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गांधी जयंती पर देश भर में 2.42 लाख विशेष ग्राम सभाएं आयोजित

गांधी जयंती पर देश भर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हुईं, जिनसे जन योजना अभियान 2026-27, सबकी योजना सबका विकास की शुरुआत हुई।

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गांधी जयंती पर देश भर में 2.42 लाख विशेष ग्राम सभाएं आयोजित

चर्चा में क्यों

गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 को देश भर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हुईं, जिनसे जन योजना अभियान 2026-27 शुरू हुआ और जिसके तहत 2027-28 के लिए पंचायत विकास योजनाएं बनाई जाएंगी।

गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 को देश भर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हुईं, जिनका कार्यक्रम जीपीडीपी पोर्टल और पंचायत निर्णय पोर्टल पर तय किया गया था। इन बैठकों से जन योजना अभियान 2026-27 की शुरुआत हुई, जिसका नाम सबकी योजना, सबका विकास है और जिसके तहत पंचायतें वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अपनी पंचायत विकास योजनाएं तैयार करेंगी।

ग्राम सभाओं में किन विषयों पर चर्चा हुई

चर्चा के केंद्र में केंद्र सरकार के सात मंत्रालयों और विभागों की योजनाएं रहीं, पंचायती राज मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, उपभोक्ता मामले विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग तथा भूमि संसाधन विभाग। इनमें गांव के निवासी, निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत कर्मी और अधिकारी शामिल हुए और माई भारत के स्वयंसेवकों ने आयोजन में मदद की। बातचीत में केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान का हस्तांतरण, पंचायतों की अपनी आय, संपत्ति और भूमि अधिकार, रोजगार, पेयजल, स्वच्छता, जल सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण जैसे विषय आए।

याद रखने योग्य आंकड़े

विशेष ग्राम सभाएं2.42 लाख से अधिक
अभियानजन योजना अभियान 2026-27, सबकी योजना, सबका विकास
योजनाएं किस वर्ष के लिएवित्त वर्ष 2027-28
अभियान में शामिल मंत्रालय और विभाग21
कब से चल रहा है2018
योजना बनाने वाली ग्राम पंचायतें2.55 लाख से अधिक, ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड

सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिश

इन बैठकों में रखे गए सुधारों में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए हुई सिफारिश भी शामिल रही। सोलहवें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए इन निकायों को 4,35,236 करोड़ रुपये देने की सिफारिश की है, जो पंद्रहवें वित्त आयोग की तुलना में करीब 84 प्रतिशत अधिक है, और सालाना प्रति व्यक्ति अनुदान लगभग 400 रुपये से बढ़कर करीब 950 रुपये हो रहा है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत स्थानीय विकास के नौ विषयों पर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जारी है, जबकि पंचायत उन्नति सूचकांक हर ग्राम पंचायत को अपनी उपलब्धियां और कमियां देखने में मदद करता है।

आयोजन की निगरानी

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव डॉ. विनीत जोशी भागीदार मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिन भर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के संपर्क में रहे और सहकारी संघवाद की भावना से प्रगति की समीक्षा करते रहे।

महत्वपूर्ण तथ्य

विशेष ग्राम सभाएं2.42 लाख से अधिक, गांधी जयंती पर आयोजित
शुरू हुआ अभियानजन योजना अभियान 2026-27, सबकी योजना, सबका विकास
योजनाएं किस वर्ष के लिएवित्त वर्ष 2027-28
उपयोग किए गए पोर्टलजीपीडीपी पोर्टल और पंचायत निर्णय पोर्टल
मंत्रालय और विभाग21, पंचायती राज मंत्रालय के नेतृत्व में
सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4,35,236 करोड़ रुपये, 2026-31
पंद्रहवें वित्त आयोग से वृद्धिकरीब 84 प्रतिशत
प्रति व्यक्ति अनुदानलगभग 400 रुपये से करीब 950 रुपये सालाना
सचिव, पंचायती राजडॉ. विनीत जोशी

परीक्षा की दृष्टि से

संख्या (2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाएं), अभियान और उसका नाम (जन योजना अभियान 2026-27, सबकी योजना, सबका विकास), योजना वर्ष (2027-28), दोनों पोर्टल तथा सोलहवें वित्त आयोग की 2026-31 के लिए 4,35,236 करोड़ रुपये की सिफारिश याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

वर्ष 2026 की गांधी जयंती पर देश भर में कितनी विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हुईं?

  1. A.1.42 लाख से अधिक
  2. B.2.42 लाख से अधिक
  3. C.3.42 लाख से अधिक
  4. D.4.42 लाख से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2.42 लाख से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 2.42 लाख से अधिक है। गांधी जयंती के लिए देश भर में इतनी ही विशेष ग्राम सभाएं जीपीडीपी पोर्टल और पंचायत निर्णय पोर्टल पर तय की गई थीं और इनमें गांव के निवासी, निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत कर्मी तथा अधिकारी शामिल हुए। विकल्प A यानी 1.42 लाख से अधिक संख्या को कम बताता है और वह उत्तर तभी होता जब लगभग एक लाख कम बैठकें हुई होतीं। विकल्प C यानी 3.42 लाख से अधिक और विकल्प D यानी 4.42 लाख से अधिक, दोनों संख्या को बढ़ाकर बताते हैं, और जिस परीक्षार्थी को दशमलव के बाद के अंक ही याद रह जाएंगे वह ठीक इन दोनों विकल्पों में उलझेगा। इस खबर को सुरक्षित तरीके से याद रखने का उपाय यही है कि संख्या के साथ यह भी याद रखें कि इन बैठकों से जन योजना अभियान 2026-27 शुरू हुआ और पंचायत विकास योजनाएं किस वित्त वर्ष के लिए बनेंगी। इन तीनों विवरणों से ही इस विज्ञप्ति के लगभग सारे प्रश्न बनते हैं।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

गांधी जयंती पर हुई विशेष ग्राम सभाओं से किस अभियान की शुरुआत हुई?

  1. A.सबकी योजना, सबका विकास (जन योजना अभियान)
  2. B.राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
  3. C.स्वच्छता ही सेवा
  4. D.जल संचय जन भागीदारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सबकी योजना, सबका विकास (जन योजना अभियान)

व्याख्या

सही उत्तर सबकी योजना, सबका विकास है, जो इस वर्ष के जन योजना अभियान का नाम है और जिसके तहत पंचायतें अगले वित्त वर्ष के लिए अपनी पंचायत विकास योजनाएं तैयार करेंगी। विकल्प B राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान उत्तर के रूप में गलत है, हालांकि यह उसी मंत्रालय का वास्तविक कार्यक्रम है, उसके तहत स्थानीय विकास के नौ विषयों पर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहायता दी जाती है, मगर इन बैठकों से शुरू होने वाला अभियान वह नहीं था। विकल्प C स्वच्छता ही सेवा गलत है, क्योंकि वह स्वच्छता अभियान उस समय समाप्ति की ओर था, शुरुआत की ओर नहीं, और वह पंचायत नियोजन से नहीं बल्कि स्वच्छता के प्रयास से जुड़ा है। विकल्प D जल संचय जन भागीदारी भी इसी तरह गलत है, वह जल संरक्षण का प्रयास है जिसकी चर्चा बैठकों में हुई, मगर शुरू होने वाला अभियान वह नहीं था। परीक्षार्थी इस नारे को नियोजन अभियान के साथ जोड़कर रखें और याद रखें कि इसका नेतृत्व पंचायती राज मंत्रालय करता है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

सोलहवें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को कितनी राशि की सिफारिश की है?

  1. A.2,35,236 करोड़ रुपये
  2. B.3,35,236 करोड़ रुपये
  3. C.4,35,236 करोड़ रुपये
  4. D.5,35,236 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4,35,236 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 4,35,236 करोड़ रुपये है। सोलहवें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को यही राशि देने की सिफारिश की है और यह पंद्रहवें वित्त आयोग के मुकाबले करीब 84 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसमें सालाना प्रति व्यक्ति अनुदान लगभग 400 रुपये से बढ़कर करीब 950 रुपये हो रहा है। विकल्प A, B और D तीनों इसलिए गलत हैं कि वे राशि के पहले अंक को बदल देते हैं और बाकी अंक वैसे ही रखते हैं, बड़े आंकड़ों के आसपास विकल्प गढ़ने का यह सबसे आम तरीका है। इसलिए परीक्षार्थी आंकड़े की बनावट याद करने के बजाय पूरी संख्या याद करें और उसे सिफारिश की अवधि तथा वृद्धि के प्रतिशत के साथ जोड़कर रखें, क्योंकि प्रश्न इन तीनों में से किसी पर भी आ सकता है। प्रति व्यक्ति अनुदान के आंकड़े भी याद रखने योग्य हैं, क्योंकि वे इस बड़ी राशि को एक समझ में आने वाली संख्या में बदल देते हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

इन विशेष ग्राम सभाओं से शुरू हुए अभियान के तहत पंचायत विकास योजनाएं किस वित्त वर्ष के लिए बनाई जाएंगी?

  1. A.2025-26
  2. B.2026-27
  3. C.2027-28
  4. D.2028-29
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2027-28

व्याख्या

सही उत्तर 2027-28 है। विशेष ग्राम सभाओं से जन योजना अभियान की शुरुआत हुई और उसके तहत पंचायतें वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अपनी योजनाएं तैयार करेंगी, यानी अभियान के वर्ष के अगले वर्ष के लिए। विकल्प B यानी 2026-27 अभियान का वर्ष है, योजनाओं का वर्ष नहीं, और इन दोनों के बीच का यही अंतर इस खबर में सबसे आम चूक है, इसी कारण यह विकल्प यहां रखा गया है। विकल्प A यानी 2025-26 बीत चुका वर्ष है और अब शुरू हो रहे अभियान के लिए नियोजन वर्ष नहीं हो सकता। विकल्प D यानी 2028-29 तैयार हो रही योजनाओं से एक वर्ष आगे चला जाता है। देश की 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें इन सहभागी योजनाओं को बनाती हैं और ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड करती हैं, जबकि पंचायत उन्नति सूचकांक हर पंचायत को अपनी उपलब्धियां और कमियां पहचानने में मदद करता है, इसलिए अभियान वर्ष और योजना वर्ष को जोड़े में याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधी जयंती पर देश भर में कितनी विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हुईं?

2.42 लाख से अधिक, जिनका कार्यक्रम जीपीडीपी पोर्टल और पंचायत निर्णय पोर्टल पर तय किया गया था। इनसे जन योजना अभियान 2026-27 की शुरुआत हुई।

जन योजना अभियान 2026-27 का नाम क्या है?

सबकी योजना, सबका विकास। इसके तहत पंचायतें वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अपनी पंचायत विकास योजनाएं तैयार करेंगी।

सोलहवें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए क्या सिफारिश की है?

2026-31 के लिए 4,35,236 करोड़ रुपये, जो पंद्रहवें वित्त आयोग से करीब 84 प्रतिशत अधिक है, और प्रति व्यक्ति सालाना अनुदान लगभग 400 रुपये से करीब 950 रुपये हो रहा है।

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव कौन हैं?

डॉ. विनीत जोशी। उन्होंने दिन भर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ विशेष ग्राम सभाओं की प्रगति की समीक्षा की।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS