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GK24

इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 नई दिल्ली में होगा

भारतीय नौसेना 3 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद कराएगी, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 नई दिल्ली में होगा — GK24 title card

चर्चा में क्यों

भारतीय नौसेना ने घोषणा की कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर 2026 तक इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग विषय पर होगा, जिसमें 18 देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

भारतीय नौसेना इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद का 2026 संस्करण नई दिल्ली में तीन दिन तक, 3 से 5 नवंबर 2026 तक कराएगी। यह संवाद नौसेना का शीर्ष स्तरीय वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सामरिक आयोजन है और सामरिक स्तर पर उसके बाहरी संपर्क का प्रमुख मंच है। नौसेना की ज्ञान भागीदार राष्ट्रीय समुद्री संस्था इसकी मुख्य आयोजक है।

विषय और भागीदारी

इस वर्ष का विषय इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग है। इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों से समुद्री क्षेत्र के व्यवहारकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। विषय के चुनाव के पीछे एक सीधी बात है, महासागर एक-दूसरे से जुड़े हैं, पर उन्हें समझने और संभालने के लिए जरूरी वैज्ञानिक ज्ञान, प्रौद्योगिकी और संस्थान असमान रूप से बंटे हैं। जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों पर दबाव, आपूर्ति शृंखला की कमजोरी और महत्वपूर्ण समुद्री ढांचे पर खतरे राष्ट्रीय सीमाओं के पार जाते हैं, इसलिए यह संवाद विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित की परिचित सीमा से आगे बढ़कर सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान और मानविकी को भी इसमें जोड़ेगा।

पांच विषयगत सत्र

  • शैक्षणिक नेटवर्क, अनुसंधान और मानव संसाधन विकास।
  • समुद्री स्थितिजन्य जागरूकता और महत्वपूर्ण समुद्री ढांचे की सुरक्षा।
  • समुद्र विज्ञान और जलवायु अनुकूलन क्षमता।
  • महासागर शासन और समुद्री अनुकूलन के लिए सहयोगात्मक तरीके।
  • परिवर्तनकारी समुद्री प्रौद्योगिकियां और उनके दोहरे उपयोग के परिणाम।

पहला दिन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले दिन स्मारक संबोधन देंगे। पहले दिन एक विशेष सत्र पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम द फ्लैग ब्रिज भी होगा, जिसमें भारत और श्रीलंका के पूर्व नौसेना प्रमुख एक मंच पर बैठेंगे, तथा सहयोग का संवाद नाम से राजदूतों के साथ बातचीत रखी गई है।

पीछे के ढांचे

आईपीओआईइंडो-पैसिफिक महासागर पहल, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2019 में बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में की थी
जोर के क्षेत्रइस पहल के अंतर्गत सात परस्पर जुड़े समुद्री क्षेत्र
महासागरम्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस

इस संवाद के पिछले संस्करणों ने इस पहल के जोर वाले क्षेत्रों के चुनिंदा पहलुओं को उठाया है। भारत की समुद्री दृष्टि महासागर के ढांचे में रखकर यह संवाद इस पहल के व्यापक सहयोग ढांचे को ऐसे ठोस प्रस्तावों में बदलने का प्रयास करता है, जिन पर राष्ट्रीय, उप-क्षेत्रीय और समूचे क्षेत्र के स्तर पर मौजूदा द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय और बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के जरिए काम किया जा सके।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनइंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026
मेज़बानभारतीय नौसेना, मुख्य आयोजक राष्ट्रीय समुद्री संस्था
स्थान और तिथिनई दिल्ली, 3 से 5 नवंबर 2026
विषयइंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग
भागीदारीइंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों के विशेषज्ञ
सत्रतीन दिनों में पांच विषयगत सत्र
स्मारक संबोधनरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पहले दिन
विशेष सत्रपर्सपेक्टिव्स फ्रॉम द फ्लैग ब्रिज, भारत और श्रीलंका के पूर्व नौसेना प्रमुखों के साथ
राजदूत वार्तासहयोग का संवाद
आईपीओआईइंडो-पैसिफिक महासागर पहल, नवंबर 2019 में बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में घोषित, सात समुद्री क्षेत्रों पर जोर
महासागरम्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि यह संवाद भारतीय नौसेना का शीर्ष वार्षिक सामरिक आयोजन है और राष्ट्रीय समुद्री संस्था के साथ कराया जाता है। इसके साथ 2026 की तिथियां और स्थान, विषय, 18 देशों तथा पांच सत्रों की संख्या, महासागर का पूरा नाम, और यह तथ्य याद रखें कि सात क्षेत्रों पर जोर देने वाली इंडो-पैसिफिक महासागर पहल नवंबर 2019 में बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में घोषित हुई थी।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षामध्यम

भारतीय नौसेना द्वारा कराए जाने वाले इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 का विषय क्या है?

  1. A.समुद्री सुरक्षा और नीली अर्थव्यवस्था
  2. B.इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग
  3. C.महासागर शासन के लिए सहयोगात्मक तरीके
  4. D.पावरिंग द ग्लोबल साउथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग

भारतीय नौसेना यह संवाद नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर 2026 तक इसी विषय पर कराएगी, जिसकी मुख्य आयोजक राष्ट्रीय समुद्री संस्था है और जिसमें क्षेत्र के 18 देशों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

Q2.रक्षाकठिन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडो-पैसिफिक महासागर पहल की घोषणा किस शिखर सम्मेलन में की थी?

  1. A.बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में
  2. B.ओसाका में 14वें जी-20 शिखर सम्मेलन में
  3. C.सिंगापुर में 13वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में
  4. D.हनोई में 15वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में

इस पहल में सात परस्पर जुड़े समुद्री क्षेत्रों पर जोर दिया गया है, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद के पिछले संस्करणों ने इन क्षेत्रों के चुनिंदा पहलुओं को बारी-बारी से उठाया है।

Q3.रक्षामध्यम

इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 में कितने देशों के विशेषज्ञ आएंगे और इसमें कितने विषयगत सत्र हैं?

  1. A.12 देश और तीन सत्र
  2. B.18 देश और पांच सत्र
  3. C.25 देश और सात सत्र
  4. D.18 देश और सात सत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 18 देश और पांच सत्र

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों से समुद्री क्षेत्र के व्यवहारकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता और विशेषज्ञ इस संवाद में योगदान देंगे, और सम्मेलन में तीन दिनों में फैले पांच विषयगत सत्र रखे गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 का विषय क्या है?

इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग। भारतीय नौसेना यह संवाद नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर 2026 तक कराएगी और इसकी मुख्य आयोजक राष्ट्रीय समुद्री संस्था है।

महासागर का पूरा रूप क्या है?

म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस। यह भारत की समुद्री दृष्टि है और यह संवाद इसी ढांचे में रहकर इंडो-पैसिफिक महासागर पहल को ठोस प्रस्तावों में बदलने का काम करता है।

इंडो-पैसिफिक महासागर पहल की घोषणा कहां और कब हुई थी?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी घोषणा नवंबर 2019 में बैंकॉक में 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में की थी। इसमें सात परस्पर जुड़े समुद्री क्षेत्रों पर जोर है, जिन्हें संवाद के पिछले संस्करणों ने बारी-बारी से उठाया है।

इस संवाद में स्मारक संबोधन कौन देंगे?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीन दिवसीय आयोजन के पहले दिन। उसी दिन भारत और श्रीलंका के पूर्व नौसेना प्रमुखों के साथ पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम द फ्लैग ब्रिज नाम का विशेष सत्र भी होगा।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा