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GK24
खेलकठिन

राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई थी?

  1. A.सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860
  2. B.चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890
  3. C.भारतीय न्यास अधिनियम, 1882
  4. D.कंपनी अधिनियम, 1956

सही उत्तर

B. चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890

व्याख्या

सही उत्तर चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890 है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना भारत सरकार ने 1998 में इसी अधिनियम के अंतर्गत की थी, और इसका उद्देश्य व्यक्तियों तथा कंपनियों से देश में खेल के विकास के लिए संसाधन जुटाना है। यह कोष सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ भागीदारी के जरिये खिलाड़ियों के विकास, खेल अधोसंरचना, अकादमियों, विशेष कोचिंग, उपकरण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव में सहयोग करता है, और यही भूमिका वह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ मुक्केबाजी समझौते में निभा रहा है। विकल्प A, C और D में सोसायटी, न्यास तथा कंपनियों से जुड़े जाने-माने कानून हैं, जो ऐसे निकाय के लिए संभावित लगते हैं, पर इस कोष का आधार कानून इनमें से कोई नहीं है। स्थापना वर्ष 1998 भी परीक्षा के लिए याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: भारतीय मुक्केबाजी को इंडियन ऑयल से 40 करोड़ रुपये मिलेंगे

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Q1.खेलआसान

भारत में मुक्केबाजी को मजबूत करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन दो वर्ष में कितनी राशि देगा?

  1. A.20 करोड़ रुपये
  2. B.40 करोड़ रुपये
  3. C.60 करोड़ रुपये
  4. D.100 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 40 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 40 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन यह राशि दो वर्ष की अवधि में अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से उपलब्ध कराएगा। यह धन प्रतिभा की पहचान, खिलाड़ियों के विकास, कोचिंग, खेल विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय अनुभव, मुक्केबाजी अकादमियों को मजबूत करने तथा कोचों, रेफरियों और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर खर्च होगा। विकल्प A, C और D में दी राशियां इस साझेदारी में घोषित नहीं हुईं। यह व्यवस्था इसलिए खास है कि इसमें तीन ताकतें मिलती हैं: कंपनी का सीएसआर सहयोग, कोष की संसाधन जुटाने की भूमिका और भारतीय खेल प्राधिकरण की तकनीकी विशेषज्ञता, जिससे मुक्केबाजों को कोचिंग, वैज्ञानिक सहायता और प्रतिस्पर्धा के अवसर मिलेंगे।

Q2.खेलमध्यम

एशियाई खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने कितने पदक जीते?

  1. A.चार, जिनमें दो स्वर्ण
  2. B.छह, जिनमें तीन स्वर्ण
  3. C.आठ, जिनमें एक स्वर्ण
  4. D.तीन, सभी कांस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह, जिनमें तीन स्वर्ण

व्याख्या

सही उत्तर छह पदक, जिनमें तीन स्वर्ण है। भारतीय मुक्केबाजों ने एशियाई खेल 2026 में कुल छह पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य शामिल थे, और इसी प्रदर्शन के कारण नई साझेदारी को खेल के लिए महत्वपूर्ण समय पर आई बताया गया है। राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के इस कार्यक्रम का उद्देश्य उस नतीजे पर आगे बढ़ते हुए उभरते तथा शीर्ष स्तर के मुक्केबाजों के विकास का रास्ता मजबूत करना है। विकल्प A कुल संख्या और स्वर्ण दोनों कम बताता है, विकल्प C में कुल संख्या तथा स्वर्ण दोनों गलत हैं, और विकल्प D स्वर्ण पदकों को ही छोड़ देता है, जो इस आंकड़े का सबसे अहम हिस्सा है। ध्यान दें कि इस पदक तालिका में कोई रजत पदक शामिल नहीं था।

Q3.खेलमध्यम

केंद्रीय खेल मंत्री ने सीएसआर आधारित इस मुक्केबाजी साझेदारी को किस योजना से जोड़ा?

  1. A.फिट इंडिया मूवमेंट
  2. B.टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना
  3. C.नई खेलो इंडिया योजना
  4. D.राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नई खेलो इंडिया योजना

व्याख्या

सही उत्तर नई खेलो इंडिया योजना है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर इस योजना के तहत सरकार कॉर्पोरेट साझेदारों के साथ सहयोग गहरा कर रही है और इस तरह की सीएसआर आधारित साझेदारियां सही अर्थों में राष्ट्रीय खेल व्यवस्था बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि खेल को शुरुआती और विकासशील दौर में सहारे की जरूरत होती है, बाद में व्यवस्था स्वयं चलने लगती है और निवेश अपने आप आता है, तथा कंपनियों को केवल मुक्केबाजी नहीं बल्कि हर खेल के लिए आगे आना चाहिए। विकल्प A, B और D खेल से जुड़ी वास्तविक सरकारी पहलें हैं, इसलिए संभावित लगती हैं, पर मंत्री ने इस समझौते को नई खेलो इंडिया योजना से जोड़ा था।

Q4.खेलमध्यम

पारंपरिक खेलों पर ब्रिक्स देशों के सहयोग के लिए केंद्रीय खेल मंत्री ने इनमें से क्या प्रस्ताव रखा?

  1. A.स्वैच्छिक ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल भंडार
  2. B.ब्रिक्स ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट
  3. C.साझा ब्रिक्स डोपिंग रोधी एजेंसी
  4. D.अहमदाबाद में एक ब्रिक्स खेल विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्वैच्छिक ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल भंडार

व्याख्या

सही उत्तर स्वैच्छिक ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल भंडार है, जो मंत्री के तीन व्यावहारिक सहयोग क्षेत्रों में पहला था। इस भंडार में हर खेल का इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, नियम, उपकरण और खेल मैदान की जरूरतें दर्ज होंगी, ताकि खेल के आधुनिक होने के साथ भी यह जानकारी बची रहे। दूसरा प्रस्ताव समूह के देशों के बीच खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों के आदान-प्रदान का था, और तीसरा आगे होने वाले ब्रिक्स खेल आयोजनों में पारंपरिक तथा स्वदेशी खेलों के समय-समय पर प्रदर्शन का। विकल्प B, C और D ऐसी संस्थाओं की बात करते हैं जो खेल समूह कभी-कभी बनाते हैं, पर इस आयोजन में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। मंत्री ने पारंपरिक खेल को युवा विकास, समावेश, सांस्कृतिक समझ और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का माध्यम बताया।

Q5.खेलमध्यम

अहमदाबाद के ब्रिक्स खेलों में भारत ने इनमें से कौन सा पारंपरिक खेल प्रस्तुत किया?

  1. A.साम्बो
  2. B.गोरोदकी
  3. C.मल्लखंब
  4. D.अल तब्बाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मल्लखंब

व्याख्या

सही उत्तर मल्लखंब है, जिसे भारत ने योगासन और कलरीपयट्टू के साथ प्रस्तुत किया। विकल्प A यानी साम्बो रूस का युद्ध कौशल वाला खेल है और रूस ने उसे गोरोदकी के साथ दिखाया। विकल्प B यानी गोरोदकी इस आयोजन का वह एक खेल है जिसे दो प्रतिनिधिमंडलों, रूस और बेलारूस, ने दिखाया, इसलिए सूची में दो बार देखने वाले इसी को चुन लेते हैं। विकल्प D यानी अल तब्बाह संयुक्त अरब अमीरात ने पेश किया। अन्य प्रदर्शनों में चीन का वुशु, सिंह नृत्य व हेल्थ चीगोंग, कजाकिस्तान का असिक अतु, तोगिजकुमालक तथा कजाक कुरेसी, ईरान का जूरखाने, हफ्त संग व घनीह, दक्षिण अफ्रीका का ख्गाती तथा इंतोंगा, ब्राजील का कैपोइरा और लट्ठा दौड़, तथा बोलीविया की लंबी सूची शामिल थी जिसमें लूचा दे चोलितास और तिंकू थे।