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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 7

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 7) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बैंकिंग शब्दावली और संक्षिप्ताक्षर, एनपीसीआई, यूपीआई और रुपे, बैंक खाते, जमा और केवाईसी और अन्य। इनमें से 14 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

नाबार्ड का पूरा रूप क्या है?

  1. A.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बोर्ड
  2. B.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
  3. C.राष्ट्रीय कृषि और क्षेत्रीय विकास ब्यूरो
  4. D.राष्ट्रीय कृषि सुधार और विकास बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक

व्याख्या

सही उत्तर B, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। नाबार्ड की स्थापना 1982 में बी शिवरामन की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर हुई और इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह ग्रामीण साख की शीर्ष संस्था है, जो सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों का पुनर्वित्त करती है, उनका पर्यवेक्षण करती है, और ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के माध्यम से गाँवों की अवसंरचना के लिए धन देती है। इसी ने स्वयं सहायता समूह और बैंक जोड़ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, जिसने ग्रामीण महिलाओं तक छोटा ऋण पहुँचाया।

विकल्प A में बैंक की जगह बोर्ड है, विकल्प C में ब्यूरो है, और विकल्प D में सुधार शब्द जोड़ दिया गया है। तीनों इतने निकट हैं कि बिना पढ़े अभ्यर्थी को सही लग सकते हैं। पकड़ने योग्य शब्द बैंक है, क्योंकि नाबार्ड केवल सलाह नहीं देता, वह ऋण और पुनर्वित्त देता है।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 16th March 2019, Shift 3मध्यम

भीम ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कब लॉन्च किया गया था?

  1. A.15 अगस्त, 2016
  2. B.31 अक्टूबर, 2016
  3. C.26 जनवरी, 2016
  4. D.30 दिसंबर, 2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 30 दिसंबर, 2016

व्याख्या

सही उत्तर है D, 30 दिसंबर, 2016। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीम ऐप 30 दिसंबर 2016 को लॉन्च किया था, नवंबर 2016 की नोटबंदी के कुछ ही सप्ताह बाद, ताकि लोग डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ें। भीम का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है और यह डॉ बी आर आंबेडकर के नाम पर रखा गया, जिनका पूरा नाम भीमराव रामजी आंबेडकर था। यह ऐप भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस यानी यूपीआई पर बनाया है, इसलिए पैसा सीधे एक बैंक खाते से दूसरे में जाता है, चाहे यूपीआई पहचानकर्ता से भेजा जाए या मोबाइल नंबर से, और यह कई भारतीय भाषाओं में काम करता है। A गलत है क्योंकि 15 अगस्त 2016 को ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि 31 अक्टूबर 2016 नोटबंदी की घोषणा से पहले की तिथि है। C गलत है क्योंकि 26 जनवरी 2016 गणतंत्र दिवस था। परीक्षा टिप: भीम, एनपीसीआई, यूपीआई।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

दस वर्ष तक बिना दावे रह गई जमा किस कोष में अंतरित की जाती है?

  1. A.भारत की संचित निधि
  2. B.जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष
  3. C.राष्ट्रीय निवेश कोष
  4. D.वित्तीय समावेशन कोष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष

व्याख्या

सही उत्तर B, जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष है। संशोधित बैंककारी विनियमन अधिनियम के अंतर्गत बैंक को वह जमा भारतीय रिजर्व बैंक के इस कोष में अंतरित करनी होती है जिसका दस वर्ष तक संचालन या दावा न हुआ हो। इस धन का उपयोग जमाकर्ताओं की शिक्षा और जागरूकता के लिए होता है, पर जमाकर्ता का अधिकार समाप्त नहीं होता, वह या उसका विधिक उत्तराधिकारी बाद में भी बैंक से ब्याज सहित राशि ले सकता है और बैंक उसे कोष से वसूल लेता है।

विकल्प A, भारत की संचित निधि सरकार का मुख्य खाता है जिसमें उसका राजस्व जाता है और उसका बिना दावे की जमा से कोई संबंध नहीं। विकल्प C, राष्ट्रीय निवेश कोष में सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से मिली राशि रखी जाती है। विकल्प D, वित्तीय समावेशन कोष नाबार्ड के पास बैंकिंग से वंचित क्षेत्रों के विकास कार्य के लिए है, इसलिए वह विश्वसनीय पर गलत विकल्प है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 13 Sept, 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस) की विशेषता है?

  1. A.सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय सेवा
  2. B.केंद्रीय मंत्रियों को वित्तीय सेवा
  3. C.कॉर्पोरेट को वित्तीय सेवा
  4. D.वंचित लोगों को वित्तीय सेवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वंचित लोगों को वित्तीय सेवा

व्याख्या

सही उत्तर है D, वंचित लोगों को वित्तीय सेवा। सूक्ष्म वित्त संस्था का काम उन गरीब और कम आय वाले लोगों को छोटी रकम उधार देना है, जो सामान्य बैंक की माँगी गई जमानत नहीं दे सकते। ये संस्थाएँ छोटे ऋण देती हैं, थोड़ी-थोड़ी बचत जमा करती हैं और सरल बीमा भी बेचती हैं। इनका काम आमतौर पर स्वयं सहायता समूहों या संयुक्त दायित्व समूहों के ज़रिए चलता है, जिनमें सदस्य एक-दूसरे की गारंटी बनते हैं, इसलिए अलग से जमानत नहीं चाहिए। ऋण की रकम छोटी होती है, किस्तें साप्ताहिक या मासिक होती हैं, और पैसा अक्सर छोटी दुकान, सिलाई मशीन, पशु या बीज के लिए लिया जाता है। भारत में ये संस्थाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक के पास NBFC-MFI के रूप में पंजीकृत होती हैं, और नाबार्ड का स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता कार्यक्रम इसी विचार पर चलता है। A और B गलत हैं क्योंकि सरकारी कर्मचारी और केंद्रीय मंत्री नियमित वेतन पाते हैं तथा सामान्य बैंकों से ऋण ले सकते हैं। C गलत है क्योंकि कॉर्पोरेट ग्राहकों को वाणिज्यिक बैंक और पूँजी बाज़ार सेवा देते हैं। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त का अर्थ है गरीबों को बिना जमानत छोटे ऋण, स्वयं सहायता समूहों और RBI के अधीन NBFC-MFI के माध्यम से।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 8 April 2022, Shift 3आसान

ग्रामीण साख और सूक्ष्म वित्त के संदर्भ में केसीसी का पूरा रूप क्या है?

  1. A.कृषि क्रेडिट कार्ड
  2. B.किसान क्रेडिट कार्ड
  3. C.कृषि क्रेडिट कॉर्पोरेशन
  4. D.किसान क्रेडिट कॉर्पोरेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. किसान क्रेडिट कार्ड

व्याख्या

सही उत्तर B, किसान क्रेडिट कार्ड है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में आर वी गुप्ता समिति की संस्तुति पर आरंभ हुई और इसे वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंक चलाते हैं। यह किसान को बीज, उर्वरक, मजदूरी और अन्य फसल व्यय के लिए एक ही घूमती सीमा देती है, जो वार्षिक समीक्षा के साथ कई वर्ष तक वैध रहती है, जिससे उसे हर मौसम में नया आवेदन नहीं करना पड़ता। यह सीमा अब पशुपालन और मत्स्य पालन तक बढ़ा दी गई है, और इसके अल्पकालिक फसल ऋण पर ब्याज सहायता तथा समय पर चुकाने पर अतिरिक्त छूट मिलती है।

विकल्प A, कृषि क्रेडिट कार्ड, सबसे निकट का जाल है, परंतु योजना का नाम किसान पर है। विकल्प C और D दोनों कॉर्पोरेशन पर समाप्त होते हैं, जिससे वे किसी संस्था के नाम बन जाते हैं, साख साधन के नहीं।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 5 August 2019, Shift 1आसान

डेबिट कार्ड पर कितने अंक होते हैं?

  1. A.15
  2. B.16
  3. C.14
  4. D.17
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 16

व्याख्या

सही उत्तर है B, 16। डेबिट कार्ड के सामने की तरफ 16 अंकों का कार्ड नंबर छपा होता है, और दुकान या वेबसाइट इसी नंबर से भुगतान आगे भेजती है। ये अंक बेतरतीब नहीं होते। पहले छह अंक बैंक पहचान संख्या (BIN) बनाते हैं, जो कार्ड नेटवर्क और जारी करने वाले बैंक को बताते हैं। अगले नौ अंक उस बैंक में ग्राहक के खाते की पहचान करते हैं, और आखिरी अंक जाँच अंक होता है, जो लुन (Luhn) सूत्र से निकाला जाता है, जिससे गलत टाइप किया नंबर तुरंत पकड़ में आ जाता है। भारत में जारी रुपे, वीज़ा और मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड इसी ढाँचे पर चलते हैं और नंबर चार-चार अंकों के चार समूहों में छपा होता है। A गलत है क्योंकि 15 अंक अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड के होते हैं, जो चार्ज और क्रेडिट कार्ड हैं। C और D गलत हैं क्योंकि 14 और 17 अंक डेबिट कार्ड के ढाँचे से मेल नहीं खाते। परीक्षा टिप: 16 अंक, पहले छह BIN, अंतिम एक जाँच अंक, और पीछे तीन अंकों का CVV।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 1आसान

वह कागज, जो बैंक को यह निर्देश देता है कि किसी व्यक्ति के खाते से निश्चित राशि उस दूसरे व्यक्ति को दी जाए जिसके नाम पर वह जारी हुआ है, कहलाता है:

  1. A.नकद
  2. B.चेक
  3. C.पासबुक
  4. D.करेंसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चेक

व्याख्या

सही उत्तर B, चेक है। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 6 चेक को उस विनिमय पत्र के रूप में परिभाषित करती है जो किसी विशिष्ट बैंककार पर लिखा जाता है और मांग पर देय होने के अतिरिक्त किसी रूप में देय नहीं कहा जाता। सरल शब्दों में यह खाताधारक अर्थात लेखक का लिखित आदेश है, जो बैंक अर्थात अदाकर्ता से कहता है कि उस पर नामित आदाता को निश्चित राशि दी जाए, और प्रश्न ठीक यही बता रहा है।

विकल्प A, नकद स्वयं धन है और उसे किसी निर्देश की आवश्यकता नहीं। विकल्प C, पासबुक केवल खाते की प्रविष्टियों का अभिलेख है, इसलिए वह घटित बातें सिद्ध करती है पर कोई आदेश नहीं देती। विकल्प D, करेंसी रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा जारी वैध मुद्रा है, वह भी भुगतान का आदेश नहीं है। केवल चेक ही बैंककार को दिया गया आदेश है, और इसी कारण वह धारा 13 के अंतर्गत परक्राम्य लिखत है।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 26 Oct 2021, Shift 3आसान

बेसल मानदंड वित्तीय प्रणाली के किस पहलू पर केंद्रित हैं?

  1. A.बीमा
  2. B.बैंकिंग
  3. C.शेयर बाजार
  4. D.वस्तु बाजार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैंकिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंकिंग। बेसल मानदंड बैंकिंग पर्यवेक्षण के अंतरराष्ट्रीय मानक हैं।

इन्हें बेसल कमेटी ऑन बैंकिंग सुपरविजन जारी करती है, जो स्विट्जरलैंड के बेसल शहर में स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के अंतर्गत काम करती है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक अपने जोखिम के अनुपात में पर्याप्त पूँजी रखे, जिससे घाटा जमाकर्ताओं पर न पड़े। बेसल I (1988) ऋण जोखिम से जुड़ा था, बेसल II (2004) ने बाजार और परिचालन जोखिम के साथ पर्यवेक्षण और प्रकटीकरण जोड़ा, और 2008 के संकट के बाद बना बेसल III पूँजी की गुणवत्ता बढ़ाने तथा तरलता और उत्तोलन के नियम लाया। भारत में रिजर्व बैंक इन्हें लागू करता है और जोखिम भारित परिसंपत्तियों पर नौ प्रतिशत पूँजी अनुपात माँगता है।

विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि बीमा का नियमन आईआरडीएआई करता है और शेयर तथा वस्तु बाजार का सेबी।

परीक्षा टिप: बेसल समिति - बेसल, स्विट्जरलैंड; भारत में सीआरएआर नौ प्रतिशत।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB NTPC · 11 Mar 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस बैंक ने कार्ड-रहित एटीएम सेवा 'YONO कैश पॉइंट' शुरू की?

  1. A.सिटी बैंक
  2. B.यूबीएस
  3. C.एसबीआई
  4. D.एचडीएफसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसबीआई

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसबीआई। YONO का पूरा नाम You Only Need One है और यह भारतीय स्टेट बैंक का डिजिटल बैंकिंग ऐप है, जो नवंबर 2017 में शुरू हुआ। इसकी YONO कैश सुविधा में ग्राहक फोन पर निकासी शुरू करता है, छह अंकों का संदर्भ नंबर पाता है, और फिर वही नंबर तथा पिन डालकर एटीएम, शाखा काउंटर या दुकान के पॉइंट से नकद ले लेता है, इसलिए डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती। YONO कैश पॉइंट ने यही कार्ड-रहित सेवा दुकानों तक पहुँचाई, जिससे उन छोटे कस्बों में मदद मिलती है जहाँ एटीएम कम हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सिटी बैंक का भारतीय रिटेल कारोबार बाद में एक्सिस बैंक को बेच दिया गया और उसने कोई YONO सेवा नहीं चलाई। विकल्प B गलत है क्योंकि यूबीएस एक स्विस निवेश बैंक है और भारत में उसका रिटेल एटीएम नेटवर्क नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि एचडीएफसी बैंक के ऐप पेजैप और मोबाइलबैंकिंग हैं, YONO नहीं। परीक्षा टिप: YONO एसबीआई का है; आईमोबाइल आईसीआईसीआई का, पेजैप एचडीएफसी का और भीम एनपीसीआई का ऐप है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 22nd Dec 2018, Shift 2मध्यम

भारत में बैंकिंग लोकपाल के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।
  2. B.बैंकिंग लोकपाल योजना में केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ही आते हैं।
  3. C.शिकायतकर्ता के लिए निर्णय को पूरी तरह स्वीकार करना बाध्यकारी है।
  4. D.बैंकिंग लोकपाल शिकायत दर्ज करने और निपटाने के लिए मामूली शुल्क लेता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A। बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो बैंकिंग सेवा में कमी से जुड़ी ग्राहकों की शिकायतें सुनकर उनका निपटारा करता है। यह योजना पहली बार बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क के तहत लाई गई थी, और लोकपाल भुगतान में देरी, गलत शुल्क वसूली, कार्ड तथा डिजिटल लेन-देन के विवाद और छोटे सिक्के न लेने जैसे मामलों पर निर्णय देता है। ग्राहक को पहले अपने बैंक में शिकायत करनी होती है और तीस दिन में जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब मिलने पर ही वह लोकपाल के पास जा सकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अनुसूचित सहकारी बैंक भी इसमें आते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि शिकायतकर्ता निर्णय को अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्राहक के लिए यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। परीक्षा टिप: नियुक्ति आरबीआई करता है, पहले बैंक में शिकायत, सेवा निःशुल्क।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB NTPC · 17 June 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में सूक्ष्म वित्त संस्थानों का मूल सिद्धांत नहीं है?

  1. A.भौतिक संपार्श्विक का अभाव
  2. B.सहकर्मी निगरानी
  3. C.महिला उधारकर्ताओं पर ध्यान
  4. D.बड़ी राशि का ऋण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बड़ी राशि का ऋण

व्याख्या

सही उत्तर है D, बड़ी राशि का ऋण। सूक्ष्म वित्त का अर्थ है उन गरीब परिवारों को छोटे ऋण देना जिन्हें बैंक बहुत जोखिम भरा मानते हैं, इसलिए बड़ी राशि का ऋण इस विचार के उलट है। रिजर्व बैंक सूक्ष्म वित्त ऋण को एक तय वार्षिक आय से नीचे के परिवार को दिया गया संपार्श्विक-मुक्त ऋण मानता है, और पूरा ढाँचा बड़ी रकम के बजाय छोटी तथा बार-बार होने वाली किस्तों पर टिका है। विकल्प A सच्चा सिद्धांत है, क्योंकि उधार लेने वाले के पास गिरवी रखने को जमीन या सोना नहीं होता और समूह का वचन ही सुरक्षा का काम करता है। विकल्प B भी सच्चा सिद्धांत है: संयुक्त देयता समूह के सदस्य एक-दूसरे की अदायगी पर नजर रखते हैं, और इसी दबाव से वसूली दर ऊँची रहती है। विकल्प C भी सही है, क्योंकि स्वयं सहायता समूह मुख्य रूप से महिलाओं के इर्द-गिर्द बनते हैं, जो अधिक नियमित रूप से बचत और अदायगी करती हैं। नाबार्ड के 1992 के एसएचजी-बैंक लिंकेज कार्यक्रम ने इस मॉडल को पूरे भारत में फैलाया। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त — छोटे, संपार्श्विक-मुक्त, समूह की गारंटी वाले ऋण, मुख्यतः महिलाओं को।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: राजस्थान · RPSC Junior Accountant 2011 Paper-II (Ofमध्यम

एक निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन क्या कहलाता है?

  1. A.चेक
  2. B.विनिमय पत्र (बिल ऑफ एक्सचेंज)
  3. C.वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
  4. D.हुंडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 4 के अनुसार वचन पत्र वह लिखित लिखत है जिस पर लिखने वाला हस्ताक्षर करता है और जिसमें किसी निश्चित व्यक्ति को या उसके आदेश पर निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन होता है। प्रश्न का निर्णायक शब्द वचन है, अर्थात वादा: इसमें केवल दो पक्ष होते हैं, वचन देने वाला और भुगतान पाने वाला। करेंसी नोट पर भी रिज़र्व बैंक भुगतान का वचन देता है, फिर भी उसे इस परिभाषा से बाहर रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि धारा 5 के अनुसार विनिमय पत्र में भुगतान का बिना शर्त आदेश होता है, वचन नहीं, और उसमें तीन पक्ष होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारा 6 के अनुसार चेक किसी निर्दिष्ट बैंकर पर लिखा और मांग पर देय विनिमय पत्र ही है, इसलिए वह भी आदेश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हुंडी क्षेत्रीय भाषा में लिखी परंपरागत लिखत है, जिसे अधिनियम परिभाषित नहीं करता। परीक्षा टिप: वचन यानी प्रॉमिसरी नोट, आदेश यानी बिल या चेक।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में बैंक जमा का डीआईसीजीसी द्वारा अधिकतम कितनी राशि तक बीमा किया जाता है?

  1. A.1 लाख रुपये
  2. B.2 लाख रुपये
  3. C.5 लाख रुपये
  4. D.10 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, 5 लाख रुपये है। निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था है और यह बैंकों में रखी जमा राशि का बीमा करती है। यह सुरक्षा 2020 में एक लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दी गई और यह प्रत्येक बैंक में प्रत्येक जमाकर्ता के लिए मूलधन तथा ब्याज को मिलाकर लागू होती है। सभी वाणिज्यिक बैंक, भारत में विदेशी बैंकों की शाखाएँ, स्थानीय क्षेत्र बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक इसमें आते हैं, तथा प्रीमियम जमाकर्ता नहीं बल्कि बैंक चुकाता है।

विकल्प A, एक लाख रुपये पुरानी सीमा थी और यही उत्तर पुरानी पुस्तक पढ़ने वाला अभ्यर्थी देता है। विकल्प B और D, दो लाख तथा दस लाख रुपये इस योजना की सीमाएँ हैं ही नहीं। दो लाख रुपये तो आरटीजीएस की न्यूनतम राशि है, इसीलिए वह यहाँ भ्रम के लिए रखा गया है।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 1 Jul 2019, Shift 3आसान

भारत के बैंकिंग क्षेत्र के संदर्भ में IMPS का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.इंस्टैंट पेमेंट सेक्टर
  2. B.इमीडिएट पेमेंट सर्विस
  3. C.इमीडिएट पेमेंट सेक्टर
  4. D.इंस्टैंट पेमेंट सर्विस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इमीडिएट पेमेंट सर्विस

व्याख्या

सही उत्तर है B, इमीडिएट पेमेंट सर्विस। आईएमपीएस अंतर-बैंक धन अंतरण सेवा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई चलाता है और जो नवंबर 2010 में शुरू हुई थी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह चौबीसों घंटे, छुट्टी के दिन और रात में भी काम करती है तथा पैसा कुछ ही सेकंड में लाभार्थी तक पहुँच जाता है। भुगतान खाता संख्या और आईएफएससी कोड से किया जा सकता है, या मोबाइल नंबर तथा एमएमआईडी से, और इसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या शाखा से शुरू किया जा सकता है। एनपीसीआई 2008 में खुदरा भुगतानों की शीर्ष संस्था के रूप में बना और यूपीआई, रुपे, नैच, एईपीएस तथा फास्टैग भी चलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंतिम अक्षर S का अर्थ सर्विस है, सेक्टर नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहला शब्द इमीडिएट है, इंस्टैंट नहीं। परीक्षा टिप: एनईएफटी और आरटीजीएस रिज़र्व बैंक चलाता है, आईएमपीएस और यूपीआई एनपीसीआई।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

कौन खाता अनिवासी भारतीय को अनुमत विदेशी मुद्रा में सावधि जमा रखने देता है, जिससे जमाकर्ता पर विनिमय दर का जोखिम नहीं रहता?

  1. A.एनआरई खाता
  2. B.एनआरओ खाता
  3. C.एफसीएनआर (बी) खाता
  4. D.एस्क्रो खाता
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफसीएनआर (बी) खाता

व्याख्या

सही उत्तर C, एफसीएनआर (बी) खाता है, यानी विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक खाता। यह अमेरिकी डॉलर, पाउंड स्टर्लिंग, यूरो या येन जैसी अनुमत विदेशी मुद्रा में एक से पाँच वर्ष की सावधि जमा है, और मूलधन तथा ब्याज दोनों उसी मुद्रा में लौटाए जाते हैं, इसलिए रुपये की दर बदलने से जमाकर्ता पर असर नहीं पड़ता। विनिमय दर का जोखिम बैंक उठाता है।

विकल्प A, अनिवासी बाह्य खाता रुपये में रखा जाता है; वह पूरी तरह प्रत्यावर्तनीय है और उसका ब्याज भारत में आयकर से मुक्त है, पर विनिमय जोखिम जमाकर्ता पर रहता है। विकल्प B, अनिवासी साधारण खाता भी रुपये में है और भारत में अर्जित आय जैसे किराया, पेंशन या लाभांश के लिए है, जिसका ब्याज कर योग्य है और प्रत्यावर्तन सीमित। विकल्प D, एस्क्रो खाता वह निष्पक्ष खाता है जिसमें अनुबंध की शर्तें पूरी होने तक धन रखा जाता है।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1आसान

'द नेम यू कैन बैंक अपॉन' निम्नलिखित में से किस बैंक का स्लोगन है?

  1. A.पंजाब नेशनल बैंक
  2. B.भारतीय स्टेट बैंक
  3. C.एचडीएफसी बैंक
  4. D.केनरा बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पंजाब नेशनल बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है A, पंजाब नेशनल बैंक। 'द नेम यू कैन बैंक अपॉन' स्लोगन पंजाब नेशनल बैंक का है। पीएनबी की स्थापना 1894 में लाहौर में हुई थी और यह पूरी तरह भारतीय पूँजी से शुरू होने वाला पहला भारतीय बैंक था, जिसके पीछे लाला लाजपत राय जैसे नाम थे; अब इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। ऐसे स्लोगन परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि हर बड़ा बैंक अपनी पंक्ति वर्षों तक बनाए रखता है। B गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक का स्लोगन 'द बैंकर टू एवरी इंडियन' है और पहले 'विद यू ऑल द वे' था। C गलत है क्योंकि एचडीएफसी बैंक 'वी अंडरस्टैंड योर वर्ल्ड' का प्रयोग करता है। D गलत है क्योंकि केनरा बैंक का स्लोगन 'टुगेदर वी कैन' है। परीक्षा टिप: बैंक, स्थापना वर्ष और स्लोगन तीनों साथ याद रखें।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 6 April 2022, Shift 3कठिन

स्वयं सहायता समूह का कौन सा मॉडल अंतरराष्ट्रीय मॉडल भी कहलाता है?

  1. A.सीडीएफ मॉडल
  2. B.सेवा मॉडल
  3. C.सपाप मॉडल
  4. D.डीडब्ल्यूसीआरए मॉडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सपाप मॉडल

व्याख्या

सही उत्तर C, सपाप मॉडल है। दक्षिण एशिया गरीबी उपशमन कार्यक्रम का मॉडल स्वयं सहायता समूह निर्माण का अंतरराष्ट्रीय मॉडल कहलाता है, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से चला और दक्षिण एशिया के कई देशों में एक ही रूपरेखा पर लागू हुआ, जिसका आरंभ भारत में आंध्र प्रदेश के जिलों से हुआ। यह तीन स्तरीय ढाँचा बनाता है, नीचे निर्धन महिलाओं का समूह, उसके ऊपर ग्राम संगठन और मंडल स्तर पर महासंघ, जिसमें पहले बचत और उसके बाद साख होती है।

विकल्प A, सीडीएफ मॉडल, आंध्र प्रदेश में सहकारी विकास प्रतिष्ठान का कार्य है, जो सहकारी बचत का मॉडल है। विकल्प B, सेवा मॉडल, अहमदाबाद की स्वरोजगार महिला संस्था और उसके बैंक से निकला। विकल्प D, डीडब्ल्यूसीआरए अर्थात ग्रामीण क्षेत्रों में महिला और बाल विकास, 1982 का सरकारी कार्यक्रम था और घरेलू मॉडल है।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: राजस्थान · 2 Aug 2015आसान

बैंक द्वारा एनएसएफ अंकित करके लौटाया गया चेक किसका अर्थ रखता है?

  1. A.बैंक आपकी पहचान सत्यापित नहीं कर सकता
  2. B.आपके खाते में पर्याप्त धन नहीं है
  3. C.चेक कूटरचित है
  4. D.चेक अवैध होने के कारण भुनाया नहीं जा सकता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आपके खाते में पर्याप्त धन नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर B, आपके खाते में पर्याप्त धन नहीं है। एनएसएफ का अर्थ नॉट सफिशिएंट फंड्स है, और बैंक इसे वापसी ज्ञापन पर तब लिखता है जब लेखक के खाते का शेष चेक की राशि से कम हो। यही आधार परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 को लागू करता है, जिसके अंतर्गत ऐसा चेक जारी करना दो वर्ष तक के कारावास, या राशि के दोगुने तक जुर्माने, या दोनों से दंडनीय अपराध है।

विकल्प A अपने ग्राहक को जानिए से जुड़ी समस्या बताता है, जिसे अलग से निपटाया जाता है और जो एनएसएफ का अर्थ नहीं है। विकल्प C, कूटरचना की स्थिति में हस्ताक्षर भिन्न होने या लिखत में परिवर्तन दिखने की टिप्पणी लिखी जाती है, और तात्विक परिवर्तन धारा 87 के अंतर्गत आता है। विकल्प D बैंकिंग की वापसी का कारण ही नहीं है। शेष की कमी को ही एनएसएफ कहा जाता है।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

सरफेसी अधिनियम, जो बैंकों को न्यायालय गए बिना गिरवी संपत्ति पर कब्जा लेकर वसूली की अनुमति देता है, किस वर्ष बना?

  1. A.1993
  2. B.1999
  3. C.2002
  4. D.2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2002

व्याख्या

सही उत्तर C, 2002 है। वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम 2002 में पारित हुआ। यह गिरवी रखने वाले लेनदार को यह अधिकार देता है कि वह उधार लेने वाले को साठ दिन का नोटिस देकर बंधक संपत्ति पर कब्जा ले और उसे बेचकर बकाया वसूल करे, इसके लिए दीवानी न्यायालय में वाद दायर करने की आवश्यकता नहीं। इसी अधिनियम ने परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों के लिए कानूनी आधार भी बनाया, जो बैंकों से डूबे ऋण खरीदती हैं। कृषि भूमि को इस अधिनियम की पहुँच से बाहर रखा गया है।

विकल्प A, 1993 बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को देय ऋण वसूली अधिनियम का वर्ष है, जिसने ऋण वसूली अधिकरण बनाए। विकल्प B, 1999 ऐसे किसी वसूली कानून से नहीं जुड़ा। विकल्प D, 2016 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता का वर्ष है, जो पूरी कंपनी के समाधान से जुड़ी है।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

वित्तीय संस्थाओं के ग्राहकों के केवाईसी अभिलेख रखने वाली केंद्रीय केवाईसी अभिलेख रजिस्ट्री किस संस्था द्वारा संचालित होती है?

  1. A.सर्साई
  2. B.एनपीसीआई
  3. C.सेबी
  4. D.आईआरडीएआई
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सर्साई

व्याख्या

सही उत्तर A, सर्साई है, यानी भारत की प्रतिभूतिकरण परिसंपत्ति पुनर्निर्माण और प्रतिभूति हित की केंद्रीय रजिस्ट्री। यही केंद्रीय केवाईसी अभिलेख रजिस्ट्री रखती है, जिसमें बैंक तथा अन्य रिपोर्टिंग संस्थाएँ अपने ग्राहकों के केवाईसी अभिलेख एक विशिष्ट केवाईसी पहचानकर्ता के साथ दर्ज करती हैं। जिस ग्राहक का अभिलेख पहले से रजिस्ट्री में है, उसे दूसरे बैंक, बीमा कंपनी या म्यूचुअल फंड के साथ काम करते समय पूरी प्रक्रिया दोहरानी नहीं पड़ती, जिससे समय और कागज दोनों बचते हैं।

विकल्प B, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यूपीआई, रुपे, नैच और आईएमपीएस जैसी खुदरा भुगतान प्रणालियाँ चलाता है। विकल्प C, सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है। विकल्प D, आईआरडीएआई बीमा का नियामक है। तीनों वित्तीय क्षेत्र के नियामक या प्रणाली संचालक हैं, इसलिए वे विश्वसनीय लगते हैं, पर केवाईसी रजिस्ट्री सर्साई के पास है, जो सरफेसी ढाँचे के अंतर्गत बनी कंपनी है।

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