इब्न बतूता द्वारा वर्णित भारत की डाक व्यवस्था की विशेषताएँ निम्नलिखित में से कौन-सी थीं? 1. पैदल डाकिया एक हाथ में बजने वाली घंटी रखता है। 2. घोड़ा डाक को उलुक कहा जाता है, जो हर चार मील की दूरी पर तैनात रहती है। 3. पैदल डाक या दावा का हर चार कोस की दूरी पर एक केंद्र होता है। 4. पैदल डाक घोड़ा डाक से अधिक तेज़ होती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 4
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1, 2 और 4। मुहम्मद बिन तुगलक की सेवा में रहे इब्न बतूता ने दो तरह की डाक व्यवस्था का वर्णन किया, जिसमें कथन 1, 2 और 4 सही बैठते हैं।
अपने यात्रा-वृत्तांत 'रिहला' में इब्न बतूता ने लिखा कि घोड़ा डाक, जिसे उलुक कहते थे, में हर चार मील पर शाही घोड़े तैनात रहते थे। पैदल डाक, जिसे दावा कहते थे, में हर एक मील पर तीन केंद्र होते थे। हर केंद्र पर हरकारे तैयार रहते थे; हरकारा एक हाथ में पत्र और दूसरे में ऊपर तांबे की घंटियों वाली छड़ लेकर दौड़ता था, और घंटियों की आवाज़ सुनकर अगला हरकारा तैयार हो जाता था। उसने आश्चर्य के साथ लिखा कि पैदल डाक घोड़ा डाक से भी तेज़ थी, और व्यापारी इससे समाचार और हुंडियाँ भेजते थे।
B गलत है, क्योंकि इसमें सही कथन 4 छूट गया है। C गलत है, क्योंकि कथन 3 गलत है; दावा में हर मील पर तीन केंद्र थे, हर चार कोस पर एक नहीं। D गलत है, क्योंकि इसमें गलत कथन 3 शामिल है और कथन 2 छूट गया है।
Exam tip: उलुक यानी हर चार मील पर घोड़ा डाक, दावा यानी हर मील पर तीन केंद्रों वाली पैदल डाक, और पैदल डाक अधिक तेज़ थी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1799 में किंग जॉर्ज को बादशाहनामा किसने भेंट किया?
- A.अबुल फ़ज़ल
- B.अब्दुल हमीद लाहौरी
- C.अवध के नवाब
- D.विलियम जोन्स
उत्तर देखें
1799 में अवध के नवाब ने बादशाहनामा की एक चित्रित पांडुलिपि ब्रिटेन के राजा जॉर्ज तृतीय को भेंट की, जो आज विंडसर कैसल की रॉयल लाइब्रेरी में रखी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1947 का ट्रूमैन सिद्धांत निम्नलिखित में से किसे प्राप्त करने के लिए घोषित किया गया था?
- A.सोवियत संघ (USSR) को रोकना
- B.अमेरिका में कृषि उत्पादन बढ़ाना
- C.यूरोप को मित्रता का प्रस्ताव देना
- D.संयुक्त राष्ट्र संगठन को सुदृढ़ करना
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ट्रूमैन सिद्धांत ने साम्यवादी दबाव का विरोध करने वाले देशों को अमेरिकी समर्थन का वचन दिया, ताकि सोवियत प्रभाव का फैलाव रोका जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीसवीं शताब्दी के आरंभ के भारत के निम्नलिखित महिला संगठनों और उनसे जुड़ी प्रमुख व्यक्तियों पर विचार कीजिए:
1. 1917 का वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन : मार्गरेट कज़िन्स
2. 1925 की नेशनल काउंसिल ऑफ वीमेन इन इंडिया : सरला देवी चौधरानी
3. 1910 का भारत स्त्री महामंडल : लेडी मेहरबाई टाटा
ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1
उत्तर देखें
मार्गरेट कज़िन्स वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन की संस्थापकों में थीं, लेकिन युग्म 2 और 3 में जुड़े व्यक्तियों के नाम आपस में बदल दिए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलेख रेशम बुनकरों की एक श्रेणी (गिल्ड) का इतिहास दर्ज करता है?
- A.हाथीगुम्फा अभिलेख
- B.मंदसौर अभिलेख
- C.कुडुमियामलै अभिलेख
- D.उदयगिरि गुफा अभिलेख
उत्तर देखें
पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर का यह पाँचवीं शताब्दी का संस्कृत अभिलेख बताता है कि रेशम बुनकरों की एक श्रेणी लाट (दक्षिण गुजरात) से दशपुर आकर बसी और उसने सूर्य मंदिर बनवाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुनर्जागरणकालीन मानववादी संस्कृति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.इसने मानव जीवन पर धर्म के नियंत्रण को ढीला किया
- B.यह मानती थी कि मानव स्वभाव बहुआयामी है
- C.यह शिष्टाचार से सरोकार रखती थी
- D.इसने भौतिक संपदा, शक्ति और कीर्ति की आलोचना की
उत्तर देखें
पुनर्जागरण के मानववादियों ने धन, शक्ति और कीर्ति की निंदा नहीं की, बल्कि इन्हें मनुष्य के योग्य लक्ष्य माना, इसलिए यही कथन सत्य नहीं है।
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