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GK24

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण जहाज कोलंबो बंदरगाह से रवाना

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी 29 अक्टूबर 2026 को पैसेक्स करते हुए कोलंबो से रवाना हुए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण जहाज कोलंबो बंदरगाह से रवाना

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने 30 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज एक दिन पहले कोलंबो से रवाना हुए, जहां श्रीलंका नौसेना के साथ आदान-प्रदान और एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज अभ्यास हुआ।

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन यानी 1 टीएस के तीन जहाज 29 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से रवाना हो गए। रक्षा मंत्रालय ने इस बंदरगाह यात्रा को सफल बताया। स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता तथा तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी शामिल हैं। यात्रा का केंद्र भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के बीच द्विपक्षीय गतिविधियां रहीं, जिनका उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के रक्षा सहयोग तथा समुद्री साझेदारी को और गहरा करना था।

शिष्टाचार भेंट और पेशेवर आदान-प्रदान

जहाजों के बंदरगाह पर रहते हुए स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी तीनों जहाजों के कमान अधिकारियों के साथ श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से मिले। दोनों पक्षों ने इस भेंट में अपने निकट संबंधों और समुद्री सहयोग बढ़ाने की साझा इच्छा दोहराई। स्क्वाड्रन के समुद्री प्रशिक्षु त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी पहुंचे और वहां अपने श्रीलंकाई समकक्षों के साथ समय बिताया। बदले में अकादमी के कैडेट भारतीय जहाजों पर आए और उन्हें स्क्वाड्रन की प्रशिक्षण व्यवस्था दिखाई गई। दोनों ओर के युवा अधिकारियों ने अपने-अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए।

तट पर सामुदायिक पहल

यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के कर्मियों ने समुद्र तट की सफाई में हिस्सा लिया, जिसका संदेश तटीय पर्यावरण की देखभाल से जुड़ा था। जहाजों को आगंतुकों के लिए भी खोला गया। स्थानीय नागरिकों और श्रीलंका में बसे भारतीय समुदाय के लोगों ने चालक दल से मुलाकात की तथा यह देखा कि स्क्वाड्रन किस तरह प्रशिक्षण और परिचालन करता है।

लौटते समय पैसेक्स

बंदरगाह छोड़ते समय स्क्वाड्रन ने श्रीलंकाई जहाज एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज अभ्यास किया, जिसे संक्षेप में पैसेक्स कहा जाता है। इसमें जहाजों ने समुद्र में एक साथ युद्धाभ्यास किया। ऐसे अभ्यास से दोनों नौसेनाओं का परिचालन समन्वय और पारस्परिक कार्यक्षमता परखी तथा बेहतर होती है। यह तैनाती महासागर दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका अर्थ है क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति।

महत्वपूर्ण तथ्य

स्क्वाड्रनभारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1 टीएस)
जहाजआईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
बंदरगाह यात्राकोलंबो, श्रीलंका
रवानगी29 अक्टूबर 2026
अभ्यासएसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज अभ्यास (पैसेक्स)
अकादमीनौसेना एवं समुद्री अकादमी, त्रिंकोमाली
भेंटकमांडर, पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र, श्रीलंका नौसेना
दृष्टिकोणमहासागर: क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति
मंत्रालयरक्षा मंत्रालय

परीक्षा की दृष्टि से

प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के तीन जहाज (आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता, आईसीजीएस सारथी), बंदरगाह (कोलंबो), रवानगी की तारीख (29 अक्टूबर 2026), पैसेक्स में शामिल श्रीलंकाई जहाज (एसएलएनएस नंदीमित्र), त्रिंकोमाली की अकादमी और महासागर का पूरा अर्थ याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

29 अक्टूबर 2026 को कोलंबो से रवाना हुए भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन में कौन से जहाज शामिल थे?

  1. A.आईएनएस विक्रांत, आईएनएस विक्रमादित्य और आईसीजीएस समुद्र
  2. B.आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
  3. C.आईएनएस तबर, आईएनएस त्रिकंड और आईसीजीएस विक्रम
  4. D.आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कदमत्त और आईसीजीएस अभिनव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी

यही तीन जहाज प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन यानी 1 टीएस बनाते हैं, जो भारतीय नौसेना के समुद्री प्रशिक्षुओं को ले जाता है और 29 अक्टूबर 2026 को बंदरगाह यात्रा पूरी कर कोलंबो से रवाना हुआ।

Q2.रक्षामध्यम

श्रीलंका यात्रा के संदर्भ में उल्लिखित महासागर दृष्टिकोण का पूरा अर्थ क्या है?

  1. A.क्षेत्रों में बंदरगाह पहुंच और व्यापार के लिए समुद्री गठबंधन
  2. B.क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति
  3. C.सभी क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास के लिए मानवीय सहायता हेतु पारस्परिक सहयोग
  4. D.क्षेत्रों में विकास के लिए समुद्री सद्भाव और साझा कार्रवाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति

प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की कोलंबो यात्रा और श्रीलंका नौसेना के साथ हुआ आदान-प्रदान इसी भारतीय दृष्टिकोण के अनुरूप बताया गया, जिसमें क्षेत्रीय समुद्री सहयोग तथा क्षमता निर्माण शामिल हैं।

Q3.रक्षामध्यम

कोलंबो यात्रा के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के समुद्री प्रशिक्षुओं ने किस श्रीलंकाई संस्थान का दौरा किया?

  1. A.नौसेना एवं समुद्री अकादमी, त्रिंकोमाली
  2. B.कोटेलावाला रक्षा विश्वविद्यालय, कोलंबो
  3. C.नौसैनिक गोदी, गाले
  4. D.समुद्री प्रशिक्षण केंद्र, जाफना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नौसेना एवं समुद्री अकादमी, त्रिंकोमाली

स्क्वाड्रन के समुद्री प्रशिक्षु इसी अकादमी गए और वहां अपने श्रीलंकाई समकक्षों से मिले, जबकि अकादमी के कैडेट बाद में भारतीय जहाजों पर आकर स्क्वाड्रन की प्रशिक्षण सुविधाएं देख गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलंबो गए भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन में कौन से जहाज हैं?

आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी। ये 29 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका नौसेना के साथ द्विपक्षीय गतिविधियों के बाद कोलंबो से रवाना हुए।

महासागर का पूरा अर्थ क्या है?

क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति। श्रीलंका की यह बंदरगाह यात्रा इसी भारतीय दृष्टिकोण के अनुरूप बताई गई है।

पैसेक्स में कौन सा श्रीलंकाई जहाज शामिल हुआ?

एसएलएनएस नंदीमित्र। यह पैसेज अभ्यास भारतीय जहाजों के कोलंबो से निकलते समय हुआ और इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच समन्वय तथा पारस्परिक कार्यक्षमता बढ़ाना था।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा