मृत कार्बनिक पदार्थ से आरंभ होने वाली खाद्य श्रृंखला क्या कहलाती है?
- A.चारण खाद्य श्रृंखला
- B.अपरद खाद्य श्रृंखला
- C.परजीवी खाद्य श्रृंखला
- D.परभक्षी खाद्य श्रृंखला
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, अपरद खाद्य श्रृंखला है। अपरद का अर्थ है मृत कार्बनिक पदार्थ, जैसे गिरी हुई पत्तियां, मृत शरीर तथा जंतुओं का मल। केंचुए, दीमक, जीवाणु और कवक जैसे जीव इस पर पलते हैं, और उन्हें छोटे पक्षी तथा अन्य जंतु खाते हैं। अनेक तंत्रों में, विशेषकर वनों में, चारण श्रृंखला की तुलना में ऊर्जा का बड़ा भाग इसी श्रृंखला से होकर बहता है।
विकल्प A, चारण खाद्य श्रृंखला जीवित हरे पौधों से आरंभ होती है, जैसे घास, टिड्डा, मेंढक, सांप। विकल्प C और D इस वर्गीकरण की कोई मानक श्रेणी नहीं बताते, यद्यपि परजीविता और परभक्षण दोनों तंत्र के वास्तविक संबंध हैं। दोनों श्रृंखलाएं अलग-अलग नहीं चलतीं: वे जुड़ी रहती हैं, क्योंकि चारण श्रृंखला का अपशिष्ट ही अपरद श्रृंखला की आरंभिक सामग्री बनता है।
पूरा लेख पढ़ें: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला: घटक एवं पिरामिड
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपारिस्थितिकी तंत्र शब्द किस वैज्ञानिक ने दिया था?
- A.ए. जी. टैंसले
- B.चार्ल्स डार्विन
- C.रेमंड लिंडेमान
- D.चार्ल्स एल्टन
उत्तर देखें
ब्रिटिश वनस्पति वैज्ञानिक आर्थर जॉर्ज टैंसले ने 1935 में पारिस्थितिकी तंत्र शब्द का प्रयोग उस इकाई के लिए किया जिसमें जीव और उनका निर्जीव परिवेश एक ही तंत्र के रूप में ऊर्जा तथा पदार्थ का आदान-प्रदान करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाद्य श्रृंखला में हरे पौधों को क्या कहा जाता है?
- A.उत्पादक
- B.प्राथमिक उपभोक्ता
- C.अपघटक
- D.द्वितीयक उपभोक्ता
उत्तर देखें
हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा से कार्बन डाइऑक्साइड और जल द्वारा प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, इसीलिए उन्हें स्वपोषी भी कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम किसने दिया था?
- A.ए. जी. टैंसले
- B.रेमंड लिंडेमान
- C.ओडम
- D.अर्नस्ट हेकल
उत्तर देखें
इसके अनुसार किसी पोषी स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का लगभग दस प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुंचता है, क्योंकि शेष श्वसन तथा अन्य जैविक क्रियाओं में प्रयुक्त होकर परिवेश में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिक पिरामिड सदैव सीधा रहता है?
- A.संख्या का पिरामिड
- B.जैवभार का पिरामिड
- C.ऊर्जा का पिरामिड
- D.तीनों सदैव सीधे रहते हैं
उत्तर देखें
एक पोषी स्तर से अगले स्तर तक हर स्थानांतरण पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट होती है, इसलिए ऊपर का कोई स्तर अपने नीचे वाले स्तर से अधिक ऊर्जा कभी नहीं रख सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मृत पौधों और जंतुओं का अपघटन करने वाले जीवाणु तथा कवक क्या कहलाते हैं?
- A.उत्पादक
- B.अपघटक
- C.शाकाहारी
- D.सर्वाहारी
उत्तर देखें
ये मृत शरीरों, गिरी पत्तियों और अपशिष्ट पदार्थों पर पलते हैं, जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं तथा पोषक तत्व पुनः मृदा, जल और वायु में मुक्त कर देते हैं, जहां से पौधे उन्हें फिर ग्रहण कर सकें।
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