करने वाली पहली संधि थी। यह 16 फरवरी 2005 को लागू हुआ और इसने औद्योगिक देशों से 2008 से 2012 के बीच अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 1990 के स्तर से औसतन लगभग 5 प्रतिशत कम करने को कहा। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड समेत छह गैसें शामिल थीं, और स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) जैसे बाजार उपाय बने, जिनसे भारत जैसे देशों की परियोजनाएं कार्बन क्रेडिट कमा सकीं। भारत ने 2002 में इसका अनुसमर्थन किया, पर विकासशील देश होने के कारण उस पर कोई बाध्यकारी लक्ष्य नहीं था। A गलत है, गरीबी घटाना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य है, क्योटो का नहीं। C गलत है, नाभिकीय हथियारों से 1968 की परमाणु अप्रसार संधि जैसी संधियां जुड़ी हैं। D गलत है, कृषि सब्सिडी विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते के अंतर्गत आती है। परीक्षा टिप: क्योटो 1997, लागू 2005, अमीर देशों पर बाध्यकारी कटौती; पेरिस 2015, सभी देशों के संकल्प।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2मध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने समुद्र तटों की सफाई और विकास के लिए जो पायलट परियोजना शुरू की है, उसका नाम क्या है?

  1. A.स्वच्छ भारत
  2. B.ग्रीन फ्लैग
  3. C.क्लीन इंडिया
  4. D.ब्लू फ्लैग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्लू फ्लैग

व्याख्या

सही उत्तर है D, ब्लू फ्लैग। 2018 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने चुने हुए समुद्र तटों को साफ और विकसित करने की पायलट परियोजना शुरू की, ताकि वे ब्लू फ्लैग पा सकें। ब्लू फ्लैग एक अंतरराष्ट्रीय इको-लेबल है, जिसे डेनमार्क के कोपेनहेगन स्थित फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन (FEE) देता है; इसकी शुरुआत 1985 में फ्रांस से हुई थी। इसके लिए तट को पानी की गुणवत्ता, पर्यावरण शिक्षा, सुरक्षा व सुविधाओं और पर्यावरण प्रबंधन के कड़े मानक पूरे करने होते हैं। भारत में इसके लिए BEAMS (बीच एनवायरनमेंट एंड एस्थेटिक्स मैनेजमेंट सर्विसेज़) कार्यक्रम चलता है और 2020 में गुजरात का शिवराजपुर ब्लू फ्लैग पाने वाले पहले भारतीय तटों में था। A गलत है क्योंकि स्वच्छ भारत 2014 में शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन है, समुद्र तटों का लेबल नहीं। B गलत है क्योंकि ग्रीन फ्लैग एक अलग पुरस्कार है, जो ब्रिटेन में अच्छी तरह रखे गए पार्कों और हरित स्थलों को मिलता है। C गलत है क्योंकि क्लीन इंडिया तो स्वच्छ भारत अभियान का ही अंग्रेज़ी नाम है। परीक्षा टिप: ब्लू फ्लैग = FEE (डेनमार्क) का समुद्र तट इको-लेबल; भारत की योजना = BEAMS; पहले आठ भारतीय तटों को 2020 में यह प्रमाणन मिला।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह कैसा होता है?

  1. A.एकदिशीय
  2. B.पोषक तत्वों की भांति चक्रीय
  3. C.उपभोक्ताओं से उत्पादकों की ओर
  4. D.प्रत्येक पोषी स्तर पर अपरिवर्तित
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एकदिशीय

व्याख्या

सही उत्तर A, एकदिशीय है। ऊर्जा सूर्य के प्रकाश के रूप में तंत्र में प्रवेश करती है, हरे पौधों द्वारा स्थिर होती है और फिर उत्पादकों से शाकाहारियों, मांसाहारियों तथा अंत में अपघटकों तक जाती है। हर चरण पर उसका बड़ा भाग परिवेश में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है और कुछ भी सूर्य को नहीं लौटता, इसलिए प्रवाह केवल एक ही दिशा में चलता है।

विकल्प B ऊर्जा को पोषक तत्वों से मिला देता है। कार्बन, नाइट्रोजन आदि पोषक तत्व अवश्य चक्रों में घूमते हैं, क्योंकि अपघटक उन्हें मृत पदार्थ से मुक्त करके पौधों के लिए उपलब्ध करा देते हैं। विकल्प C दिशा उलट देता है: उपभोक्ता उत्पादकों पर निर्भर हैं, इसका विपरीत कभी नहीं होता। विकल्प D दस प्रतिशत नियम के विरुद्ध है, क्योंकि एक स्तर की लगभग दसवां भाग ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुंचती है। संक्षेप में: पोषक तत्व चक्र में घूमते हैं, ऊर्जा बहती है।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 28 Sep 2022, Shift 2मध्यम

भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.सुंदरबन
  2. B.मन्नार की खाड़ी
  3. C.कच्छ
  4. D.नंदा देवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कच्छ

व्याख्या

सही उत्तर है C, कच्छ। गुजरात का कच्छ बायोस्फीयर रिज़र्व, जो 2008 में अधिसूचित हुआ, लगभग 12,454 वर्ग किलोमीटर में फैला है और क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व है। इसमें कच्छ का बड़ा रण और छोटा रण शामिल हैं, जो नमक के दलदल हैं और मानसून में पानी से भर जाते हैं; यहाँ भारतीय जंगली गधा (घुड़खर), फ्लेमिंगो के प्रजनन स्थल और रेगिस्तानी लोमड़ी पाए जाते हैं। भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व नीलगिरि है, जो 1986 में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैले क्षेत्र में बना। A गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का सुंदरबन रिज़र्व लगभग 9,630 वर्ग किलोमीटर का है। B गलत है क्योंकि तमिलनाडु का मन्नार की खाड़ी रिज़र्व लगभग 10,500 वर्ग किलोमीटर का है। D गलत है क्योंकि उत्तराखंड का नंदा देवी रिज़र्व लगभग 5,860 वर्ग किलोमीटर का है। परीक्षा टिप: क्षेत्रफल में सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व = कच्छ (गुजरात); पहला = नीलगिरि (1986); इसे सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यान, लद्दाख के हेमिस, से न मिलाएँ।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 2 Nov 2021, Shift 3आसान

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस निम्नलिखित में से किस तारीख को मनाया जाता है?

  1. A.12 मई
  2. B.10 जनवरी
  3. C.5 नवंबर
  4. D.29 जुलाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 29 जुलाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, 29 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जिसे वैश्विक बाघ दिवस भी कहते हैं, हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए बाघ शिखर सम्मेलन से हुई, जहां बाघ वाले तेरह देशों ने 2022 तक जंगली बाघों की संख्या दोगुनी करने का वादा किया था। यह दिन बाघों के आवास के नुकसान और शिकार के बारे में जागरूकता फैलाता है। दुनिया के लगभग तीन-चौथाई जंगली बाघ भारत में हैं; भारत ने 1 अप्रैल 1973 को जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया और 2005 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण बना। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और बाघ गणना के नतीजे प्रायः इसी दिन के आसपास जारी होते हैं। A गलत है क्योंकि 12 मई अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस है, फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्मदिन। B गलत है क्योंकि 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस है। C गलत है क्योंकि 5 नवंबर विश्व सुनामी जागरूकता दिवस है। परीक्षा टिप: 29 जुलाई बाघ दिवस (सेंट पीटर्सबर्ग 2010); प्रोजेक्ट टाइगर 1973; 12 अगस्त विश्व हाथी दिवस।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2आसान

जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तो उसे सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  1. A.क्षारीय वर्षा
  2. B.अम्लीय वर्षा
  3. C.खनिज वर्षा
  4. D.कठोर जल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अम्लीय वर्षा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अम्लीय वर्षा। जिस वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो, उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। साफ़ बारिश भी थोड़ी अम्लीय होती है (pH लगभग 5.6), क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल बनाती है; इसीलिए सीमा 7 नहीं, 5.6 मानी जाती है। कोयला आधारित बिजलीघरों, कारख़ानों और वाहनों से निकली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जलवाष्प से मिलकर सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जिससे बारिश और अम्लीय हो जाती है। अम्लीय वर्षा संगमरमर और धातुओं को गलाती है, झीलों की मछलियों को मारती है और मिट्टी व वनों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में इसका सबसे चर्चित उदाहरण ताजमहल के सफ़ेद संगमरमर को होने वाला नुकसान है, जिसे 'मार्बल कैंसर' कहा जाता है। A गलत है क्योंकि क्षारीय वर्षा का pH 7 से अधिक होता। C गलत है क्योंकि 'खनिज वर्षा' कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं है। D गलत है क्योंकि कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं; यह वर्षा की अम्लता का माप नहीं है। परीक्षा टिप: वर्षा का pH 5.6 से कम = अम्लीय वर्षा; ज़िम्मेदार SO₂ और NOₓ; नुकसान संगमरमर को, जैसे ताजमहल।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Sep 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प अपशिष्ट प्रबंधन के 3 R में शामिल नहीं है?

  1. A.रिफ्यूज़ (Refuse)
  2. B.रिसाइकल (Recycle)
  3. C.रिड्यूस (Reduce)
  4. D.रियूज़ (Reuse)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिफ्यूज़ (Refuse)

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिफ्यूज़ (Refuse)। अपशिष्ट प्रबंधन के 3 R हैं Reduce (कम करना), Reuse (फिर से उपयोग) और Recycle (पुनर्चक्रण); Refuse इनमें नहीं है। Reduce का मतलब है शुरू में ही कम कचरा बनाना, जैसे कम पैकेट वाला सामान खरीदना और बिजली बचाने के लिए लाइट बंद करना। Reuse का मतलब है किसी चीज़ को दोबारा काम में लेना, जैसे बोतल को फिर से भरना या पुराने कपड़ों से थैले बनाना। Recycle का मतलब है कागज़, काँच, धातु और प्लास्टिक जैसे कचरे को नए उत्पाद बनाने के लिए भेजना। NCERT इन तीनों को इसी क्रम में देती है और क्रम मायने रखता है: कम करना सबसे अच्छा विकल्प है और पुनर्चक्रण अंतिम उपाय, क्योंकि उसमें भी ऊर्जा लगती है। कुछ नई सूचियाँ Refuse और Repurpose जोड़कर 5 R बनाती हैं, पर पेपर 3 R के बारे में पूछता है। B गलत है क्योंकि पुनर्चक्रण तीनों में से एक है। C गलत है क्योंकि कम करना पहला R है। D गलत है क्योंकि फिर से उपयोग दूसरा R है। परीक्षा टिप: 3 R = Reduce, Reuse, Recycle, प्राथमिकता के इसी क्रम में।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

हर घर में छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा बनाना अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.राजस्थान
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर है D, तमिलनाडु। तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में सभी घरों और इमारतों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा अनिवार्य किया; इसके लिए 2003 में कानून लाया गया। यह राज्य उत्तर-पूर्वी मानसून और भूजल पर बहुत निर्भर है, और चेन्नई को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ी, इसलिए छत के पानी को इकट्ठा करके ज़मीन में उतारना प्राथमिकता बन गया। इसमें छतों से बारिश का पानी टंकियों में जमा किया जाता है या कुओं और जलभृतों को रिचार्ज करने में लगाया जाता है, जिससे भूजल स्तर ऊपर आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल में भारी वर्षा होती है और वहाँ संचयन को बढ़ावा दिया गया, पर हर घर के लिए इसे अनिवार्य करने वाला वह पहला राज्य नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात चेक डैम और दूसरे जल कार्यों के लिए जाना जाता है, इस पहले कानून के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान बीकानेर और फलोदी के टांकों जैसे पारंपरिक संचयन के लिए प्रसिद्ध है, इस पहले कानून के लिए नहीं। परीक्षा टिप: तमिलनाडु छत पर वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने वाला पहला राज्य है (2003); टांका राजस्थान के पारंपरिक भूमिगत टैंक हैं।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

मृत कार्बनिक पदार्थ से आरंभ होने वाली खाद्य श्रृंखला क्या कहलाती है?

  1. A.चारण खाद्य श्रृंखला
  2. B.अपरद खाद्य श्रृंखला
  3. C.परजीवी खाद्य श्रृंखला
  4. D.परभक्षी खाद्य श्रृंखला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अपरद खाद्य श्रृंखला

व्याख्या

सही उत्तर B, अपरद खाद्य श्रृंखला है। अपरद का अर्थ है मृत कार्बनिक पदार्थ, जैसे गिरी हुई पत्तियां, मृत शरीर तथा जंतुओं का मल। केंचुए, दीमक, जीवाणु और कवक जैसे जीव इस पर पलते हैं, और उन्हें छोटे पक्षी तथा अन्य जंतु खाते हैं। अनेक तंत्रों में, विशेषकर वनों में, चारण श्रृंखला की तुलना में ऊर्जा का बड़ा भाग इसी श्रृंखला से होकर बहता है।

विकल्प A, चारण खाद्य श्रृंखला जीवित हरे पौधों से आरंभ होती है, जैसे घास, टिड्डा, मेंढक, सांप। विकल्प C और D इस वर्गीकरण की कोई मानक श्रेणी नहीं बताते, यद्यपि परजीविता और परभक्षण दोनों तंत्र के वास्तविक संबंध हैं। दोनों श्रृंखलाएं अलग-अलग नहीं चलतीं: वे जुड़ी रहती हैं, क्योंकि चारण श्रृंखला का अपशिष्ट ही अपरद श्रृंखला की आरंभिक सामग्री बनता है।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

निम्नलिखित युग्मों का मिलान करते हुए सही कूट की पहचान कीजिए:

जैव आरक्षित क्षेत्र – राज्य

1. नोकरेक – a. ओडिशा

2. मानस – b. मेघालय

3. सिमलीपाल – c. आंध्र प्रदेश

4. शेषाचलम – d. असम

कूट: 1 2 3 4

  1. A.b d a c
  2. B.b a d c
  3. C.b d c a
  4. D.d b a c
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. b d a c

व्याख्या

सही उत्तर है A, b d a c। नोकरेक जैव आरक्षित क्षेत्र मेघालय की गारो पहाड़ियों में है; मानस असम में भूटान सीमा के पास है; सिमलीपाल ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में है; और शेषाचलम आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट में है। नोकरेक जंगली नींबू प्रजातियों के जीन भंडार के रूप में महत्वपूर्ण है, मानस बाघ अभयारण्य होने के साथ विश्व धरोहर स्थल भी है, सिमलीपाल अपने बाघों और जलप्रपातों के लिए जाना जाता है, और शेषाचलम की पहाड़ियाँ लाल चंदन के पेड़ का घर हैं। भारत ने यूनेस्को के मानव और जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम के तहत जैव आरक्षित क्षेत्र बनाने शुरू किए, और 1986 में बना नीलगिरि जैव आरक्षित क्षेत्र पहला था। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें मानस को ओडिशा में और सिमलीपाल को असम में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सिमलीपाल को आंध्र प्रदेश में और शेषाचलम को ओडिशा में रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें नोकरेक और मानस के राज्य आपस में बदल दिए गए हैं। परीक्षा टिप: नोकरेक–मेघालय, मानस–असम, सिमलीपाल–ओडिशा, शेषाचलम–आंध्र प्रदेश, और पहला नीलगिरि (1986)।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

जो जंतु पौधे और जंतु दोनों को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं, वे क्या कहलाते हैं?

  1. A.शाकाहारी
  2. B.मांसाहारी
  3. C.सर्वाहारी
  4. D.स्वपोषी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सर्वाहारी

व्याख्या

सही उत्तर C, सर्वाहारी है। भालू, कौआ, सूअर और मनुष्य पौधों तथा जंतुओं दोनों का भोजन करते हैं, इसलिए वे एक साथ एक से अधिक पोषी स्तर पर रह सकते हैं। यही इस बात का अच्छा उदाहरण है कि प्रकृति का वर्णन एकल खाद्य श्रृंखला से नहीं, खाद्य जाल से ही ठीक ढंग से होता है।

विकल्प A, शाकाहारी केवल पौधे खाते हैं और खाद्य श्रृंखला के प्राथमिक उपभोक्ता होते हैं; गाय, हिरण और टिड्डा इसी वर्ग में आते हैं। विकल्प B, मांसाहारी दूसरे जंतुओं को खाते हैं और ऊंचे पोषी स्तर बनाते हैं; मेंढक, सांप और बाघ इसके उदाहरण हैं। विकल्प D, स्वपोषी जंतु होते ही नहीं: इस शब्द का अर्थ है उत्पादक, अर्थात हरे पौधे और शैवाल, जो प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।

सभी क्विज देखें