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GK24
शिखर सम्मेलनमध्यम

सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला कहां संपन्न हुई?

  1. A.बस्तर, छत्तीसगढ़
  2. B.भुवनेश्वर, ओडिशा
  3. C.गांधीनगर, गुजरात
  4. D.नागपुर, महाराष्ट्र

सही उत्तर

A. बस्तर, छत्तीसगढ़

व्याख्या

सही उत्तर छत्तीसगढ़ का बस्तर है, जहां यह दो दिवसीय कार्यशाला 8 और 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुई और राज्यों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के आह्वान के साथ संपन्न हुई। विकल्प B गलत है, हालांकि ओडिशा का उल्लेख चर्चा में आया, क्योंकि कार्यशाला में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सहकारी विकास पर विचार किया गया। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि आयोजन का कोई हिस्सा वहां नहीं हुआ। स्थान का चयन भी परीक्षा की दृष्टि से ध्यान देने योग्य है: उग्रवाद से लंबे समय तक प्रभावित जिले में सहकारी क्षेत्र की राष्ट्रीय समीक्षा करना उस जोर के अनुरूप है, जो पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी सीमांत क्षेत्रों के सहकारी विकास पर दिया गया।

कार्यशाला में राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता पंजीयक तथा राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं और संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए और दो दिनों में मंत्रालय की प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

पूरा लेख पढ़ें: बस्तर में सहकारिता मंत्रालय की 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला संपन्न

Q1.शिखर सम्मेलनकठिन

कार्यशाला के अनुसार पैक्स कम्प्यूटरीकरण का पहला चरण कब तक पूरा किया जाना है?

  1. A.मार्च 2026
  2. B.दिसंबर 2026
  3. C.मार्च 2027
  4. D.दिसंबर 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर दिसंबर 2026 है। सहकारिता मंत्रालय के सचिव ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कम्प्यूटरीकरण के पहले चरण को पूरा करने के लिए यही समय-सीमा तय की और साथ ही कहा कि 2024-25 तथा 2025-26 के ऑडिट अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से कोई भी घोषित समय-सीमा नहीं है। इस समय-सीमा को बैठक में बताई गई व्यापक दिशा से जोड़ें: राज्यों से नई पैक्स का गठन तेज करने और सदस्यता बढ़ाने को कहा गया, जिससे जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों का आधार मजबूत हो, तथा सहकारी बैंकों से साइबर सुरक्षा, आधुनिक कोर बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल सेवाओं में निवेश करने का आग्रह किया गया।

इसी सत्र में विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण, सहकारी समितियों के लिए उर्वरक व्यवसाय योजनाओं तथा प्लेज फाइनेंस जैसे किसान हितैषी वित्तपोषण विकल्पों पर भी विचार हुआ, जिनका आधार कम्प्यूटरीकरण से मिलने वाला भरोसेमंद अभिलेख प्रबंधन ही है।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

सहकारिता पर आयोजित 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का समापन संबोधन किसने दिया?

  1. A.अमित शाह, केंद्रीय सहकारिता मंत्री
  2. B.डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय
  3. C.नाबार्ड के अध्यक्ष
  4. D.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. आशीष कुमार भूटानी, सचिव, सहकारिता मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. आशीष कुमार भूटानी हैं, जो सहकारिता मंत्रालय के सचिव हैं और जिन्होंने विचार-विमर्श को सार्थक बताते हुए राज्यों से चर्चा के स्थान पर क्रियान्वयन की ओर बढ़ने को कहा। विकल्प A आकर्षक भ्रम है, क्योंकि मंत्रालय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में कार्य करता है और कार्यशाला उनके नेतृत्व में हुई, परंतु समापन संबोधन सचिव ने दिया। विकल्प C गलत है, हालांकि सत्र में नाबार्ड की समान कोर बैंकिंग समाधान संबंधी प्रस्तुति की सराहना की गई। विकल्प D भी गलत है। सचिव ने कहा कि सहकारी विकास का एक मॉडल सभी राज्यों के लिए उपयुक्त नहीं है और जिला स्तर के सफल नवाचारों को संकलित कर विस्तार दिया जाना चाहिए।

सचिव ने राज्यों से कार्यशाला के तुरंत बाद प्राथमिकता तय कर कार्ययोजना बनाने, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित करने का आग्रह भी किया।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

कार्यशाला में चर्चित एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल क्रमशः किन क्षेत्रों की राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं हैं?

  1. A.निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज
  2. B.ऋण, बीमा और विपणन
  3. C.डेयरी, मत्स्य और भंडारण
  4. D.आवास, उर्वरक और निर्यात
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज

व्याख्या

सही उत्तर निर्यात, ऑर्गेनिक उत्पाद और बीज है। एनसीईएल अर्थात राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड, एनसीओएल अर्थात राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड और बीबीएसएसएल अर्थात भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड हैं। कार्यशाला में सचिव ने कहा कि अनेक राज्यों ने इन तीनों संस्थाओं का प्रभावी उपयोग किया है और इनके माध्यम से कृषि उपज के एकत्रीकरण, व्यापक बाजारों तक पहुंच तथा किसानों और सदस्यों को लाभकारी मूल्य के अवसर बन रहे हैं। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि वे इन संक्षिप्त नामों से मेल नहीं खाते, जबकि डेयरी सहकारी संस्थाएं, मत्स्य क्षेत्र, उर्वरक व्यवसाय योजनाएं और विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण इसी कार्यशाला के अलग सत्रों में शामिल रहे।

सचिव ने यह भी कहा कि इन संस्थाओं के उपयोग के सफल मॉडलों का अध्ययन कर अन्य राज्य भी उन्हें अपना सकते हैं, और मंत्रालय पिछले दो वर्षों से इन कड़ियों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। डेयरी तथा मत्स्य सहकारी संस्थाओं में नई समितियों के गठन की प्रगति को भी उत्साहजनक बताया गया।

Q4.शिखर सम्मेलनकठिन

मंत्री के अनुसार संचार साथी की मदद से कितने धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन काटे गए हैं?

  1. A.35 लाख से अधिक
  2. B.2.2 करोड़ से अधिक
  3. C.7.14 करोड़ से अधिक
  4. D.10 करोड़ से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 7.14 करोड़ से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 7.14 करोड़ से अधिक है। मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विश्लेषण पर टिके इस मंच से 7.14 करोड़ से अधिक धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन काटे जा सके हैं। विकल्प A जान-बूझकर रखा गया जाल है: 35 लाख इसी मंच से खोजे गए खोए हैंडसेट की संख्या है, कटे कनेक्शन की नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि वह दुनिया में ऑफ़लाइन रह गए 2.2 अरब लोगों के आँकड़े को करोड़ में बदलकर रख देता है। विकल्प D दी गई संख्या से मेल नहीं खाता। इस मंच से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित वित्तीय ठगी भी रोकी गई है। साथ ही दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्र ने एआई की निष्पक्षता, मजबूती और घटना रिपोर्टिंग पर राष्ट्रीय मानक बनाए हैं।

Q5.शिखर सम्मेलनमध्यम

कार्यशाला में बताए अनुसार इंडियाएआई मिशन के तहत कितने उच्च क्षमता वाले जीपीयू जोड़े गए हैं?

  1. A.18,000 से अधिक
  2. B.20,000 से अधिक
  3. C.38,000 से अधिक
  4. D.72,000 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 38,000 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 38,000 से अधिक है। मंत्री ने कहा कि इंडियाएआई मिशन के तहत वैश्विक औसत लागत के लगभग एक-तिहाई पर 38,000 से अधिक उच्च क्षमता वाले जीपीयू जोड़े गए हैं। विकल्प B जाल है: 20,000 उन अतिरिक्त जीपीयू की संख्या है जो अभी जोड़े जा रहे हैं, पहले से जुड़े जीपीयू की नहीं। विकल्प A और D दिए गए आँकड़ों से मेल नहीं खाते। मिशन का परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है और कंप्यूट के साथ यह खुले आँकड़ों तथा प्रतिभा को भी समेटता है, जिसके लिए एआई कोश मंच कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में डेटासेट व संप्रभु मॉडल उपलब्ध कराता है। यह भी बताया गया कि सापेक्ष एआई कौशल पैठ में भारत विश्व में पहले स्थान पर है।