निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: I. कोलॉइड और निलंबन विषमांगी मिश्रण हैं। II. कोलॉइडों को अपकेंद्रण की प्रक्रिया द्वारा मिश्रण से अलग किया जा सकता है। III. कोलॉइडों और निलंबनों के कण नंगी आंखों से देखे जा सकते हैं। IV. कॉपर सल्फेट का जलीय विलयन टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता; परंतु दूध और जल का मिश्रण टिंडल प्रभाव दिखाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II और III
- C.I, II और III
- D.I, II और IV
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, I, II और IV। केवल कथन III गलत है, क्योंकि कोलॉइडी कण इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंखों से नहीं दिखते।
मिश्रणों को कणों के आकार से पहचाना जाता है। वास्तविक विलयन में कण लगभग 1 nm से छोटे, कोलॉइड में 1 से 1000 nm, और निलंबन में इससे बड़े होते हैं। कोलॉइड और निलंबन दोनों विषमांगी हैं, यही कथन I है। कोलॉइडी कण रखे रहने पर नीचे नहीं बैठते और फिल्टर पेपर से निकल जाते हैं, पर अपकेंद्रित्र में तेज घुमाने पर अलग हो जाते हैं, जैसे दूध से क्रीम निकालना; यही कथन II है। कोलॉइडी कण प्रकाश पुंज को प्रकीर्णित कर उसका मार्ग दिखा देते हैं, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं; इसलिए पतला दूध यह प्रभाव दिखाता है, जबकि कॉपर सल्फेट का वास्तविक विलयन नहीं, यही कथन IV है।
A, केवल I में सही कथन II और IV छूट गए हैं।
B, केवल II और III में गलत कथन III शामिल है और I तथा IV छूट गए हैं।
C, I, II और III में गलत कथन III शामिल है और IV छूट गया है।
Exam tip: विलयन 1 nm से छोटे कण, कोलॉइड 1 से 1000 nm, निलंबन इससे बड़े; टिंडल प्रभाव केवल कोलॉइड और निलंबन में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.थैलोफाइटा की शारीरिक संरचना सुविभेदित होती है
- B.फ्यूनेरिया एक कवक है
- C.सभी टेरिडोफाइटा फैनेरोगैम हैं
- D.ब्रायोफाइटा में संवहन तंत्र नहीं पाया जाता
उत्तर देखें
मॉस और लिवरवर्ट में जाइलम या फ्लोएम नहीं होते, इसलिए उनमें जल एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया उत्पादों में से एक के रूप में NO (नाइट्रिक ऑक्साइड) गैस देगी?
- A.3Cu + 8HNO3 (तनु) →
- B.Cu + 4HNO3 (सांद्र) →
- C.4Zn + 10HNO3 (तनु) →
- D.Zn + 4HNO3 (सांद्र) →
उत्तर देखें
तांबा तनु नाइट्रिक अम्ल से कॉपर नाइट्रेट, जल और नाइट्रिक ऑक्साइड देता है: 3Cu + 8HNO 3 → 3Cu(NO 3 ) 2 + 2NO + 4H 2 O।
पूरी व्याख्या पढ़ें →−10°C पर 10 g बर्फ को 0°C पर 10 g जल के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण का तापमान 10°C तक बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा है
- A.400 cal
- B.550 cal
- C.1050 cal
- D.1200 cal
उत्तर देखें
बर्फ को 0°C तक गर्म करने में 50 cal, उसे पिघलाने में 800 cal और पूरे 20 g जल को 10°C तक गर्म करने में 200 cal लगती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिरके को और किस नाम से जाना जाता है?
- A.एथेनॉइक अम्ल
- B.नाइट्रिक अम्ल
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल
- D.टार्टरिक अम्ल
उत्तर देखें
सिरका जल में एथेनॉइक अम्ल, जिसे आमतौर पर एसिटिक अम्ल कहते हैं, का तनु विलयन है। सिरके में लगभग 5 से 8 प्रतिशत एथेनॉइक अम्ल (CH 3 COOH) होता है और यह एसिटिक अम्ल जीवाणुओं द्वारा शर्करा या एल्कोहॉल के किण्वन से बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विभज्योतकी कोशिकाओं का विशिष्ट स्थायी ऊतकों में रूपांतरण किस प्रक्रिया द्वारा होता है?
- A.कोशिका विभेदन
- B.कोशिका विभाजन
- C.कोशिका गुणन
- D.कोशिका पुनर्जनन
उत्तर देखें
विभज्योतक से बनी कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार, माप और कार्य अपना लेती हैं; इसी परिवर्तन को विभेदन कहते हैं।
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