चर्चा में रही निःशुल्क समाचार फीड सेवा पीबी शब्द किस संस्था की है?
- A.प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया
- B.प्रसार भारती
- C.पत्र सूचना कार्यालय
- D.भारतीय जनसंचार संस्थान
सही उत्तर
B. प्रसार भारती
व्याख्या
सही उत्तर प्रसार भारती है, जो भारत का सार्वजनिक सेवा प्रसारक है। पीबी शब्द उसी की निःशुल्क समाचार फीड सेवा है और सेवा का नाम ही उसकी मूल संस्था बता देता है, क्योंकि इसका विस्तृत रूप प्रसार भारती - शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन है। यह सेवा प्रसारक के अपने आंतरिक वायर प्रसार भारती न्यूज सर्विस से विकसित हुई है और उन्हीं संवाददाताओं तथा डेस्क पर टिकी है, जो आकाशवाणी और दूरदर्शन के बुलेटिन तैयार करते हैं। विकल्प A एक समाचार एजेंसी है, जिसका इस मंच से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C सरकार की प्रचार शाखा है, जो प्रेस विज्ञप्तियां जारी करती है, यह बहु-प्रारूप फीड नहीं चलाती। विकल्प D जनसंचार का प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान है और इस सेवा के संचालन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। शुभारंभ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने किया था।
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अभ्यास प्रश्न
पीबी शब्द तक निःशुल्क पहुंच किस तिथि तक सुनिश्चित की गई है?
- A.मार्च 2025
- B.मार्च 2026
- C.मार्च 2027
- D.मार्च 2030
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मार्च 2027
व्याख्या
सही उत्तर मार्च 2027 है। निःशुल्क पहुंच एक बार में नहीं, बल्कि चरणों में बढ़ाई गई है और यही बात इसे परीक्षा का पसंदीदा प्रश्न बनाती है। मंच के संचालन का एक वर्ष पूरा होने पर निःशुल्क पहुंच मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी और बाद में इसे फिर बढ़ाकर मार्च 2027 तक कर दिया गया, ताकि मीडिया संगठन निश्चितता के साथ इस फीड के उपयोग की योजना बना सकें। विकल्प A वह समय है जब पहली बार अवधि बढ़ाने की घोषणा हुई थी, वह अंतिम तिथि नहीं है। विकल्प B पहले की घोषणा थी, जिसकी जगह नई अवधि ने ले ली है, इसलिए पुराने विवरण पढ़ने वाले उम्मीदवार यहीं चूकते हैं। विकल्प D किसी घोषणा पर आधारित नहीं है। पंजीकृत उपयोगकर्ताओं से डाउनलोड की गई सामग्री के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
पीबी शब्द के बारे में कौन सा कथन सही है?
- A.इसकी सामग्री पर प्रसार भारती का लोगो और क्रेडिट लाइन अनिवार्य है
- B.इसकी सामग्री पर न लोगो होता है, न क्रेडिट लाइन जरूरी है
- C.यह केवल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है
- D.यह केवल टेलीविजन चैनलों के लिए खुली है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसकी सामग्री पर न लोगो होता है, न क्रेडिट लाइन जरूरी है
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि सामग्री पर न लोगो होता है और न क्रेडिट लाइन जरूरी है। यही विशेषता इस मंच को पारंपरिक समाचार एजेंसी से अलग करती है, क्योंकि कोई छोटा अखबार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खबर को प्रसारक का नाम दिए बिना अपने ही मास्टहेड के तहत छाप सकता है। विकल्प A इस नियम को उलट देता है। विकल्प C इसलिए गलत है कि इस फीड पर 15 भारतीय भाषाओं में और लगभग 50 समाचार श्रेणियों के तहत सामग्री मिलती है, वह भी टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफ और इन्फोग्राफिक्स जैसे पांच प्रारूपों में, और यही बात इसे क्षेत्रीय न्यूजरूम के लिए उपयोगी बनाती है। विकल्प D इसलिए गलत है कि पंजीकरण वैध आरएनआई प्रमाण-पत्र वाले अखबारों, अपलिंक-डाउनलिंक प्रमाण-पत्र वाले टेलीविजन व रेडियो चैनलों तथा पैन की प्रति देने वाले डिजिटल प्रकाशकों के लिए भी खुला है।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान विभाग और उसके संगठनों ने कितना राजस्व अर्जित किया था?
- A.11,972 रुपये
- B.15,588 रुपये
- C.14,47,619 रुपये
- D.64,00,000 रुपये
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सही उत्तर: C. 14,47,619 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 14,47,619 रुपये है। यह राशि 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक चले महीने भर के अभियान में फाइलों, पुरानी सामग्री और कबाड़ के निपटान से मिली थी। बाकी विकल्प उसी अभियान के दूसरे आंकड़ों को गलत जगह रखकर बनाए गए हैं और परीक्षा में प्रश्न प्रायः इसी तरह गढ़े जाते हैं। विकल्प A उन भौतिक फाइलों और दस्तावेजों की संख्या है, जिनका डिजिटलीकरण किया गया और जिन्हें हटाया गया। विकल्प B वह कार्यालय स्थान है, जिसे वर्ग फुट में मापकर खाली कराया गया। विकल्प D स्वच्छता अभियानों की संख्या 64 को बढ़ाकर उसे रुपये की राशि बना देता है। इसलिए उम्मीदवार को विशेष अभियान 5.0 के चारों नतीजे उनकी इकाई के साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि परीक्षक इकाई को ही परखता है।
विशेष अभियान 6.0 के कार्यान्वयन चरण की अवधि क्या है?
- A.16 से 30 सितंबर 2026
- B.2 से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 से 30 नवंबर 2026
- D.2 से 31 अक्टूबर 2025
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 से 31 अक्टूबर 2026 है। यह अभियान दो स्पष्ट रूप से अलग चरणों में चलता है और इस तरह के प्रश्न प्रायः इन्हीं दोनों में अंतर करने पर टिके होते हैं। विकल्प A तैयारी चरण की तिथियां देता है, यानी वह अवधि जिसमें कार्यालय उन फाइलों, संदर्भों और शिकायतों की पहचान करते हैं जिन्हें निपटाना है, लक्ष्य तय करते हैं और संस्थागत व्यवस्था खड़ी करते हैं। इसके बाद आने वाला कार्यान्वयन चरण वह महीना है जिसमें चिह्नित लंबित मामलों का वास्तविक निपटान होता है, जगह खाली कराई जाती है और ई-कचरे का संग्रह, पृथक्करण तथा निपटान किया जाता है। विकल्प C में दिया महीना अभियान के किसी चरण में नहीं आता। विकल्प D पिछले संस्करण यानी विशेष अभियान 5.0 की तिथियां दोहराता है, जो एक वर्ष पहले चला था और जिसके नतीजे इस बार के अभियान का आधार हैं।
स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान का विशेष अभियान 6.0 किस विभाग ने शुरू किया है?
- A.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- B.दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
- C.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- D.व्यय विभाग
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सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग है, जिसे संक्षेप में डीएआरपीजी कहा जाता है। यही विभाग पूरे सरकार में यह अभियान चलाता है, वे मापदंड तय करता है जिनके आधार पर हर कार्यालय अपने लंबित मामलों की पहचान करता है, दिशानिर्देश जारी करता है और पोर्टल पर उपलब्धियों की रिपोर्टिंग कराता है। विकल्प B उस विभाग का नाम है जो इस मामले में अभियान को लागू कर रहा है, और यही प्रश्न का असली जाल है: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भागीदार विभाग है, अभियान शुरू करने वाला नहीं। विकल्प C सरकार के कार्मिक और सेवा मामलों को देखता है, इस अभियान का नोडल विभाग नहीं है। विकल्प D सार्वजनिक वित्त और व्यय नियंत्रण से जुड़ा है और इस अभियान के संचालन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। याद रखें कि नोडल विभाग डीएआरपीजी है और हर भागीदार विभाग अपना नोडल अधिकारी अलग से नामित करता है।