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सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया में क्वांटम बैंकिंग समझौता

मेइटीवाई के अधीन सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया ने 22 अक्टूबर 2026 को समझौता किया, जिसका मकसद वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र और क्वांटम-सुरक्षित बैंकिंग है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया में क्वांटम बैंकिंग समझौता

चर्चा में क्यों

23 अक्टूबर 2026 को बताया गया कि मंत्रालय के अधीन संस्था सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया ने 22 अक्टूबर 2026 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत बैंकिंग क्षेत्र के लिए क्वांटम तकनीक, क्वांटम-सुरक्षित सुरक्षा और अन्य नई तकनीकों पर मिलकर काम होगा।

सरकार की सुपरकंप्यूटिंग संस्था और एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने देश की बैंकिंग प्रणाली को क्वांटम युग के लिए तैयार करने पर सहमति जताई है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) और बैंक ऑफ इंडिया ने 22 अक्टूबर 2026 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता क्वांटम वित्तीय नवाचार और बैंकिंग में नई तकनीक अपनाने पर है, और इसकी जानकारी 23 अक्टूबर 2026 को दी गई।

समझौते में क्या है

यह समझौता संयुक्त शोध, विकास, प्रायोगिक क्रियान्वयन, तकनीकी प्रदर्शन और प्रशिक्षण का ढांचा तैयार करता है, जो बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं। इसका मुख्य लक्ष्य वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र बनाना है, यानी ऐसी बैंकिंग प्रणाली जो क्वांटम तकनीक के अवसरों का लाभ उठा सके और उससे पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों का सामना भी कर सके। दोनों पक्ष क्वांटम-प्रेरित और क्वांटम-सुरक्षित तरीकों पर काम करेंगे, जिससे बैंक में सुरक्षा, भरोसा, मजबूती और निर्णय लेने की क्षमता बढ़े।

काम कैसे आगे बढ़ेगा

  • बैंकिंग के उपयोग के मामलों की प्राथमिकता सूची बनाई जाएगी।
  • सुरक्षित सैंडबॉक्स वातावरण में अवधारणा के प्रमाण दिखाए जाएंगे।
  • तकनीकी व्यवहार्यता और बैंक के लिए संभावित लाभ का आकलन होगा।
  • नए तरीकों की तुलना पहले से चल रही प्रणालियों से की जाएगी।
  • आगे के विकास, प्रायोगिक परियोजनाओं या अपनाने के लिए रूपरेखा बनेगी।

क्वांटम से आगे

समझौता ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी अन्य नई तकनीकों के लिए भी रास्ता खोलता है। इसमें बुद्धिमान दस्तावेज़ प्रसंस्करण, ग्राहकों व कर्मचारियों की सहायता, धोखाधड़ी का विश्लेषण, ऋण एवं वित्तीय विश्लेषण, सुरक्षित व जिम्मेदार एआई मंच, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, डिजिटल पहचान और सुरक्षित डेटा साझाकरण जैसे क्षेत्र गिनाए गए हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉकचेन में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि आगे के लिए दक्ष कर्मी तैयार हों।

किसने हस्ताक्षर किए

आदान-प्रदानआदित्य कुमार सिन्हा, कार्यकारी निदेशक, सी-डैक मुंबई और सत्येंद्र सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (आईटी) एवं सीआईओ, बैंक ऑफ इंडिया
मंत्रालय के सचिवएस. कृष्णन
सी-डैक महानिदेशकई. महेश
बैंक ऑफ इंडिया कार्यकारी निदेशकराजीव मिश्रा
मंत्रालय के संयुक्त सचिवसुदीप श्रीवास्तव

मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बैंक की सराहना की और कहा कि बढ़ते साइबर खतरों के दौर में क्वांटम के लिहाज से मजबूत वित्तीय तंत्र जरूरी है। सी-डैक के महानिदेशक ई. महेश ने इसे देश की क्वांटम शोध क्षमता को व्यावहारिक बैंकिंग समाधान में बदलने की दिशा में अहम कदम बताया। बैंक के कार्यकारी निदेशक राजीव मिश्रा ने कहा कि क्वांटम तकनीक साइबर सुरक्षा से लेकर जटिल वित्तीय निर्णयों तक बैंकिंग के कई पहलुओं को बदल सकती है, और बैंक इन संभावनाओं को व्यवस्थित ढंग से परखना चाहता है। सी-डैक के पास उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा की ताकत है, जबकि बैंक के पास देशव्यापी उपस्थिति और बड़े पैमाने का तकनीकी ढांचा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

समझौतासी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया के बीच क्वांटम व नई तकनीकों पर समझौता ज्ञापन
हस्ताक्षर की तारीख22 अक्टूबर 2026
सी-डैकसेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग, मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था
मुख्य लक्ष्यवित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र
मंत्रालय के सचिवएस. कृष्णन
सी-डैक महानिदेशकई. महेश
बैंक के कार्यकारी निदेशकराजीव मिश्रा
आदान-प्रदानआदित्य कुमार सिन्हा (सी-डैक मुंबई) और सत्येंद्र सिंह (मुख्य महाप्रबंधक आईटी एवं सीआईओ, बैंक ऑफ इंडिया)
अन्य तकनीकेंब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, डिजिटल पहचान, धोखाधड़ी विश्लेषण

परीक्षा की दृष्टि से

ध्यान रखें कि सी-डैक इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन है, साझेदार बैंक बैंक ऑफ इंडिया है, तारीख 22 अक्टूबर 2026 है, लक्ष्य वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र है, और नाम हैं एस. कृष्णन (सचिव), ई. महेश (महानिदेशक, सी-डैक), राजीव मिश्रा (कार्यकारी निदेशक, बैंक ऑफ इंडिया) तथा सी-डैक मुंबई के आदित्य कुमार सिन्हा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

सी-डैक ने बैंकिंग के लिए क्वांटम तकनीक पर किस बैंक के साथ समझौता ज्ञापन किया?

  1. A.भारतीय स्टेट बैंक
  2. B.बैंक ऑफ इंडिया
  3. C.पंजाब नेशनल बैंक
  4. D.बैंक ऑफ बड़ौदा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंक ऑफ इंडिया

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग ने 22 अक्टूबर 2026 को बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका विषय क्वांटम वित्तीय नवाचार और बैंकिंग में नई तकनीकों को अपनाना है।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

क्वांटम बैंकिंग समझौता करने वाली सी-डैक किस मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था है?

  1. A.वित्त मंत्रालय
  2. B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  3. C.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  4. D.संचार मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग इसी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है, और बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौते के आदान-प्रदान के समय इसी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन मौजूद थे।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया की साझेदारी का घोषित मुख्य लक्ष्य क्या है?

  1. A.वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र बनाना
  2. B.नया राष्ट्रीय भुगतान स्विच बनाना
  3. C.ग्रामीण शाखा विस्तार योजना
  4. D.सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड मंच
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र बनाना

यही साझेदारी का घोषित केंद्र है, जिसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली को क्वांटम तकनीक के अवसरों के साथ-साथ उससे पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है, और इसीलिए दोनों पक्ष क्वांटम-प्रेरित तथा क्वांटम-सुरक्षित तरीकों का अध्ययन करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सी-डैक ने क्वांटम तकनीक के लिए किस बैंक के साथ समझौता किया है?

बैंक ऑफ इंडिया के साथ। यह समझौता ज्ञापन 22 अक्टूबर 2026 को क्वांटम वित्तीय नवाचार और अन्य नई तकनीकों के लिए हुआ।

सी-डैक किस मंत्रालय के अधीन काम करती है?

सी-डैक इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है और इसके महानिदेशक ई. महेश हैं।

वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम तंत्र क्या है?

यह सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया की साझेदारी का केंद्र है, जिसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली को क्वांटम तकनीक के अवसरों और उससे जुड़े सुरक्षा खतरों, दोनों के लिए तैयार करना है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSC CGLबैंकिंगIBPS