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ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र

ग्वालियर में लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश से एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र बनेगा; 24 कंपनियों ने आवेदन शुरू किया है और 170 एकड़ भूमि चिन्हित है।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र — GK24 title card

चर्चा में क्यों

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को ग्वालियर में एशिया के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि 24 कंपनियों ने आवेदन किया है।

क्या बनने जा रहा है

ग्वालियर में एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को दूरसंचार विभाग के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्वालियर की श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में इसके लिए चुने गए स्थल का निरीक्षण किया।

इस क्षेत्र में लगभग ₹5,500 करोड़ का निवेश आने और 18,000 से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि यह किसी एक कारखाने की परियोजना नहीं है, बल्कि 24-25 दूरसंचार विनिर्माण इकाइयों वाला पूरा औद्योगिक तंत्र होगा, जहां दूरसंचार उपकरण और कलपुर्जे बनेंगे। इसे टेलीकॉम विनिर्माण के छह प्रमुख वर्टिकल्स को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

ज़मीन और आवेदक

पहले चरण के लिए लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है: साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़। निवेशकों के आवेदन उपलब्ध ज़मीन से भी ज़्यादा हो चुके हैं, इसलिए पहले चरण के विस्तार के लिए और ज़मीन चिन्हित की जाएगी। अब तक 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्री ने साफ किया कि ये सिर्फ मौखिक वादे नहीं हैं, क्योंकि कंपनियों से भूमि आवंटन के समय ही आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने को कहा गया था।

परियोजना कैसे आगे बढ़ी

  • जुलाई 2026: दूरसंचार विभाग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने टीएमजेड के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • अगस्त 2026: दिल्ली में हुए निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं आईं, जिनसे करीब 14,000 रोजगार बन सकते हैं; मुंबई में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार की संभावना है।
  • 22 सितंबर 2026: मंत्री टेलीकॉम निवेशकों के साथ रोडशो के लिए बेंगलुरु जाएंगे।

प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचा

मध्य प्रदेश सरकार ने लैंड लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों के साथ पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास पर केंद्रित प्रोत्साहनों वाला पैकेज तैयार किया है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग ने लगभग ₹500 करोड़ के कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज का प्रस्ताव रखा है।

ग्वालियर की ताकत उसकी कनेक्टिविटी और मानव संसाधन हैं। दिल्ली और उत्तर भारत के बाज़ारों से जुड़ाव मज़बूत करने के लिए लगभग 120 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर बन रहा है। शहर प्रमुख रेल मार्गों पर है और इसका हवाई अड्डा रिकॉर्ड 16 महीनों में लगभग ₹650 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। ग्वालियर में हर साल लगभग 25,000 इंजीनियरिंग छात्र स्नातक होते हैं, जिससे कुशल कार्यबल आसानी से मिल सकेगा।

साडा ही क्यों

साडा की स्थापना एक काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में हुई थी, ताकि ग्वालियर को नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट के रूप में विकसित किया जा सके। टीएमजेड इसी पुराने औद्योगिक विचार को आगे ले जाता है।

परीक्षा के लिए

मुख्य तथ्य एक साथ याद रखें: एशिया का पहला टीएमजेड, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में; लगभग ₹5,500 करोड़ का निवेश; 24 कंपनियां; पहले चरण के लिए लगभग 170 एकड़; 18,000 से अधिक रोजगार; और जुलाई 2026 में दूरसंचार विभाग तथा राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन।

महत्वपूर्ण तथ्य

परियोजनाएशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड)
स्थानश्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) और आईटी पार्क, ग्वालियर, मध्य प्रदेश
अनुमानित निवेशलगभग ₹5,500 करोड़
अनुमानित रोजगार18,000 से अधिक
आवेदन करने वाली कंपनियां24
पहले चरण की भूमिलगभग 170 एकड़ (साडा में 90 से अधिक, आईटी पार्क में 70 से अधिक)
प्रस्तावित इकाइयांछह वर्टिकल्स में 24-25 दूरसंचार विनिर्माण इकाइयां
समझौता ज्ञापनजुलाई 2026, दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच
कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेजलगभग ₹500 करोड़, दूरसंचार विभाग का प्रस्ताव
कनेक्टिविटीलगभग 120 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में है, निवेश लगभग ₹5,500 करोड़ है, 24 कंपनियों ने आवेदन किया है, पहले चरण के लिए 170 एकड़ भूमि है और जुलाई 2026 में दूरसंचार विभाग व मध्य प्रदेश के बीच समझौता हुआ।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

सितंबर 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ने जिस एशिया के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के स्थल का निरीक्षण किया, वह किस शहर में स्थापित हो रहा है?

  1. A.इंदौर
  2. B.ग्वालियर
  3. C.नोएडा
  4. D.भोपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्वालियर

संचार मंत्रालय के अनुसार एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में स्थापित होगा और मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में इसके लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में लगभग कितने निवेश की उम्मीद है?

  1. A.₹2,000 करोड़
  2. B.₹3,500 करोड़
  3. C.₹5,500 करोड़
  4. D.₹6,500 करोड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ₹5,500 करोड़

संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश से स्थापित किया जाएगा और 24 कंपनियों ने वहां इकाइयां लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के लिए लगभग कितनी भूमि चिन्हित की गई है?

  1. A.लगभग 70 एकड़
  2. B.लगभग 90 एकड़
  3. C.लगभग 170 एकड़
  4. D.लगभग 250 एकड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 170 एकड़

संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र कहां बन रहा है?

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में, श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) और शहर के आईटी पार्क में।

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में कितना निवेश अपेक्षित है?

लगभग ₹5,500 करोड़। 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है और इससे 18,000 से अधिक रोजगार बनने की उम्मीद है।

दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए समझौता ज्ञापन किसके बीच हुआ?

दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच जुलाई 2026 में इस पर हस्ताक्षर हुए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCबैंकिंगUPSC सिविल सेवा