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स्वच्छ भारत मिशन: व्यवहार परिवर्तन की संचार यात्रा

पीआईबी के पृष्ठभूमि पत्र में बताया गया कि 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन ने संचार के ज़रिए स्वच्छता को एक साझा सामाजिक आदत में कैसे बदला।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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स्वच्छ भारत मिशन: व्यवहार परिवर्तन की संचार यात्रा

चर्चा में क्यों

2 अक्टूबर 2026 को जारी पीआईबी पृष्ठभूमि पत्र में स्वच्छ भारत मिशन के सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार दृष्टिकोण का विवरण दिया गया है, जिसमें स्वच्छाग्रही, निगरानी समिति, सेलिब्रिटी अभियान और प्रमाणन प्रोटोकॉल शामिल हैं।

2 अक्टूबर 2026 को जारी एक पृष्ठभूमि पत्र में बताया गया है कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) ने सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार, यानी एसबीसीसी, के माध्यम से स्वच्छता को केवल निर्माण का नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की आदत का विषय बनाया।

मिशन संक्षेप में

यह मिशन 2 अक्टूबर 2014 को आरंभ हुआ और दो घटकों से चलता है: गाँवों के लिए एसबीएम-ग्रामीण तथा शहरों के लिए एसबीएम-शहरी। आरंभ में लक्ष्य रखा गया था कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक, यानी 2019 तक, देश स्वच्छ हो जाए, और 2 अक्टूबर 2019 को ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया। मिशन के लोगो में महात्मा गांधी का चश्मा दिखाया गया है, जिसने अभियान को तुरंत पहचान दिलाई।

गांधी का नैतिक आधार

पत्र बताता है कि महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के दौरान चंपारण से स्वच्छता का काम शुरू किया था, उनकी पुस्तक आश्रम ऑब्ज़र्वेंसेज़ इन एक्शन में सफाई की सेवा को पवित्र कहा गया, और उनके सेवाग्राम आश्रम में सदस्य बारी-बारी से परिसर साफ करते थे। स्वच्छाग्रही शब्द सत्याग्रह से बना, जिससे स्वयंसेवक सामूहिक स्वच्छाग्रह के भागीदार बने। स्वच्छाग्रहियों ने घर-घर जाकर संवाद किया और गाँवों की निगरानी समितियों को मजबूत किया, जो सुबह-शाम खुले में शौच वाले स्थलों पर नज़र रखती थीं; उनकी किट में टॉर्च और सीटी रहती थी।

मीडिया, सिनेमा और डिजिटल साधन

कठपुतली शो, जादू के खेल और नुक्कड़ नाटक गाँव के चौपालों तक संदेश ले गए, जबकि दीवार चित्रों ने उसे सार्वजनिक दीवारों पर पहुँचाया। 67,000 से अधिक सार्वजनिक शौचालय ब्लॉक 3,300 से अधिक शहरों में गूगल मैप्स पर दर्ज किए गए और स्वच्छता ऐप शिकायत दर्ज कराने का एकल मंच बना। फिल्मी सितारे भी जुड़े: 2016 में अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर अभियानों में दिखे, 2017 के दरवाज़ा बंद अभियान में अनुष्का शर्मा शामिल हुईं, और 2018 में अक्षय कुमार तथा भूमि पेडनेकर ने ट्विन-पिट शौचालय तकनीक का प्रचार किया।

गरिमा, प्रोटोकॉल और प्रोत्साहन

जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से हुए एक अध्ययन में पाया गया कि 93 प्रतिशत महिलाओं को अब शौच के समय चोट पहुँचने का भय नहीं रहा और 91 प्रतिशत ने एक घंटे तक का समय बचाया। बिहार में शौचालयों को इज़्ज़तघर कहा जाने लगा। परिणामों का प्रमाणन ओडीएफ, ओडीएफ+, ओडीएफ++, वाटर+ तथा कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग से होता है। जम्मू-कश्मीर की पंचायत हल्का हिलर में प्लास्टिक कचरे की तय मात्रा पर सोने के सिक्के देने वाला अभियान चलाया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य

आरंभस्वच्छ भारत मिशन, 2 अक्टूबर 2014
घटकग्रामीण क्षेत्रों के लिए एसबीएम-ग्रामीण और शहरों के लिए एसबीएम-शहरी
मूल लक्ष्यमहात्मा गांधी की 150वीं जयंती यानी 2019 तक स्वच्छ भारत
ग्रामीण ओडीएफ घोषणा2 अक्टूबर 2019
लोगोमहात्मा गांधी का चश्मा
डिजिटल मानचित्रण3,300 से अधिक शहरों के 67,000 से अधिक सार्वजनिक शौचालय ब्लॉक गूगल मैप्स पर
प्रमाणन सीढ़ीओडीएफ, ओडीएफ+, ओडीएफ++, वाटर+ और कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग
स्थानीय प्रोत्साहनजम्मू-कश्मीर की पंचायत हल्का हिलर में प्लास्टिक के बदले सोने के सिक्के

परीक्षा की दृष्टि से

स्वच्छ भारत मिशन की आरंभ तिथि, उसके दो घटक, 150वीं जयंती का लक्ष्य और 2019 में ग्रामीण भारत की ओडीएफ घोषणा, लोगो में चश्मा, स्वच्छाग्रही और निगरानी समिति का अर्थ, ओडीएफ से वाटर+ तक की सीढ़ी, कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग तथा गूगल मैप्स पर 67,000 शौचालय ब्लॉक का आँकड़ा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

स्वच्छ भारत मिशन किस तिथि को आरंभ किया गया था?

  1. A.2 अक्टूबर 2014
  2. B.15 अगस्त 2014
  3. C.2 अक्टूबर 2019
  4. D.1 अप्रैल 2015
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2 अक्टूबर 2014

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर 2014 है। मिशन इसी तिथि को आरंभ हुआ और आगे चलकर देश के सबसे बड़े सरकारी स्वच्छता आंदोलनों में गिना गया, जो ग्रामीण और शहरी दो घटकों के माध्यम से काम करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह उसी वर्ष का स्वतंत्रता दिवस है, जब इस विचार की चर्चा हुई थी परंतु मिशन की शुरुआत नहीं हुई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि उस तिथि को ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया था और वही मूल लक्ष्य की तिथि थी, आरंभ की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि वह केवल एक वित्तीय वर्ष का आरंभ है और मिशन से उसका कोई संबंध नहीं। तिथियाँ याद रखने का सरल तरीका यह है कि मिशन एक गांधी जयंती पर शुरू हुआ और पाँच वर्ष बाद दूसरी गांधी जयंती पर उसने ग्रामीण उपलब्धि की घोषणा की।

Q2.सरकारी योजनाएंआसान

स्वच्छ भारत मिशन के लोगो में महात्मा गांधी से जुड़ी कौन सी वस्तु दिखाई देती है?

  1. A.चरखा
  2. B.चश्मा
  3. C.लाठी
  4. D.खड़ाऊँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चश्मा

व्याख्या

सही उत्तर चश्मा है। मिशन का लोगो राष्ट्रपिता से जुड़े गोल चश्मे पर आधारित है। पृष्ठभूमि पत्र बताता है कि इससे अभियान को ब्रांड मूल्य मिला, स्वच्छता से जुड़ी भावना व्यक्त हुई और आम लोग मिशन से जल्दी तथा सहजता से जुड़ सके। विकल्प A गलत है क्योंकि चरखा गांधी जी और खादी से गहराई से जुड़ा होने के बावजूद लोगो में प्रयुक्त प्रतीक नहीं है। विकल्प C और विकल्प D में गांधी जी से जुड़ी अन्य वस्तुओं के नाम हैं, जो लोकस्मृति में तो हैं परंतु मिशन के चिह्न में नहीं आतीं। लोगो के साथ यह भी याद रखें कि स्वच्छाग्रही शब्द जानबूझकर सत्याग्रह से गढ़ा गया, ताकि स्वयंसेवक सामूहिक स्वच्छाग्रह के भागीदार माने जाएँ। परीक्षा में प्रायः यह पूछा जाता है कि मिशन का प्रतीक चिह्न किस वस्तु पर आधारित है, इसलिए चश्मे वाला यह उत्तर अच्छी तरह याद कर लेना चाहिए।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

मल कीचड़ के सुरक्षित भंडारण, निकासी, परिवहन और प्रसंस्करण को कौन सा प्रमाणन प्रोटोकॉल देखता है?

  1. A.ओडीएफ
  2. B.ओडीएफ+
  3. C.ओडीएफ++
  4. D.वाटर+
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडीएफ++

व्याख्या

सही उत्तर ओडीएफ++ है। यह प्रोटोकॉल शौचालय की उपलब्धता और रखरखाव से आगे बढ़कर यह देखता है कि शौचालय से निकलने के बाद मल कीचड़ का क्या होता है, अर्थात उसका सुरक्षित भंडारण, निकासी, परिवहन और प्रसंस्करण, ताकि अनुपचारित कीचड़ खुले नालों, जल स्रोतों या खेतों तक न पहुँचे। विकल्प A गलत है क्योंकि सामान्य ओडीएफ प्रोटोकॉल हर नागरिक तक शौचालय की पहुँच सुनिश्चित करने से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि ओडीएफ+ सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग योग्य तथा सुव्यवस्थित रहने पर केंद्रित है, जिससे फिर से खुले में शौच की स्थिति न लौटे। विकल्प D गलत है क्योंकि वाटर+ अगली सीढ़ी है, जो अनुपचारित काले और धूसर जल तथा शोधित जल के पुनः उपयोग से जुड़ी है। क्रम याद रखें: ओडीएफ, ओडीएफ+, ओडीएफ++ और फिर वाटर+।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ भारत मिशन कब शुरू हुआ और उसका लक्ष्य क्या था?

यह 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ और लक्ष्य था कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती यानी 2019 तक देश स्वच्छ हो जाए। 2 अक्टूबर 2019 को ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन के लोगो में क्या दर्शाया गया है?

महात्मा गांधी का चश्मा। इस प्रतीक ने मिशन को ऐसी पहचान दी जिससे लोग उससे शीघ्र जुड़ सके और स्वच्छता राष्ट्रपिता के आदर्शों से जुड़ गई।

ओडीएफ+ और ओडीएफ++ में क्या अंतर है?

ओडीएफ+ में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग योग्य तथा सुव्यवस्थित होना देखा जाता है, जबकि ओडीएफ++ में मल कीचड़ के सुरक्षित भंडारण, निकासी, परिवहन और प्रसंस्करण को जोड़ा जाता है ताकि अनुपचारित कीचड़ नालों या जल स्रोतों में न जाए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL