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GK24

बस्तर में सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला संपन्न

सहकारिता मंत्रालय की दो दिवसीय 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला 9 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में राज्य आधारित कार्ययोजना के आह्वान के साथ संपन्न हुई।

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बस्तर में सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला संपन्न — GK24 title card

चर्चा में क्यों

सहकारिता मंत्रालय की दो दिवसीय 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला 9 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में संपन्न हुई, जिसमें सहकारिता क्षेत्र के रूपांतरण को गति देने के लिए राज्यों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आह्वान किया गया।

सहकारिता मंत्रालय की दो दिवसीय 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला छत्तीसगढ़ के बस्तर में 9 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई। 8 और 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का विषय था सहकार से समृद्धि — आगे की राह: सहकारिता रूपांतरण से व्यापक प्रभाव की ओर। समापन पर इस बात पर जोर दिया गया कि सहकारी सुधारों को गांव स्तर पर मापे जा सकने वाले परिणामों में बदला जाए। मंत्रालय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में कार्य करता है।

कौन शामिल हुए, किन विषयों की समीक्षा

कार्यशाला में राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता पंजीयक, राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं और संघों के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक शामिल हुए। दो दिनों में मंत्रालय की प्रमुख पहलों की प्रगति देखी गई और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), सहकारी बैंकिंग, डेयरी सहकारी संस्थाओं, डिजिटलीकरण, व्यवसाय विविधीकरण, सहकारी विपणन तथा विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण पर विचार हुआ। पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्वी सीमांत क्षेत्रों तथा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सहकारी विकास पर अलग से ध्यान दिया गया।

सचिव ने क्या कहा

समापन सत्र में सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारी विकास का कोई एक मॉडल पूरे देश में समान रूप से लागू नहीं हो सकता, क्योंकि हर राज्य की परिस्थितियां, परंपराएं और संस्थागत आवश्यकताएं अलग हैं। उन्होंने राज्यों से कहा कि कार्यशाला के तुरंत बाद प्राथमिकता तय कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाएं, प्रत्येक चरण के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय करें, व्यावहारिक समय-सीमा रखें और नियमित निगरानी की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी कहा कि कई बेहतरीन नवाचार छोटे राज्यों से आए हैं, जिनसे बड़े राज्य सीख ले सकते हैं।

समय-सीमा और संस्थाएं

  • पैक्स कम्प्यूटरीकरण का पहला चरण दिसंबर 2026 तक तथा 2024-25 और 2025-26 के ऑडिट अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं
  • निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज से जुड़ी राष्ट्रीय संस्थाएं एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल उपज के एकत्रीकरण, व्यापक बाजार और बेहतर मूल्य के अवसर दे रही हैं
  • सहकारी बैंकों को साइबर सुरक्षा, आधुनिक कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया; नाबार्ड एक समान कोर बैंकिंग समाधान तैयार कर रहा है और निविदा प्रक्रिया पूरी होने के करीब है
  • राज्यों से नई पैक्स के गठन में तेजी लाने और सदस्यता बढ़ाने का आग्रह किया गया, जिससे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मजबूत हों

डेयरी, भंडारण और मूल्य

सचिव ने कहा कि गांव स्तर पर दूध एकत्रीकरण की अनौपचारिक व्यवस्थाओं को, जिनसे मदर डेयरी और अमूल जैसे संगठनों तक दूध पहुंचता है, औपचारिक सहकारी ढांचे में लाया जाए। उन्होंने विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण के विस्तार तथा प्लेज फाइनेंस जैसे किसान हितैषी विकल्पों का समर्थन किया और कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था बनाए रखते हुए किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने वाले स्थानीय मॉडलों की पायलट परियोजनाओं की संभावना मंत्रालय तलाशेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजन9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला, सहकारिता मंत्रालय
तिथियां8 और 9 अक्टूबर 2026 (दो दिवसीय)
स्थानबस्तर, छत्तीसगढ़
विषयसहकार से समृद्धि — आगे की राह: सहकारिता रूपांतरण से व्यापक प्रभाव की ओर
केंद्रीय सहकारिता मंत्रीअमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री भी)
समापन संबोधनडॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय
पैक्स कम्प्यूटरीकरणपहला चरण दिसंबर 2026 तक पूरा
ऑडिट2024-25 और 2025-26 के ऑडिट अक्टूबर 2026 तक
उल्लिखित राष्ट्रीय संस्थाएंएनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल
बैंकिंग तकनीकनाबार्ड द्वारा समान कोर बैंकिंग समाधान का विकास

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (9वीं), तिथियां (8-9 अक्टूबर 2026), स्थान (बस्तर, छत्तीसगढ़), विषय (सहकार से समृद्धि — आगे की राह), मंत्री (अमित शाह), सचिव (डॉ. आशीष कुमार भूटानी), पैक्स कम्प्यूटरीकरण की समय-सीमा (दिसंबर 2026) तथा तीन राष्ट्रीय संस्थाएं एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला कहां संपन्न हुई?

  1. A.बस्तर, छत्तीसगढ़
  2. B.भुवनेश्वर, ओडिशा
  3. C.गांधीनगर, गुजरात
  4. D.नागपुर, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बस्तर, छत्तीसगढ़

व्याख्या

सही उत्तर छत्तीसगढ़ का बस्तर है, जहां यह दो दिवसीय कार्यशाला 8 और 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुई और राज्यों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के आह्वान के साथ संपन्न हुई। विकल्प B गलत है, हालांकि ओडिशा का उल्लेख चर्चा में आया, क्योंकि कार्यशाला में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सहकारी विकास पर विचार किया गया। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि आयोजन का कोई हिस्सा वहां नहीं हुआ। स्थान का चयन भी परीक्षा की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है: उग्रवाद से लंबे समय तक प्रभावित जिले में सहकारी क्षेत्र की राष्ट्रीय समीक्षा करना उस जोर के अनुरूप है, जो पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी सीमांत क्षेत्रों के सहकारी विकास पर दिया गया।

कार्यशाला में राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता पंजीयक तथा राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं और संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए और दो दिनों में मंत्रालय की प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

Q2.शिखर सम्मेलनकठिन

कार्यशाला के अनुसार पैक्स कम्प्यूटरीकरण का पहला चरण कब तक पूरा किया जाना है?

  1. A.मार्च 2026
  2. B.दिसंबर 2026
  3. C.मार्च 2027
  4. D.दिसंबर 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर दिसंबर 2026 है। सहकारिता मंत्रालय के सचिव ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कम्प्यूटरीकरण के पहले चरण को पूरा करने के लिए यही समय-सीमा तय की और साथ ही कहा कि 2024-25 तथा 2025-26 के ऑडिट अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से कोई भी घोषित समय-सीमा नहीं है। इस समय-सीमा को बैठक में बताई गई व्यापक दिशा से जोड़ें: राज्यों से नई पैक्स का गठन तेज करने और सदस्यता बढ़ाने को कहा गया, जिससे जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों का आधार मजबूत हो, तथा सहकारी बैंकों से साइबर सुरक्षा, आधुनिक कोर बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल सेवाओं में निवेश करने का आग्रह किया गया।

इसी सत्र में विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण, सहकारी समितियों के लिए उर्वरक व्यवसाय योजनाओं तथा प्लेज फाइनेंस जैसे किसान हितैषी वित्तपोषण विकल्पों पर भी विचार हुआ, जिनका आधार कम्प्यूटरीकरण से मिलने वाला भरोसेमंद अभिलेख प्रबंधन ही है।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

सहकारिता पर आयोजित 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का समापन संबोधन किसने दिया?

  1. A.अमित शाह, केंद्रीय सहकारिता मंत्री
  2. B.डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय
  3. C.नाबार्ड के अध्यक्ष
  4. D.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. आशीष कुमार भूटानी हैं, जो सहकारिता मंत्रालय के सचिव हैं और जिन्होंने विचार-विमर्श को सार्थक बताते हुए राज्यों से चर्चा के स्थान पर क्रियान्वयन की ओर बढ़ने को कहा। विकल्प A आकर्षक भ्रम है, क्योंकि मंत्रालय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में कार्य करता है और कार्यशाला उनके नेतृत्व में हुई, परंतु समापन संबोधन सचिव ने दिया। विकल्प C गलत है, हालांकि सत्र में नाबार्ड की समान कोर बैंकिंग समाधान संबंधी प्रस्तुति की सराहना की गई। विकल्प D भी गलत है। सचिव ने कहा कि सहकारी विकास का एक मॉडल सभी राज्यों के लिए उपयुक्त नहीं है और जिला स्तर के सफल नवाचारों को संकलित कर विस्तार दिया जाना चाहिए।

सचिव ने राज्यों से कार्यशाला के तुरंत बाद प्राथमिकता तय कर कार्ययोजना बनाने, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित करने का आग्रह भी किया।

Q4.शिखर सम्मेलनमध्यम

कार्यशाला में चर्चित एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल क्रमशः किन क्षेत्रों की राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं हैं?

  1. A.निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज
  2. B.ऋण, बीमा और विपणन
  3. C.डेयरी, मत्स्य और भंडारण
  4. D.आवास, उर्वरक और निर्यात
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज

व्याख्या

सही उत्तर निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज है। एनसीईएल अर्थात राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड, एनसीओएल अर्थात राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड और बीबीएसएसएल अर्थात भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड हैं। कार्यशाला में सचिव ने कहा कि अनेक राज्यों ने इन तीनों संस्थाओं का प्रभावी उपयोग किया है और इनके माध्यम से कृषि उपज के एकत्रीकरण, व्यापक बाजारों तक पहुंच तथा किसानों और सदस्यों को लाभकारी मूल्य के अवसर बन रहे हैं। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि वे इन संक्षिप्त नामों से मेल नहीं खाते, जबकि डेयरी सहकारी संस्थाएं, मत्स्य क्षेत्र, उर्वरक व्यवसाय योजनाएं और विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण इसी कार्यशाला के अलग सत्रों में शामिल रहे।

सचिव ने यह भी कहा कि इन संस्थाओं के उपयोग के सफल मॉडलों का अध्ययन कर अन्य राज्य भी उन्हें अपना सकते हैं, और मंत्रालय पिछले दो वर्षों से इन कड़ियों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। डेयरी तथा मत्स्य सहकारी संस्थाओं में नई समितियों के गठन की प्रगति को भी उत्साहजनक बताया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला कहां हुई?

छत्तीसगढ़ के बस्तर में, 8 और 9 अक्टूबर 2026 को, जिसका विषय था सहकार से समृद्धि — आगे की राह: सहकारिता रूपांतरण से व्यापक प्रभाव की ओर।

पैक्स कम्प्यूटरीकरण के पहले चरण की समय-सीमा क्या है?

दिसंबर 2026। सहकारिता सचिव के अनुसार 2024-25 और 2025-26 के ऑडिट अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाने हैं।

एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल क्या हैं?

राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, जो सहकारी संस्थाओं को उपज एकत्रीकरण और व्यापक बाजार तक पहुंच में सहायता देती हैं।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 9 अक्टूबर 2026

  1. विश्व कपास दिवस: संयुक्त राष्ट्र में भारत-माली कार्यक्रममहत्वपूर्ण दिवस
  2. सिंगापुर भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत, सीतारमण की यात्राअर्थव्यवस्था
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