प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी के आठवें संस्करण में उत्तराखंड के कितने स्मृति चिन्ह शामिल हैं?
- A.17
- B.21
- C.27
- D.37
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 27 है। इस संस्करण में उत्तराखंड से लिया गया संग्रह सत्ताईस स्मृति चिन्हों का है, जो सभी प्रधानमंत्री को भेंट किए गए उपहार हैं, और इनमें फ्रेमयुक्त कलाकृतियां, फोटो प्रिंट, मंदिर मॉडल तथा अन्य यादगार वस्तुएं शामिल हैं, जो राज्य के पवित्र स्थलों, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान को दर्शाती हैं। बाकी तीन विकल्प असली संख्या के आसपास रखे गए हैं, जैसा ऐसे प्रश्नों में आम है, इसलिए सटीक गिनती याद रखनी चाहिए। इतना ही महत्वपूर्ण यह है कि राशि कहां जाती है, क्योंकि नीलामी से मिलने वाला धन नदी के पुनरुद्धार एवं संरक्षण के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को सहायता देता है। परीक्षार्थी यह भी ध्यान रखें कि यह पहल का आठवां संस्करण है, इसे संस्कृति मंत्रालय चला रहा है और बोली आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन लगती है।
पूरा लेख पढ़ें: 8वीं प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी में उत्तराखंड के 27 उपहार
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी से मिलने वाली राशि किस कार्यक्रम को दी जाती है?
- A.स्वच्छ भारत मिशन
- B.नमामि गंगे कार्यक्रम
- C.जल जीवन मिशन
- D.अटल भूजल योजना
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व्याख्या
सही उत्तर नमामि गंगे कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिन्हों की नीलामी से जुटाया गया धन इस कार्यक्रम के तहत गंगा के पुनरुद्धार तथा संरक्षण में लगाया जाता है, इसी कारण मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर के लकड़ी के मॉडल को उत्तराखंड के संग्रह और इस पहल के उद्देश्य के बीच की कड़ी बताया गया है। विकल्प क, स्वच्छ भारत मिशन, देश का स्वच्छता कार्यक्रम है और यहां लाभार्थी नहीं है। विकल्प ग, जल जीवन मिशन, ग्रामीण घरों तक नल से पेयजल पहुंचाने पर काम करता है। विकल्प घ, अटल भूजल योजना, चुने हुए राज्यों में भूजल प्रबंधन से जुड़ी है। ये तीनों जल और स्वच्छता से जुड़े विश्वसनीय दिखने वाले कार्यक्रम हैं, जिससे यह प्रश्न अच्छी परख बनता है, पर नीलामी की राशि केवल नमामि गंगे कार्यक्रम को जाती है।
उत्तराखंड के स्मृति चिन्ह संग्रह में किस खिलाड़ी का हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट शामिल है?
- A.लक्ष्य सेन
- B.किदांबी श्रीकांत
- C.एच. एस. प्रणय
- D.सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी
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व्याख्या
सही उत्तर लक्ष्य सेन हैं, उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी जिनका हस्ताक्षरित रैकेट इस संग्रह में खेल जगत की एकमात्र वस्तु है, जबकि बाकी संग्रह राज्य की धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत से गढ़ा गया है। परीक्षाओं में जो कड़ी पूछी जाती है वह खिलाड़ी का गृह राज्य है, क्योंकि पूरा संग्रह उत्तराखंड पर केंद्रित है। विकल्प ख, किदांबी श्रीकांत, आंध्र प्रदेश के अग्रणी एकल खिलाड़ी हैं और इस संग्रह से जुड़े नहीं हैं। विकल्प ग, एच. एस. प्रणय, केरल से हैं। विकल्प घ, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, आंध्र प्रदेश के युगल विशेषज्ञ हैं। रैकेट के अलावा संग्रह में चार मंदिर मॉडल, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री का फोटो प्रिंट, ऐपन लोक कलाकृति और सात उत्तराखंडी या पहाड़ी टोपियां शामिल हैं। नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है और बोली आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन लगाई जा सकती है।
संग्रह में गंगा जी मंदिर का लकड़ी का मॉडल किस स्थान के मंदिर का है?
- A.उखीमठ
- B.मुखबा
- C.गंगोत्री
- D.हरिद्वार
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व्याख्या
सही उत्तर मुखबा है। लकड़ी का मॉडल मुखबा स्थित गंगा जी मंदिर का है, और इसी वस्तु को उस कड़ी के रूप में बताया गया है जो प्रदर्शित उत्तराखंडी विरासत को नीलामी के उद्देश्य से जोड़ती है, क्योंकि गंगा राज्य के आध्यात्मिक जीवन के केंद्र में है और बिक्री उसी नदी के पुनरुद्धार में सहायक होती है। विकल्प क, उखीमठ, ओंकारेश्वर मंदिर का स्थान है, जो संग्रह के चार मंदिर मॉडलों में से एक और है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर बनता है। विकल्प ग, गंगोत्री, फोटो प्रिंट में दिखाए गए चारों धाम में से एक है, इस लकड़ी के मॉडल का स्थान नहीं। विकल्प घ, हरिद्वार, वह स्थान है जहां की मनसा देवी की फ्रेमयुक्त तस्वीर संग्रह में है। प्रत्येक वस्तु को उसके स्थान के साथ याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे पक्का तरीका है।
वास्तविक नैदानिक परिस्थितियों में उपचार प्रोटोकॉल परखने के लिए आयुष इकाई ने किसके साथ साझेदारी की?
- A.अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
- B.केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद
- C.आयुष निदेशालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार
- D.राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग
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व्याख्या
सही उत्तर आयुष निदेशालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार है। क्षेत्र स्तर पर परीक्षण इस कवायद की उल्लेखनीय विशेषता रही। इस निदेशालय के अधीन प्राथमिक तथा द्वितीयक स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों के साथ प्रोटोकॉल परखे गए और रोजमर्रा के काम में उनकी उपयोगिता पर मिली प्रतिक्रिया अंतिम दस्तावेजों में शामिल की गई। विकल्प क, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, आयुर्वेद का बड़ा संस्थान है पर परीक्षण साझेदार के रूप में इसका नाम नहीं है। विकल्प ख, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, उन आयुष अनुसंधान परिषदों में है जिनकी तकनीकी विशेषज्ञता दस्तावेज बनाने में लगी, जो क्षेत्रीय परीक्षण से अलग भूमिका है। विकल्प घ, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का नियामक है और इस प्रक्रिया में शामिल नहीं था। दस्तावेज तैयार करने में विशेषज्ञ परामर्श, शास्त्रीय ग्रंथों का अध्ययन, वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाणों का आकलन और सहमति आधारित विचार विमर्श शामिल रहे।
नए दिशानिर्देशों पर बोलने वाले आयुष के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौन हैं?
- A.श्री प्रतापराव जाधव
- B.वैद्य राजेश कोटेचा
- C.डॉ. लवनीश जी. कृष्णा
- D.श्री जगत प्रकाश नड्डा
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व्याख्या
सही उत्तर श्री प्रतापराव जाधव हैं, जो राज्य मंत्री के रूप में आयुष मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभालते हैं और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढांचे में आयुष पद्धतियों के एकीकरण को गहरा करेंगे और सामान्य त्वचा रोगों के लिए सुरक्षित, प्रभावी तथा समग्र देखभाल में सहायक होंगे। विकल्प ख, वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष मंत्रालय के सचिव हैं और उन्होंने मानकीकरण तथा प्रमाण आधारित व्यवहार पर अलग से बात की, पर वे अधिकारी हैं, मंत्री नहीं। विकल्प ग, डॉ. लवनीश जी. कृष्णा, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक हैं और उन्होंने बहुविषयक सहयोग पर जोर दिया। विकल्प घ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का नाम है, जो भ्रामक विकल्प है क्योंकि महानिदेशालय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आता है।