मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

ईएसटीआईसी 2026 सत्र में फिजिकल एआई पर मंथन

नई दिल्ली में ईएसटीआईसी 2026 के स्वायत्त प्रणाली, फिजिकल एआई और रोबोटिक्स सत्र में बताया गया कि एनएम-आईसीपीएस मिशन में 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
ईएसटीआईसी 2026 सत्र में फिजिकल एआई पर मंथन

चर्चा में क्यों

29 अक्टूबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने नई दिल्ली में ईएसटीआईसी 2026 के अंतर्गत स्वायत्त प्रणाली, फिजिकल एआई और रोबोटिक्स पर सत्र किया, जिसमें एनएम-आईसीपीएस के 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्रों और प्रस्तावित फिजिकल एआई मिशन पर चर्चा हुई।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में चल रहे उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 में स्वायत्त प्रणाली, फिजिकल एआई और रोबोटिक्स पर एक सत्र आयोजित किया। विशेषज्ञों ने इस पर विचार किया कि स्वयं निर्णय लेकर काम करने वाली मशीनें, भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स आने वाले वर्षों में वैज्ञानिक शोध तथा तकनीकी नवाचार की दिशा कैसे बदलेंगे। यह कॉन्क्लेव 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चला, जिसमें विज्ञान, शोध, उद्योग और स्टार्टअप जगत के लोग जुटे।

डीएसटी सचिव ने क्या कहा

सत्र का उद्घाटन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे ने किया। उन्होंने कहा कि स्वायत्त प्रणालियों, फिजिकल एआई और रोबोटिक्स को आगे ले जाने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और तकनीक के उपयोगकर्ताओं का साथ मिलकर काम करना जरूरी है। उनके अनुसार प्रयोगशाला के विचार को समाज के काम आने वाले समाधान में बदलने के मोड़ पर यही तालमेल सबसे अधिक मायने रखता है।

साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन

प्रोफेसर वाघमारे ने डीएसटी के अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) की चर्चा की, जिसके अंतर्गत देश के 25 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र बनाए गए हैं। ये केंद्र शिक्षा जगत को उद्योग और स्टार्टअप से जोड़ते हैं, ताकि प्रयोगशाला का विचार बाजार तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि मिशन का पहला चरण दिसंबर 2027 में पूरा होना है और सत्र में आई राय दूसरे चरण की योजना बनाने में काम आएगी।

फिजिकल एआई एक प्रणाली की चुनौती

नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा कि फिजिकल एआई केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौती नहीं, बल्कि उतनी ही बड़ी प्रणाली अभियांत्रिकी की चुनौती है। कोई बुद्धिमान भौतिक प्रणाली तभी ठीक चलती है जब भरोसेमंद सेंसर, कुशल एक्चुएटर, वास्तविक समय की कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम विलंब वाला संचार और ऊर्जा बचाने वाला हार्डवेयर, ये सब एक साथ सही बैठें। उन्होंने इन्हें संवाद करने वाले एआई उपकरणों से अलग बताया, क्योंकि कारखाने में काम करने वाले रोबोट या स्वचालित वाहन की चूक का असर तुरंत भौतिक रूप में दिखता है। इसलिए विश्वसनीयता, सत्यापन, सुरक्षा, संरक्षा और भरोसे को शोध के केंद्र में रखना होगा।

फिजिकल एआई मिशन का प्रस्ताव

प्रोफेसर करंदीकर ने कहा कि भारत प्रणाली अभियांत्रिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण, एंबेडेड सिस्टम, डिजाइन, दूरसंचार और सॉफ्टवेयर में अपनी मौजूदा क्षमता पर स्वायत्त प्रणालियां खड़ी कर सकता है। उन्होंने बताया कि हितधारकों के परामर्श में एक समर्पित फिजिकल एआई मिशन के प्रस्ताव पर विचार हुआ है और सुझाव दिया कि एनएम-आईसीपीएस का अगला चरण इस क्षेत्र को उठाने का अवसर बन सकता है। कॉन्क्लेव के छठे सत्र में एक मुख्य व्याख्यान, आमंत्रित वक्तव्य और एक परिचर्चा हुई, जिसमें एडवर्ब टेक्नोलॉजीज, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी इंदौर तथा रोबोटिक्स कंपनियों के वक्ता शामिल हुए।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनउभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026
स्थानभारत मंडपम, नई दिल्ली
तिथियां27 से 29 अक्टूबर 2026
सत्र का विषयस्वायत्त प्रणाली, फिजिकल एआई और रोबोटिक्स
आयोजक विभागविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)
डीएसटी सचिवप्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे
नीति आयोग सदस्यप्रोफेसर अभय करंदीकर
चर्चित मिशनअंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस)
प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र25 प्रमुख शैक्षणिक संस्थान
पहले चरण का समापनदिसंबर 2027
विचाराधीन प्रस्तावसमर्पित फिजिकल एआई मिशन

परीक्षा की दृष्टि से

ईएसटीआईसी का पूरा नाम (उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव), 2026 की तिथियां (27 से 29 अक्टूबर), स्थान (भारत मंडपम, नई दिल्ली), डीएसटी सचिव (प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे), वक्ता नीति आयोग सदस्य (प्रोफेसर अभय करंदीकर), एनएम-आईसीपीएस का पूरा नाम, उसके 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र, पहले चरण का दिसंबर 2027 में समापन और प्रस्तावित फिजिकल एआई मिशन याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के तहत प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र कितने शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किए गए हैं?

  1. A.15
  2. B.20
  3. C.25
  4. D.30
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 25

कॉन्क्लेव के स्वायत्त प्रणाली सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत देश भर के पच्चीस प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

स्वायत्त प्रणाली और रोबोटिक्स पर सत्र वाला ईएसटीआईसी 2026 किस स्थान पर आयोजित हुआ?

  1. A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  2. B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  3. C.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  4. D.साइंस सिटी, कोलकाता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत मंडपम, नई दिल्ली

वर्ष 2026 का उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव, जिसे संक्षेप में ईएसटीआईसी 2026 कहा गया, वहीं 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुआ और इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध तथा उद्योग से जुड़े लोग उभरती तकनीकों एवं नवाचार पर विचार करने के लिए जुटे।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

ईएसटीआईसी 2026 में किसने कहा कि फिजिकल एआई जितनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौती है, उतनी ही प्रणाली अभियांत्रिकी की भी?

  1. A.प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे, सचिव, डीएसटी
  2. B.प्रोफेसर अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग
  3. C.प्रोफेसर पी. राजलक्ष्मी, आईआईटी हैदराबाद
  4. D.श्री जलज ए. दानी, एडवर्ब टेक्नोलॉजीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रोफेसर अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग

सत्र में उन्होंने कहा कि भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की समस्या नहीं, बल्कि प्रणाली अभियांत्रिकी की भी समस्या है, क्योंकि कोई बुद्धिमान भौतिक प्रणाली तभी काम करती है जब भरोसेमंद सेंसर, कुशल एक्चुएटर, वास्तविक समय की कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम विलंब वाला संचार और ऊर्जा बचाने वाला…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईएसटीआईसी का पूरा नाम क्या है और ईएसटीआईसी 2026 कहां हुआ?

उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव। यह 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुआ।

एनएम-आईसीपीएस मिशन के तहत कितने प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र हैं?

पच्चीस। ये केंद्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर-विषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत 25 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में बनाए गए हैं।

एनएम-आईसीपीएस मिशन का पहला चरण कब समाप्त होगा?

दिसंबर 2027 में। स्वायत्त प्रणालियों पर हुए सत्र की राय मिशन के दूसरे चरण की योजना बनाने में उपयोग की जाएगी।

फिजिकल एआई को प्रणाली अभियांत्रिकी की चुनौती क्यों कहा गया?

क्योंकि बुद्धिमान भौतिक प्रणाली भरोसेमंद सेंसर, कुशल एक्चुएटर, वास्तविक समय की कंप्यूटिंग, मजबूत नियंत्रण एल्गोरिदम, कम विलंब वाले संचार और ऊर्जा बचाने वाले हार्डवेयर पर टिकी होती है, और रोबोट या स्वचालित वाहन की चूक का असर तुरंत भौतिक रूप में दिखता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 29 अक्टूबर 2026

  1. ईएसआईसी की नई एमनेस्टी योजना 2025 अब 31 दिसंबर 2026 तकसरकारी योजनाएं
  2. राजनाथ सिंह ने 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक को संबोधित कियाशिखर सम्मेलन
  3. रबी एमएसपी 2027-28: कुसुम में सबसे बड़ी बढ़ोतरीअर्थव्यवस्था
  4. चक्रवात अर्नब: अमित शाह ने चार मुख्यमंत्रियों से बात कीराष्ट्रीय
  5. हरित हाइड्रोजन आपूर्ति अनुबंधों में भारत दुनिया में पहले स्थान परपर्यावरण
  6. मेघराज 2.0 क्लाउड से जुड़े 2,330 सरकारी विभागविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  7. गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 19वीं बैठक, पुनः भरण ऐप शुरूराष्ट्रीय
  8. अल्ट्राटेक बठिंडा के 217 श्रमिकों को 3.36 करोड़ रुपये का लाभअर्थव्यवस्था
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLIBPS