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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 8

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 8) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बैंकिंग शब्दावली और संक्षिप्ताक्षर, एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं, बैंक खाते, जमा और केवाईसी और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में चेक के नीचे छपे एमआईसीआर कोड में कितने अंक होते हैं?

  1. A.6
  2. B.9
  3. C.11
  4. D.15
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 9

व्याख्या

सही उत्तर B, 9 है। एमआईसीआर का अर्थ है मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन, वह तकनीक जिसमें अक्षर चुंबकीय स्याही से छापे जाते हैं ताकि मशीन उन्हें तब भी पढ़ ले जब कागज पर मुहर लगी हो या हस्ताक्षर हो गए हों। भारतीय चेक पर एमआईसीआर कोड तीन-तीन अंकों के तीन खंडों में नौ अंकों का होता है, पहले तीन अंक नगर बताते हैं और वे उसके डाक सूचकांक के पहले तीन अंकों से मिलते हैं, अगले तीन बैंक और अंतिम तीन शाखा बताते हैं। इससे चेक का निपटान तेज होता है और भूल कम होती है।

विकल्प A, छह केवल आईएफएससी के शाखा वाले भाग से मेल खाता है। विकल्प C, ग्यारह इलेक्ट्रॉनिक अंतरण में प्रयुक्त पूरे आईएफएससी की लंबाई है। विकल्प D, पंद्रह भारतीय बैंकिंग में किसी कोड की लंबाई नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ा है, एमआईसीआर नौ अंक और आईएफएससी ग्यारह अक्षर।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB NTPC · 17 June 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में सूक्ष्म वित्त संस्थानों का मूल सिद्धांत नहीं है?

  1. A.भौतिक संपार्श्विक का अभाव
  2. B.सहकर्मी निगरानी
  3. C.महिला उधारकर्ताओं पर ध्यान
  4. D.बड़ी राशि का ऋण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बड़ी राशि का ऋण

व्याख्या

सही उत्तर है D, बड़ी राशि का ऋण। सूक्ष्म वित्त का अर्थ है उन गरीब परिवारों को छोटे ऋण देना जिन्हें बैंक बहुत जोखिम भरा मानते हैं, इसलिए बड़ी राशि का ऋण इस विचार के उलट है। रिजर्व बैंक सूक्ष्म वित्त ऋण को एक तय वार्षिक आय से नीचे के परिवार को दिया गया संपार्श्विक-मुक्त ऋण मानता है, और पूरा ढाँचा बड़ी रकम के बजाय छोटी तथा बार-बार होने वाली किस्तों पर टिका है। विकल्प A सच्चा सिद्धांत है, क्योंकि उधार लेने वाले के पास गिरवी रखने को जमीन या सोना नहीं होता और समूह का वचन ही सुरक्षा का काम करता है। विकल्प B भी सच्चा सिद्धांत है: संयुक्त देयता समूह के सदस्य एक-दूसरे की अदायगी पर नजर रखते हैं, और इसी दबाव से वसूली दर ऊँची रहती है। विकल्प C भी सही है, क्योंकि स्वयं सहायता समूह मुख्य रूप से महिलाओं के इर्द-गिर्द बनते हैं, जो अधिक नियमित रूप से बचत और अदायगी करती हैं। नाबार्ड के 1992 के एसएचजी-बैंक लिंकेज कार्यक्रम ने इस मॉडल को पूरे भारत में फैलाया। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त — छोटे, संपार्श्विक-मुक्त, समूह की गारंटी वाले ऋण, मुख्यतः महिलाओं को।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

वित्तीय समावेशन का राष्ट्रीय अभियान प्रधानमंत्री जन धन योजना किस वर्ष आरंभ हुई?

  1. A.2011
  2. B.2014
  3. C.2016
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2014

व्याख्या

सही उत्तर B, 2014 है। प्रधानमंत्री जन धन योजना 28 अगस्त 2014 को इस उद्देश्य से आरंभ हुई कि हर परिवार का बैंक खाता हो। इसके अंतर्गत खुले खाते बुनियादी बचत खाते हैं, जिनमें न्यूनतम शेष आवश्यक नहीं, और उनके साथ रुपे डेबिट कार्ड, दुर्घटना बीमा कवर तथा संतोषजनक संचालन के बाद दस हजार रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है। यही योजना सब्सिडी और पेंशन के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का माध्यम भी बनी।

विकल्प A, 2011 में रिजर्व बैंक ने बचत ब्याज दरें मुक्त कीं और उसी वर्ष गाँवों में बैंकिंग के लिए पहले का स्वाभिमान अभियान भी चला। विकल्प C, 2016 विमुद्रीकरण, यूपीआई के आरंभ और केवाईसी मास्टर निर्देश का वर्ष है। विकल्प D, 2019 में कई डिजिटल भुगतान उपाय लागू हुए। जन धन योजना का आरंभ वर्ष केवल 2014 है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 8 April 2022, Shift 3आसान

ग्रामीण साख और सूक्ष्म वित्त के संदर्भ में केसीसी का पूरा रूप क्या है?

  1. A.कृषि क्रेडिट कार्ड
  2. B.किसान क्रेडिट कार्ड
  3. C.कृषि क्रेडिट कॉर्पोरेशन
  4. D.किसान क्रेडिट कॉर्पोरेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. किसान क्रेडिट कार्ड

व्याख्या

सही उत्तर B, किसान क्रेडिट कार्ड है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में आर वी गुप्ता समिति की संस्तुति पर आरंभ हुई और इसे वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंक चलाते हैं। यह किसान को बीज, उर्वरक, मजदूरी और अन्य फसल व्यय के लिए एक ही घूमती सीमा देती है, जो वार्षिक समीक्षा के साथ कई वर्ष तक वैध रहती है, जिससे उसे हर मौसम में नया आवेदन नहीं करना पड़ता। यह सीमा अब पशुपालन और मत्स्य पालन तक बढ़ा दी गई है, और इसके अल्पकालिक फसल ऋण पर ब्याज सहायता तथा समय पर चुकाने पर अतिरिक्त छूट मिलती है।

विकल्प A, कृषि क्रेडिट कार्ड, सबसे निकट का जाल है, परंतु योजना का नाम किसान पर है। विकल्प C और D दोनों कॉर्पोरेशन पर समाप्त होते हैं, जिससे वे किसी संस्था के नाम बन जाते हैं, साख साधन के नहीं।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत के बैंकों ने नए अस्थिर दर ऋणों का मूल्य निधियों की सीमांत लागत आधारित ऋण दर एमसीएलआर पर किस तिथि से तय करना आरंभ किया?

  1. A.1 जुलाई 2010
  2. B.1 अप्रैल 2016
  3. C.1 अक्टूबर 2019
  4. D.1 अप्रैल 2003
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 अप्रैल 2016

व्याख्या

सही उत्तर B, 1 अप्रैल 2016 है। रिज़र्व बैंक ने एमसीएलआर इसी तिथि से लागू की, जिससे ऋण का मूल्य निधि जुटाने की सीमांत अर्थात नवीनतम लागत के अनुसार चले, पुरानी जमाओं की औसत लागत के अनुसार नहीं। एमसीएलआर जमाओं तथा उधारों की सीमांत लागत, नकद आरक्षित अनुपात के लिए रखे शेष पर ऋणात्मक वहन, परिचालन लागत और अवधि प्रीमियम से बनती है, और प्रत्येक बैंक इसे रातोंरात से एक वर्ष तक की अवधियों के लिए प्रकाशित करता है।

विकल्प A, 1 जुलाई 2010, वह तिथि है जब आधार दर लागू हुई। विकल्प C, 1 अक्टूबर 2019, वह तिथि है जब नए अस्थिर दर खुदरा और लघु व्यवसाय ऋणों को रेपो जैसे बाह्य बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य हुआ। विकल्प D, 2003, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट व्यवस्था के आने के वर्ष के निकट है। तीनों तिथियाँ क्रम से 2010, 2016 और 2019 हैं।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 16th March 2019, Shift 3मध्यम

भीम ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कब लॉन्च किया गया था?

  1. A.15 अगस्त, 2016
  2. B.31 अक्टूबर, 2016
  3. C.26 जनवरी, 2016
  4. D.30 दिसंबर, 2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 30 दिसंबर, 2016

व्याख्या

सही उत्तर है D, 30 दिसंबर, 2016। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीम ऐप 30 दिसंबर 2016 को लॉन्च किया था, नवंबर 2016 की नोटबंदी के कुछ ही सप्ताह बाद, ताकि लोग डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ें। भीम का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है और यह डॉ बी आर आंबेडकर के नाम पर रखा गया, जिनका पूरा नाम भीमराव रामजी आंबेडकर था। यह ऐप भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस यानी यूपीआई पर बनाया है, इसलिए पैसा सीधे एक बैंक खाते से दूसरे में जाता है, चाहे यूपीआई पहचानकर्ता से भेजा जाए या मोबाइल नंबर से, और यह कई भारतीय भाषाओं में काम करता है। A गलत है क्योंकि 15 अगस्त 2016 को ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि 31 अक्टूबर 2016 नोटबंदी की घोषणा से पहले की तिथि है। C गलत है क्योंकि 26 जनवरी 2016 गणतंत्र दिवस था। परीक्षा टिप: भीम, एनपीसीआई, यूपीआई।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: राजस्थान · 4 Oct 2016आसान

परक्राम्य लिखत अधिनियम कब लाया गया?

  1. A.1972
  2. B.1881
  3. C.1957
  4. D.1950
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1881

व्याख्या

सही उत्तर B, 1881 है। परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 में अधिनियमित हुआ और 1 मार्च 1882 को लागू हुआ। इसने वचन पत्र, विनिमय पत्र और चेक से संबंधित कानून को संहिताबद्ध किया, और यह आज भी भारत में चेकों का शासक कानून है, जिसमें कई संशोधन हुए, विशेष रूप से 2002 में इलेक्ट्रॉनिक और कटे-छंटे चेक को लाने के लिए तथा 2018 में धारा 143क और 148 जोड़ने के लिए।

विकल्प A, 1972 इस अधिनियम से जुड़ा नहीं है। विकल्प C, 1957 अन्य कानूनों के लिए याद किया जाता है, जैसे उसी वर्ष का प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम। विकल्प D, 1950 संविधान के लागू होने का वर्ष है। अभ्यर्थी 1881 के अधिनियम को 1949 के बैंककारी विनियमन अधिनियम और 1934 के भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम से भ्रमित कर लेते हैं, इसलिए तीनों वर्ष अलग रखें।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 13 Sept, 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस) की विशेषता है?

  1. A.सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय सेवा
  2. B.केंद्रीय मंत्रियों को वित्तीय सेवा
  3. C.कॉर्पोरेट को वित्तीय सेवा
  4. D.वंचित लोगों को वित्तीय सेवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वंचित लोगों को वित्तीय सेवा

व्याख्या

सही उत्तर है D, वंचित लोगों को वित्तीय सेवा। सूक्ष्म वित्त संस्था का काम उन गरीब और कम आय वाले लोगों को छोटी रकम उधार देना है, जो सामान्य बैंक की माँगी गई जमानत नहीं दे सकते। ये संस्थाएँ छोटे ऋण देती हैं, थोड़ी-थोड़ी बचत जमा करती हैं और सरल बीमा भी बेचती हैं। इनका काम आमतौर पर स्वयं सहायता समूहों या संयुक्त दायित्व समूहों के ज़रिए चलता है, जिनमें सदस्य एक-दूसरे की गारंटी बनते हैं, इसलिए अलग से जमानत नहीं चाहिए। ऋण की रकम छोटी होती है, किस्तें साप्ताहिक या मासिक होती हैं, और पैसा अक्सर छोटी दुकान, सिलाई मशीन, पशु या बीज के लिए लिया जाता है। भारत में ये संस्थाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक के पास NBFC-MFI के रूप में पंजीकृत होती हैं, और नाबार्ड का स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता कार्यक्रम इसी विचार पर चलता है। A और B गलत हैं क्योंकि सरकारी कर्मचारी और केंद्रीय मंत्री नियमित वेतन पाते हैं तथा सामान्य बैंकों से ऋण ले सकते हैं। C गलत है क्योंकि कॉर्पोरेट ग्राहकों को वाणिज्यिक बैंक और पूँजी बाज़ार सेवा देते हैं। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त का अर्थ है गरीबों को बिना जमानत छोटे ऋण, स्वयं सहायता समूहों और RBI के अधीन NBFC-MFI के माध्यम से।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक द्वारा जुलाई 2010 में लागू आधार दर व्यवस्था ने निम्नलिखित में से किसका स्थान लिया?

  1. A.निधियों की सीमांत लागत आधारित ऋण दर
  2. B.बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट
  3. C.बाह्य बेंचमार्क ऋण दर
  4. D.बैंक दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट

व्याख्या

सही उत्तर B, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट है। बीपीएलआर व्यवस्था में बैंक अपने सर्वोत्तम ग्राहकों के लिए एक प्राइम दर घोषित करता था और फिर अनेक उधारकर्ताओं को उससे नीचे ऋण देता था, इसलिए घोषित दर से ग्राहक को बहुत कम पता चलता था और ऋण बही पारदर्शी नहीं रहती थी। आधार दर, जो 1 जुलाई 2010 से लागू हुई, वह न्यूनतम सीमा थी जिसके नीचे कोई बैंक ऋण नहीं दे सकता था, कुछ अपवादों को छोड़कर जैसे अपनी ही जमाओं के विरुद्ध ऋण और अपने कर्मचारियों को ऋण।

विकल्प A, एमसीएलआर, आधार दर के चार वर्ष बाद आई, पहले नहीं। विकल्प C, बाह्य बेंचमार्क ऋण दर, 2019 में आई और तीनों व्यवस्थाओं में नवीनतम है। विकल्प D, बैंक दर, रिज़र्व बैंक की नीतिगत दर है जो सीमांत स्थायी सुविधा से संबद्ध है और किसी बैंक का अपना ऋण बेंचमार्क नहीं है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB NTPC · 11 Mar 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस बैंक ने कार्ड-रहित एटीएम सेवा 'YONO कैश पॉइंट' शुरू की?

  1. A.सिटी बैंक
  2. B.यूबीएस
  3. C.एसबीआई
  4. D.एचडीएफसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसबीआई

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसबीआई। YONO का पूरा नाम You Only Need One है और यह भारतीय स्टेट बैंक का डिजिटल बैंकिंग ऐप है, जो नवंबर 2017 में शुरू हुआ। इसकी YONO कैश सुविधा में ग्राहक फोन पर निकासी शुरू करता है, छह अंकों का संदर्भ नंबर पाता है, और फिर वही नंबर तथा पिन डालकर एटीएम, शाखा काउंटर या दुकान के पॉइंट से नकद ले लेता है, इसलिए डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती। YONO कैश पॉइंट ने यही कार्ड-रहित सेवा दुकानों तक पहुँचाई, जिससे उन छोटे कस्बों में मदद मिलती है जहाँ एटीएम कम हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सिटी बैंक का भारतीय रिटेल कारोबार बाद में एक्सिस बैंक को बेच दिया गया और उसने कोई YONO सेवा नहीं चलाई। विकल्प B गलत है क्योंकि यूबीएस एक स्विस निवेश बैंक है और भारत में उसका रिटेल एटीएम नेटवर्क नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि एचडीएफसी बैंक के ऐप पेजैप और मोबाइलबैंकिंग हैं, YONO नहीं। परीक्षा टिप: YONO एसबीआई का है; आईमोबाइल आईसीआईसीआई का, पेजैप एचडीएफसी का और भीम एनपीसीआई का ऐप है।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: राजस्थान · 2 Aug 2015मध्यम

परक्राम्य लिखत का भुगतान कब देय होता है?

  1. A.परिपक्वता पर
  2. B.परिपक्वता के बाद
  3. C.परिपक्वता से पहले
  4. D.परिपक्वता के तीसरे दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परिपक्वता पर

व्याख्या

सही उत्तर A, परिपक्वता पर है। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 22 कहती है कि मांग पर देय होने के अतिरिक्त रूप में देय वचन पत्र या विनिमय पत्र की परिपक्वता वह दिन है जिस दिन वह देय होता है, और रियायत के तीन दिन उसी तारीख की गणना में जोड़े जा चुके होते हैं। इसलिए भुगतान परिपक्वता की तारीख पर ही देय हो जाता है और धारक उसी दिन लिखत प्रस्तुत कर सकता है।

विकल्प B, परिपक्वता के बाद गलत है, क्योंकि तब लिखत अतिदेय हो जाता है और धारक के पूर्ववर्ती पक्षकारों के विरुद्ध अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विकल्प C, परिपक्वता से पहले गलत है, क्योंकि कोई पक्षकार देय तिथि से पहले भुगतान के लिए बाध्य नहीं है, यद्यपि विनिमय पत्र सहमति से पहले बट्टागत हो सकता है। विकल्प D रियायत के दिनों का बिगड़ा रूप है, जो परिपक्वता की गणना में जोड़े जाते हैं और उसके बाद का अलग दिन नहीं होते।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 26 Oct 2021, Shift 3आसान

बेसल मानदंड वित्तीय प्रणाली के किस पहलू पर केंद्रित हैं?

  1. A.बीमा
  2. B.बैंकिंग
  3. C.शेयर बाजार
  4. D.वस्तु बाजार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैंकिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंकिंग। बेसल मानदंड बैंकिंग पर्यवेक्षण के अंतरराष्ट्रीय मानक हैं।

इन्हें बेसल कमेटी ऑन बैंकिंग सुपरविजन जारी करती है, जो स्विट्जरलैंड के बेसल शहर में स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के अंतर्गत काम करती है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक अपने जोखिम के अनुपात में पर्याप्त पूँजी रखे, जिससे घाटा जमाकर्ताओं पर न पड़े। बेसल I (1988) ऋण जोखिम से जुड़ा था, बेसल II (2004) ने बाजार और परिचालन जोखिम के साथ पर्यवेक्षण और प्रकटीकरण जोड़ा, और 2008 के संकट के बाद बना बेसल III पूँजी की गुणवत्ता बढ़ाने तथा तरलता और उत्तोलन के नियम लाया। भारत में रिजर्व बैंक इन्हें लागू करता है और जोखिम भारित परिसंपत्तियों पर नौ प्रतिशत पूँजी अनुपात माँगता है।

विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि बीमा का नियमन आईआरडीएआई करता है और शेयर तथा वस्तु बाजार का सेबी।

परीक्षा टिप: बेसल समिति - बेसल, स्विट्जरलैंड; भारत में सीआरएआर नौ प्रतिशत।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

चल संपत्ति पर बनने वाले निम्नलिखित प्रभारों में किसमें माल का कब्ज़ा उधारकर्ता के पास ही रहता है?

  1. A.गिरवी
  2. B.दृष्टिबंधक
  3. C.धारणाधिकार
  4. D.बंधक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दृष्टिबंधक

व्याख्या

सही उत्तर B, दृष्टिबंधक है। दृष्टिबंधक में चल संपत्ति पर प्रभार बनता है, जैसे वित्तपोषित वाहन या व्यापारी की दुकान का स्टॉक, और माल उधारकर्ता के ही पास रहता है तथा वह उसका उपयोग करता रहता है। चूँकि ऋणदाता के पास कब्ज़ा नहीं है, उसे बेचने से पहले परिसंपत्ति अधिकार में लेनी पड़ती है, इसीलिए चूक करने वाले उधारकर्ता की कार जब्त करनी पड़ती है, और 2002 का सरफेसी अधिनियम प्रतिभूत लेनदार को यही शक्ति देता है।

विकल्प A, गिरवी, वह प्रभार है जिसमें माल ऋणदाता को सौंपा जाता है, जैसे बैंक की तिजोरी में रखा स्वर्ण, और यह 1872 के भारतीय संविदा अधिनियम से शासित है। विकल्प C, धारणाधिकार, ऋणदाता का वह अधिकार है जिससे वह पहले से अपने पास आए माल या प्रतिभूति को बकाया चुकने तक रोक सकता है। विकल्प D, बंधक, अचल संपत्ति पर प्रभार है, इसलिए वह इस समूह में ही नहीं आता।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 22nd Dec 2018, Shift 2मध्यम

भारत में बैंकिंग लोकपाल के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।
  2. B.बैंकिंग लोकपाल योजना में केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ही आते हैं।
  3. C.शिकायतकर्ता के लिए निर्णय को पूरी तरह स्वीकार करना बाध्यकारी है।
  4. D.बैंकिंग लोकपाल शिकायत दर्ज करने और निपटाने के लिए मामूली शुल्क लेता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A। बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो बैंकिंग सेवा में कमी से जुड़ी ग्राहकों की शिकायतें सुनकर उनका निपटारा करता है। यह योजना पहली बार बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क के तहत लाई गई थी, और लोकपाल भुगतान में देरी, गलत शुल्क वसूली, कार्ड तथा डिजिटल लेन-देन के विवाद और छोटे सिक्के न लेने जैसे मामलों पर निर्णय देता है। ग्राहक को पहले अपने बैंक में शिकायत करनी होती है और तीस दिन में जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब मिलने पर ही वह लोकपाल के पास जा सकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अनुसूचित सहकारी बैंक भी इसमें आते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि शिकायतकर्ता निर्णय को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्राहक के लिए यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। परीक्षा टिप: नियुक्ति आरबीआई करता है, पहले बैंक में शिकायत, सेवा निःशुल्क।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की कौन सी धारा चेक को परिभाषित करती है?

  1. A.धारा 4
  2. B.धारा 5
  3. C.धारा 6
  4. D.धारा 13
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. धारा 6

व्याख्या

सही उत्तर C, धारा 6 है। धारा 6 कहती है कि चेक वह विनिमय पत्र है जो किसी विशिष्ट बैंककार पर लिखा जाता है और मांग पर देय होने के अतिरिक्त किसी रूप में देय नहीं कहा जाता, और आगे यह कटे-छंटे चेक की इलेक्ट्रॉनिक छवि तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप के चेक को भी शामिल करती है, जो दोनों 2002 के संशोधन से जोड़े गए।

विकल्प A, धारा 4 वचन पत्र को परिभाषित करती है, अर्थात लिखने वाले के हस्ताक्षर से किया गया निश्चित राशि देने का बिना शर्त वचन। विकल्प B, धारा 5 विनिमय पत्र को परिभाषित करती है, अर्थात किसी व्यक्ति को भुगतान का बिना शर्त आदेश। विकल्प D, धारा 13 स्वयं परक्राम्य लिखत पद को परिभाषित करती है और अधिनियम में आने वाले तीनों लिखतों का नाम लेती है। चारों धाराएं पास-पास हैं, इसीलिए वे साथ रखी जाती हैं, पर चेक की परिभाषा धारा 6 में है।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 1 Jul 2019, Shift 3आसान

भारत के बैंकिंग क्षेत्र के संदर्भ में IMPS का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.इंस्टैंट पेमेंट सेक्टर
  2. B.इमीडिएट पेमेंट सर्विस
  3. C.इमीडिएट पेमेंट सेक्टर
  4. D.इंस्टैंट पेमेंट सर्विस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इमीडिएट पेमेंट सर्विस

व्याख्या

सही उत्तर है B, इमीडिएट पेमेंट सर्विस। आईएमपीएस अंतर-बैंक धन अंतरण सेवा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई चलाता है और जो नवंबर 2010 में शुरू हुई थी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह चौबीसों घंटे, छुट्टी के दिन और रात में भी काम करती है तथा पैसा कुछ ही सेकंड में लाभार्थी तक पहुँच जाता है। भुगतान खाता संख्या और आईएफएससी कोड से किया जा सकता है, या मोबाइल नंबर तथा एमएमआईडी से, और इसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या शाखा से शुरू किया जा सकता है। एनपीसीआई 2008 में खुदरा भुगतानों की शीर्ष संस्था के रूप में बना और यूपीआई, रुपे, नैच, एईपीएस तथा फास्टैग भी चलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंतिम अक्षर S का अर्थ सर्विस है, सेक्टर नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहला शब्द इमीडिएट है, इंस्टैंट नहीं। परीक्षा टिप: एनईएफटी और आरटीजीएस रिज़र्व बैंक चलाता है, आईएमपीएस और यूपीआई एनपीसीआई।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारत में अचल संपत्ति का बंधक निम्नलिखित में से किस अधिनियम से शासित होता है?

  1. A.भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
  2. B.संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882
  3. C.परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
  4. D.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

व्याख्या

सही उत्तर B, संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 है। उस अधिनियम की धारा अट्ठावन बंधक को इस रूप में परिभाषित करती है कि ऋण सुरक्षित करने के लिए किसी विशिष्ट अचल संपत्ति में हित का अंतरण किया जाए, और वह छह प्रकार बताती है: साधारण बंधक, सशर्त विक्रय द्वारा बंधक, भोगबंधक, अंग्रेजी बंधक, स्वत्व विलेख निक्षेप द्वारा बंधक जिसे साम्यिक बंधक भी कहते हैं, तथा विषम बंधक। आवास वित्त में बैंक साधारण बंधक और स्वत्व विलेख निक्षेप द्वारा बंधक का सर्वाधिक प्रयोग करते हैं।

विकल्प A, 1872 का भारतीय संविदा अधिनियम, गिरवी और धारणाधिकार को शासित करता है, जो चल माल पर प्रभार हैं। विकल्प C, 1881 का परक्राम्य लिखत अधिनियम, चेक, विनिमय पत्र और वचन पत्र से संबंधित है। विकल्प D, 1949 का बैंककारी विनियमन अधिनियम, बैंकों के लाइसेंस और कार्य को शासित करता है, भूमि पर प्रतिभूति बनाने को नहीं।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

खाते में धन की कमी के कारण चेक का अनादर परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की किस धारा के अंतर्गत आता है?

  1. A.धारा 118
  2. B.धारा 123
  3. C.धारा 130
  4. D.धारा 138
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धारा 138

व्याख्या

सही उत्तर D, धारा 138 है। धारा 138 ऐसा चेक जारी करना आपराधिक अपराध बनाती है जो इसलिए अदत्त लौटे कि खाते में पर्याप्त धन नहीं था या राशि बैंक से तय व्यवस्था से अधिक थी। दंड दो वर्ष तक का कारावास, या चेक की राशि के दोगुने तक जुर्माना, या दोनों हो सकता है, और धारा 147 इस अपराध को शमनीय बनाती है, जिससे पक्षकार समझौता कर सकें।

विकल्प A, धारा 118 परक्राम्य लिखतों के बारे में उपधारणाएं रखती है, जैसे यह उपधारणा कि लिखत प्रतिफल के लिए बनाया गया था। विकल्प B, धारा 123 सामान्य रेखांकन से संबंधित है। विकल्प C, धारा 130 'नॉट निगोशिएबल' रेखांकित चेक से संबंधित है। तीनों उसी अधिनियम की वास्तविक धाराएं हैं, जिससे यह विशुद्ध स्मरण का प्रश्न बन जाता है, और अनादर की धारा 138 है।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

बैंक का ऋण खाता गैर निष्पादित परिसंपत्ति कब वर्गीकृत होता है, जब ब्याज या मूलधन कितने दिन से अधिक अतिदेय रहे?

  1. A.30 दिन
  2. B.60 दिन
  3. C.90 दिन
  4. D.180 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 दिन है। रिज़र्व बैंक के आय निर्धारण और परिसंपत्ति वर्गीकरण नियमों के अनुसार सावधि ऋण गैर निष्पादित परिसंपत्ति बनता है जब ब्याज या मूलधन की किश्त नब्बे दिन से अधिक अतिदेय रहे, और नकद ऋण या ओवरड्राफ्ट खाता उतनी ही अवधि तक अनियमित रहने पर ऐसा बनता है। नब्बे दिन का यह नियम मार्च 2004 को समाप्त वर्ष से लागू हुआ और उसने पहले के एक सौ अस्सी दिन के नियम का स्थान लिया।

विकल्प A, तीस दिन, और विकल्प B, साठ दिन, विशेष उल्लेख खाते की अवस्थाओं की सीमाएँ हैं, एसएमए एक इकतीस से साठ दिन और एसएमए दो इकसठ से नब्बे दिन, जो पूर्व चेतावनी श्रेणियाँ हैं, अभी एनपीए नहीं। विकल्प D, एक सौ अस्सी दिन, पुराना नियम था और पुरानी पुस्तक पढ़ने वाले अभ्यर्थी के लिए जाल है।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

चेक के मुख पर किसी बैंक का नाम लिखे बिना खींची गई दो समांतर तिरछी रेखाएं किस प्रकार का रेखांकन बनाती हैं?

  1. A.सामान्य रेखांकन
  2. B.विशेष रेखांकन
  3. C.प्रतिबंधात्मक रेखांकन
  4. D.नॉट निगोशिएबल रेखांकन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सामान्य रेखांकन

व्याख्या

सही उत्तर A, सामान्य रेखांकन है। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 123 उपबंध करती है कि जहां चेक के मुख पर दो समांतर तिरछी रेखाएं हों, 'एंड कंपनी' जैसे शब्दों के साथ या बिना, वह जोड़ सामान्य रेखांकन है। प्रभाव यह होता है कि चेक काउंटर पर नकद नहीं चुकाया जा सकता और उसे बैंक खाते के माध्यम से ही संग्रहित करना होता है, जिससे चेक खो जाने पर वास्तविक स्वामी की रक्षा होती है।

विकल्प B, धारा 124 के अंतर्गत विशेष रेखांकन के लिए मुख पर किसी बैंककार का नाम लिखना आवश्यक है, और तब केवल वही बैंककार चेक संग्रहित कर सकता है। विकल्प C, प्रतिबंधात्मक रेखांकन बैंकिंग व्यवहार का खाता आदाता रेखांकन है, जिसे अधिनियम स्वयं परिभाषित नहीं करता। विकल्प D में रेखांकन के साथ 'नॉट निगोशिएबल' शब्द जोड़े जाते हैं, जिससे धारा 130 लागू होती है। केवल दो सादी रेखाएं सामान्य रेखांकन हैं।

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