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डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5: 2000 जिलों में शिविर

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर 2026 तक देश के 2000 शहरों और जिलों में पांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान चलाएगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5: 2000 जिलों में शिविर — GK24 title card

चर्चा में क्यों

30 अक्टूबर 2026 को पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पांचवें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की घोषणा की, जो 1 से 30 नवंबर 2026 तक 2000 जिलों और शहरों में चलेगा।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 से 30 नवंबर 2026 तक पांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाएगा। इसके लिए देश के 2000 शहरों और जिलों में शिविर लगाए जाएंगे। विभाग के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है। इससे जुड़े दिशा-निर्देश 13 अगस्त 2026 के कार्यालय ज्ञापन से जारी किए जा चुके हैं।

अभियान का लक्ष्य

विभाग ने इस बार सैचुरेशन यानी पूर्ण कवरेज का तरीका चुना है, जिसमें चुने गए क्षेत्र के हर पात्र पेंशनभोगी तक पहुंचने की कोशिश होती है, न कि कुछ चुनिंदा लोगों तक। लक्ष्य 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने का है और इनमें से 1.50 करोड़ प्रमाण पत्र चेहरे की पहचान यानी फेस ऑथेंटिकेशन से तैयार कराए जाएंगे।

कौन-कौन जुड़े हैं

पूरे महीने संपूर्ण सरकार का दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इसमें पेंशन बांटने वाले 19 बैंक, 785 जिला डाकघर, 56 पेंशनभोगी कल्याण संघ, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, रक्षा लेखा महानियंत्रक, दूरसंचार विभाग, रेलवे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, राज्य सरकारें, यूआईडीएआई तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मिलकर काम करेंगे।

चेहरे की पहचान पर सबसे ज्यादा जोर

इस बार सबसे अधिक जोर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर रहेगा और इसके लिए तकनीकी मदद इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई देंगे। पेंशनभोगी एंड्रॉइड और आईओएस, दोनों तरह के मोबाइल फोन पर ऐप को अपना चेहरा दिखाकर प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इसमें न तो उंगलियों के निशान वाली मशीन चाहिए और न ही बैंक जाना पड़ता है, इसलिए बुजुर्ग और दूरदराज रहने वाले पेंशनभोगियों को सबसे अधिक सुविधा मिलती है।

शिविर कैसे चलेंगे

शिविर उत्सव की तरह आयोजित होंगे, जहां प्रमाण पत्र बनाने के साथ स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी। जो पेंशनभोगी चल-फिर नहीं सकते, उन्हें घर पर ही सेवा मिलेगी। शिकायत निवारण अधिकारी शिविर में ही डीएलसी से जुड़ी दिक्कतों का तुरंत समाधान करेंगे। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चिन्हित राज्यों में जाकर जमीनी समीक्षा करेंगे और जिन इलाकों में पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है, वहां मेगा शिविर लगेंगे। प्रचार में दूरदर्शन, आकाशवाणी और पत्र सूचना कार्यालय मदद करेंगे, जबकि एसएमएस, जिंगल और लघु फिल्मों से जागरूकता फैलाई जाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभियानपांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान
अवधि1 से 30 नवंबर 2026
पहुंच2000 जिले और शहर
लक्ष्य2.30 करोड़ डीएलसी, जिनमें 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन से
मंत्रालयकार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग)
तकनीकी सहायताइलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई
भागीदार19 बैंक, 785 जिला डाकघर, 56 कल्याण संघ
दिशा-निर्देश13 अगस्त 2026 का कार्यालय ज्ञापन

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संस्करण (पांचवां), अवधि (1 से 30 नवंबर 2026), पहुंच (2000 जिले और शहर), लक्ष्य (2.30 करोड़ डीएलसी, जिनमें 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन से), संबंधित विभाग (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय का पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग) और तकनीकी साझेदार (मेइटीवाई तथा यूआईडीएआई)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

पांचवें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के तहत कितने शहरों और जिलों में शिविर लगाए जाएंगे?

  1. A.1000
  2. B.1500
  3. C.2000
  4. D.2500
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2000

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग पांचवें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के दौरान देश के 2000 शहरों और जिलों में शिविर लगाएगा।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

डीएलसी अभियान-5 में फेस ऑथेंटिकेशन से कितने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने का लक्ष्य है?

  1. A.50 लाख
  2. B.1.50 करोड़
  3. C.2.30 करोड़
  4. D.3 करोड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.50 करोड़

इस अभियान से जुड़े दो आंकड़े हैं, जिन्हें अक्सर आपस में मिला दिया जाता है। कुल लक्ष्य 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का है और इसी कुल में से 1.50 करोड़ प्रमाण पत्र फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से तैयार कराए जाने हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंआसान

पेंशनभोगियों के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान कौन चलाता है?

  1. A.डाक विभाग
  2. B.वित्तीय सेवाएं विभाग
  3. C.पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
  4. D.दूरसंचार विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग

इसी विभाग ने 13 अगस्त 2026 के कार्यालय ज्ञापन से अभियान के दिशा-निर्देश जारी किए और यही 1 से 30 नवंबर 2026 तक पांचवां संस्करण चला रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पांचवां डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान कब चलेगा?

1 से 30 नवंबर 2026 तक, देश के 2000 जिलों और शहरों में। इसे पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग चला रहा है और यह अब तक का सबसे बड़ा डीएलसी अभियान है।

डीएलसी अभियान-5 का लक्ष्य क्या है?

2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, जिनमें से 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से बनाए जाएंगे। यह सुविधा एंड्रॉइड और आईओएस दोनों तरह के फोन पर काम करती है।

फेस ऑथेंटिकेशन के लिए तकनीकी सहायता कौन देगा?

इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआई। अभियान में 19 पेंशन वितरक बैंक, 785 जिला डाकघर और 56 पेंशनभोगी कल्याण संघ भी जुड़े हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS