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GK24
अर्थव्यवस्थाआसान

ईपीएफओ की माफी योजना, 2026 की अवधि किस तिथि को समाप्त होगी?

  1. A.30 सितंबर
  2. B.28 दिसंबर
  3. C.31 जनवरी
  4. D.31 मार्च

सही उत्तर

B. 28 दिसंबर

व्याख्या

सही उत्तर 28 दिसंबर है। यह माफी कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 की अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए उपलब्ध कराई गई थी और वह अधिसूचना 29 जून 2026 को जारी हुई थी। उस तिथि से छह महीने गिनने पर अवधि 28 दिसंबर 2026 को समाप्त होती है, इसी कारण ईपीएफओ ने तीन महीने से कम समय शेष रहने पर अभियान तेज किया है। विकल्प क, 30 सितंबर, बीत चुका है और इस योजना से जुड़ा नहीं है। विकल्प ग, 31 जनवरी, अधिसूचना में दी गई छह महीने की अवधि से आगे चला जाता है। विकल्प घ, 31 मार्च, वित्तीय वर्ष का अंत है और आकर्षक लगता है, परंतु यह योजना अधिसूचना की तिथि से जुड़ी है, वित्तीय कैलेंडर से नहीं। परीक्षार्थियों को 11 जुलाई 2026 का वह परिपत्र भी याद रखना चाहिए जिसमें आवेदन की प्रक्रिया बताई गई थी।

पूरा लेख पढ़ें: ईपीएफओ की माफी योजना 2026, पीएफ ट्रस्टों को 28 दिसंबर तक अवसर

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

भविष्य निधि ट्रस्ट को औपचारिक छूट आदेश किस अधिनियम की धारा 17 के तहत दिया जाता है?

  1. A.आयकर अधिनियम, 1961
  2. B.कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952
  3. C.उपदान संदाय अधिनियम, 1972
  4. D.कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952

व्याख्या

सही उत्तर कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 है। इसी अधिनियम की धारा 17 के अंतर्गत भविष्य निधि ट्रस्ट को औपचारिक छूट आदेश दिया जाता है, और नए कानून में इसके समान प्रावधान सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 है। विकल्प क, आयकर अधिनियम, 1961, इस योजना से जुड़ा है पर दूसरे कारण से, क्योंकि संबंधित ट्रस्टों को उसी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त है और श्रम कानून के अंतर्गत छूट आदेश का अभाव ही वह कमी है जिसे यह योजना दूर करती है। विकल्प ग, उपदान संदाय अधिनियम, 1972, उपदान से संबंधित है और भविष्य निधि छूट में इसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प घ, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948, श्रमिकों के स्वास्थ्य बीमा से जुड़ा है। धारा 17 को 1952 के साथ और धारा 143 को संहिता, 2020 के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.अर्थव्यवस्थाकठिन

माफी योजना, 2026 के तहत नियमित होने वाले ट्रस्ट को इनमें से किस शर्त से राहत नहीं मिलती?

  1. A.कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या
  2. B.निधि की राशि
  3. C.तीन वर्ष के अनुपालन का नियम
  4. D.आयकर विभाग से मान्यता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. आयकर विभाग से मान्यता

व्याख्या

सही उत्तर आयकर विभाग से मान्यता है। इस मान्यता से कोई राहत नहीं दी जाती, बल्कि यह वह अनिवार्य योग्यता है जो ट्रस्ट के पास पहले से होनी चाहिए, क्योंकि यह योजना उन ट्रस्टों के लिए है जिन्हें आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता मिली है पर जिनके पास औपचारिक छूट आदेश नहीं है। विकल्प क, ख और ग सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की उन तीन वैधानिक शर्तों को बताते हैं जिनसे योजना राहत देती है, अर्थात कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि की राशि और तीन वर्ष के अनुपालन का नियम। एक और लाभ ध्यान देने योग्य है कि नियमित होने के बाद ट्रस्ट को परिचालन में पूरी लचीलापन मिलती है और वह छूट प्राप्त या गैर छूट प्राप्त, दोनों रूपों में अनुपालन कर सकता है। योजना का उद्देश्य यही है कि मान्यता प्राप्त ट्रस्टों को मिलने वाले आयकर लाभ बिना रुकावट जारी रहें।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

ईपीएफओ ने विभागीय अधिकारियों और नियोक्ताओं को माफी प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण किस अकादमी में दिया?

  1. A.लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी
  2. B.पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी
  3. C.राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी
  4. D.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी

व्याख्या

सही उत्तर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी है, जिसे संक्षेप में पीडीयूएनएएसएस कहा जाता है। प्रशिक्षण दो तरह से दिया गया, ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से और इस अकादमी में प्रत्यक्ष रूप से, जिसमें विभागीय अधिकारी तथा नियोक्ता दोनों शामिल थे, जबकि मुख्यालय के छूट प्रभाग ने देशभर में तैनात क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए विशेष हाइब्रिड कार्यक्रम चलाए। विकल्प क, मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करती है और यहां इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प ग, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी, अप्रत्यक्ष कर के प्रशिक्षण से जुड़ी है। विकल्प घ, राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पर काम करता है। इसके साथ ईपीएफओ ने सीआईआई, आईसीएआई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ सेमिनार भी किए।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी का दूसरा और अंतिम चरण कब है तथा उसमें कितने भूखंड हैं?

  1. A.27 अक्टूबर 2026, 150 भूखंड
  2. B.30 अक्टूबर 2026, 216 भूखंड
  3. C.13 अक्टूबर 2026, 366 भूखंड
  4. D.30 नवंबर 2026, 216 भूखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 30 अक्टूबर 2026, 216 भूखंड

व्याख्या

सही उत्तर 30 अक्टूबर 2026, 216 भूखंड है। पहले चरण को मिली प्रतिक्रिया के बाद दूसरा और अंतिम चरण इसी तारीख के लिए तय किया गया, जिसमें बोली सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक लगेगी और पहले दौर में न बिके भूखंड रखे जाएंगे। विकल्प A दो तारीखों और दो संख्याओं को मिला देता है - 27 अक्टूबर 2026 बोलीदाताओं के पंजीकरण की अंतिम तिथि है, नीलामी का दिन नहीं, और 150 पहले चरण में बिक चुके भूखंडों की संख्या है। विकल्प C उस दिन का नाम लेता है जब पहले चरण का परिणाम सामने आया और उसके साथ 366.33 करोड़ रुपये की बोली राशि से लिया गया आंकड़ा जोड़ देता है। विकल्प D भूखंडों की संख्या सही रखता है, पर नीलामी को एक महीने आगे खिसका देता है, जिसकी पुष्टि घोषणा से नहीं होती। इच्छुक खरीदारों को समय सीमा से पहले पोर्टल पर विवरण और पात्रता देखने की सलाह दी गई है।

Q5.अर्थव्यवस्थाआसान

अक्टूबर 2026 में एनएलएमसी ने किस सार्वजनिक उपक्रम की अतिरिक्त भूमि की नीलामी की?

  1. A.स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
  2. B.राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड
  3. C.रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
  4. D.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड है, जो विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करती है। विशाखापत्तनम में उसकी बेहतर जगह वाली भूमि राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने बिक्री के लिए रखी और पहले दिन 150 भूखंड 366.33 करोड़ रुपये में बिके। विकल्प A यानी स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र की दूसरी इस्पात कंपनी है, पर इस नीलामी से उसका कोई संबंध नहीं था। विकल्प C यानी रेलटेल इस कवायद में शामिल रही, लेकिन भूमि की स्वामी के रूप में नहीं - उसके ई-निविदा मंच पर ऑनलाइन बोली हुई, जबकि क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड लेनदेन सलाहकार रही। विकल्प D यानी हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भी विशाखापत्तनम में स्थित उपक्रम है, इसलिए वह भ्रम पैदा करता है, पर जमीन इस्पात कंपनी की थी। बोली से पहले सितंबर 2026 में विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में बैठकें हुई थीं।