कर्नाटक के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर किस घराने का प्रतिनिधित्व करते थे?
- A.आगरा घराना
- B.ग्वालियर घराना
- C.पटियाला घराना
- D.जयपुर-अतरौली घराना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, जयपुर-अतरौली घराना। धारवाड़ के मल्लिकार्जुन मंसूर (1910–1992) इसी घराने के अग्रणी ख़याल गायकों में थे।
जयपुर-अतरौली घराने की स्थापना उन्नीसवीं सदी के अंत में उस्ताद अल्लादिया ख़ाँ ने की थी। यह घराना कठिन और कम सुने जाने वाले रागों तथा राग के स्वरूप से जुड़ी पेचीदा, बहती तानों के लिए जाना जाता है। मंसूर ने अल्लादिया ख़ाँ के पुत्रों मंजी ख़ाँ और बुर्जी ख़ाँ से शिक्षा ली थी और 1992 में उन्हें पद्म विभूषण मिला। केसरबाई केरकर और किशोरी अमोनकर भी इसी घराने के महान नाम हैं, जबकि धारवाड़ क्षेत्र ने किराना घराने के भीमसेन जोशी और गंगूबाई हंगल को भी जन्म दिया।
A गलत है: आगरा घराना उस्ताद फ़ैयाज़ ख़ाँ और उसकी दमदार नोम-तोम शैली से जुड़ा है।
B गलत है: ग्वालियर सबसे पुराना ख़याल घराना है, जो हद्दू-हस्सू ख़ाँ और विष्णु दिगंबर पलुस्कर से जुड़ा है।
C गलत है: पटियाला घराना बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ से जुड़ा है।
परीक्षा टिप: जयपुर-अतरौली = अल्लादिया ख़ाँ, मल्लिकार्जुन मंसूर, केसरबाई केरकर, किशोरी अमोनकर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
उत्तर देखें
स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
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