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सीटीआईएल का नौवां स्थापना दिवस, व्यापार पत्रिका का विमोचन

व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र ने नई दिल्ली में नौवां स्थापना दिवस मनाया, जिसमें व्यापार और संवहनीयता पर पत्रिका तथा विशेष न्यूजलेटर संस्करण जारी हुए।

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सीटीआईएल का नौवां स्थापना दिवस, व्यापार पत्रिका का विमोचन

चर्चा में क्यों

व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र का नौवां स्थापना दिवस समारोह 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में हुआ, जिसकी जानकारी 9 अक्टूबर 2026 को दी गई, और इसमें सीटीआईएल पत्रिका तथा इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास का विशेष संस्करण जारी हुआ।

व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र (सीटीआईएल) ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में अपना नौवां स्थापना दिवस मनाया, जिसमें दो प्रकाशन जारी हुए और वक्ताओं ने व्यापार वार्ताओं में केंद्र के योगदान का ब्योरा रखा।

वाणिज्य सचिव का संदेश

वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने वीडियो संदेश में कहा कि जमे हुए नियमों पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि संवहनीयता से जुड़े व्यापार उपाय और डिजिटल व्यापार जैसे नए मुद्दे वैश्विक व्यापार एजेंडे को नया रूप दे रहे हैं, इसलिए कठोर विधिक चिंतन का महत्व पहले से अधिक है। उन्होंने केंद्र को नौ वर्ष पूरे करने पर बधाई दी और मुक्त व्यापार समझौता वार्ताओं, विवाद निपटान तथा संस्थागत स्मृति निर्माण में वाणिज्य विभाग को दिए उसके विधिक विश्लेषण एवं विशेष सहयोग को याद किया।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की राय

भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा ने कहा कि भारत को ऐसी संस्थाओं की जरूरत है जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विधि का केवल अनुसरण न करें, बल्कि उसे गढ़ भी सकें। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय निवेश विधि विदेशी निवेश की सुरक्षा से आगे बढ़कर राज्यों की नियामकीय स्वतंत्रता को मान्यता देने की ओर आई है, और अब वह ऐसे दौर में है जहां संस्थागतकरण, वैधता तथा निवेश और लोक शक्ति के बीच संतुलन के प्रश्न भारी पड़ते हैं। उन्होंने ऐसे टिकाऊ ढांचे की जरूरत बताई जो निवेश संरक्षण और राज्य के नियामकीय अधिकार, दोनों को साथ रखे।

सीटीआईएल का रिकॉर्ड

स्थापना दिवसनौवां, 7 अक्टूबर 2026
स्थानप्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली
दी गई विधिक राय4,000 से अधिक
मुक्त व्यापार समझौतेलगभग दस

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) में सीटीआईएल के प्रमुख तथा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा ने कहा कि केंद्र की स्थापना आर्थिक कूटनीति के व्यापक हिस्से के रूप में भारत की व्यापार क्षमता मजबूत करने के लिए हुई थी। उनके अनुसार सीटीआईएल ने 4,000 से अधिक विधिक राय दी हैं, लगभग दस मुक्त व्यापार समझौतों की वार्ताओं में भाग लिया है तथा डब्ल्यूटीओ की वार्ताओं, प्रस्तुतियों, अधिसूचनाओं और विवाद निपटान में योगदान किया है। अपर सचिव श्री यशवीर सिंह ने विशेष संबोधन में जी20 तथा ब्रिक्स सहित बड़ी व्यापार पहलों में केंद्र के सहयोग का उल्लेख किया। आईआईएफटी के कुलपति डॉ. के. रंगराजन ने संस्थान में विशेष व्यापार नीति संस्थाओं के विकास की चर्चा की और संयुक्त सचिव श्रीमती कपिल चौधरी ने केंद्र के नए शोध क्षेत्र गिनाए, अर्थात महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति श्रृंखला, जलवायु और संवहनीयता।

प्रकाशन

सीटीआईएल पत्रिका का नौवां वार्षिक अंक द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स शीर्षक से जारी हुआ। यह अंक देखता है कि व्यापार और संवहनीयता के मिलते दायरे में भाग लेते समय विकासशील देशों के सामने कौन से अवसर तथा कठिनाइयां आ सकती हैं। निवेश विधि एवं नीति पर केंद्र के मासिक न्यूजलेटर इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास का विशेष वार्षिक संस्करण भी जारी किया गया। कार्यक्रम का समापन सीटीआईएल के संकाय तथा कर्मचारियों को विशिष्ट दीर्घ सेवा पुरस्कार देकर हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थाव्यापार एवं निवेश विधि केंद्र (सीटीआईएल)
मूल संस्थानभारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी)
अवसरनौवां स्थापना दिवस समारोह
स्थान और तिथिप्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026
सीटीआईएल प्रमुखप्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा, डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर भी
वाणिज्य सचिवश्री राजेश अग्रवाल
उपस्थित न्यायाधीशन्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा, उच्चतम न्यायालय
दी गई विधिक राय4,000 से अधिक
जारी पत्रिकाद इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स
न्यूजलेटरइन्वेस्टमेंट लॉ कंपास, विशेष वार्षिक संस्करण

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि सीटीआईएल का अर्थ व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र है, यह भारतीय विदेश व्यापार संस्थान में स्थित है और इसके प्रमुख तथा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा हैं, इसने 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली में नौ वर्ष पूरे किए, इसने 4,000 से अधिक विधिक राय दी तथा लगभग दस मुक्त व्यापार समझौतों पर काम किया, और जारी दोनों प्रकाशन सीटीआईएल पत्रिका एवं इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास का विशेष संस्करण थे।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

नई दिल्ली में नौवां स्थापना दिवस मनाने वाला सीटीआईएल किस संस्थान में स्थित है?

  1. A.भारतीय विदेश व्यापार संस्थान
  2. B.भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध शोध परिषद
  3. C.राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली
  4. D.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भारतीय विदेश व्यापार संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय विदेश व्यापार संस्थान है। व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र वहीं स्थित है और उसके प्रमुख प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर भी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र की स्थापना आर्थिक कूटनीति के व्यापक हिस्से के रूप में भारत की व्यापार क्षमता मजबूत करने के लिए हुई थी और उसने चार हजार से अधिक विधिक राय दी हैं। संस्थान के कुलपति डॉ. के. रंगराजन ने स्थापना दिवस पर बताया कि वहां विशेष व्यापार नीति संस्थाएं किस तरह विकसित हुईं। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D अर्थशास्त्र, विधि तथा लोक प्रशासन की प्रतिष्ठित संस्थाएं हैं, पर इनमें से कोई केंद्र की मेजबानी नहीं करती। समारोह नई दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में हुआ, जो स्थान था, मूल संस्थान नहीं, और यह अंतर स्पष्ट रखना चाहिए।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

नौवें स्थापना दिवस पर सीटीआईएल के प्रमुख के अनुसार केंद्र ने कितनी विधिक राय दी हैं?

  1. A.1,500 से अधिक
  2. B.2,500 से अधिक
  3. C.4,000 से अधिक
  4. D.6,500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 4,000 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 4,000 से अधिक है। व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र के प्रमुख तथा डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा ने बताया कि केंद्र ने इतनी विधिक राय दी हैं, लगभग दस मुक्त व्यापार समझौतों से जुड़ी वार्ताओं में भाग लिया है और विश्व व्यापार संगठन की वार्ताओं, प्रस्तुतियों, अधिसूचनाओं तथा विवाद निपटान में योगदान किया है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में दिए कुल आंकड़े गढ़े हुए हैं और कार्यक्रम के ब्योरे में कहीं नहीं आते। परीक्षार्थी इस आंकड़े को उसी वाक्य की दूसरी संख्या, अर्थात मुक्त व्यापार समझौतों की गिनती के साथ याद रखें, और संयुक्त सचिव द्वारा गिनाए नए शोध क्षेत्रों के साथ भी, जो महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति श्रृंखला, जलवायु तथा संवहनीयता थे।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

कार्यक्रम में जारी सीटीआईएल पत्रिका के नौवें वार्षिक अंक का शीर्षक क्या है?

  1. A.ट्रेड इन अ फ्रैग्मेंटेड वर्ल्ड
  2. B.द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स
  3. C.इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास: नाइन इयर्स ऑन
  4. D.डिजिटल ट्रेड एंड द डेवलपिंग वर्ल्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स

व्याख्या

सही उत्तर द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स है। सीटीआईएल पत्रिका का यह अंक देखता है कि व्यापार और संवहनीयता के मिलते दायरे में भाग लेते हुए विकासशील देशों के सामने कौन से अवसर तथा चुनौतियां आ सकती हैं। विकल्प C पर विशेष ध्यान चाहिए, क्योंकि इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास केंद्र का वास्तविक प्रकाशन है, अर्थात निवेश विधि एवं नीति के घटनाक्रम पर उसका मासिक न्यूजलेटर, और उसी कार्यक्रम में उसका विशेष वार्षिक संस्करण भी जारी हुआ, लेकिन वह न्यूजलेटर है, पत्रिका नहीं। विकल्प A और विकल्प D गढ़े हुए शीर्षक हैं, हालांकि दोनों वक्ताओं द्वारा उठाए विषयों को छूते हैं, क्योंकि वाणिज्य सचिव ने डिजिटल व्यापार तथा संवहनीयता से जुड़े व्यापार उपायों से वैश्विक एजेंडे के बदलने की बात कही थी। समारोह का समापन संकाय एवं कर्मचारियों को विशिष्ट दीर्घ सेवा पुरस्कार देकर हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीटीआईएल क्या है और कहां स्थित है?

सीटीआईएल यानी व्यापार एवं निवेश विधि केंद्र भारतीय विदेश व्यापार संस्थान में स्थित है। प्रोफेसर जेम्स जे. नेदुमपारा इसके प्रमुख हैं और डब्ल्यूटीओ इंडिया चेयर भी हैं। इसकी स्थापना आर्थिक कूटनीति के हिस्से के रूप में भारत की व्यापार क्षमता मजबूत करने के लिए हुई थी।

सीटीआईएल के नौवें स्थापना दिवस पर कौन से प्रकाशन जारी हुए?

सीटीआईएल पत्रिका का नौवां वार्षिक अंक, जिसका शीर्षक द इमर्जिंग सस्टेनेबिलिटी लैंडस्केप: रिस्पॉन्डिंग टू शिफ्टिंग विंड्स है, तथा निवेश विधि एवं नीति पर मासिक न्यूजलेटर इन्वेस्टमेंट लॉ कंपास का विशेष वार्षिक संस्करण।

भारत के व्यापार कार्य में सीटीआईएल का योगदान क्या रहा है?

केंद्र के प्रमुख के अनुसार उसने 4,000 से अधिक विधिक राय दी हैं, लगभग दस मुक्त व्यापार समझौतों की वार्ताओं में भाग लिया है और डब्ल्यूटीओ की वार्ताओं, प्रस्तुतियों, अधिसूचनाओं तथा विवाद निपटान में योगदान किया है, साथ ही जी20 एवं ब्रिक्स पहलों में सहयोग दिया है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS