मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 मिजोरम विश्वविद्यालय में हुआ

आइजोल के मिजोरम विश्वविद्यालय में हुए पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 में बताया गया कि चिह्नित 9,479 में से 6,905 गांवों तक बैंकिंग पहुंच चुकी है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 मिजोरम विश्वविद्यालय में हुआ

चर्चा में क्यों

पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 13 अक्टूबर 2026 को आइजोल के मिजोरम विश्वविद्यालय में हुआ, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बैंकिंग के तेज विस्तार और कर्ज तक बेहतर पहुंच की जरूरत बताई।

पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 आइजोल के मिजोरम विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ। इसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बैंकों से कहा कि वे अपनी सेवाओं का विस्तार तेज करें और क्षेत्र में कर्ज देने का दायरा बढ़ाएं। उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को संबोधन दिया और मंत्रालय ने अगले दिन इसका विवरण जारी किया।

बैंकिंग कहां तक पहुंची

मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर में 131 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं और 126 एटीएम लगाए गए हैं। चिह्नित 9,479 गांवों में से 6,905 गांवों तक अब बैंक शाखा या भारतीय डाक भुगतान बैंक की सुविधा पहुंच गई है, जो करीब 73 प्रतिशत है। अब भी 2,574 गांव बाकी हैं, जिनमें 2,515 गांवों को भारतीय डाक भुगतान बैंक के जरिये और 59 गांवों को नियमित शाखाओं के जरिये जोड़ा जाना है।

नई शाखाएं131
नए एटीएम126
जुड़े गांव9,479 में से 6,905 (करीब 73 प्रतिशत)
शेष गांव2,574 (2,515 डाक भुगतान बैंक से, 59 शाखाओं से)

कर्ज की चिंता

डॉ. मजूमदार ने क्षेत्र के ऋण-जमा अनुपात पर चिंता जताई। मणिपुर और असम राष्ट्रीय अनुपात 79.5 प्रतिशत के बराबर या उससे ऊपर हैं, जबकि मिजोरम तथा पूर्वोत्तर के कई अन्य राज्य पीछे हैं। इसका अर्थ है कि स्थानीय बचत स्थानीय कर्ज के रूप में वापस नहीं आ रही। इसे बदलने के लिए उन्होंने बैंकवार कर्ज लक्ष्य, राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों में नियमित समीक्षा, भरोसेमंद भूमि अभिलेख, पात्र कासा खातों में पूरी आधार सीडिंग और पीएम स्वनिधि में अधिक भागीदारी की बात कही। बैंकों से कहा गया कि किसानों, छोटे उद्यमों, महिला उद्यमियों और पर्यटन कारोबार के व्यावहारिक कर्ज प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करें।

विस्तार में अड़चनें

इमारतों, हर मौसम में चलने वाली सड़कों और वीसैट या फाइबर कनेक्टिविटी की कमी को मुख्य अड़चन बताया गया। मंत्री ने मुख्य सचिवों से कहा कि हर लंबित स्थान के लिए जिम्मेदारी और समयसीमा तय करें, और बैंकों से कहा कि तैयार जगहों पर जल्दी काम शुरू करें तथा जहां पूरी शाखा संभव न हो, वहां बैंकिंग संवाददाता और बीसी-सखी तैनात करें। पूर्वोत्तर में शाखा खोलने के लिए आबादी का मानदंड समूह आधार पर 2,000 किया गया है, जबकि देश भर के लिए यह 3,000 है।

कॉन्क्लेव की कड़ी

पहला कॉन्क्लेव अप्रैल 2023 में नई दिल्ली में हुआ था। दूसरा दिसंबर 2024 में अगरतला में हुआ, जिसमें छह सूत्री रोडमैप अपनाया गया। इसमें शाखाएं और एटीएम बढ़ाना, बैंक रहित गांवों को जोड़ना, कम घनत्व वाले जिलों में पहुंच सुधारना, क्षेत्र के अनुकूल बैंकिंग नियम और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तक सबकी पहुंच शामिल थी। इस बार चार समानांतर सत्र हुए, जो बैंकिंग ढांचे, एमएसएमई और महिला उद्यमियों, कृषि वित्त तथा बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण पर थे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनपूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0
स्थानमिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल
संबोधन की तारीख13 अक्टूबर 2026
संबोधित कियाडॉ. सुकांत मजूमदार, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा शिक्षा राज्य मंत्री
बैंकिंग विस्तार131 नई बैंक शाखाएं; 126 एटीएम
गांवों की पहुंचचिह्नित 9,479 गांवों में से 6,905, करीब 73 प्रतिशत
शेष गांव2,574 (2,515 भारतीय डाक भुगतान बैंक से, 59 शाखाओं से)
राष्ट्रीय ऋण-जमा अनुपात79.5 प्रतिशत; मणिपुर और असम इसके बराबर या ऊपर
शाखा आबादी मानदंडपूर्वोत्तर में समूह आधार पर 2,000, राष्ट्रीय स्तर पर 3,000
पिछले संस्करणपहला नई दिल्ली, अप्रैल 2023; दूसरा अगरतला, दिसंबर 2024, जिसमें छह सूत्री रोडमैप अपनाया गया
समानांतर सत्रचार: बैंकिंग ढांचा; एमएसएमई और महिला उद्यमी; कृषि वित्त; बुनियादी ढांचा वित्तपोषण

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें संस्करण (3.0), स्थान (मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल), तारीख (13 अक्टूबर 2026) और मंत्री (डॉ. सुकांत मजूमदार, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा शिक्षा राज्य मंत्री)। आंकड़े भी याद रखें, यानी 131 शाखाएं, 126 एटीएम, 9,479 में से 6,905 गांव जुड़े, 2,574 शेष जिनमें 2,515 डाक भुगतान बैंक से और 59 शाखाओं से, राष्ट्रीय ऋण-जमा अनुपात 79.5 प्रतिशत, तथा शाखा के लिए आबादी मानदंड पूर्वोत्तर में 2,000 और देश में 3,000। पहला कॉन्क्लेव अप्रैल 2023 में नई दिल्ली और दूसरा दिसंबर 2024 में अगरतला में हुआ था।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 कहां आयोजित हुआ?

  1. A.मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल
  2. B.गुवाहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी
  3. C.त्रिपुरा विश्वविद्यालय, अगरतला
  4. D.राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल

कॉन्क्लेव का तीसरा संस्करण वहीं हुआ और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने 13 अक्टूबर 2026 को इसे संबोधित करते हुए बैंकों से कहा कि वे क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाएं और कर्ज देने में तेजी दिखाएं।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

पूर्वोत्तर के चिह्नित गांवों में से कितने अब बैंक शाखा या भारतीय डाक भुगतान बैंक से जुड़ चुके हैं?

  1. A.9,479 में से 5,905
  2. B.9,479 में से 6,905
  3. C.9,479 में से 7,905
  4. D.9,479 में से 8,479
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 9,479 में से 6,905

मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर में कवरेज के लिए चिह्नित 9,479 गांवों में से 6,905 गांवों तक अब बैंक शाखा या भारतीय डाक भुगतान बैंक की सुविधा पहुंच चुकी है, जो करीब 73 प्रतिशत बैठता है।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q3.बैंकिंग और वित्तकठिन

कॉन्क्लेव में बताया गया राष्ट्रीय ऋण-जमा अनुपात कितना है, जिसके बराबर या ऊपर मणिपुर और असम हैं?

  1. A.69.5 प्रतिशत
  2. B.74.5 प्रतिशत
  3. C.79.5 प्रतिशत
  4. D.84.5 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 79.5 प्रतिशत

कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय ऋण-जमा अनुपात यही बताया गया और पूर्वोत्तर राज्यों में मणिपुर तथा असम इसके बराबर या इससे ऊपर हैं, जबकि मिजोरम और कई अन्य राज्य इससे पीछे रह जाते हैं।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q4.बैंकिंग और वित्तमध्यम

पूर्वोत्तर में बैंक शाखा खोलने के लिए समूह आधार पर आबादी का मानदंड क्या है?

  1. A.1,000
  2. B.2,000
  3. C.3,000
  4. D.5,000
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2,000

पूर्वोत्तर के लिए बैंक शाखा खोलने के लिए जरूरी आबादी का मानदंड समूह आधार पर 2,000 कर दिया गया है, जो देश भर में लागू 3,000 के मानदंड से कम है, और यह छूट इसलिए दी गई है कि क्षेत्र की बस्तियां छोटी और दूर-दूर बसी हैं।

पूरी व्याख्या पढ़ें →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 कहां हुआ?

आइजोल के मिजोरम विश्वविद्यालय में। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने 13 अक्टूबर 2026 को इसे संबोधित किया।

पूर्वोत्तर के कितने गांवों तक बैंकिंग पहुंच चुकी है?

चिह्नित 9,479 गांवों में से 6,905 तक, यानी करीब 73 प्रतिशत, जहां बैंक शाखा या भारतीय डाक भुगतान बैंक है। शेष 2,574 गांवों में 2,515 को डाक भुगतान बैंक से और 59 को नियमित शाखाओं से जोड़ा जाना है।

पूर्वोत्तर में बैंक शाखा के लिए आबादी का मानदंड क्या है?

समूह आधार पर 2,000, जो राष्ट्रीय मानदंड 3,000 से कम है, ताकि क्षेत्र की छोटी बस्तियों में भी शाखाएं खोली जा सकें।

इससे पहले के कॉन्क्लेव कहां हुए थे?

पहला अप्रैल 2023 में नई दिल्ली में और दूसरा दिसंबर 2024 में अगरतला में, जहां बैंकिंग विस्तार तथा वित्तीय समावेशन पर छह सूत्री रोडमैप अपनाया गया था।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSC CGLबैंकिंगIBPS