मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 5

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 5) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत में बैंकों के प्रकार, बेसल मानदंड और पूंजी पर्याप्तता, भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्य और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 4कठिन

सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में काम करने वाली एनबीएफसी के लिए अलग श्रेणी (एनबीएफसी-एमएफआई) किस समिति की सिफारिशों के आधार पर बनाई गई थी?

  1. A.नरसिम्हन समिति
  2. B.मालेगम समिति
  3. C.दीपक पारेख समिति
  4. D.पी.के. मोहंती समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मालेगम समिति

व्याख्या

सही उत्तर है B, मालेगम समिति। सूक्ष्म वित्त कारोबार में बहुत ऊँची ब्याज दरों और कठोर वसूली की शिकायतों के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2010 में अपने केंद्रीय बोर्ड की यह उप-समिति वाई. एच. मालेगम की अध्यक्षता में बनाई। जनवरी 2011 की इसकी रिपोर्ट में कहा गया कि सूक्ष्म वित्त देने वाली कंपनियों को अलग वर्ग माना जाए, और इसके बाद रिजर्व बैंक ने एनबीएफसी-एमएफआई श्रेणी बनाई, जिसमें अर्हक परिसंपत्तियों का हिस्सा, कर्जदार की आय और कर्ज की सीमा तथा मार्जिन और ब्याज दर की अधिकतम हद तय की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1991 और 1998 की नरसिम्हम समितियाँ बैंकिंग सुधार, पूँजी पर्याप्तता और फँसे कर्जों पर थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दीपक पारेख समिति ने अवसंरचना के वित्तपोषण पर रिपोर्ट दी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2020 का पी. के. मोहंती कार्यसमूह निजी बैंकों के स्वामित्व और ढाँचे पर था। परीक्षा टिप: मालेगम यानी सूक्ष्म वित्त, नरसिम्हम यानी बैंकिंग सुधार।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 26 Oct 2021, Shift 3आसान

बेसल मानदंड वित्तीय प्रणाली के किस पहलू पर केंद्रित हैं?

  1. A.बीमा
  2. B.बैंकिंग
  3. C.शेयर बाजार
  4. D.वस्तु बाजार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैंकिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंकिंग। बेसल मानदंड बैंकिंग पर्यवेक्षण के अंतरराष्ट्रीय मानक हैं।

इन्हें बेसल कमेटी ऑन बैंकिंग सुपरविजन जारी करती है, जो स्विट्जरलैंड के बेसल शहर में स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के अंतर्गत काम करती है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक अपने जोखिम के अनुपात में पर्याप्त पूँजी रखे, जिससे घाटा जमाकर्ताओं पर न पड़े। बेसल I (1988) ऋण जोखिम से जुड़ा था, बेसल II (2004) ने बाजार और परिचालन जोखिम के साथ पर्यवेक्षण और प्रकटीकरण जोड़ा, और 2008 के संकट के बाद बना बेसल III पूँजी की गुणवत्ता बढ़ाने तथा तरलता और उत्तोलन के नियम लाया। भारत में रिजर्व बैंक इन्हें लागू करता है और जोखिम भारित परिसंपत्तियों पर नौ प्रतिशत पूँजी अनुपात माँगता है।

विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि बीमा का नियमन आईआरडीएआई करता है और शेयर तथा वस्तु बाजार का सेबी।

परीक्षा टिप: बेसल समिति - बेसल, स्विट्जरलैंड; भारत में सीआरएआर नौ प्रतिशत।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 1कठिन

आरबीआई अधिनियम की कौन-सी धारा केंद्र सरकार को, बैंक के गवर्नर से परामर्श के बाद, रिज़र्व बैंक के बोर्ड को अधिक्रमित करने और 'जनहित में आवश्यक' निर्देश देने का अधिकार देती है?

  1. A.धारा 5
  2. B.धारा 1
  3. C.धारा 3
  4. D.धारा 7
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धारा 7

व्याख्या

सही उत्तर है D, धारा 7। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 7 केंद्र सरकार को यह अधिकार देती है कि वह गवर्नर से परामर्श के बाद रिज़र्व बैंक को ऐसे निर्देश दे सके जो वह जनहित में आवश्यक समझे, और इसी अर्थ में गवर्नर तथा केंद्रीय बोर्ड को अधिक्रमित भी किया जा सकता है। औपचारिक रूप से इस शक्ति का प्रयोग कभी नहीं हुआ, पर 2018 में जब ऋण नियमों और नकदी को लेकर सरकार और रिज़र्व बैंक के बीच मतभेद हुए तब इसकी खुलकर चर्चा हुई, इसीलिए यह धारा परीक्षाओं में लोकप्रिय हो गई। A गलत है क्योंकि धारा 5 बैंक के कार्यालयों और शाखाओं से संबंधित है। B गलत है क्योंकि धारा 1 केवल अधिनियम का नाम और विस्तार बताती है। C गलत है क्योंकि धारा 3 रिज़र्व बैंक की स्थापना से जुड़ी है। परीक्षा टिप: आरबीआई अधिनियम 1934, धारा 7।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 22nd Dec 2018, Shift 2मध्यम

भारत में बैंकिंग लोकपाल के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।
  2. B.बैंकिंग लोकपाल योजना में केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ही आते हैं।
  3. C.शिकायतकर्ता के लिए निर्णय को पूरी तरह स्वीकार करना बाध्यकारी है।
  4. D.बैंकिंग लोकपाल शिकायत दर्ज करने और निपटाने के लिए मामूली शुल्क लेता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A। बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो बैंकिंग सेवा में कमी से जुड़ी ग्राहकों की शिकायतें सुनकर उनका निपटारा करता है। यह योजना पहली बार बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क के तहत लाई गई थी, और लोकपाल भुगतान में देरी, गलत शुल्क वसूली, कार्ड तथा डिजिटल लेन-देन के विवाद और छोटे सिक्के न लेने जैसे मामलों पर निर्णय देता है। ग्राहक को पहले अपने बैंक में शिकायत करनी होती है और तीस दिन में जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब मिलने पर ही वह लोकपाल के पास जा सकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अनुसूचित सहकारी बैंक भी इसमें आते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि शिकायतकर्ता निर्णय को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्राहक के लिए यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। परीक्षा टिप: नियुक्ति आरबीआई करता है, पहले बैंक में शिकायत, सेवा निःशुल्क।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019आसान

बैंकिंग में आरटीजीएस का पूरा रूप क्या है?

  1. A.रैपिड ट्रांसफर ग्रॉस स्कीम
  2. B.रैपिड ट्रांसफर ग्रॉस सेटलमेंट
  3. C.रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट
  4. D.रियल टाइम ग्रॉस स्कीम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट

व्याख्या

सही उत्तर C, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है। आरटीजीएस वह प्रणाली है जिसमें धन भेजने का निर्देश अलग से और तत्काल निपटाया जाता है, उसे रोककर दूसरों से समायोजित नहीं किया जाता। रियल टाइम का अर्थ है कि निर्देश मिलते ही उस पर कार्रवाई होती है, और ग्रॉस का अर्थ है कि हर निर्देश अपने आप में निपटता है। यह बड़ी राशि भेजने के लिए है, जिसमें न्यूनतम दो लाख रुपये की सीमा है और भारतीय रिजर्व बैंक ने कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की है, तथा यह सभी दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है।

विकल्प A, B और D शब्दों को इस प्रकार मिलाते हैं कि वे जाने-पहचाने लगें। A और D में आया स्कीम शब्द ही संकेत है कि उत्तर गलत है, क्योंकि आरटीजीएस रिजर्व बैंक द्वारा चलाई जाने वाली निपटान प्रणाली है, कोई योजना नहीं। विकल्प B में अंतिम शब्द सही है पर रियल टाइम की जगह रैपिड ट्रांसफर रख दिया गया है। याद रखने योग्य अंतर यह है कि एनईएफटी आधे-आधे घंटे के बैच में निपटता है और आरटीजीएस एक-एक निर्देश के रूप में।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: राजस्थान · RPSC Junior Accountant 2011 Paper-II (Ofमध्यम

एक निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन क्या कहलाता है?

  1. A.चेक
  2. B.विनिमय पत्र (बिल ऑफ एक्सचेंज)
  3. C.वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
  4. D.हुंडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 4 के अनुसार वचन पत्र वह लिखित लिखत है जिस पर लिखने वाला हस्ताक्षर करता है और जिसमें किसी निश्चित व्यक्ति को या उसके आदेश पर निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन होता है। प्रश्न का निर्णायक शब्द वचन है, अर्थात वादा: इसमें केवल दो पक्ष होते हैं, वचन देने वाला और भुगतान पाने वाला। करेंसी नोट पर भी रिज़र्व बैंक भुगतान का वचन देता है, फिर भी उसे इस परिभाषा से बाहर रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि धारा 5 के अनुसार विनिमय पत्र में भुगतान का बिना शर्त आदेश होता है, वचन नहीं, और उसमें तीन पक्ष होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारा 6 के अनुसार चेक किसी निर्दिष्ट बैंकर पर लिखा और मांग पर देय विनिमय पत्र ही है, इसलिए वह भी आदेश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हुंडी क्षेत्रीय भाषा में लिखी परंपरागत लिखत है, जिसे अधिनियम परिभाषित नहीं करता। परीक्षा टिप: वचन यानी प्रॉमिसरी नोट, आदेश यानी बिल या चेक।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

किस प्रकार के बैंक खाते पर धारक को ब्याज नहीं मिलता, पर ओवरड्राफ्ट सुविधा और असीमित लेनदेन की अनुमति होती है?

  1. A.बचत जमा खाता
  2. B.चालू खाता
  3. C.आवर्ती जमा खाता
  4. D.सावधि जमा खाता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चालू खाता

व्याख्या

सही उत्तर B, चालू खाता है। चालू खाता उन व्यापारियों, फर्मों और कंपनियों के लिए है जिन्हें दिन में कई बार धन लेना और देना होता है। चूँकि बैंक को पूरी राशि हर समय तैयार रखनी पड़ती है, वह शेष पर ब्याज नहीं देता; बदले में ग्राहक को असीमित लेनदेन, चेक सुविधा और बैंक की सहमति पर ओवरड्राफ्ट मिलता है, जिससे वह जमा शेष से अधिक निकाल सकता है।

विकल्प A, बचत खाता व्यक्तियों में बचत की आदत बढ़ाने के लिए है और उस पर ब्याज मिलता है, इसलिए वह उत्तर नहीं है। विकल्प C, आवर्ती जमा में हर माह निश्चित किस्त देनी होती है और उस पर सावधि जमा जैसा ब्याज मिलता है। विकल्प D, सावधि जमा में एकमुश्त राशि निश्चित अवधि के लिए बैंक की सबसे ऊँची दर पर रखी जाती है और उसे चालू खाते की तरह संचालित नहीं किया जा सकता। केवल चालू खाते में ब्याज शून्य और ओवरड्राफ्ट दोनों हैं।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 1 Jul 2019, Shift 3आसान

भारत के बैंकिंग क्षेत्र के संदर्भ में IMPS का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.इंस्टैंट पेमेंट सेक्टर
  2. B.इमीडिएट पेमेंट सर्विस
  3. C.इमीडिएट पेमेंट सेक्टर
  4. D.इंस्टैंट पेमेंट सर्विस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इमीडिएट पेमेंट सर्विस

व्याख्या

सही उत्तर है B, इमीडिएट पेमेंट सर्विस। आईएमपीएस अंतर-बैंक धन अंतरण सेवा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई चलाता है और जो नवंबर 2010 में शुरू हुई थी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह चौबीसों घंटे, छुट्टी के दिन और रात में भी काम करती है तथा पैसा कुछ ही सेकंड में लाभार्थी तक पहुँच जाता है। भुगतान खाता संख्या और आईएफएससी कोड से किया जा सकता है, या मोबाइल नंबर तथा एमएमआईडी से, और इसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या शाखा से शुरू किया जा सकता है। एनपीसीआई 2008 में खुदरा भुगतानों की शीर्ष संस्था के रूप में बना और यूपीआई, रुपे, नैच, एईपीएस तथा फास्टैग भी चलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंतिम अक्षर S का अर्थ सर्विस है, सेक्टर नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहला शब्द इमीडिएट है, इंस्टैंट नहीं। परीक्षा टिप: एनईएफटी और आरटीजीएस रिज़र्व बैंक चलाता है, आईएमपीएस और यूपीआई एनपीसीआई।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 16th March 2019, Shift 3मध्यम

भीम ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कब लॉन्च किया गया था?

  1. A.15 अगस्त, 2016
  2. B.31 अक्टूबर, 2016
  3. C.26 जनवरी, 2016
  4. D.30 दिसंबर, 2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 30 दिसंबर, 2016

व्याख्या

सही उत्तर है D, 30 दिसंबर, 2016। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीम ऐप 30 दिसंबर 2016 को लॉन्च किया था, नवंबर 2016 की नोटबंदी के कुछ ही सप्ताह बाद, ताकि लोग डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ें। भीम का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है और यह डॉ बी आर आंबेडकर के नाम पर रखा गया, जिनका पूरा नाम भीमराव रामजी आंबेडकर था। यह ऐप भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस यानी यूपीआई पर बनाया है, इसलिए पैसा सीधे एक बैंक खाते से दूसरे में जाता है, चाहे यूपीआई पहचानकर्ता से भेजा जाए या मोबाइल नंबर से, और यह कई भारतीय भाषाओं में काम करता है। A गलत है क्योंकि 15 अगस्त 2016 को ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि 31 अक्टूबर 2016 नोटबंदी की घोषणा से पहले की तिथि है। C गलत है क्योंकि 26 जनवरी 2016 गणतंत्र दिवस था। परीक्षा टिप: भीम, एनपीसीआई, यूपीआई।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CGL · 7 March 2020, Shift 1आसान

एटीएम में 'T' का अर्थ क्या है?

  1. A.ट्रांसफर
  2. B.टेलर
  3. C.ट्रांजैक्शन
  4. D.ट्रंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. टेलर

व्याख्या

सही उत्तर है B, टेलर। एटीएम का पूरा रूप ऑटोमेटेड टेलर मशीन है। टेलर बैंक का वह कर्मचारी होता है, जो काउंटर पर नकदी जमा करता और देता है, और यह मशीन वही काम बिना किसी व्यक्ति के करने के लिए बनाई गई थी, इसी कारण इसका यह नाम पड़ा। भारत में पहला एटीएम 1987 में मुंबई में एचएसबीसी ने लगाया था। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के तहत गैर-बैंकिंग कंपनियों द्वारा लगाई और चलाई जाने वाली मशीनों को व्हाइट लेबल एटीएम कहते हैं, जिनमें पहला इंडिकैश था, जिसे टाटा कम्युनिकेशंस ने 2013 में शुरू किया। विकल्प A गलत है क्योंकि ट्रांसफर का अर्थ खातों के बीच धन भेजना है, यह इस संक्षिप्त रूप का भाग नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ट्रांजैक्शन किसी भी बैंकिंग लेनदेन को कहते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ट्रंक शब्द टेलीफोन से जुड़ा है, जैसे ट्रंक कॉल। परीक्षा टिप: पिन का अर्थ पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर और एटीएम का अर्थ ऑटोमेटेड टेलर मशीन है।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1मध्यम

गैर-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा लगाए, स्वामित्व में रखे और संचालित किए जाने वाले स्वचालित टेलर मशीन (ATM) क्या कहलाते हैं?

  1. A.येलो लेबल ATM
  2. B.ब्लैक लेबल ATM
  3. C.व्हाइट लेबल ATM
  4. D.ग्रे लेबल ATM
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. व्हाइट लेबल ATM

व्याख्या

सही उत्तर है C, व्हाइट लेबल ATM। कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत किसी गैर-बैंकिंग कंपनी द्वारा लगाया, स्वामित्व में रखा और चलाया जाने वाला ATM व्हाइट लेबल ATM कहलाता है, क्योंकि उस पर किसी बैंक का लोगो नहीं होता। भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2012 में भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम के अंतर्गत इनकी अनुमति दी, ताकि छोटे शहरों और गाँवों तक नकदी की पहुँच बढ़े। भारत का पहला व्हाइट लेबल ATM टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस ने इंडिकैश नाम से शुरू किया था। मशीन में रखी नकदी और ग्राहक का खाता किसी प्रायोजक बैंक का ही होता है, जबकि गैर-बैंकिंग संचालक मशीन चलाता है और बैंकों से शुल्क कमाता है। इसके विपरीत ब्राउन लेबल ATM में हार्डवेयर सेवा प्रदाता का होता है, पर लाइसेंस और नकदी बैंक की होती है। A, B और D गलत हैं क्योंकि येलो, ब्लैक और ग्रे लेबल ATM रिज़र्व बैंक की मान्य श्रेणियाँ नहीं हैं। परीक्षा टिप: व्हाइट लेबल यानी गैर-बैंक का स्वामित्व, ब्राउन लेबल यानी बैंक का लाइसेंस और बाहरी हार्डवेयर।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 2मध्यम

आरबीएल बैंक का कॉर्पोरेट कार्यालय कहाँ स्थित है?

  1. A.श्रीनगर
  2. B.पटना
  3. C.मुंबई
  4. D.बेंगलुरु
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मुंबई

व्याख्या

सही उत्तर है C, मुंबई। निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक का कॉर्पोरेट कार्यालय देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में है, जबकि इसका पंजीकृत कार्यालय आज भी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में है, जहाँ 1943 में यह बैंक रत्नाकर बैंक के नाम से शुरू हुआ था। दशकों तक यह कोल्हापुर और सांगली क्षेत्र के व्यापारियों तथा किसानों की सेवा करता रहा, 2014 में इसका नाम बदलकर आरबीएल बैंक किया गया और अब यह पूरे देश में खुदरा बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड तथा सूक्ष्म वित्त का कारोबार करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि श्रीनगर जम्मू एवं कश्मीर बैंक का मुख्यालय है। विकल्प B गलत है क्योंकि पटना में किसी बड़े वाणिज्यिक बैंक का कॉर्पोरेट कार्यालय नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि बेंगलुरु केनरा बैंक का मुख्यालय है, जिसकी स्थापना 1906 में मंगलुरु में हुई थी। परीक्षा टिप: आरबीएल बैंक की शुरुआत 1943 में कोल्हापुर में रत्नाकर बैंक के रूप में हुई और इसका संचालन मुंबई से होता है।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 13 Sept, 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस) की विशेषता है?

  1. A.सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय सेवा
  2. B.केंद्रीय मंत्रियों को वित्तीय सेवा
  3. C.कॉर्पोरेट को वित्तीय सेवा
  4. D.वंचित लोगों को वित्तीय सेवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वंचित लोगों को वित्तीय सेवा

व्याख्या

सही उत्तर है D, वंचित लोगों को वित्तीय सेवा। सूक्ष्म वित्त संस्था का काम उन गरीब और कम आय वाले लोगों को छोटी रकम उधार देना है, जो सामान्य बैंक की माँगी गई जमानत नहीं दे सकते। ये संस्थाएँ छोटे ऋण देती हैं, थोड़ी-थोड़ी बचत जमा करती हैं और सरल बीमा भी बेचती हैं। इनका काम आमतौर पर स्वयं सहायता समूहों या संयुक्त दायित्व समूहों के ज़रिए चलता है, जिनमें सदस्य एक-दूसरे की गारंटी बनते हैं, इसलिए अलग से जमानत नहीं चाहिए। ऋण की रकम छोटी होती है, किस्तें साप्ताहिक या मासिक होती हैं, और पैसा अक्सर छोटी दुकान, सिलाई मशीन, पशु या बीज के लिए लिया जाता है। भारत में ये संस्थाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक के पास NBFC-MFI के रूप में पंजीकृत होती हैं, और नाबार्ड का स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता कार्यक्रम इसी विचार पर चलता है। A और B गलत हैं क्योंकि सरकारी कर्मचारी और केंद्रीय मंत्री नियमित वेतन पाते हैं तथा सामान्य बैंकों से ऋण ले सकते हैं। C गलत है क्योंकि कॉर्पोरेट ग्राहकों को वाणिज्यिक बैंक और पूँजी बाज़ार सेवा देते हैं। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त का अर्थ है गरीबों को बिना जमानत छोटे ऋण, स्वयं सहायता समूहों और RBI के अधीन NBFC-MFI के माध्यम से।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul 2024, Shift 2मध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्ण राष्ट्रीयकरण होकर वह भारत सरकार के स्वामित्व में निम्नलिखित में से किस वर्ष आया?

  1. A.1947
  2. B.1948
  3. C.1949
  4. D.1950
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1949

व्याख्या

सही उत्तर C, 1949 है। रिज़र्व बैंक 1935 में शेयरधारकों के बैंक के रूप में खुला था, जिसकी शेयर पूँजी निजी हाथों में थी। संसद ने 1948 में भारतीय रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम पारित किया और अंतरण 1 जनवरी 1949 से प्रभावी हुआ, तब से बैंक पूर्णतः भारत सरकार के स्वामित्व में है।

विकल्प A, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है, जब रिज़र्व बैंक निजी स्वामित्व में था और वस्तुतः 1948 के मध्य तक भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए साझा केंद्रीय बैंक का काम कर रहा था। विकल्प B, 1948, वह वर्ष है जब सक्षमकारी अधिनियम पारित हुआ और यही इस प्रश्न का जाल है: अधिनियम 1948 का, राष्ट्रीयकरण 1949 का। विकल्प D, 1950, संविधान के लागू होने और योजना आयोग की स्थापना का वर्ष है, जिनका बैंक के स्वामित्व से कोई संबंध नहीं। बैंकिंग विनियमन अधिनियम भी 1949 का है।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1आसान

'द नेम यू कैन बैंक अपॉन' निम्नलिखित में से किस बैंक का स्लोगन है?

  1. A.पंजाब नेशनल बैंक
  2. B.भारतीय स्टेट बैंक
  3. C.एचडीएफसी बैंक
  4. D.केनरा बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पंजाब नेशनल बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है A, पंजाब नेशनल बैंक। 'द नेम यू कैन बैंक अपॉन' स्लोगन पंजाब नेशनल बैंक का है। पीएनबी की स्थापना 1894 में लाहौर में हुई थी और यह पूरी तरह भारतीय पूँजी से शुरू होने वाला पहला भारतीय बैंक था, जिसके पीछे लाला लाजपत राय जैसे नाम थे; अब इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। ऐसे स्लोगन परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि हर बड़ा बैंक अपनी पंक्ति वर्षों तक बनाए रखता है। B गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक का स्लोगन 'द बैंकर टू एवरी इंडियन' है और पहले 'विद यू ऑल द वे' था। C गलत है क्योंकि एचडीएफसी बैंक 'वी अंडरस्टैंड योर वर्ल्ड' का प्रयोग करता है। D गलत है क्योंकि केनरा बैंक का स्लोगन 'टुगेदर वी कैन' है। परीक्षा टिप: बैंक, स्थापना वर्ष और स्लोगन तीनों साथ याद रखें।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 6 Sept 2021, Shift 1आसान

भारतीय रिज़र्व बैंक के निम्नलिखित कार्यों में से कौन सही हैं? I. बैंकों का बैंकर II. मुद्रा निर्गमकर्ता

  1. A.केवल I
  2. B.न I न II
  3. C.I और II दोनों
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर C, I और II दोनों है। रिज़र्व बैंक बैंकों का बैंकर है: प्रत्येक अनुसूचित बैंक उसके पास खाता रखता है, अपना नकद आरक्षित अनुपात वहीं रखता है, दूसरे बैंकों के साथ भुगतान उसी खाते से निपटाता है और धन की कमी होने पर उससे उधार ले सकता है। वह मुद्रा निर्गम प्राधिकारी भी है और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार उसी के पास है।

विकल्प A गलत है क्योंकि वह नोट निर्गम को छोड़ देता है, जो बैंक का सर्वाधिक ज्ञात कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि वह बैंकों के बैंकर की भूमिका छोड़ देता है, जिससे अंतिम ऋणदाता का वर्णन निकलता है। विकल्प B दोनों दृष्टि से गलत है। याद रखने योग्य एक बारीकी यह है कि एक रुपये का नोट और सभी सिक्के भारत सरकार जारी करती है, चाहे उन्हें प्रचलन में रिज़र्व बैंक लाता है, और यह भी कि रिज़र्व बैंक सरकार का बैंकर भी है।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा बैंक भारत में करेंसी नोट छापता है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.नाबार्ड
  3. C.भारतीय स्टेट बैंक
  4. D.आईसीआईसीआई बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय रिजर्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है A, भारतीय रिजर्व बैंक। भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 22 के अनुसार देश में करेंसी नोट जारी करने का अधिकार केवल रिजर्व बैंक के पास है, और वही तय करता है कि किस मूल्यवर्ग के कितने नोट छापे जाएँगे। यह काम चार छापाखानों में होता है, दो सरकारी कंपनी एसपीएमसीआईएल के नासिक और देवास में तथा दो रिजर्व बैंक की अनुषंगी बीआरबीएनएमपीएल के मैसूरु और सालबोनी में। सिक्के और एक रुपये का नोट भारत सरकार जारी करती है, हालाँकि उन्हें चलन में रिजर्व बैंक ही लाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाबार्ड कृषि और ग्रामीण विकास का शिखर बैंक है और ग्रामीण कर्ज का पुनर्वित्त करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है और नोटों का काम केवल एक बैंक के रूप में करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आईसीआईसीआई बैंक एक निजी वाणिज्यिक बैंक है। परीक्षा टिप: एक रुपये से ऊपर के सभी नोट रिजर्व बैंक जारी करता है, सिक्के और एक रुपये का नोट केंद्र सरकार।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 1 Oct 2021, Shift 1मध्यम

निम्न में से कौन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रयुक्त मौद्रिक नीति का उपकरण है? I. एसएलआर II. एमएसएस III. कॉरिडोर

  1. A.I और II
  2. B.II और III
  3. C.I, II और III
  4. D.I और III
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. I, II और III

व्याख्या

सही उत्तर C, I, II और III है। तीनों ही भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के उपकरण हैं। एसएलआर अर्थात सांविधिक तरलता अनुपात जमा का वह भाग है जिसे बैंक को अपने पास नकद, सोने या स्वीकृत प्रतिभूतियों में रखना होता है, और इसे घटाने-बढ़ाने से यह तय होता है कि बैंक कितना ऋण दे सकता है। एमएसएस अर्थात बाजार स्थिरीकरण योजना के अंतर्गत रिजर्व बैंक विशेष खजाना बिल और प्रतिभूतियाँ जारी करके टिकाऊ अतिरिक्त तरलता खींच लेता है। कॉरिडोर नीति रेपो दर के चारों ओर स्थायी सुविधाओं की दरों से बना वह दायरा है जिसके भीतर एक रात की माँग मुद्रा दर के रहने की अपेक्षा की जाती है।

विकल्प A, B और D में से हर एक तीनों में से किसी एक को छोड़ देता है। ये यह परखते हैं कि अभ्यर्थी कॉरिडोर को केवल विवरण मानता है या वास्तविक उपकरण, और यह भी कि बाजार स्थिरीकरण योजना याद है या नहीं, क्योंकि उसका प्रयोग तभी होता है जब तरलता लंबे समय तक अधिक बनी रहे।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में बैंक जिन केवाईसी नियमों का पालन करते हैं, वे मुख्य रूप से किस कानून के अंतर्गत बने हैं?

  1. A.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
  2. B.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
  3. C.परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
  4. D.विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर B, धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 है। अपने ग्राहक को जानिए के नियम इसलिए बने हैं कि बैंकिंग व्यवस्था का उपयोग अपराध से कमाए धन को वैध बनाने या आतंक के वित्तपोषण में न हो। 2002 का अधिनियम और उसके अंतर्गत बने 2005 के धन शोधन निवारण (अभिलेख रखरखाव) नियम हर बैंककारी कंपनी से अपने ग्राहकों की पहचान सत्यापित करने तथा अभिलेख रखने की अपेक्षा करते हैं, और रिजर्व बैंक ने ये दायित्व अपने केवाईसी मास्टर निर्देश में संग्रहित किए हैं।

विकल्प A, 1949 का बैंककारी विनियमन अधिनियम बैंकों के लाइसेंस, प्रबंधन और पर्यवेक्षण को नियंत्रित करता है, पर केवाईसी का स्रोत नहीं है। विकल्प C, 1881 का परक्राम्य लिखत अधिनियम चेक, विनिमय पत्र और वचन पत्र से संबंधित है। विकल्प D, 1999 का फेमा विदेशी मुद्रा लेनदेन और अनिवासी खातों को नियंत्रित करता है। हर विकल्प सच्चा बैंकिंग कानून है, इसीलिए यह प्रश्न ध्यान माँगता है।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 5 August 2019, Shift 1आसान

डेबिट कार्ड पर कितने अंक होते हैं?

  1. A.15
  2. B.16
  3. C.14
  4. D.17
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 16

व्याख्या

सही उत्तर है B, 16। डेबिट कार्ड के सामने की तरफ 16 अंकों का कार्ड नंबर छपा होता है, और दुकान या वेबसाइट इसी नंबर से भुगतान आगे भेजती है। ये अंक बेतरतीब नहीं होते। पहले छह अंक बैंक पहचान संख्या (BIN) बनाते हैं, जो कार्ड नेटवर्क और जारी करने वाले बैंक को बताते हैं। अगले नौ अंक उस बैंक में ग्राहक के खाते की पहचान करते हैं, और आखिरी अंक जाँच अंक होता है, जो लुन (Luhn) सूत्र से निकाला जाता है, जिससे गलत टाइप किया नंबर तुरंत पकड़ में आ जाता है। भारत में जारी रुपे, वीज़ा और मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड इसी ढाँचे पर चलते हैं और नंबर चार-चार अंकों के चार समूहों में छपा होता है। A गलत है क्योंकि 15 अंक अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड के होते हैं, जो चार्ज और क्रेडिट कार्ड हैं। C और D गलत हैं क्योंकि 14 और 17 अंक डेबिट कार्ड के ढाँचे से मेल नहीं खाते। परीक्षा टिप: 16 अंक, पहले छह BIN, अंतिम एक जाँच अंक, और पीछे तीन अंकों का CVV।

सभी क्विज देखें