ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में लगभग कितने निवेश की उम्मीद है?
- A.₹2,000 करोड़
- B.₹3,500 करोड़
- C.₹5,500 करोड़
- D.₹6,500 करोड़
सही उत्तर
C. ₹5,500 करोड़
व्याख्या
सही उत्तर ₹5,500 करोड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश से स्थापित किया जाएगा और 24 कंपनियों ने वहां इकाइयां लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विकल्प A और B इसी कुल राशि के दो हिस्से हैं, इसलिए वे भ्रम पैदा करने के लिए रखे गए हैं। अगस्त 2026 में दिल्ली के निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं आईं, जिनसे करीब 14,000 रोजगार की संभावना है, और मुंबई के सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार की संभावना है। दोनों मिलकर ₹5,500 करोड़ बनते हैं। विकल्प D यानी ₹6,500 करोड़ विज्ञप्ति में नहीं है। जब एक खबर में कई राशियां हों, तो ध्यान दें कि प्रश्न किसी हिस्से के बारे में है या कुल के बारे में।
पूरा लेख पढ़ें: ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र
अभ्यास प्रश्न
सितंबर 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ने जिस एशिया के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के स्थल का निरीक्षण किया, वह किस शहर में स्थापित हो रहा है?
- A.इंदौर
- B.ग्वालियर
- C.नोएडा
- D.भोपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्वालियर
व्याख्या
सही उत्तर ग्वालियर है। संचार मंत्रालय के अनुसार एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में स्थापित होगा और मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में इसके लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश और 18,000 से अधिक रोजगार की उम्मीद है।
इंदौर और भोपाल भी मध्य प्रदेश के शहर हैं, इसलिए ये सही लग सकते हैं, लेकिन विज्ञप्ति टीएमजेड को ग्वालियर में बताती है। इसलिए विकल्प A और D गलत हैं। नोएडा का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प C भी गलत है। साडा से जुड़ाव भी याद रखें: इसकी स्थापना ग्वालियर को नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट के रूप में विकसित करने के लिए हुई थी, और टीएमजेड इसी योजना को आगे बढ़ाता है।
ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के लिए लगभग कितनी भूमि चिन्हित की गई है?
- A.लगभग 70 एकड़
- B.लगभग 90 एकड़
- C.लगभग 170 एकड़
- D.लगभग 250 एकड़
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सही उत्तर: C. लगभग 170 एकड़
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 170 एकड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि आवेदन उपलब्ध भूमि से भी ज़्यादा हो गए हैं, इसलिए पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाएगी।
विकल्प A और B कुल भूमि के दो हिस्से हैं: आईटी पार्क के 70 एकड़ और साडा के 90 एकड़। इनमें से कोई भी अकेले पूरा उत्तर नहीं है। विकल्प D यानी 250 एकड़ विज्ञप्ति में नहीं है। निवेश वाले प्रश्न की तरह यह प्रश्न भी जांचता है कि आपको कुल आंकड़ा याद है या सिर्फ उसका एक हिस्सा, इसलिए हिस्से और कुल दोनों साथ याद रखें।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और सितंबर 2026 तक कितनी वाणिज्यिक इकाइयां चालू थीं?
- A.दस मंजूर, तीन चालू
- B.बारह मंजूर, पांच चालू
- C.पंद्रह मंजूर, छह चालू
- D.बीस मंजूर, आठ चालू
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सही उत्तर: B. बारह मंजूर, पांच चालू
व्याख्या
सही उत्तर बारह मंजूर और पांच चालू है। बैकग्राउंडर में कहा गया है कि सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत इतनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और उसी वर्ष सितंबर तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां परिचालन में आ चुकी थीं। पहला विकल्प दोनों ही गिनतियों में गलत है, यह मंजूरियों और चालू इकाइयों, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह मंजूरियों और इकाइयों, दोनों को बढ़ा देता है और ऐसा कोई हिसाब विज्ञप्ति में नहीं है। चौथा विकल्प इसी कारण गलत है और बताई गई स्थिति से सबसे दूर है। याद रखने लायक बात यह है कि मंजूरी मिलना और उत्पादन शुरू होना एक बात नहीं है, इसीलिए विज्ञप्ति में दोनों आंकड़े अलग-अलग दिए गए हैं। इसे पीएलआई योजनाओं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से भी जोड़कर याद रखें।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' पैनल चर्चा का संचालन किसने किया?
- A.नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- B.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
- C.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
- D.इसरो के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
व्याख्या
सही उत्तर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा हैं। बैकग्राउंडर में उन्हीं को इस सत्र का संचालक बताया गया है, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधि यह चर्चा करने आए थे कि गहरा सहयोग देश की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं को कैसे तेज कर सकता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस सत्र से उस पद का कोई संबंध नहीं बताया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चर्चा मौद्रिक नीति की नहीं, विनिर्माण और उद्योग के आपसी तालमेल की थी। इसरो के अध्यक्ष वाला विकल्प भी इसी कारण गलत है। अभ्यर्थियों को नाम के साथ पद और मिशन का नाम भी याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्था पूछता है, नाम नहीं।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में कितने प्रदर्शकों ने भाग लिया?
- A.400 से अधिक
- B.600 से अधिक
- C.800 से अधिक
- D.1,000 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 600 से अधिक
व्याख्या
सही उत्तर 600 से अधिक है। बैकग्राउंडर के अनुसार आयोजन में इतने प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें लगभग तीन सौ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं, और इसी मिश्रण को भारत के सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का संकेत बताया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह बताई गई संख्या से कम है और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। तीसरा विकल्प उल्टे कारण से गलत है, यह संख्या को बढ़ा देता है और ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। चौथा विकल्प भी गलत है, क्योंकि चार अंकों वाला कोई दावा दस्तावेज में नहीं है। परीक्षा के लिए उपयोगी जोड़ी यह है कि कुल प्रदर्शक और उनमें अंतरराष्ट्रीय हिस्सेदारी, दोनों साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न एक देकर दूसरा पूछ सकता है।