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ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की

ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिस पर इमारतों की डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग होगी और ग्राहक प्रमाणपत्र की जांच कर सकेंगे।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की — GK24 title card

चर्चा में क्यों

25 सितंबर 2026 को ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिस पर इमारतों की डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग होती है और ग्राहक सौदा करने से पहले रेटिंग प्रमाणपत्र ऑनलाइन जांच सकते हैं।

संचार मंत्रालय के अधीन काम करने वाले दूरसंचार नियामक ट्राई ने एक ऐसा ऑनलाइन मंच शुरू किया है, जिस पर किसी इमारत की डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच होगी, उसे प्रमाणपत्र मिलेगा और घर या दफ्तर लेने वाला व्यक्ति उस रेटिंग को खुद देख सकेगा। इस डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म के साथ एक मोबाइल ऐप भी जोड़ा गया है, जिससे भवन के भीतर कनेक्टिविटी नापी जाती है।

मंच पर कौन-कौन

यह पोर्टल तीन पक्षों को एक ही जगह ले आता है, संपत्ति प्रबंधक, नियामक के यहां पंजीकृत रेटिंग एजेंसियां और आम ग्राहक। संपत्ति प्रबंधक अपनी इमारत को सार्वजनिक, सरकारी, वाणिज्यिक या निजी जैसी श्रेणी में दर्ज कराता है, रेटिंग के लिए आवेदन देता है, मांगे गए कागज चढ़ाता है, किसी पंजीकृत एजेंसी को चुनता है और फिर अपने आवेदन की स्थिति देखता रहता है। बनी हुई इमारतों और निर्माणाधीन इमारतों, दोनों के लिए तय प्रक्रिया मौजूद है।

रेटिंग कैसे मिलती है

पंजीकृत रेटिंग एजेंसी अपने हिस्से का आवेदन खोलती है, मौके पर जांच करती है, अपने निरीक्षण और यंत्रों से मिले नतीजे दर्ज करती है, जरूरी कागज संभालती है और रिपोर्ट के साथ काम पूरा करती है। भवन के भीतर की माप एक अलग ऐप से ली जाती है और ऐप में दर्ज आंकड़े पोर्टल पर पहुंच जाते हैं। प्रमाणपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं, शुल्क ऑनलाइन जमा होता है, सूचनाएं ई-मेल और संदेश से आती हैं तथा रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाते हैं।

ग्राहक को क्या मिलेगा

कोई भी व्यक्ति इमारत का नाम, प्रमाणपत्र संख्या या स्थान डालकर रेटिंग खोज सकता है, डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र देख सकता है और उस पर छपे क्यूआर कोड से उसकी सच्चाई परख सकता है। इस तरह कनेक्टिविटी भी कालीन क्षेत्र या बिजली बैकअप की तरह एक ऐसी खूबी बन जाती है, जिसे सौदा करने से पहले देखा और जांचा जा सके।

पीछे का नियम-ढांचा

यह काम नियामक के 2024 के उन नियमों से निकलता है, जो संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग के लिए बने थे। इनमें 13 मई 2026 को अधिसूचित संशोधन हुआ और प्रक्रिया 9 जून 2026 को जारी रेटिंग मैनुअल 2026 में तय की गई। आकलन में फाइबर की तैयारी, मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, भवन के भीतर के समाधान और वाई-फाई ढांचे को देखा जाता है और हर श्रेणी के लिए अलग मानक रखे गए हैं। ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार इससे ग्राहक को भरोसेमंद और तुलना योग्य जानकारी मिलेगी। मंच का पता dcrp.trai.gov.in है।

महत्वपूर्ण तथ्य

मंचडिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म
किसने शुरू कियाभारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई)
मंत्रालयसंचार मंत्रालय
ट्राई चेयरमैनअनिल कुमार लाहोटी
मूल नियमसंपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग विनियम, 2024
संशोधन अधिसूचित13 मई 2026
रेटिंग मैनुअल9 जून 2026 को जारी
आकलन के आधारफाइबर की तैयारी, मोबाइल नेटवर्क, भवन के भीतर समाधान, वाई-फाई
ग्राहक जांचनाम, प्रमाणपत्र संख्या या स्थान से खोज; क्यूआर कोड से सत्यापन

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें, नियामक ट्राई, मंत्रालय संचार, चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी, मूल नियम 2024, संशोधन 13 मई 2026, रेटिंग मैनुअल 2026 जो 9 जून 2026 को जारी हुआ, आकलन के चार आधार और प्रमाणपत्र की जांच क्यूआर कोड से।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म किस संस्था ने शुरू किया?

  1. A.दूरसंचार विभाग
  2. B.भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण
  3. C.भारत संचार निगम लिमिटेड
  4. D.इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण है। डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म इसी दूरसंचार नियामक ने शुरू किया, जो संचार मंत्रालय के अधीन काम करता है, और इसकी घोषणा 25 सितंबर 2026 को हुई। संपत्तियों की रेटिंग के नियम इसी नियामक ने बनाए, रेटिंग करने वाली एजेंसियों का पंजीकरण भी यही करता है और रेटिंग भी यही प्रकाशित करता है, इसलिए यह मंच किसी और के पास नहीं हो सकता। दूरसंचार विभाग मंत्रालय की कार्यकारी शाखा है, जो लाइसेंस और स्पेक्ट्रम से जुड़ा काम देखता है और उसने यह मंच शुरू नहीं किया। भारत संचार निगम लिमिटेड एक सरकारी सेवा प्रदाता है, जिसकी इसमें कोई नियामक भूमिका नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का विषय बिल्कुल अलग है। परीक्षा में इस मंच को नियामक, चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी और संचार मंत्रालय के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म संपत्तियों की रेटिंग से जुड़े किस वर्ष के विनियमों को लागू करता है?

  1. A.2018
  2. B.2020
  3. C.2022
  4. D.2024
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2024

व्याख्या

सही उत्तर 2024 है। यह मंच संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग से जुड़े 2024 के विनियमों में तय ढांचे को जमीन पर उतारता है। इन विनियमों में बाद में 13 मई 2026 को अधिसूचित संशोधन हुआ और जो प्रक्रिया आज चल रही है, वह 9 जून 2026 को जारी रेटिंग मैनुअल 2026 में लिखी गई है। इस तरह इस खबर में तीन तारीखें एक साथ चलती हैं, मूल विनियम, संशोधन और मैनुअल। बाकी तीनों विकल्प ऐसे वर्ष हैं, जिनमें नियामक ने ऐसा कोई रेटिंग ढांचा अधिसूचित नहीं किया, इसलिए वे गलत हैं। जल्दबाजी में अक्सर मूल विनियम का वर्ष और संशोधन का वर्ष आपस में मिला दिया जाता है, इसलिए याद रखें कि मूल नियम पहले आए और संशोधन तथा मैनुअल दोनों बाद के वर्ष के हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग ढांचे में निम्नलिखित में से किसका आकलन नहीं किया जाता?

  1. A.संपत्ति में फाइबर की तैयारी
  2. B.मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता
  3. C.कालीन क्षेत्र और पार्किंग की संख्या
  4. D.भवन का वाई-फाई ढांचा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कालीन क्षेत्र और पार्किंग की संख्या

व्याख्या

सही उत्तर कालीन क्षेत्र और पार्किंग की संख्या है। यह रेटिंग इस बात की है कि कोई इमारत संचार के लिहाज से कितनी तैयार है, इसलिए इसमें फाइबर की तैयारी, भवन के भीतर मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, इमारत में लगे कनेक्टिविटी समाधान और वाई-फाई ढांचे को देखा जाता है तथा हर श्रेणी की संपत्ति के लिए अलग मानक तय हैं। कालीन क्षेत्र और पार्किंग संपत्ति के विवरण से जुड़ी बातें हैं, इनका कनेक्टिविटी आकलन से कोई लेना-देना नहीं। विकल्प ए, बी और डी में दी गई तीनों बातें ढांचे का हिस्सा हैं, इसलिए वे इस प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकतीं, क्योंकि प्रश्न यह पूछता है कि किसे शामिल नहीं किया गया। इस कवायद का मकसद कनेक्टिविटी को ऐसी खूबी बनाना है, जिसे ग्राहक देख और परख सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म क्या है?

यह ट्राई का शुरू किया ऑनलाइन मंच है, जिस पर संपत्तियों को डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग दी जाती है। प्रबंधक आवेदन करते हैं, पंजीकृत एजेंसियां जांच करती हैं और ग्राहक रेटिंग खोजकर प्रमाणपत्र परख सकते हैं।

यह मंच किन नियमों को लागू करता है?

संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग से जुड़े 2024 के नियम, 13 मई 2026 को अधिसूचित संशोधन और 9 जून 2026 को जारी रेटिंग मैनुअल 2026।

ग्राहक प्रमाणपत्र की सच्चाई कैसे परखेगा?

मंच पर संपत्ति का नाम, प्रमाणपत्र संख्या या स्थान डालकर खोजने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाले प्रमाणपत्र पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करके।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL