ईपीएफओ की माफी योजना 2026, पीएफ ट्रस्टों को 28 दिसंबर तक अवसर
ईपीएफओ ने माफी योजना 2026 पर देशव्यापी अभियान तेज किया, जिसके तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट 28 दिसंबर तक अपनी छूट प्राप्त स्थिति नियमित करा सकते हैं।

चर्चा में क्यों
ईपीएफओ ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसने माफी योजना, 2026 पर देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है और पात्र प्रतिष्ठानों को याद दिलाया कि पीएफ ट्रस्टों की छूट प्राप्त स्थिति नियमित कराने की अवधि 28 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने माफी योजना, 2026 पर अपना देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है, क्योंकि 28 दिसंबर की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 में एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में रखी गई थी, जिसे 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था। इसके जरिए भविष्य निधि ट्रस्टों को अपनी छूट प्राप्त स्थिति दुरुस्त कराने का एकमुश्त अवसर मिलता है।
यह योजना किनके लिए है
यह अवसर उन पीएफ ट्रस्टों के लिए खुला है जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता मिली हुई है, परंतु जिनके पास कोई औपचारिक छूट आदेश नहीं है। ऐसा आदेश कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 17 अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के अंतर्गत जारी होता है। इस स्थिति वाले ट्रस्ट अब तक उस वैधानिक सुरक्षा के बिना काम कर रहे हैं जो अधिसूचित छूट से मिलती है।
कब तक मौका है
यह योजना अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक चलेगी और इसलिए 28 दिसंबर 2026 को समाप्त होगी। आवेदन का तरीका और प्रक्रियागत आवश्यकताएं 11 जुलाई 2026 को जारी परिपत्र में बताई गई थीं। अब तीन महीने से भी कम समय बचा है, इसलिए ईपीएफओ देशभर के पात्र प्रतिष्ठानों से शीघ्र आवेदन जमा करने को कह रहा है।
ट्रस्ट को क्या लाभ
छूट प्राप्त स्थिति को पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमित कराने के अलावा यह योजना सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की कई वैधानिक शर्तों से राहत देती है। इनमें कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष के अनुपालन का नियम शामिल हैं। नियमित होने के बाद ट्रस्ट अपनी मर्जी से तय कर सकता है कि वह छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन करे या गैर छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में।
जागरूकता अभियान
ईपीएफओ ने भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ बैठकें तथा सेमिनार किए हैं। पात्र ट्रस्टों की पहचान के लिए सनदी लेखाकारों और वैधानिक लेखा परीक्षकों को जोड़ा गया है। आंचलिक तथा क्षेत्रीय कार्यालयों ने नियोक्ताओं एवं ट्रस्ट सदस्यों के लिए कार्यशालाएं चलाई हैं, जिन्हें सोशल मीडिया अभियानों और व्याख्यात्मक इन्फोग्राफिक्स का सहारा मिला। अधिकारियों तथा नियोक्ताओं को ऑनलाइन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया। संगठन ने राजस्व विभाग तथा आयकर विभाग के साथ मिलकर छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के अभिलेख साझा करने की व्यवस्था भी बनाई है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | माफी योजना, 2026 (ईपीएफ योजना, 2026 के तहत) |
|---|---|
| संस्था | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), श्रम और रोजगार मंत्रालय |
| अधिसूचना | 29 जून 2026 |
| दिशा-निर्देश परिपत्र | 11 जुलाई 2026 |
| अवधि | अधिसूचना से छह महीने, 28 दिसंबर 2026 को समाप्त |
| पात्रता | आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट, जिनके पास औपचारिक छूट आदेश नहीं है |
| संबंधित धाराएं | अधिनियम, 1952 की धारा 17; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 |
| शर्तों से राहत | न्यूनतम कर्मचारी संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष का अनुपालन नियम |
| भागीदार संगठन | सीआईआई, आईसीएआई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज |
| प्रशिक्षण अकादमी | पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) |
परीक्षा की दृष्टि से
योजना का नाम माफी योजना 2026, मूल योजना ईपीएफ योजना 2026 जो 29 जून 2026 को अधिसूचित हुई, परिपत्र की तिथि 11 जुलाई 2026, छह माह की अवधि जो 28 दिसंबर 2026 को समाप्त होगी, अधिनियम 1952 की धारा 17, संहिता 2020 की धारा 143, आयकर अधिनियम 1961 की मान्यता, तीन छूटें और भागीदार सीआईआई, आईसीएआई तथा बीएसई याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
ईपीएफओ की माफी योजना, 2026 की अवधि किस तिथि को समाप्त होगी?
- A.30 सितंबर
- B.28 दिसंबर
- C.31 जनवरी
- D.31 मार्च
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 28 दिसंबर है। यह माफी कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 की अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए उपलब्ध कराई गई थी और वह अधिसूचना 29 जून 2026 को जारी हुई थी। उस तिथि से छह महीने गिनने पर अवधि 28 दिसंबर 2026 को समाप्त होती है, इसी कारण ईपीएफओ ने तीन महीने से कम समय शेष रहने पर अभियान तेज किया है। विकल्प क, 30 सितंबर, बीत चुका है और इस योजना से जुड़ा नहीं है। विकल्प ग, 31 जनवरी, अधिसूचना में दी गई छह महीने की अवधि से आगे चला जाता है। विकल्प घ, 31 मार्च, वित्तीय वर्ष का अंत है और आकर्षक लगता है, परंतु यह योजना अधिसूचना की तिथि से जुड़ी है, वित्तीय कैलेंडर से नहीं। परीक्षार्थियों को 11 जुलाई 2026 का वह परिपत्र भी याद रखना चाहिए जिसमें आवेदन की प्रक्रिया बताई गई थी।
भविष्य निधि ट्रस्ट को औपचारिक छूट आदेश किस अधिनियम की धारा 17 के तहत दिया जाता है?
- A.आयकर अधिनियम, 1961
- B.कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952
- C.उपदान संदाय अधिनियम, 1972
- D.कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 है। इसी अधिनियम की धारा 17 के अंतर्गत भविष्य निधि ट्रस्ट को औपचारिक छूट आदेश दिया जाता है, और नए कानून में इसके समान प्रावधान सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 है। विकल्प क, आयकर अधिनियम, 1961, इस योजना से जुड़ा है पर दूसरे कारण से, क्योंकि संबंधित ट्रस्टों को उसी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त है और श्रम कानून के अंतर्गत छूट आदेश का अभाव ही वह कमी है जिसे यह योजना दूर करती है। विकल्प ग, उपदान संदाय अधिनियम, 1972, उपदान से संबंधित है और भविष्य निधि छूट में इसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प घ, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948, श्रमिकों के स्वास्थ्य बीमा से जुड़ा है। धारा 17 को 1952 के साथ और धारा 143 को संहिता, 2020 के साथ जोड़कर याद रखें।
माफी योजना, 2026 के तहत नियमित होने वाले ट्रस्ट को इनमें से किस शर्त से राहत नहीं मिलती?
- A.कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या
- B.निधि की राशि
- C.तीन वर्ष के अनुपालन का नियम
- D.आयकर विभाग से मान्यता
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर आयकर विभाग से मान्यता है। इस मान्यता से कोई राहत नहीं दी जाती, बल्कि यह वह अनिवार्य योग्यता है जो ट्रस्ट के पास पहले से होनी चाहिए, क्योंकि यह योजना उन ट्रस्टों के लिए है जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता मिली है पर जिनके पास औपचारिक छूट आदेश नहीं है। विकल्प क, ख और ग सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की उन तीन वैधानिक शर्तों को बताते हैं जिनसे योजना राहत देती है, अर्थात कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष के अनुपालन का नियम। एक और लाभ ध्यान देने योग्य है कि नियमित होने के बाद ट्रस्ट को परिचालन में पूरी लचीलापन मिलती है और वह छूट प्राप्त या गैर छूट प्राप्त, दोनों रूपों में अनुपालन कर सकता है। योजना का उद्देश्य यही है कि मान्यता प्राप्त ट्रस्टों को मिलने वाले आयकर लाभ बिना रुकावट जारी रहें।
ईपीएफओ ने विभागीय अधिकारियों और नियोक्ताओं को माफी प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण किस अकादमी में दिया?
- A.लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी
- B.पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी
- C.राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी
- D.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी है, जिसे संक्षेप में पीडीयूएनएएसएस कहा जाता है। प्रशिक्षण दो तरह से दिया गया, ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से और इस अकादमी में प्रत्यक्ष रूप से, जिसमें विभागीय अधिकारी तथा नियोक्ता दोनों शामिल थे, जबकि मुख्यालय के छूट प्रभाग ने देशभर में तैनात क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए विशेष हाइब्रिड कार्यक्रम चलाए। विकल्प क, मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करती है और यहां इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प ग, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी, अप्रत्यक्ष कर के प्रशिक्षण से जुड़ी है। विकल्प घ, राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पर काम करता है। इसके साथ ईपीएफओ ने सीआईआई, आईसीएआई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ सेमिनार भी किए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ईपीएफओ की माफी योजना, 2026 क्या है?
यह कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 में रखा गया एकमुश्त संक्रमणकालीन प्रावधान है, जिसके तहत आयकर अधिनियम, 1961 से मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट औपचारिक छूट आदेश न होने पर भी अपनी छूट प्राप्त स्थिति पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमित करा सकते हैं।
इस योजना की अंतिम तिथि कब है?
28 दिसंबर 2026। यह अवधि ईपीएफ योजना, 2026 की 29 जून 2026 की अधिसूचना से छह महीने तक चलती है और आवेदन की प्रक्रिया 11 जुलाई 2026 के परिपत्र में बताई गई थी।
इस योजना में कौन सी शर्तों से राहत मिलती है?
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष के अनुपालन नियम से राहत मिलती है। नियमित होने के बाद प्रतिष्ठान छूट प्राप्त या गैर छूट प्राप्त, दोनों रूपों में अनुपालन कर सकता है।
ईपीएफओ ने इस योजना का प्रचार कैसे किया?
सीआईआई, आईसीएआई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ सेमिनार, सनदी लेखाकारों तथा वैधानिक लेखा परीक्षकों की भागीदारी, क्षेत्रीय कार्यालयों की कार्यशालाओं और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी में प्रशिक्षण के माध्यम से।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 13 अक्टूबर 2026
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