2028-29 तक रेशम उत्पादन में दुनिया में नंबर 1 बनने का लक्ष्य
भारत का रेशम उत्पादन 2014 के 26,000 मीट्रिक टन से बढ़कर 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। 2030-31 तक 60,000 टन और 2028-29 तक विश्व में पहला स्थान लक्ष्य है।

चर्चा में क्यों
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य बताया।
लक्ष्य क्या है
केंद्र सरकार चाहती है कि 2028-29 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक बन जाए। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में यह लक्ष्य दोहराया। वहां उन्होंने और केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
उत्पादन अभी कहां है
मंत्री के अनुसार 2014 में देश में 26,000 मीट्रिक टन रेशम बनता था, जो अब बढ़कर 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। अगला पड़ाव 2030-31 तक 60,000 मीट्रिक टन का है। वस्त्र मंत्रालय में संयुक्त सचिव (रेशम) और बोर्ड की उपाध्यक्ष पद्मिनी सिंगला ने बताया कि इस लक्ष्य के लिए ज़्यादा उपज देने वाली रेशमकीट की संकर प्रजातियां और नई मशीनें लाई जा रही हैं, और गुणवत्ता जांच तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एआई, जीआईएस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
| अवधि | रेशम उत्पादन |
|---|---|
| 2014 | 26,000 मीट्रिक टन |
| वर्तमान | 42,000 मीट्रिक टन |
| 2030-31 का लक्ष्य | 60,000 मीट्रिक टन |
किसानों के लिए योजना
मंत्री ने कहा कि शहतूत के पत्तों की पैदावार और साल में रेशमकीट पालन के चक्र बढ़ाकर रेशम किसानों की सालाना आय 10 लाख से 12 लाख रुपये तक पहुंचाने की आकांक्षा है। उन्होंने किसानों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 'सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान' पुरस्कार प्रतियोगिताएं कराने की बात कही और कहा कि वैज्ञानिकों के नए शोध, संकर किस्में और आधुनिक मशीनें सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने बाज़ार की स्थिति भी बताई। उनके अनुसार चीन में रेशम उत्पादन घट रहा है और इसी समय अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है। सरकार की प्राथमिकताएं हैं: रेशमकीट पालन से लेकर कताई और बुनाई तक पूरी कड़ी को मज़बूत करना, देश के वस्त्र बाज़ार को 300 बिलियन डॉलर तक ले जाना और बुनकरों तथा श्रमिकों को न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा देना।
कर्नाटक सबसे आगे
शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक का स्थान सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर ध्यान दे रही है और आधुनिक तकनीक अपनाकर निर्यात स्तर का रेशम तैयार करने पर ज़ोर दे रही है, ताकि घरेलू उत्पादन बढ़े और आयात पर निर्भरता घटे। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में उद्यमी एमएसएमई ढांचे में पंजीकरण करा रहे हैं और उनके लिए अनुदान तथा गुणवत्ता सुधार योजनाएं चल रही हैं।
कार्यक्रम की अन्य बातें
कार्यक्रम में बोर्ड ने कई संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए, उत्कृष्ट कर्मचारियों और हितधारकों को पुरस्कृत किया और अपने प्रकाशन जारी किए। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के रेशम किसान और बुनकर भी इसमें शामिल हुए।
परीक्षा के लिए
आंकड़ों को एक साथ याद रखें: 2014 में 26,000 टन, अभी 42,000 टन, 2030-31 तक 60,000 टन का लक्ष्य और 2028-29 तक दुनिया में पहला स्थान। साथ ही अग्रणी रेशम उत्पादक राज्य कर्नाटक और अवसर, यानी केंद्रीय रेशम बोर्ड का 77वां स्थापना दिवस, भी याद रखें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अवसर | केंद्रीय रेशम बोर्ड का 77वां स्थापना दिवस, बेंगलुरु, 20 सितंबर 2026 |
|---|---|
| उद्घाटन | वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे |
| 2014 में रेशम उत्पादन | 26,000 मीट्रिक टन |
| वर्तमान रेशम उत्पादन | 42,000 मीट्रिक टन |
| उत्पादन लक्ष्य | 2030-31 तक 60,000 मीट्रिक टन |
| विश्व में पहला स्थान | 2028-29 तक |
| अग्रणी रेशम उत्पादक राज्य | कर्नाटक |
| किसानों की आय की आकांक्षा | सालाना 10 लाख से 12 लाख रुपये |
| वस्त्र बाज़ार का लक्ष्य | 300 बिलियन डॉलर |
| नियुक्ति पत्र पाने वाले वैज्ञानिक | 28 |
परीक्षा की दृष्टि से
उत्पादन के आंकड़े (2014 में 26,000 टन, अभी 42,000 टन, 2030-31 तक 60,000 टन), 2028-29 तक विश्व में पहले स्थान का लक्ष्य, अग्रणी राज्य कर्नाटक और किसानों की आय 10 से 12 लाख रुपये करने की आकांक्षा याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार 2014 में 26,000 मीट्रिक टन रहा भारत का रेशम उत्पादन अब कितना हो गया है?
- A.32,000 मीट्रिक टन
- B.38,000 मीट्रिक टन
- C.42,000 मीट्रिक टन
- D.60,000 मीट्रिक टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 42,000 मीट्रिक टन
व्याख्या
सही उत्तर 42,000 मीट्रिक टन है। 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर वस्त्र मंत्री ने बताया कि देश का रेशम उत्पादन 2014 के 26,000 मीट्रिक टन से बढ़कर आज 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने इसे रेशम क्षेत्र के विस्तार और रेशम किसानों की आय बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा।
विकल्प D यानी 60,000 मीट्रिक टन एक जाल है: यह आज का उत्पादन नहीं, बल्कि 2030-31 के लिए तय किया गया लक्ष्य है। विकल्प A और B, यानी 32,000 और 38,000 मीट्रिक टन, विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। ऐसे प्रश्नों में अक्सर मौजूदा आंकड़े के साथ लक्ष्य को विकल्प बनाया जाता है, इसलिए पूरी श्रृंखला क्रम से याद रखें: 2014 में 26,000 टन, अभी 42,000 टन, 2030-31 तक 60,000 टन और 2028-29 तक विश्व में पहला स्थान।
भारत सरकार ने किस वर्ष तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया है?
- A.2026-27
- B.2028-29
- C.2030-31
- D.2035-36
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2028-29
व्याख्या
सही उत्तर 2028-29 है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शहतूत के पत्तों की पैदावार और रेशमकीट पालन के चक्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि किसानों की सालाना आय 10 लाख से 12 लाख रुपये तक पहुंच सके।
विकल्प C यानी 2030-31 एक अलग लक्ष्य का वर्ष है: 60,000 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन। विकल्प A और D, यानी 2026-27 और 2035-36, विज्ञप्ति में नहीं हैं। दोनों लक्ष्य एक साथ घोषित हुए थे, इसलिए इन्हें आपस में मिलाना आसान है। इन्हें अलग-अलग याद रखें: विश्व में पहला स्थान 2028-29 तक और 60,000 मीट्रिक टन उत्पादन 2030-31 तक। मंत्री ने यह भी कहा कि चीन का उत्पादन घटने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है।
20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में किस संस्था का 77वां स्थापना दिवस मनाया गया?
- A.नारियल जटा बोर्ड
- B.केंद्रीय रेशम बोर्ड
- C.चाय बोर्ड
- D.खादी और ग्रामोद्योग आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्रीय रेशम बोर्ड
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय रेशम बोर्ड है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोर्ड ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए और अपने प्रकाशन जारी किए।
नारियल जटा बोर्ड, चाय बोर्ड और खादी और ग्रामोद्योग आयोग भी पारंपरिक उद्योगों और फसलों से जुड़ी संस्थाएं हैं, लेकिन यह विज्ञप्ति इनमें से किसी के बारे में नहीं है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। जब किसी संस्था का स्थापना दिवस खबर में हो, तो प्रश्न अक्सर संस्था का नाम, वर्षगांठ की संख्या और शहर पूछते हैं, इसलिए तीनों याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड, 77वां और बेंगलुरु।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार देश के कुल रेशम उत्पादन में कौन-सा राज्य अग्रणी है?
- A.कर्नाटक
- B.असम
- C.पश्चिम बंगाल
- D.तमिलनाडु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर कर्नाटक है। बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए निर्यात स्तर के रेशम उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।
असम और पश्चिम बंगाल का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B और C गलत हैं। तमिलनाडु का नाम विज्ञप्ति में है, लेकिन केवल उन राज्यों में से एक के रूप में जिनके रेशम किसान और बुनकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, अग्रणी उत्पादक के रूप में नहीं। इसलिए विकल्प D भी गलत है। रेशम से जुड़ी खबरों के साथ अग्रणी राज्य का प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए कर्नाटक को इससे जोड़कर याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत अभी कितना रेशम पैदा करता है?
वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार भारत अभी 42,000 मीट्रिक टन रेशम पैदा करता है, जबकि 2014 में यह 26,000 मीट्रिक टन था।
भारत का रेशम उत्पादन लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक 60,000 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन का है और 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है।
भारत में रेशम उत्पादन में कौन-सा राज्य सबसे आगे है?
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है।
स्रोत
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