'पेंडेंटिव' शब्द भारतीय स्थापत्य के किस रूप को दर्शाता है?
- A.ऐसी इमारत/मंदिर जो लैटिना प्रकार से अधिक चौड़ा और छोटा होता है
- B.दो दीवारों के कोण में बना त्रिकोणीय आधार, जो गुंबद के तल को उसे थामने वाले मेहराबों से जोड़ता है
- C.नक्कारखाना, जहाँ से औपचारिक संगीत बजाया जाता था और जो प्रायः द्वार के ऊपर होता था
- D.मेहराब में अनेक घुमाव
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, दो दीवारों के कोण में बना त्रिकोणीय आधार, जो गुंबद के तल को उसे थामने वाले मेहराबों से जोड़ता है। पेंडेंटिव चौकोर कक्ष के कोने में बना वह घुमावदार त्रिकोणीय भाग है जो गुंबद के गोल आधार का भार नीचे के मेहराबों पर उतारता है।
गुंबद गोल होता है, पर उसके नीचे का कक्ष प्रायः चौकोर होता है। कारीगर चारों कोनों पर यह अंतर पेंडेंटिव से या स्क्विंच से भरते थे, जो कोनों पर बने छोटे मेहराब होते हैं। यह तकनीक तुर्कों के साथ भारत आई और सल्तनत तथा मुगल काल की इंडो-इस्लामिक इमारतों की पहचान बनी, साथ में सच्चा मेहराब, चूने का गारा और सुलेख भी। इसी से हुमायूँ के मकबरे और गोल गुंबज जैसे बड़े गुंबद चौकोर आधार पर टिक सके।
A गलत है क्योंकि लैटिना से चौड़ा और छोटा मंदिर नागर शैली का फ़ामसन रूप है। C गलत है क्योंकि द्वार के ऊपर बना संगीत कक्ष नक्कारखाना या नौबतखाना कहलाता है। D गलत है क्योंकि अनेक घुमाव वाला मेहराब कस्प्ड या बहुपर्णी मेहराब है।
परीक्षा टिप: पेंडेंटिव और स्क्विंच चौकोर आधार पर गुंबद टिकाते हैं; नक्कारखाना = संगीत कक्ष; फ़ामसन = चौड़ी, छोटी नागर छत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
उत्तर देखें
स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
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