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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता क्विज: भुगतान प्रणालियां: एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता के अंतर्गत "भुगतान प्रणालियां: एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जा सकने वाली न्यूनतम राशि कितनी है?

  1. A.दस हजार रुपये
  2. B.एक लाख रुपये
  3. C.दो लाख रुपये
  4. D.पांच लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दो लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, दो लाख रुपये है। आरटीजीएस बड़ी राशि के भुगतानों के लिए बना है और रिजर्व बैंक ने इसके माध्यम से भेजी जाने वाली राशि की न्यूनतम सीमा दो लाख रुपये तय की है, जबकि अपनी ओर से कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी है। विकल्प A गलत है क्योंकि दस हजार रुपये का अंतरण एनईएफटी, आईएमपीएस या यूपीआई से होगा, जिनमें कोई न्यूनतम सीमा है ही नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि एक लाख रुपये न्यूनतम सीमा से कम है और प्रणाली उसे स्वीकार नहीं करेगी। विकल्प D गलत है क्योंकि पांच लाख रुपये न्यूनतम सीमा से कहीं अधिक है और उसे आरटीजीएस से अवश्य भेजा जा सकता है; यह वही आंकड़ा है जिस तक रिजर्व बैंक ने 2021 में आईएमपीएस की प्रति लेनदेन सीमा बढ़ाई थी, इसीलिए वह यहां भ्रम के लिए रखा गया है। यह जोड़ी याद रखें: आरटीजीएस में न्यूनतम है पर अधिकतम नहीं, जबकि एनईएफटी और आईएमपीएस में न्यूनतम है ही नहीं।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

एनईएफटी का पूरा नाम क्या है?

  1. A.नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर
  2. B.न्यू इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांजैक्शन
  3. C.नेशनल एक्सचेंज ऑफ फंड्स एंड ट्रांसफर्स
  4. D.नेट इलेक्ट्रॉनिक फाइनेंशियल ट्रांसफर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर

व्याख्या

सही उत्तर A, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर है। एनईएफटी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा चलाई जाने वाली वह राष्ट्रव्यापी प्रणाली है जिससे एक बैंक खाते से दूसरे खाते में धन भेजा जाता है, जिसका निपटान आधे घंटे के जत्थों में आस्थगित शुद्ध आधार पर होता है और जो दिसंबर 2019 से वर्ष के सभी दिन उपलब्ध है। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि ये उन्हीं चार अक्षरों के गढ़े हुए विस्तार हैं और रिजर्व बैंक के किसी परिपत्र में इनका प्रयोग नहीं होता; प्रश्नपत्र ऐसे विकल्प इसलिए बनाते हैं कि जिस अभ्यर्थी ने केवल संक्षेप सुना है उसने उसे लिखा हुआ नहीं देखा होता। तीनों विस्तार एक साथ याद रखें, क्योंकि प्रायः एक ही प्रश्न में पूछे जाते हैं: आरटीजीएस अर्थात रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट, एनईएफटी अर्थात नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर और आईएमपीएस अर्थात इमीडिएट पेमेंट सर्विस।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

किस भुगतान प्रणाली में हर लेनदेन अलग से और वास्तविक समय में निपटाया जाता है, जत्थों में नहीं?

  1. A.एनईएफटी
  2. B.आरटीजीएस
  3. C.नैच
  4. D.चेक ट्रंकेशन प्रणाली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आरटीजीएस

व्याख्या

सही उत्तर B, आरटीजीएस है। नाम में ही उत्तर छिपा है: वास्तविक समय का अर्थ है कि निर्देश मिलते ही उस पर कार्रवाई हो जाती है, और सकल निपटान का अर्थ है कि हर निर्देश दूसरों से कटौती किए बिना अलग से निपटाया जाता है। निपटान होते ही अंतिम और अपरिवर्तनीय हो जाता है, और बड़ी राशि के भुगतान को यही चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि एनईएफटी आस्थगित शुद्ध निपटान पर चलता है, जिसमें निर्देश एकत्र करके आधे घंटे के जत्थों में शुद्ध स्थिति का निपटान होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नैच वेतन, पेंशन, सब्सिडी और किस्तों जैसे बार-बार होने वाले जमा और नामे के लिए थोक समाशोधन प्रणाली है, जो एक-एक लेनदेन के निपटान के ठीक उलट है। विकल्प D गलत है क्योंकि चेक ट्रंकेशन प्रणाली चेकों के चित्र भेजकर सत्रों में समाशोधन करती है, वह भी जत्थों में। आरटीजीएस के साथ सकल और एनईएफटी के साथ शुद्ध, यही अंतर सबसे अधिक पूछा जाता है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

इमीडिएट पेमेंट सर्विस यानी आईएमपीएस किसके द्वारा संचालित है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.भारतीय स्टेट बैंक
  3. C.भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
  4. D.भारतीय बैंक संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम

व्याख्या

सही उत्तर C, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम है। आईएमपीएस इसी संस्था ने 2010 में शुरू किया और यह पहली भारतीय प्रणाली थी जिसने रविवार और छुट्टियों सहित किसी भी समय तत्काल अंतरबैंक अंतरण उपलब्ध कराया। विकल्प A गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक आरटीजीएस और एनईएफटी चलाता है, आईएमपीएस नहीं, यद्यपि भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत हर भुगतान प्रणाली का नियमन वही करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक इस प्रणाली का सदस्य बैंक है, संचालक नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय बैंक संघ ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम को बढ़ावा दिया, पर वह स्वयं यह सेवा नहीं चलाता। उत्पादों को स्वामी के अनुसार समूह में रखें: रिजर्व बैंक के साथ आरटीजीएस और एनईएफटी, तथा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के साथ आईएमपीएस, यूपीआई, रुपे, नैच, एईपीएस, बीबीपीएस और फास्टैग।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

एनईएफटी लेनदेन का निपटान किस प्रकार होता है?

  1. A.प्राप्त होते ही अलग से
  2. B.आस्थगित शुद्ध आधार पर, आधे घंटे के जत्थों में
  3. C.केवल कार्यदिवस के अंत में
  4. D.लाभार्थी बैंक की पुष्टि के बाद ही
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आस्थगित शुद्ध आधार पर, आधे घंटे के जत्थों में

व्याख्या

सही उत्तर B, आस्थगित शुद्ध आधार पर, आधे घंटे के जत्थों में है। एनईएफटी थोड़ी देर तक निर्देश रोकता है, हिसाब लगाता है कि हर बैंक को दूसरों से कुल कितना लेना या देना है और केवल उसी अंतर का निपटान करता है; दिसंबर 2019 में इस सेवा के वर्ष के सभी दिन उपलब्ध होने के बाद ये जत्थे चौबीसों घंटे हर आधे घंटे पर चलते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि निर्देश मिलते ही अलग से निपटाना आरटीजीएस की विधि है, एनईएफटी की नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि दिन के अंत में एक बार निपटान पुरानी समाशोधन व्यवस्थाओं की रीति थी और एनईएफटी कभी इस तरह नहीं चला। विकल्प D गलत है क्योंकि बैंकों के बीच निपटान लाभार्थी बैंक की पुष्टि की प्रतीक्षा नहीं करता, यद्यपि ग्राहक के खाते में रकम निपटान के बाद ही जमा होती है। जत्थों में शुद्ध निपटान, यही वाक्यांश परीक्षा में याद रखें।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में इलेक्ट्रॉनिक धन अंतरण के लिए प्रयुक्त आईएफएससी में कितने वर्ण होते हैं?

  1. A.नौ
  2. B.दस
  3. C.ग्यारह
  4. D.बारह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्यारह

व्याख्या

सही उत्तर C, ग्यारह है। भारतीय वित्तीय प्रणाली कूट ग्यारह वर्णों का होता है: पहले चार अक्षर बैंक बताते हैं, पांचवां सदा अंक शून्य होता है और भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाता है, तथा अंतिम छह वर्ण विशेष शाखा बताते हैं। यह आरटीजीएस, एनईएफटी तथा खाता संख्या से किए गए आईएमपीएस अंतरण के लिए आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि नौ चेक पर छपे एमआईसीआर कूट की लंबाई है, जिसमें शहर, बैंक और शाखा के तीन-तीन अंक होते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय बैंकिंग का कोई कूट दस वर्णों का नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह अंक आधार संख्या के होते हैं, जो आधार आधारित भुगतान प्रणाली में प्रयोग होती है पर वह बैंक शाखा का कूट नहीं है। प्रश्नपत्र आईएफएससी, एमआईसीआर और एमएमआईडी को एक ही प्रश्न में मिला देते हैं, इसलिए ग्यारह, नौ और सात एक साथ याद रखें।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय रिजर्व बैंक देश की भुगतान प्रणालियों का नियमन और पर्यवेक्षण किस अधिनियम के अंतर्गत करता है?

  1. A.बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
  2. B.भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
  3. C.परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
  4. D.भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007

व्याख्या

सही उत्तर B, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 है। यह अधिनियम रिजर्व बैंक को भुगतान प्रणालियों का प्राधिकारी बनाता है, किसी भी भुगतान प्रणाली के संचालन से पहले उसकी अनुमति अनिवार्य करता है और भुगतान तथा निपटान प्रणाली विनियमन एवं पर्यवेक्षण बोर्ड का प्रावधान करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 बैंकिंग कंपनियों के लाइसेंस, प्रबंधन और कारोबार से जुड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 चेक, विनिमय पत्र और वचन पत्र से संबंधित है, और उसी की धारा 138 के अंतर्गत अनादरित चेक अपराध बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 ने स्वयं रिजर्व बैंक की स्थापना की और वह मुद्रा तथा मौद्रिक विषयों से जुड़ा है। भुगतान के लिए 2007 और चेक के लिए 1881, ये दो तिथियां याद रखने योग्य हैं।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस यानी यूपीआई किस वर्ष शुरू किया था?

  1. A.2010
  2. B.2012
  3. C.2016
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2016

व्याख्या

सही उत्तर C, 2016 है। यूपीआई 2016 में शुरू हुआ और इससे ग्राहक आभासी भुगतान पते से अपने बैंक खाते से भुगतान कर सकता है, जिससे खाता संख्या और आईएफएससी बताने की आवश्यकता ही नहीं रहती; यह उसी तत्काल निपटान व्यवस्था पर चलता है जो आईएमपीएस लाया था। विकल्प A गलत है क्योंकि 2010 में स्वयं आईएमपीएस शुरू हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 2012 में इसी संस्था ने रुपे कार्ड नेटवर्क शुरू किया था। विकल्प D गलत है क्योंकि 2019 में एनईएफटी वर्ष के सभी दिन उपलब्ध हुआ और रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस तथा एनईएफटी पर अपना शुल्क समाप्त किया। यह छोटी समय रेखा याद रखने योग्य है: 2008 में निगम, 2010 में आईएमपीएस, 2012 में रुपे, 2016 में यूपीआई, 2019 में एनईएफटी चौबीसों घंटे और 2020 में आरटीजीएस चौबीसों घंटे।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

चेक के नीचे छपे एमआईसीआर कूट में कितने अंक होते हैं?

  1. A.छह
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.ग्यारह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नौ

व्याख्या

सही उत्तर C, नौ है। चुंबकीय स्याही अक्षर पहचान कूट में नौ अंक होते हैं, जिनमें पहले तीन शहर, अगले तीन बैंक और अंतिम तीन शाखा बताते हैं; यह चुंबकीय स्याही में छपा होता है ताकि चेक समाशोधन के समय छंटाई मशीन इसे पढ़ सके। विकल्प A गलत है क्योंकि छह अंक आईएफएससी के केवल शाखा वाले भाग के होते हैं, वह अपने आप में कोई कूट नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि सात अंक आईएमपीएस में प्रयुक्त एमएमआईडी के होते हैं, जिसके पहले चार अंक बैंक बताते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्यारह वर्ण आईएफएससी के होते हैं, जो केवल अंकों का नहीं बल्कि अक्षरों और अंकों का मिश्रण है। यह भी ध्यान रखें कि चेक ट्रंकेशन प्रणाली में अब समाशोधन के लिए कागज के बजाय चेक का चित्र भेजा जाता है, यद्यपि एमआईसीआर पंक्ति उसी चित्र से पढ़ी जाती है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा भुगतान प्रणाली और उसे चलाने वाली संस्था का सही युग्म है?

  1. A.आरटीजीएस - भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
  2. B.एनईएफटी - भारतीय बैंक संघ
  3. C.नैच - भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
  4. D.यूपीआई - भारतीय रिजर्व बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नैच - भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम

व्याख्या

सही उत्तर C, नैच और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम है। राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह उसी निगम की थोक समाशोधन सेवा है, जो वेतन, पेंशन, लाभांश और सब्सिडी जैसे बार-बार होने वाले जमा तथा ऋण किस्त और उपयोगिता बिल जैसे बार-बार होने वाले नामे के लिए प्रयोग होती है। विकल्प A गलत है क्योंकि आरटीजीएस स्वयं भारतीय रिजर्व बैंक चलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एनईएफटी भी रिजर्व बैंक ही चलाता है; भारतीय बैंक संघ ने केवल निगम को बढ़ावा देने में सहयोग किया और वह स्वयं कोई भुगतान प्रणाली नहीं चलाता। विकल्प D गलत है क्योंकि यूपीआई भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम का है, रिजर्व बैंक का नहीं, यद्यपि रिजर्व बैंक हर दूसरी प्रणाली की तरह उसका भी नियमन करता है। सुरक्षित नियम यह है कि इस विषय में नामित प्रणालियों में से रिजर्व बैंक केवल दो चलाता है, आरटीजीएस और एनईएफटी, और शेष निगम चलाता है।

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