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GK24

भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 9

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

166 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q161.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Feb 2016 Paper 2 Social Studies (L मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 'विशिष्टाद्वैत' के सिद्धांत का प्रतिपादन किया?

  1. A.अल्लम प्रभु
  2. B.शंकर
  3. C.रामानुज
  4. D.बासवन्ना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रामानुज

व्याख्या

सही उत्तर है C, रामानुज। ग्यारहवीं शताब्दी में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में जन्मे रामानुज ने 'विशिष्टाद्वैत' यानी विशेषता सहित अद्वैत का सिद्धांत दिया। उनका मत था कि आत्मा परम ईश्वर विष्णु से एक होने पर भी अपना पृथक अस्तित्व बनाए रखती है, और मोक्ष का सबसे निश्चित मार्ग विष्णु के प्रति गहन भक्ति है। आलवार संतों से गहरे प्रभावित रामानुज ने मंदिर की उपासना और भक्ति के द्वार सभी जातियों के लिए खोले, और उनके विचारों से आगे चलकर रामानंद तथा उत्तर भारत के भक्ति संत प्रेरित हुए। B गलत है क्योंकि आठवीं शताब्दी में केरल में जन्मे शंकर ने 'अद्वैत' यानी शुद्ध अद्वैतवाद का उपदेश दिया, जिसमें केवल ब्रह्म सत्य है और जगत माया है। A और D गलत हैं क्योंकि अल्लम प्रभु और बासवन्ना कर्नाटक के वीरशैव या लिंगायत आंदोलन से जुड़े थे, जो लिंग रूप में शिव की उपासना करता था तथा जाति और कर्मकांड को अस्वीकार करता था, इस दर्शन का प्रतिपादन नहीं करता था। परीक्षा टिप: शंकर – अद्वैत, रामानुज – विशिष्टाद्वैत, मध्वाचार्य – द्वैत।

Q162.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Sept 2014 Paper 2 Social Studies (Lमध्यम

किसने लिखा है कि रज़िया अपने भाइयों से अधिक योग्य और सक्षम थी?

  1. A.अल-बिरूनी
  2. B.बदायूँनी
  3. C.मिन्हाज-ए-सिराज
  4. D.ज़ियाउद्दीन बरनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मिन्हाज-ए-सिराज

व्याख्या

सही उत्तर है C, मिन्हाज-ए-सिराज। मिन्हाज-ए-सिराज दिल्ली सल्तनत का इतिहासकार था, जिसने 'तबकात-ए-नासिरी' लिखी। उसने लिखा कि इल्तुतमिश की पुत्री रज़िया अपने सभी भाइयों से अधिक योग्य और सक्षम थी, पर साथ ही यह भी जोड़ा कि एक स्त्री का शासन करना उसे उचित नहीं लगता, क्योंकि यह ईश्वर द्वारा बनाई गई उस व्यवस्था के विपरीत था जिसमें पुरुष स्त्रियों से ऊपर रखे गए थे। रज़िया 1236 में सुल्तान बनी और 1240 में हटा दी गई, और दरबार के अमीरों ने उसे कभी स्वीकार नहीं किया। A गलत है क्योंकि अल-बिरूनी ग्यारहवीं सदी में महमूद ग़ज़नवी के साथ भारत आया और 'किताब-उल-हिंद' लिखी, जो रज़िया से बहुत पहले की बात है। B गलत है क्योंकि बदायूँनी अकबर के समय का इतिहासकार था, जिसने 'मुंतखब-उत-तवारीख' लिखी। D गलत है क्योंकि 'तारीख-ए-फ़िरोज़शाही' के लेखक ज़ियाउद्दीन बरनी बाद के थे और ऊँचे कुल से हटकर दी गई किसी भी सत्ता तथा रज़िया के शासन के कड़े विरोधी थे। परीक्षा टिप: मिन्हाज-ए-सिराज – तबकात-ए-नासिरी; बरनी – तारीख-ए-फ़िरोज़शाही।

Q163.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Sept 2014 Paper 2 Social Studies (Lमध्यम

निम्नलिखित में से कौन हड़प्पाकालीन स्थल नहीं है?

  1. A.राखीगढ़ी
  2. B.सोत्काकोह
  3. C.गनेरीवाला
  4. D.चिरांद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चिरांद

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिरांद। चिरांद बिहार के सारण जिले में गंगा के किनारे स्थित है और यह नवपाषाण तथा ताम्रपाषाण काल का स्थल है, हड़प्पा सभ्यता का नहीं। यह हड्डी और सींग से बने औजारों के लिए प्रसिद्ध है, जो पूर्वी भारत में इस तरह की सबसे समृद्ध खोजों में गिने जाते हैं। A गलत है क्योंकि हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी हड़प्पाई नगर है और भारत में मिला सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है। B गलत है क्योंकि सोत्काकोह मकरान तट पर बसा हड़प्पाई तटीय स्थल है, जो पश्चिम की ओर जाने वाले समुद्री मार्ग का पड़ाव था। C गलत है क्योंकि गनेरीवाला चोलिस्तान रेगिस्तान में घग्घर-हाकड़ा की सूखी घाटी में स्थित बड़ा हड़प्पाई स्थल है, हालाँकि वहाँ खुदाई कम हुई है। याद रखें कि हड़प्पाई स्थल सिंधु और घग्घर-हाकड़ा के साथ-साथ तथा गुजरात व मकरान के तटों पर मिलते हैं। परीक्षा टिप: चिरांद – नवपाषाण, बिहार; राखीगढ़ी, सोत्काकोह और गनेरीवाला – हड़प्पाई।

Q164.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Feb 2014 Paper 2 Social Studies (L मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता बौद्ध धर्म और जैन धर्म, दोनों में समान है?

  1. A.सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया
  2. B.इन दोनों धर्मों को मुख्य रूप से व्यापारियों का समर्थन मिला
  3. C.मोक्ष पाने के लिए मनुष्य को वस्त्रों सहित सब कुछ त्यागना पड़ता था
  4. D.अधिक पाने की लगातार इच्छा मध्यम मार्ग अपनाकर दूर की जा सकती थी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया। महावीर और बुद्ध, दोनों का मानना था कि सच्चा ज्ञान पाने के लिए व्यक्ति को घर-परिवार छोड़कर भिक्षु या भिक्षुणी का जीवन अपनाना पड़ता है। इसी कारण दोनों धर्मों में संघ बने, यानी भिक्षुओं और भिक्षुणियों के संगठित समूह, जो भिक्षा माँगकर भोजन जुटाते, लगभग कुछ भी अपने पास नहीं रखते और अध्ययन तथा ध्यान में समय बिताते थे। महावीर ने तीस वर्ष की आयु में घर छोड़ा और बुद्ध ने राजकुमार रहते हुए कपिलवस्तु छोड़ा, तथा दोनों ने आम लोगों की भाषा प्राकृत में उपदेश दिए। B गलत है क्योंकि मुख्य रूप से व्यापारियों का समर्थन जैन धर्म को मिला, जबकि बौद्ध धर्म राजाओं, किसानों और शिल्पकारों में भी फैला। C गलत है क्योंकि वस्त्र त्यागने का नियम जैन मुनियों का था, बौद्ध भिक्षुओं का नहीं। D गलत है क्योंकि मध्यम मार्ग बुद्ध की शिक्षा थी, जैन धर्म कठोर तपस्या पर बल देता था। परीक्षा टिप: संघ और गृहत्याग दोनों में समान; मध्यम मार्ग केवल बौद्ध।

Q165.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET July 2013 Paper - 2 Social Studies कठिन

अर्थशास्त्र के अनुसार, मौर्य काल में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र किसके लिए महत्वपूर्ण था?

  1. A.कपास
  2. B.सोना और बहुमूल्य पत्थर
  3. C.चाँदी और ताँबा
  4. D.कंबल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कंबल

व्याख्या

सही उत्तर है D, कंबल। 'अर्थशास्त्र' राजनीति और शासन पर लिखी वह पुस्तक है जिसका श्रेय चंद्रगुप्त मौर्य के मंत्री कौटिल्य यानी चाणक्य को दिया जाता है। इसमें बताया गया है कि साम्राज्य के किस भाग से राज्य को कौन-सी वस्तुएँ मिलती थीं। इसमें उत्तर-पश्चिम को कंबलों और घोड़ों का स्रोत बताया गया है, और यही पंक्ति NCERT के मौर्यकाल वाले अध्याय में उद्धृत है। उत्तर-पश्चिम इसलिए भी महत्वपूर्ण था कि तक्षशिला से जाने वाला मार्ग मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के व्यापार को जोड़ता था, और तक्षशिला साम्राज्य की चार प्रांतीय राजधानियों में एक थी। B गलत है क्योंकि इसी ग्रंथ में सोना और बहुमूल्य पत्थर दक्षिण भारत से जुड़े बताए गए हैं। A गलत है क्योंकि कपास दक्कन और गुजरात की काली मिट्टी के क्षेत्रों से जुड़ी है, उत्तर-पश्चिम से नहीं। C गलत है क्योंकि ताँबा और चाँदी राजस्थान आदि की खानों से आते थे और ग्रंथ इन्हें इस क्षेत्र से नहीं जोड़ता। परीक्षा टिप: अर्थशास्त्र – उत्तर-पश्चिम से कंबल और घोड़े, दक्षिण भारत से सोना और रत्न।

Q166.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Nov 2012 Paper - 2 Social Studies (आसान

किसी सूफी संत के मकबरे को क्या कहा जाता है?

  1. A.ईदगाह
  2. B.खानकाह
  3. C.इबादतगाह
  4. D.दरगाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दरगाह

व्याख्या

सही उत्तर है D, दरगाह। दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा है, जो उनकी कब्र पर बनाया जाता है और जहाँ हर धर्म के लोग धागे बाँधने, फूल चढ़ाने और मन्नत माँगने आते हैं। संत की मृत्यु की वर्षगाँठ पर होने वाले आयोजन को 'उर्स' कहते हैं, जिसमें दरगाह पर कव्वाली गाई जाती है। अजमेर में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती और दिल्ली में निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाहें भारत में सबसे प्रसिद्ध हैं, और अकबर के समय से मुग़ल बादशाह अजमेर की यात्रा पैदल तीर्थयात्री के रूप में करते थे। A गलत है क्योंकि ईदगाह शहर के बाहर बनी वह खुली चारदीवारी वाली जगह है जहाँ समुदाय ईद की नमाज़ के लिए जुटता है। B गलत है क्योंकि खानकाह वह निवास था जिसमें जीवित सूफी संत अपने शिष्यों के साथ रहते, उन्हें शिक्षा देते और यात्रियों को भोजन कराते थे। C गलत है क्योंकि इबादतगाह का अर्थ सामान्य रूप से उपासना-स्थल है। परीक्षा टिप: खानकाह – संत का निवास, दरगाह – संत का मकबरा, उर्स – वहाँ का वार्षिक आयोजन।