निम्नलिखित में से कौन-सी 'सारासेनिक' स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताएं हैं? 1. मेहराब 2. वॉल्ट और गुंबद 3. लिंटल और बीम 4. चूने के सीमेंट का प्रयोग नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.2 और 3
- C.1, 2 और 4
- D.1, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1, 2 और 4। सारासेनिक यानी इंडो-इस्लामिक स्थापत्य सच्चे मेहराब, वॉल्ट व गुंबद और चूने के गारे पर आधारित है, जबकि लिंटल और बीम पुरानी भारतीय शैली की पहचान हैं।
तुर्क भारत में मेहराबी (आर्क्युएट) शैली लाए, जिसमें छत का भार मेहराबों और गुंबदों पर टिका होता है। सच्चा मेहराब बनाने के लिए मजबूत जोड़ने वाले पदार्थ की जरूरत होती है, इसलिए इसके साथ चूने का गारा (चूना सीमेंट) बड़े पैमाने पर प्रयोग होने लगा। अलाई दरवाज़ा (1311) को भारत में सच्चे मेहराब और सच्चे गुंबद वाली पहली इमारत माना जाता है, और बलबन के मकबरे में पहला सच्चा मेहराब मिलता है। इससे पहले हिंदू मंदिर शहतीरी (ट्रैबिएट) शैली में बनते थे, जिसमें खड़े खंभों पर आड़ी बीम रखी जाती है।
A गलत है: इसमें चूने का सीमेंट छूट गया है, जिसके बिना सच्चे मेहराब और गुंबद संभव नहीं थे।
B गलत है: लिंटल और बीम भारतीय मंदिरों की शहतीरी पद्धति है, सारासेनिक विशेषता नहीं।
D गलत है: इसमें लिंटल और बीम शामिल है और वॉल्ट व गुंबद छूट गए हैं।
Exam tip: मेहराब, गुंबद और चूने का गारा यानी आर्क्युएट (इंडो-इस्लामिक); लिंटल और बीम यानी ट्रैबिएट (मंदिर)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस इमारत में पहला विद्यमान वास्तविक मेहराब (ट्रू आर्च) मिलता है?
- A.अढ़ाई दिन का झोंपड़ा
- B.कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद
- C.सुल्तान बलबन का मकबरा
- D.अलाई दरवाज़ा
उत्तर देखें
13वीं सदी के अंत में दिल्ली के महरौली में बने इस मकबरे में भारत का सबसे पुराना बचा हुआ वास्तविक मेहराब है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महासांघिकों के अधीन एक प्रमुख बौद्ध केंद्र के रूप में फला-फूला धान्यकटक निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थित था?
- A.आंध्र
- B.गांधार
- C.कलिंग
- D.मगध
उत्तर देखें
धान्यकटक आज का धरणीकोटा है, जो वर्तमान आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के किनारे अमरावती के पास स्थित है। धान्यकटक सातवाहनों की एक राजधानी था, जिन्होंने ईसवी सन् के आरंभ के आसपास दक्कन पर शासन किया, और इसके पास ही अमरावती का विशाल स्तूप था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एडविन लुटियंस द्वारा बनाए गए राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम 2023 में बदलकर क्या रखा गया?
- A.अमृत उद्यान
- B.राष्ट्रपति उद्यान
- C.कर्तव्य उद्यान
- D.भारत उद्यान
उत्तर देखें
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के पीछे बने इन उद्यानों की रचना एडविन लुटियंस ने की, जिसमें उन्होंने जल नालियों और छतों वाली मुगल चारबाग योजना को अंग्रेजी फूलों की क्यारियों तथा लॉन के साथ मिलाया, और इन्हें लंबे समय तक मुगल गार्डन कहा जाता रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक और शहरी कचरे से बना चंडीगढ़ का रॉक गार्डन किसने बनाया था?
- A.ली कोर्बुजिए
- B.नेक चंद
- C.एम. एस. रंधावा
- D.पियरे जेनरे
उत्तर देखें
चंडीगढ़ में सड़क निरीक्षक नेक चंद सैनी ने सुखना झील के पास की एक खड्ड में टूटी टाइलों, चूड़ियों, सॉकेटों और अन्य कचरे से मूर्तियाँ तथा आँगन बनाना आरंभ किया और प्रायः अकेले किया गया यह काम आगे चलकर रॉक गार्डन बना, जो नगर के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बेंगलुरु का लालबाग उद्यान किस शासक ने आरंभ कराया था?
- A.कृष्णदेवराय
- B.हैदर अली
- C.केम्पेगौड़ा
- D.मार्क कब्बन
उत्तर देखें
मैसूर के हैदर अली ने अठारहवीं शताब्दी में बेंगलुरु में मुगल ढंग का लालबाग उद्यान आरंभ कराया और उसके पुत्र टीपू सुल्तान ने इसका विस्तार करते हुए अनेक देशों से लाए गए पेड़-पौधे लगवाए।
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