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GK24

नीति आयोग ने कोलकाता में एसडीजी बजटिंग कार्यशाला की

नीति आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार और यूएनडीपी के साथ कोलकाता में एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला की, जिसमें 32 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नीति आयोग ने कोलकाता में एसडीजी बजटिंग कार्यशाला की — GK24 title card

चर्चा में क्यों

2 अक्टूबर 2026 की पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार नीति आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार तथा यूएनडीपी के साथ 29 सितंबर 2026 को कोलकाता में अपने स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की, जिसमें 32 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी शामिल हुए।

नीति आयोग ने 29 सितंबर 2026 को कोलकाता में एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार सहयोगी रही और तकनीकी सहयोग संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से मिला। यह आयोजन आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन यानी एसएसएम के अंतर्गत हुआ। इसका विषय था योजना तथा बजट प्रक्रियाओं को सतत विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ना, और विशेष रूप से एसडीजी बजट टैगिंग की वह पद्धति जिसमें खर्च को उस लक्ष्य के सामने चिह्नित किया जाता है जिसकी वह पूर्ति करता है।

कौन आया

कार्यशाला में 32 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारी नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक, लोक उद्यम विभाग तथा भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान से आए, साथ ही यूएनडीपी और संयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक कार्यालय से भी। उद्योग तथा नागरिक समाज की ओर से फिक्की, सीआईआई, सेबी, टाटा स्टील फाउंडेशन, इंटेलीकैप और जीआईजेड के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रमुख उपस्थिति

नामपद
डॉ. स्वपन दासगुप्तावित्त मंत्री, पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्य अतिथि
डॉ. आर. बालासुब्रमण्यमसदस्य, नीति आयोग, मुख्य संबोधन
के. संजय मूर्तिभारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक, वर्चुअल माध्यम से
डॉ. वी. अनंत नागेश्वरनमुख्य आर्थिक सलाहकार, वर्चुअल माध्यम से
श्री स्टीफन प्रीजनरसंयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक
डॉ. एंजेला लुसिगीआवासीय प्रतिनिधि, यूएनडीपी

क्या कहा गया

डॉ. दासगुप्ता ने एसडीजी बजट टैगिंग को वह अनुशासन बताया जो लक्ष्य से शुरू होकर निर्धारित उद्देश्य, फिर बजट आवंटन और अंत में खर्च करने वाली इकाई तक एक साफ रेखा खींचता है। डॉ. बालासुब्रमण्यम ने लक्ष्यों को राज्य के खर्च से जोड़ने को महत्वपूर्ण कदम कहा और बताया कि आगे का काम हर राज्य का मार्गदर्शन करना है ताकि यह दिखाया जा सके कि खर्चा समझदारी से हुआ। पश्चिम बंगाल में वित्त के अपर मुख्य सचिव श्री प्रभात कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य ने पहली बार अपने बजट को लक्ष्य स्तर तक मैप किया है और इस कवायद को अपनी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली में समाहित किया है।

मार्गदर्शिका और सत्र

नीति आयोग, भारत के सीएजी तथा यूएनडीपी ने मिलकर जो गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी तैयार की है, उसे व्यावहारिक ढांचे के रूप में लिया गया। चार तकनीकी सत्रों में यह तय करना शामिल रहा कि किस खर्च पर टैग लगे, टैगिंग किस स्तर पर हो, लेखा शीर्ष से उसका संबंध क्या हो, लक्ष्यों के सामने टैगिंग कैसे हो और नीति आयोग की योजना-एसडीजी मैपिंग से श्रेय कैसे दिया जाए। हरियाणा, ओडिशा, मेघालय तथा पश्चिम बंगाल ने इस पद्धति को लागू करने का अपना अनुभव बताया। लक्ष्यों के लिए 2030 का पड़ाव और विकसित भारत@2047 का दूरगामी क्षितिज सामने रखते हुए कार्यशाला ने सहकारी संघवाद के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनएसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला
आयोजकनीति आयोग, अपने स्टेट सपोर्ट मिशन (एसएसएम) के अंतर्गत
सहयोगीपश्चिम बंगाल सरकार, यूएनडीपी के तकनीकी सहयोग से
स्थान और तिथिकोलकाता, 29 सितंबर 2026
भागीदारी32 राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश
मुख्य अतिथिडॉ. स्वपन दासगुप्ता, वित्त मंत्री, पश्चिम बंगाल
मुख्य संबोधनडॉ. आर. बालासुब्रमण्यम, सदस्य, नीति आयोग
भारत के सीएजीके. संजय मूर्ति, वर्चुअल माध्यम से शामिल
मुख्य आर्थिक सलाहकारडॉ. वी. अनंत नागेश्वरन, वर्चुअल माध्यम से शामिल
चर्चित मार्गदर्शिकागाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी, नीति आयोग, भारत के सीएजी तथा यूएनडीपी द्वारा
अनुभव साझा करने वाले राज्यहरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल
उद्धृत पड़ावएसडीजी के लिए 2030 तथा विकसित भारत@2047

परीक्षा की दृष्टि से

आयोजक (नीति आयोग), सहयोगी (पश्चिम बंगाल सरकार तथा यूएनडीपी), स्थान (कोलकाता), तिथि (29 सितंबर 2026), मूल पहल (स्टेट सपोर्ट मिशन) और 32 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी याद रखें। गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी तीन संस्थाओं का दस्तावेज है: नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी। नाम याद रखें: पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता, नीति आयोग सदस्य आर. बालासुब्रमण्यम, सीएजी के. संजय मूर्ति तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन। लक्ष्यों के लिए 2030 और विकसित भारत@2047 भी देखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

कोलकाता की एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला नीति आयोग की किस पहल के अंतर्गत हुई?

  1. A.आकांक्षी जिला कार्यक्रम
  2. B.स्टेट सपोर्ट मिशन
  3. C.अटल इनोवेशन मिशन
  4. D.विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्टेट सपोर्ट मिशन

व्याख्या

सही उत्तर स्टेट सपोर्ट मिशन है, वह पहल जिसके अंतर्गत नीति आयोग राज्यों के साथ योजना तथा बजट पर काम करता है और जिसके तहत यह कार्यशाला पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग से हुई। विकल्प A उस कार्यक्रम का नाम है जो चुने हुए जिलों में विकास संकेतकों पर नजर रखता है, यह बिलकुल दूसरा माध्यम है। विकल्प C आयोग की नवाचार तथा उद्यमिता शाखा है और बजट टैगिंग में इसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D आयोग के भीतर का मूल्यांकन कार्यालय है, जो कार्यक्रमों का आकलन करता है, राज्यों के साथ सहयोग कार्यक्रम नहीं चलाता। परीक्षार्थी यहां की तीन-स्तरीय व्यवस्था याद रखें: आयोजक नीति आयोग, मेजबान एवं सहयोगी राज्य सरकार, और तकनीकी सहयोग देने वाला यूएनडीपी। स्थान कोलकाता तथा तिथि 29 सितंबर 2026 थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला में कितने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी आए?

  1. A.24
  2. B.28
  3. C.32
  4. D.36
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 32

व्याख्या

सही उत्तर बत्तीस है। इन प्रतिभागियों के अलावा कार्यशाला में नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक, लोक उद्यम विभाग तथा भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी आए, साथ ही संयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक कार्यालय और विकास भागीदार भी। फिक्की, सीआईआई, सेबी, टाटा स्टील फाउंडेशन, इंटेलीकैप तथा जीआईजेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, और इसी कारण आयोजकों ने इस जुटान को लक्ष्यों के स्थानीयकरण के प्रति समग्र-सरकार तथा समग्र-समाज दृष्टिकोण कहा। बाकी विकल्प भारतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संभावित गिनती जैसे लगते हैं, और जाल यही है: पूछा गया आंकड़ा भाग लेने वालों का है, कुल संख्या का नहीं। प्रतिभागियों की यह संख्या दिखाती है कि कार्यशाला किसी एक राज्य का आयोजन नहीं, बल्कि देशव्यापी जुटान थी, और सहकारी संघवाद का यही व्यावहारिक रूप आयोग दोहराता रहा है।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

कार्यशाला में चर्चित गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी किन तीन संस्थाओं ने मिलकर विकसित की?

  1. A.नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी
  2. B.वित्त आयोग, आरबीआई और विश्व बैंक
  3. C.सांख्यिकी मंत्रालय, सेबी और एशियाई विकास बैंक
  4. D.नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और यूनेस्को
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी

व्याख्या

सही उत्तर नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम है। कार्यशाला में इस मार्गदर्शिका को राज्यों के बजट को लक्ष्यों से जोड़ने के कार्यकारी ढांचे के रूप में लिया गया, और इसके रचनाकारों में राष्ट्रीय लेखा परीक्षक की उपस्थिति ही इस प्रश्न को धार देती है: खर्च पर टैग लगाना केवल योजना की कवायद नहीं, उसे सुमेल, गुणवत्ता आश्वासन, रिपोर्टिंग तथा निष्पादन लेखा परीक्षा की कसौटी पर भी खरा उतरना है। विकल्प B लेखा परीक्षक और विकास कार्यक्रम की जगह एक आयोग, केंद्रीय बैंक तथा बहुपक्षीय ऋणदाता रख देता है, जिनमें किसी ने इसे नहीं बनाया। विकल्प C सांख्यिकी मंत्रालय तथा बाजार नियामक को ले आता है, जो केवल उपस्थित थे। विकल्प D गलत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी देता है, क्योंकि यूनेस्को शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति देखता है।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

कोलकाता कार्यशाला में एसडीजी बजटिंग को संस्थागत बनाने का अनुभव निम्नलिखित में से किन राज्यों ने साझा किया?

  1. A.केरल, तमिलनाडु, गोवा और पंजाब
  2. B.हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल
  3. C.गुजरात, राजस्थान, असम और बिहार
  4. D.महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और त्रिपुरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल है, वे चार राज्य जिनके सरकारी प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने एसडीजी बजटिंग को कैसे लागू तथा संस्थागत किया। मेजबान राज्य ने एक खास बात जोड़ी जो याद रखने योग्य है: उसके वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने पहली बार अपने बजट को लक्ष्य स्तर तक मैप किया है और इस कवायद को अपनी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली में समाहित किया है। बाकी तीन विकल्पों में उन राज्यों की सूचियां हैं जिन्होंने इस कार्यशाला में प्रस्तुति नहीं दी। इस तरह के प्रश्नों में मेजबान राज्य लगभग हमेशा सही सूची में होता है, जिससे परीक्षार्थी को पहली छानबीन का सहारा मिलता है, और शेष नाम एक समूह के रूप में याद करने होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला कहां और कब हुई?

कोलकाता में 29 सितंबर 2026 को। नीति आयोग ने इसे पश्चिम बंगाल सरकार तथा यूएनडीपी के तकनीकी सहयोग से अपने स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत आयोजित किया।

कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया?

32 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी आए, साथ ही नीति आयोग, सीएजी, सांख्यिकी मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक और अन्य संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी।

गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी किन संस्थाओं ने मिलकर बनाई?

नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने। कार्यशाला में इसे राज्यों के बजट को लक्ष्यों से जोड़ने के व्यावहारिक ढांचे के रूप में लिया गया।

एसडीजी बजट टैगिंग क्या है?

यह सार्वजनिक खर्च को उस विकास लक्ष्य के सामने चिह्नित करने की पद्धति है जिसकी वह पूर्ति करता है, जिससे खर्च लक्ष्यों के सामने दिखने लगता है, कमियां पहचानी जाती हैं और योजना साक्ष्य पर टिकती है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS