मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

खादी: निफ्ट दिल्ली केंद्र ने 2,129 डिजाइन संग्रह तैयार किए

एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार निफ्ट दिल्ली के खादी उत्कृष्टता केंद्र ने 2,129 डिजाइन संग्रह बनाए और खादी कारीगरों में लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
खादी: निफ्ट दिल्ली केंद्र ने 2,129 डिजाइन संग्रह तैयार किए

चर्चा में क्यों

9 अक्टूबर 2026 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने खादी एवं ग्रामोद्योग की पहुंच का ब्योरा दिया, जिसमें निफ्ट दिल्ली के उत्कृष्टता केंद्र द्वारा तैयार 2,129 डिजाइन संग्रह और खादी कारीगरों में लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी शामिल है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया है कि खादी एवं ग्रामोद्योग किस तरह ग्रामीण आजीविका, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें क्षेत्र के डिजाइन कार्य, कारीगरों की आय, निर्यात की कोशिश और पर्यावरण संबंधी खूबियों का ब्योरा दिया गया है।

खादी की अलग पहचान

खादी हाथ से कती और हाथ से बुनी जाती है, जिसमें प्राकृतिक रेशे और स्थानीय उत्पादन प्रणालियां इस्तेमाल होती हैं। हाथ की कताई ही वह एक विशेषता है जो खादी को हथकरघा से अलग करती है। काम श्रम आधारित और बिखरा हुआ होने के कारण इसमें कई स्तर के कौशल पर रोजगार बनता है। मंत्रालय इस क्षेत्र को एसडीजी 1 यानी गरीबी उन्मूलन और एसडीजी 8 यानी बेहतर काम से जोड़ता है, तथा पुनर्चक्रण की संभावना को एसडीजी 12 और एसडीजी 13 से।

डिजाइन और नए उत्पाद

खादी अब फैशन और जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है, जिसमें डेनिम, डिजाइनर साड़ियां, दुल्हन परिधान, कमीज और पतलून नई पीढ़ी के खरीदारों के लिए आए हैं। निफ्ट, दिल्ली के खादी उत्कृष्टता केंद्र ने विभिन्न श्रेणियों में 2,129 खादी डिजाइन संग्रह तैयार किए हैं। नवयुग खादी की शुरुआत 710 नए उत्पादों के साथ हुई और स्वाधा नाम से वेलनेस तथा योग परिधान श्रेणी भी जोड़ी गई।

कारीगर और महिलाओं की हिस्सेदारी

निफ्ट दिल्ली केंद्र के डिजाइन संग्रह2,129
नवयुग खादी के उत्पाद710
आय बढ़ने वाले कारीगर75 प्रतिशत से अधिक
खादी कारीगरों में महिलाएंलगभग 80 प्रतिशत

अप्रैल 2025 से कताई और बुनाई की मजदूरी बढ़ाई गई तथा कारीगरों को बेहतर औजार, ढांचा और विपणन सहायता दी गई। ईडीआईआई, अहमदाबाद के मूल्यांकन अध्ययन में पाया गया कि योजनाओं के दायरे में आए 75 प्रतिशत से अधिक कारीगरों की आय में मापने योग्य बढ़ोतरी हुई। लगभग पांच लाख खादी कारीगरों में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनकी भागीदारी अगरबत्ती, हस्तनिर्मित कागज, हनी मिशन और सेवा उद्योगों में सबसे अधिक है। सहायक योजनाएं खादी विकास योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना और पीएमईजीपी हैं।

निर्यात, जीआई और हरित संयंत्र

केवीआईसी ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के ट्रेड पोर्टल पर निर्यात संवर्धन परिषद के रूप में पंजीकरण कराया है। पोंडुरु खादी को मिले जीआई टैग से उसकी विशिष्ट कपास तथा परंपरागत कताई बुनाई का मूल्य बढ़ने की उम्मीद है। पोंडुरु खादी, भारत कस्तूरी कपास, बंगाल मलमल और प्राकृतिक रंग वाली कपास से बने उत्पाद आगरा में हुए पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम में प्रदर्शित किए गए। केवीआईसी के केंद्रीय स्लाइवर संयंत्र कर्नाटक के चित्रदुर्ग और केरल के कुट्टूर में आधुनिकीकरण पूरा कर चालू हो गए हैं, जिनमें चित्रदुर्ग संयंत्र अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा सौर स्रोत से लेता है और पवन ऊर्जा पर विचार चल रहा है। केवीआईसी आईसीएआर-सीआईआरसीओटी के साथ मिलकर प्राकृतिक रंग वाली कपास किस्मों पर भी काम कर रहा है, जिससे रंगाई में पानी की खपत और रासायनिक प्रदूषण घटे।

महत्वपूर्ण तथ्य

मंत्रालयसूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
खादी उत्कृष्टता केंद्रनिफ्ट, दिल्ली, 2,129 डिजाइन संग्रह
नवयुग खादी710 नए उत्पादों के साथ शुरू
वेलनेस एवं योग परिधान श्रेणीस्वाधा
आय में वृद्धिईडीआईआई अहमदाबाद अध्ययन के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक कारीगर
महिला कारीगरलगभग पांच लाख खादी कारीगरों में करीब 80 प्रतिशत
योजनाएंखादी विकास योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना और पीएमईजीपी
जीआई टैगपोंडुरु खादी
आधुनिक केंद्रीय स्लाइवर संयंत्रचित्रदुर्ग, कर्नाटक और कुट्टूर, केरल
चित्रदुर्ग में सौर हिस्सेदारीऊर्जा आवश्यकता का 50 प्रतिशत

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि हाथ की कताई खादी को हथकरघा से अलग करती है, खादी उत्कृष्टता केंद्र निफ्ट दिल्ली में है और उसने 2,129 डिजाइन संग्रह बनाए, नवयुग खादी में 710 उत्पाद हैं तथा स्वाधा वेलनेस एवं योग परिधान श्रेणी है, ईडीआईआई अहमदाबाद अध्ययन में 75 प्रतिशत से अधिक कारीगरों की आय बढ़ी, लगभग पांच लाख कारीगरों में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं हैं, योजनाएं खादी विकास योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना और पीएमईजीपी हैं, पोंडुरु खादी को जीआई टैग मिला तथा केंद्रीय स्लाइवर संयंत्र चित्रदुर्ग और कुट्टूर में हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

निफ्ट, दिल्ली के खादी उत्कृष्टता केंद्र ने कितने खादी डिजाइन संग्रह विकसित किए हैं?

  1. A.1,024
  2. B.1,750
  3. C.2,129
  4. D.3,400
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2,129

व्याख्या

सही उत्तर 2,129 है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया कि निफ्ट, दिल्ली के खादी उत्कृष्टता केंद्र ने विभिन्न श्रेणियों में इतने खादी डिजाइन संग्रह तैयार किए हैं, जो खादी को आधुनिक फैशन तथा जीवनशैली में स्थान देने की कोशिश का हिस्सा है। इसी ब्योरे में नवयुग खादी की शुरुआत 710 नए उत्पादों के साथ और स्वाधा नाम की वेलनेस एवं योग परिधान श्रेणी की शुरुआत दर्ज है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में दिए कुल आंकड़े मंत्रालय के ब्योरे में कहीं नहीं हैं, और जो परीक्षार्थी डिजाइन संग्रह को उत्पादों की संख्या से भ्रमित करेगा, वह गलती से छोटा आंकड़ा चुन लेगा। इन संख्याओं को जोड़ी बनाकर याद रखना सबसे सुरक्षित है, अर्थात बड़ी संख्या निफ्ट केंद्र के डिजाइन संग्रह की और छोटी संख्या नवयुग खादी के उत्पादों की।

Q2.सरकारी योजनाएंआसान

एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार खादी कारीगरों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग कितनी है?

  1. A.लगभग 40 प्रतिशत
  2. B.लगभग 55 प्रतिशत
  3. C.लगभग 65 प्रतिशत
  4. D.लगभग 80 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लगभग 80 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 80 प्रतिशत है। मंत्रालय ने बताया कि लगभग पांच लाख खादी कारीगरों में करीब चार बटा पांच हिस्सा महिलाओं का है और उनकी भागीदारी अगरबत्ती, हस्तनिर्मित कागज, हनी मिशन तथा सेवा उद्योगों में विशेष रूप से मजबूत रही है, जिससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता मिला है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प C तीनों इस हिस्सेदारी को कम करके बताते हैं और ब्योरे के किसी आंकड़े से मेल नहीं खाते। परीक्षार्थी इस हिस्सेदारी को अहमदाबाद स्थित भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के मूल्यांकन अध्ययन के अलग निष्कर्ष से न मिलाएं, जिसमें बताया गया कि योजनाओं के दायरे में आए 75 प्रतिशत से अधिक कारीगरों की आय में हस्तक्षेप के बाद मापने योग्य वृद्धि हुई। एक आंकड़ा बताता है कि कारीगर कौन हैं और दूसरा यह कि उनकी कमाई का क्या हुआ।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

केवीआईसी के आधुनिकीकरण पूरा कर चालू हुए दो केंद्रीय स्लाइवर संयंत्र कहां स्थित हैं?

  1. A.कर्नाटक के चित्रदुर्ग और केरल के कुट्टूर
  2. B.आंध्र प्रदेश के पोंडुरु और उत्तर प्रदेश के आगरा
  3. C.महाराष्ट्र के नागपुर और गुजरात के भावनगर
  4. D.तमिलनाडु के इरोड और आंध्र प्रदेश के गुंटूर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्नाटक के चित्रदुर्ग और केरल के कुट्टूर

व्याख्या

सही उत्तर कर्नाटक के चित्रदुर्ग और केरल के कुट्टूर है। मंत्रालय ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के केंद्रीय स्लाइवर संयंत्रों का आधुनिकीकरण चल रहा है और इन दोनों संयंत्रों ने यह काम पूरा कर उत्पादन शुरू कर दिया है, जिनमें चित्रदुर्ग संयंत्र अपनी आधी ऊर्जा आवश्यकता सौर स्रोत से पूरी करता है तथा पवन ऊर्जा पर विचार चल रहा है। विकल्प B में दो ऐसे स्थान मिला दिए गए हैं जो ब्योरे में दूसरे कारणों से आते हैं, क्योंकि पोंडुरु वह खादी किस्म है जिसे जीआई टैग मिला और आगरा में पहला ब्रिक्स एमएसएमई फोरम हुआ था। विकल्प C और विकल्प D में बताए औद्योगिक शहर इस ब्योरे में कहीं नहीं आते। परीक्षा की दृष्टि से दोनों संयंत्रों के स्थान, चित्रदुर्ग की सौर हिस्सेदारी और उनके स्वामी आयोग को जोड़कर याद रखना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निफ्ट दिल्ली के खादी उत्कृष्टता केंद्र ने कितने डिजाइन संग्रह तैयार किए हैं?

उसने विभिन्न श्रेणियों में 2,129 खादी डिजाइन संग्रह तैयार किए हैं। इसके साथ नवयुग खादी की शुरुआत 710 नए उत्पादों के साथ हुई और स्वाधा नाम से वेलनेस तथा योग परिधान श्रेणी भी शुरू की गई।

खादी कारीगरों में महिलाओं की हिस्सेदारी कितनी है?

लगभग पांच लाख खादी कारीगरों में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। उनकी भागीदारी अगरबत्ती, हस्तनिर्मित कागज, हनी मिशन और सेवा उद्योगों में सबसे अधिक है, जिसे मंत्रालय महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का रास्ता मानता है।

किस खादी किस्म को जीआई टैग मिला है?

पोंडुरु खादी को जीआई टैग मिला है, जिससे उसकी विशिष्ट कपास तथा परंपरागत कताई बुनाई का मूल्य बढ़ने की उम्मीद है। इसे भारत कस्तूरी कपास और बंगाल मलमल के साथ आगरा में हुए पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम में प्रदर्शित किया गया था।

खादी और हथकरघा में मुख्य अंतर क्या है?

मुख्य अंतर हाथ की कताई है। खादी प्राकृतिक रेशों से हाथ में कती और हाथ से बुनी जाती है, जबकि हथकरघा कपड़ा हाथ से बुना होता है पर हाथ से कता होना जरूरी नहीं। केवीआईसी खादी संस्थानों को कौशल विकास, क्षमता निर्माण और उन्नयन में सहायता देता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS