पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत तीन वर्षों में कितने लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं?
- A.10 लाख
- B.20 लाख
- C.30 लाख
- D.50 लाख
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 30 लाख है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया कि तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इतने लाभार्थी योजना में पंजीकृत हो चुके हैं, जिसका अर्थ है कि शुभारंभ के तीन वर्ष के भीतर योजना का पंजीकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया। विकल्प A, B और D ऐसे आंकड़े देते हैं जो उपलब्धि से या तो कम हैं या अधिक, और प्रमुख योजनाओं पर बनने वाले प्रश्न प्रायः कुल लाभार्थी संख्या पर ही केंद्रित होते हैं। अभ्यर्थी साथ के आंकड़े भी याद रखें, लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिला है, 6.18 लाख को 5 प्रतिशत वार्षिक दर पर कुल 5,297 करोड़ रुपये का ऋण मिला है और इंडिया पोस्ट के जरिए 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट पहुंचाए गए हैं।
पूरा लेख पढ़ें: पीएम विश्वकर्मा के तीन वर्ष, 30 लाख कारीगर पंजीकृत
अभ्यास प्रश्न
पीएम विश्वकर्मा योजना किस तिथि को शुरू की गई थी?
- A.17 सितंबर 2023
- B.15 अगस्त 2023
- C.17 सितंबर 2022
- D.2 अक्टूबर 2023
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प्रधानमंत्री ने उसी दिन इस योजना का शुभारंभ किया था, ताकि 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता मिल सके, और इसी कारण इसकी तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को पड़ती है, जिसे कोलकाता के धोणो धान्यो सभागार में मनाया जाएगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएम विश्वकर्मा योजना किस मंत्रालय के अधीन क्रियान्वित होती है?
- A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- B.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
- C.वस्त्र मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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इसके केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हैं और शोभा करंदलाजे राज्य मंत्री हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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