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GK24

शहजाद भट्टी नेटवर्क यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित

गृह मंत्रालय ने सीमापार तस्करी में लिप्त शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया, जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने 16 सितंबर को दी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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शहजाद भट्टी नेटवर्क यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित — GK24 title card

चर्चा में क्यों

16 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को एक सीमापार सिंडिकेट पर कार्रवाई की। शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया। यह घोषणा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत हुई, जिसे संक्षेप में यूएपीए कहा जाता है। जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दी।

नेटवर्क पर क्या आरोप हैं

इस सिंडिकेट पर सीमा पार से हथियारों की तस्करी का आरोप है। विस्फोटक इसी कारोबार का दूसरा हिस्सा हैं। मादक पदार्थ तीसरा हिस्सा हैं। समूह पर युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेलने का आरोप भी है। छोटे-मोटे अपराधियों को भी इसी तरह जोड़ा गया बताया जाता है।

आरोप का डिजिटल पक्ष

सरकार का कहना है कि नेटवर्क तस्करी तक सीमित नहीं रहा। उसने ऑनलाइन नफरत भरी सामग्री प्रकाशित की। यह सामग्री देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को निशाना बनाती थी। सामाजिक सौहार्द का ताना-बाना भी उसका लक्ष्य था। गृह मंत्री ने इस कदम को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा बताया, जो प्रधानमंत्री के घोषित रुख के अनुरूप है।

यूएपीए क्या अनुमति देता है

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम भारत में आतंकवाद के विरुद्ध प्रयुक्त केंद्रीय कानून है। यह केंद्र सरकार को किसी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करने की शक्ति देता है। घोषित होने पर वह संस्था अधिनियम की अनुसूची में सूचीबद्ध हो जाती है। ऐसी संस्था की सदस्यता, धन जुटाना और समर्थन दंडात्मक परिणाम लाते हैं। ये अधिसूचनाएं गृह मंत्रालय जारी करता है।

अभ्यर्थी इसे क्यों याद रखें

इस विषय पर प्रश्न प्रायः कानून और मंत्रालय पूछते हैं। यहां दोनों सरल हैं। कानून यूएपीए है। मंत्रालय गृह मंत्रालय है। घोषणा करने वाले मंत्री अमित शाह हैं, जिनके पास सहकारिता विभाग भी है। नेटवर्क का नाम और घोषणा की तिथि इस कहानी के तथ्यों को पूरा कर देती है।

एक नजर में

घोषित संगठनशहजाद भट्टी नेटवर्क
प्रयुक्त कानूनगैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, यूएपीए
मंत्रालयगृह मंत्रालय
घोषणाअमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
तिथि16 सितंबर 2026
आरोपहथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की सीमापार तस्करी
अन्य आरोपयुवाओं तथा छोटे अपराधियों को भड़काना; नफरत भरी डिजिटल सामग्री

महत्वपूर्ण तथ्य

संगठनशहजाद भट्टी नेटवर्क
कार्रवाईआतंकवादी संगठन घोषित
कानूनगैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए)
मंत्रालयगृह मंत्रालय
घोषणाकर्ताअमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
तिथि16 सितंबर 2026
मुख्य आरोपहथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की सीमापार तस्करी

परीक्षा की दृष्टि से

संगठन का नाम (शहजाद भट्टी नेटवर्क), प्रयुक्त कानून (यूएपीए), मंत्रालय (गृह), घोषणा करने वाले मंत्री (अमित शाह, जिनके पास सहकारिता भी है) और हथियार, विस्फोटक तथा मादक पदार्थों की सीमापार तस्करी के आरोप याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

शहजाद भट्टी नेटवर्क को किस कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है?

  1. A.राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
  2. B.गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम
  3. C.धन शोधन निवारण अधिनियम
  4. D.सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम है, जिसे यूएपीए कहा जाता है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को इसी कानून का प्रयोग कर शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी दी। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम व्यक्तियों की निवारक हिरासत से जुड़ा है, वह संगठनों को आतंकवादी संगठन सूचीबद्ध नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि धन शोधन निवारण अधिनियम अपराध से अर्जित संपत्ति और उसकी कुर्की से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम अशांत घोषित क्षेत्रों में सेना की शक्तियों से जुड़ा है और ऐसी घोषणा से उसका कोई संबंध नहीं। आतंकवादी संगठनों की अनुसूची यूएपीए के अंतर्गत ही रखी जाती है, इसलिए किसी संगठन पर प्रतिबंध के प्रश्न में यही कानून याद रखें।

Q2.राष्ट्रीयआसान

शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित करने की जानकारी किस मंत्री ने दी?

  1. A.केंद्रीय रक्षा मंत्री
  2. B.केंद्रीय गृह मंत्री
  3. C.केंद्रीय विधि मंत्री
  4. D.केंद्रीय विदेश मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय गृह मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय गृह मंत्री है। अमित शाह, जो केंद्रीय गृह मंत्री होने के साथ सहकारिता मंत्री भी हैं, ने बताया कि गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। विकल्प A गलत है क्योंकि रक्षा मंत्रालय सशस्त्र बलों से जुड़ा है और इस कानून के अंतर्गत अधिसूचना जारी नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि विधि मंत्रालय विधेयकों के प्रारूपण और विधिक मामलों को देखता है, आतंकवादी संगठनों की सूची से उसका सरोकार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विदेश मंत्रालय विदेश संबंध संभालता है और ऐसी घरेलू अधिसूचना में उसकी कोई भूमिका नहीं होती। ध्यान रखें कि यूएपीए के तहत घोषित करने की शक्ति केंद्र सरकार के पास है और इसका प्रयोग गृह मंत्रालय के माध्यम से होता है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर लगाए गए आरोपों में निम्नलिखित में से कौन सा शामिल नहीं था?

  1. A.सीमा पार हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी
  2. B.भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी
  3. C.युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए भड़काना
  4. D.नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रकाशित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी है। गृह मंत्रालय ने नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित करते समय जो आधार गिनाए, उनमें यह आरोप शामिल नहीं था, इसलिए यही विकल्प सूची से अलग पड़ता है। विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि हथियारों और विस्फोटकों की सीमापार तस्करी का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया था, साथ में मादक पदार्थ भी। विकल्प C गलत है क्योंकि सरकार ने कहा कि समूह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर धकेलता रहा है, जो कार्रवाई के मुख्य कारणों में था। विकल्प D गलत है क्योंकि सिंडिकेट पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को निशाना बनाने वाली नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रकाशित करने का आरोप भी लगाया गया। ऐसे नकारात्मक प्रश्न परीक्षा में आम हैं, इसलिए आधारों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है?

शहजाद भट्टी नेटवर्क को। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को यूएपीए के तहत इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया।

यह घोषणा किस कानून के तहत हुई?

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत, जो केंद्र सरकार को किसी संगठन को आतंकवादी संगठन सूचीबद्ध करने की शक्ति देता है।

नेटवर्क पर क्या आरोप हैं?

सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी, युवाओं तथा छोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए भड़काना और नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रकाशित करना।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CPO