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GK24
अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में लगभग कितने निवेश की उम्मीद है?

  1. A.₹2,000 करोड़
  2. B.₹3,500 करोड़
  3. C.₹5,500 करोड़
  4. D.₹6,500 करोड़

सही उत्तर

C. ₹5,500 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹5,500 करोड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश से स्थापित किया जाएगा और 24 कंपनियों ने वहां इकाइयां लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विकल्प A और B इसी कुल राशि के दो हिस्से हैं, इसलिए वे भ्रम पैदा करने के लिए रखे गए हैं। अगस्त 2026 में दिल्ली के निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं आईं, जिनसे करीब 14,000 रोजगार की संभावना है, और मुंबई के सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार की संभावना है। दोनों मिलकर ₹5,500 करोड़ बनते हैं। विकल्प D यानी ₹6,500 करोड़ विज्ञप्ति में नहीं है। जब एक खबर में कई राशियां हों, तो ध्यान दें कि प्रश्न किसी हिस्से के बारे में है या कुल के बारे में।

पूरा लेख पढ़ें: ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र

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Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

सितंबर 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ने जिस एशिया के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के स्थल का निरीक्षण किया, वह किस शहर में स्थापित हो रहा है?

  1. A.इंदौर
  2. B.ग्वालियर
  3. C.नोएडा
  4. D.भोपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्वालियर

व्याख्या

सही उत्तर ग्वालियर है। संचार मंत्रालय के अनुसार एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में स्थापित होगा और मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 सितंबर 2026 को श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में इसके लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश और 18,000 से अधिक रोजगार की उम्मीद है।

इंदौर और भोपाल भी मध्य प्रदेश के शहर हैं, इसलिए ये सही लग सकते हैं, लेकिन विज्ञप्ति टीएमजेड को ग्वालियर में बताती है। इसलिए विकल्प A और D गलत हैं। नोएडा का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प C भी गलत है। साडा से जुड़ाव भी याद रखें: इसकी स्थापना ग्वालियर को नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट के रूप में विकसित करने के लिए हुई थी, और टीएमजेड इसी योजना को आगे बढ़ाता है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के लिए लगभग कितनी भूमि चिन्हित की गई है?

  1. A.लगभग 70 एकड़
  2. B.लगभग 90 एकड़
  3. C.लगभग 170 एकड़
  4. D.लगभग 250 एकड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 170 एकड़

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 170 एकड़ है। संचार मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि आवेदन उपलब्ध भूमि से भी ज़्यादा हो गए हैं, इसलिए पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाएगी।

विकल्प A और B कुल भूमि के दो हिस्से हैं: आईटी पार्क के 70 एकड़ और साडा के 90 एकड़। इनमें से कोई भी अकेले पूरा उत्तर नहीं है। विकल्प D यानी 250 एकड़ विज्ञप्ति में नहीं है। निवेश वाले प्रश्न की तरह यह प्रश्न भी जांचता है कि आपको कुल आंकड़ा याद है या सिर्फ उसका एक हिस्सा, इसलिए हिस्से और कुल दोनों साथ याद रखें।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत के एसआरटीएमआई ने लौह एवं इस्पात अनुसंधान पर किस देश की संस्था के साथ समझौता ज्ञापन किया?

  1. A.कनाडा
  2. B.जापान
  3. C.स्वीडन
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वीडन

व्याख्या

सही उत्तर स्वीडन है। समीक्षा के अनुसार एसआरटीएमआई और स्वीडन के स्वेरिम ने लौह एवं इस्पात अनुसंधान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार में सहयोग मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, हरित इस्पात, डीकार्बोनाइजेशन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, उन्नत इस्पात, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा क्षमता निर्माण पर केंद्रित रहेगी। विकल्प क में दिया कनाडा सबसे भ्रमित करने वाला है, क्योंकि इसी दस्तावेज में ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के उप मंत्री ग्लेन पर्व्स की इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक से मुलाकात का उल्लेख है। वह केवल एक बैठक थी, कोई समझौता नहीं। विकल्प ख और घ में दिए जापान तथा जर्मनी बड़े इस्पात उत्पादक देश हैं, पर इस समीक्षा में इनका कहीं उल्लेख नहीं है। इस तरह के प्रश्नों में क्रिया पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होना और केवल बैठक होना दो अलग तथ्य हैं।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

इस्पात मंत्रालय की समीक्षा के अनुसार एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में कितना आयरन ओर निकाला?

  1. A.2.58 मिलियन टन
  2. B.3.58 मिलियन टन
  3. C.4.07 मिलियन टन
  4. D.6.15 मिलियन टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4.07 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 4.07 मिलियन टन है। समीक्षा में दर्ज है कि एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में इतना आयरन ओर निकाला, जो एक वर्ष पहले के इसी महीने से 20.8 प्रतिशत अधिक है। विकल्प ख एक अच्छा जाल है, क्योंकि 3.58 मिलियन टन उसी महीने की बिक्री का आंकड़ा है, जो 5.6 प्रतिशत बढ़ी। विज्ञप्ति में उत्पादन और बिक्री साथ-साथ दिए गए हैं, इसलिए पहला दिखने वाला अंक लिख देने वाला छात्र गलती कर जाता है। विकल्प क और घ का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है। इस उत्तर के साथ दो और आंकड़े जुड़े हैं, क्योंकि वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त में उत्पादन 23.23 मिलियन टन और बिक्री 18.72 मिलियन टन रही। विज्ञप्ति यह भी बताती है कि किरंदुल, बचेली और डोनिमलाई खदानों ने अब तक का सर्वाधिक अगस्त उत्पादन किया, जो अपने आप में एक संभावित प्रश्न है।

Q5.अर्थव्यवस्थाकठिन

इस्पात मंत्रालय द्वारा गिनाए गए शीर्ष 7 इस्पात उत्पादकों में इनमें से कौन शामिल नहीं है?

  1. A.सेल
  2. B.एनएमडीसी
  3. C.आरआईएनएल
  4. D.जेएसडब्ल्यू समूह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एनएमडीसी

व्याख्या

सही उत्तर एनएमडीसी है। समीक्षा में शीर्ष 7 उत्पादक सेल, आरआईएनएल, एनएसएल, टीएसएल समूह, एएम/एनएस, जेएसएल-जेएसपीएल और जेएसडब्ल्यू समूह बताए गए हैं। एनएमडीसी का नाम इसी दस्तावेज में प्रमुखता से आता है, पर आयरन ओर खनन कंपनी के रूप में, उस समूह के इस्पात उत्पादक के रूप में नहीं। उसने अगस्त 2026 में 4.07 मिलियन टन आयरन ओर निकाला और 3.58 मिलियन टन बेचा, तथा अपने नगरनार पेलेट प्लांट में इंड्यूरेटिंग मशीन चालू की, जिसकी क्षमता 2 मिलियन टन प्रति वर्ष है। विकल्प क, ग और घ सभी उस समूह में हैं। छात्रों को क्रूड स्टील बनाने वालों और कच्चा माल देने वालों के बीच मंत्रालय द्वारा किए गए अंतर पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शीर्ष 7 सूची की संरचना पर प्रश्न बार-बार बनते हैं।