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GK24
भारतीय इतिहासकठिनपूछा गया: दिल्ली · DSSSB TGT (Maths), 13 Nov 2025, S3

जब तैमूर लंग ने भारत पर आक्रमण किया, तब दिल्ली सल्तनत का शासक निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.नुसरत शाह
  2. B.सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
  3. C.नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय
  4. D.खिज्र खान

सही उत्तर

B. सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक। 1398 में तैमूर के आक्रमण के समय वही दिल्ली का सुल्तान था। समरकंद के तुर्क-मंगोल शासक तैमूर ने सिंधु पार की, दिसंबर 1398 में दिल्ली के पास महमूद शाह की सेना को हराया और कई दिनों तक शहर को लूटा। सुल्तान भागकर गुजरात चला गया, और तुगलक राज्य फिर कभी नहीं संभल पाया। तैमूर ने अपने समर्थक खिज्र खान को मुल्तान का ज़िम्मा सौंपा, और इसी संबंध के सहारे खिज्र खान ने आगे चलकर 1414 में सैयद वंश की नींव रखी। विकल्प A गलत है, क्योंकि नुसरत शाह तुगलक वंश का एक प्रतिद्वंद्वी दावेदार था, जिसने कुछ साल फ़िरोज़ाबाद पर कब्ज़ा रखा; वह दिल्ली का मान्य सुल्तान नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि फ़िरोज़ शाह का पुत्र नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय इससे पहले, 1390 से 1394 तक, शासक था। विकल्प D गलत है, क्योंकि खिज्र खान दिल्ली का शासक 1414 में ही बना। परीक्षा टिप: 1398 में तैमूर के हमले से तुगलक शासन व्यावहारिक रूप से खत्म हो गया; सैयद वंश 1414 से शुरू हुआ।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Patwari, 17 Sep 2022, Shift 2कठिन

1951 में दिल्ली मंत्रिपरिषद और विधानमंडल के साथ एक _________ बन गई।

  1. A.भाग B राज्य
  2. B.भाग-C राज्य
  3. C.भाग-D राज्य
  4. D.भाग A राज्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भाग-C राज्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, भाग-C राज्य। भाग C राज्य शासन अधिनियम, 1951 के तहत दिल्ली को अपनी विधानसभा और मंत्रिपरिषद मिली। पहला चुनाव 1952 में हुआ और चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने। 1950 के संविधान ने भारत की इकाइयों को भाग A, B, C और D में बाँटा था, और भाग C में वे छोटे क्षेत्र थे जिन्हें पहले चीफ़ कमिश्नर चलाते थे, जैसे दिल्ली, अजमेर और कुर्ग। यह व्यवस्था तब खत्म हुई जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने 1 नवंबर 1956 से दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया और उसकी विधानसभा समाप्त कर दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग B राज्य पुरानी रियासतें या उनके संघ थे, जिनका प्रमुख राजप्रमुख होता था। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग D में केवल एक इकाई थी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाग A राज्य बंबई और मद्रास जैसे पुराने ब्रिटिश प्रांत थे, जिनके प्रमुख राज्यपाल होते थे। परीक्षा टिप: दिल्ली 1951 में भाग C राज्य, 1956 में केंद्रशासित प्रदेश और 1991 के 69वें संशोधन से विधानसभा वाला NCT बनी।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 22 Nov 2023, S1मध्यम

दिल्ली के सुल्तानों ने उस क्षेत्र में कई नगर बसाए जिसे आज दिल्ली कहा जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा उन्होंने नहीं बनवाया था?

  1. A.सीरी
  2. B.जहाँपनाह
  3. C.लाल कोट
  4. D.तुगलकाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल कोट

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल कोट। लाल कोट दिल्ली सल्तनत के शुरू होने से पहले तोमर राजपूतों ने बनवाया था। तोमर राजा अनंगपाल को 11वीं शताब्दी में यह किला बनवाने का श्रेय दिया जाता है, और इसे दिल्ली के 'शहरों' में पहला माना जाता है। बाद में पृथ्वीराज चौहान के समय चौहानों ने इसे बढ़ाकर किला राय पिथौरा बनाया। कुतुबुद्दीन ऐबक ने जब दिल्ली जीती, तो सुल्तानों ने पहले यहीं से शासन किया, और महरौली का कुतुब मीनार परिसर इसी पुराने किले के क्षेत्र में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सीरी को अलाउद्दीन खिलजी ने लगभग 1303 में मंगोलों से बचाव के लिए सैनिक नगर के रूप में बनवाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जहाँपनाह मुहम्मद बिन तुगलक ने बनवाया, जिसने किला राय पिथौरा और सीरी के बीच के क्षेत्र को दीवार से घेरा। विकल्प D गलत है, क्योंकि तुगलकाबाद को तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 के दशक में बनवाया। परीक्षा टिप: लाल कोट (तोमर) → सीरी (खिलजी) → तुगलकाबाद (गयासुद्दीन) → जहाँपनाह (मुहम्मद बिन तुगलक)।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 03 Dec 2023, S1मध्यम

हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को 8 और 9 सितंबर _____ को दिल्ली के फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के रूप में पुनर्गठित किया गया था।

  1. A.1927
  2. B.1930
  3. C.1929
  4. D.1928
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1928

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1928। 8 और 9 सितंबर 1928 को युवा क्रांतिकारी दिल्ली में फ़िरोज़ शाह कोटला के खंडहरों में गुप्त रूप से मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का नाम बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन कर दिया। चंद्रशेखर आज़ाद इसके सेनापति बने, और भगत सिंह, सुखदेव तथा भगवती चरण वोहरा इसके प्रमुख सदस्यों में थे। 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि अब यह दल केवल आज़ादी नहीं, बल्कि शोषण से मुक्त समाज भी चाहता था। HRA की स्थापना 1924 में कानपुर में शचींद्रनाथ सान्याल और साथियों ने की थी, और 1925 का काकोरी ट्रेन कांड इसी संगठन ने किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1927 में काकोरी मामले में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खान और अन्य को फाँसी दी गई थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1930 में चटगाँव शस्त्रागार पर धावा हुआ था, HSRA का गठन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा में बम फेंके थे। परीक्षा टिप: HRA 1924 में कानपुर, HSRA 1928 में फ़िरोज़ शाह कोटला, दिल्ली।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.रिचर्ड वेलेज़ली
  2. B.वारेन हेस्टिंग्स
  3. C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
  4. D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।